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आज का राशिफल (6 मई 2026): मेष से मीन तक की किस्मत और अपडेट्स

मेष राशि- 6 मई के दिन कुछ क्रिएटिव व्यक्ति अपनी प्रतिभा दिखाने के अवसर देखेंगे। निवेश के लिए दिन शुभ रहेगा। ऑफिस और पर्सनल जीवन को संतुलित रखें। प्रेम जीवन में खुश रहें और अहंकार को पीछे रखें। अपने पार्टनर के साथ अधिक समय बिताएं। वृषभ राशि- 6 मई के दिन कुछ जातक अपने प्रेम जीवन से खुश नहीं हो सकते हैं और रिश्ते से बाहर निकलने पर भी विचार कर सकते हैं। पेशेवर जीवन को पॉजिटिव बनाए रखें। आधिकारिक मुद्दों को स्मार्ट ढंग से निपटाने के लिए अपने पेशेवर प्रयास जारी रखें। धन भी आएगा। मिथुन राशि- 6 मई के दिन फालतू पास्ट के टॉपिक्स को खंगालने से बचें। मैनेजमेंट की अच्छी नजर में रहें। आप समृद्धि पा सकेंगे। साथ ही आप कोई प्रॉपर्टी बेचने में भी सफल होंगे, जिससे आपके खजाने में धन आएगा। हर रोमांटिक मुद्दे को सॉल्व करें। कर्क राशि- 6 मई के दिन प्रेम जीवन आज समस्याओं से मुक्त रहेगा। प्रोफेशनल जीवन को पॉजिटिव बनाए रखें। वित्तीय मामलों को समझदारी से संभालें। कोई बड़ी बीमारी भी आपको परेशान नहीं करेगी। सिंह राशि- 6 मई के दिन प्रेम संबंधों को सकारात्मक बनाए रखें और साथ में समय बिताएं। उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए कार्यस्थल पर चुनौतियों पर विजय प्राप्त करें। आज धन और स्वास्थ्य दोनों सकारात्मक हैं। कन्या राशि- 6 मई के दिन सुनिश्चित करें कि प्रेम संबंध में आपके पास कोई दिखावा न हो। मौद्रिक मुद्दों को बेहतर प्रबंधन की आवश्यकता है। स्वास्थ्य समस्या पैदा कर सकता है। पार्टनर के साथ अधिक समय बिताएं। तुला राशि- 6 मई के दिन रिश्तों से जुड़ी समस्याओं को सुलझाएं और काम पर नई जिम्मेदारियां लेने पर विचार करें। आप वित्तीय चुनौतियों से निपटने में भी अच्छे हो सकते हैं। अपने स्वास्थ्य पर नजर रखें। वृश्चिक राशि- 6 मई के दिन अपने पेशेवर जीवन को विवादों से दूर रखें। धन को सावधानी से संभालें, जबकि छोटी-मोटी हेल्थ प्रॉब्लम्स भी दिन को प्रभावित कर सकती हैं। रोमांटिक जीवन को शानदार बनाए रखें, उन एक्टिविटी के माध्यम से जो आप दोनों को पसंद हैं। धनु राशि- 6 मई के दिन आपके लिए नई व्यावसायिक पार्टनरशिप के परिणामस्वरूप, धन प्राप्त करना कठिन कार्य नहीं होगा। जिन लोगों को सेहत संबंधी समस्याएं हैं, उन्हें दिक्कतें हो सकती हैं। क्लाइंट्स को प्रभावित करने के लिए बातचीत करें। लाइफ में रोमांस पर गौर करें। मकर राशि- 6 मई के दिन लव के मामले में आपका रवैया आज महत्वपूर्ण है। जब आपको नौकरी में महत्वपूर्ण डिसीजन लेने की आवश्यकता हो, तो दृढ़ रहें। आर्थिक रूप से आप अच्छे हैं, लेकिन स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। कुंभ राशि- 6 मई के दिन ऑफिस में चुनौतियां होंगी। जलन खेल बिगाड़ सकती है। आज समृद्धि आपके दरवाजे पर दस्तक देगी। कुछ जातकों को सेहत से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। नौकरी के बारे में सीधी राय देने पर विचार करें। मीन राशि- 6 मई के दिन धैर्य रखें और ध्यान रखें कि आपका रिश्ता बरकरार रहे। आज आपका पेशेवर जीवन चुनौतीपूर्ण रहेगा क्योंकि कुछ नए टास्क के लिए आपको अपने ऑफिस में एक्स्ट्रा घंटे बिताने होंगे। आज आप कोई नया बिजनेस भी शुरू कर सकते हैं।

मंत्री सिलावट ने दिए निर्देश, केरवा डैम वेस्टवियर जल्द होगा दुरुस्त

भोपाल जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट ने निर्देश दिए हैं कि केरवा डैम के क्षतिग्रस्त वेस्टवियर का कार्य आगामी दो माह में पूर्ण किया जाए। कार्य पूर्ण गुणवत्ता पूर्वक हो एवं संबंधित अधिकारी निरंतर कार्य का निरीक्षण कर वरिष्ठ अधिकारियों को प्रगति की जानकारी दें। कुछ माह पूर्व बांध के वेस्टवियर का स्लैब अत्यधिक पुराना होने के कारण क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसका वर्तमान में पुनः निर्माण कार्य कराया जा रहा है। जल संसाधन मंत्री  सिलावट ने मंगलवार को केरवा बांध के क्षतिग्रस्त वे वियर के पुनर्निर्माण कार्य का निरीक्षण किया और कार्य के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अधीक्षण यंत्री  बी.एल. निमामा, कार्यपालन यंत्री  नितिन कुहिकर, अनुविभागीय अधिकारी  प्रदीप चतुर्वेदी तथा निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित थे। केरवा बांध की कुल लंबाई 396. 50 मीटर एवं उंचाई 22.6 मीटर है। बांध की कुल जीवित जल भराव क्षमता 22.6 मिलियन घन मीटर है, जिससे भोपाल जिले के लगभग 35 ग्रामों की 3 हजार 960 हेक्टेयर भूमि में रबी सिंचाई किया जाना रूपांकित है। इसके अतिरिक्त जलाशय से पेयजल के लिए जल भी प्रदाय किया जाता है। स्थल निरीक्षण के दौरान मैदानी अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि टूटे हुए हिस्से को डिस्मेंटल कर नवीन निर्माण के लिए फाउंडेशन लेवल तक खुदाई का कार्य किया जा चुका है।  

वन क्षेत्रों में कनेक्टिविटी सुधारने के निर्देश

रायपुर मुख्य सचिव ने वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि कैम्पा मद के अंतर्गत वन क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं जैसे- पुल-पुलियों, मार्गों और आवश्यक भवनों के निर्माण को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने विशेष रूप से नक्सल मुक्त हुए क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए, ताकि वहां शासन की पहुंच और विकास की गति बढ़ सके।             छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव  विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ प्रतिकात्मक वनरोपण निधि प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण (कैम्पा) की नवमीं बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्य रूप से वर्ष 2024-25 और 2025-26 के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई तथा आगामी भविष्य की योजनाओं पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। आगामी कार्ययोजना (2026-27) वन विभाग के अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी गई कि वर्ष 2026-27 के लिए 713 करोड़ 73 लाख रुपये की वार्षिक कार्ययोजना को अनुमोदित कर भारत सरकार (पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय) को अंतिम स्वीकृति हेतु भेज दिया गया है। कैम्पा के प्रमुख कार्यक्षेत्र अधिकारियों ने बैठक में बताया कि कैम्पा मद का उपयोग निम्नलिखित महत्वपूर्ण कार्यों के लिए किया जा रहा है। सिंचित व असिंचित वृक्षारोपण और बांस वनों की पुनर्स्थापना किया जा रहा है। वनों के घनत्व में वृद्धि हेतु सिल्वीकल्चरल का कार्य किया जा रहा है। वन्यप्राणियों के रहवास में सुधार और भू-जल संरक्षण के प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश  मुख्य सचिव  विकासाशील ने आगामी मानसून को देखते हुए वन क्षेत्रों में चल रहे जरूरी कार्यों को बारिश शुरू होने से पहले शीघ्रता से पूर्ण करने की हिदायत दी है। कैम्पा वनीकरण, मृदा और जल संरक्षण के कार्यों को मानसून शुरू होने से पहले पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।  बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की अपर मुख्य सचिव मती ऋचा शर्मा, पीसीसीएफ  व्ही.निवास राव,  अरूण पांडे, प्रमुख सचिव (कृषि) मती शहला निगार, वित्त सचिव  मुकेश बंसल सहित राजस्व, आवास एवं पर्यावरण तथा सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

विद्यार्थियों का समग्र हित ही हमारी प्राथमिकता है: तकनीकी शिक्षा मंत्री परमार

भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय स्थित सभाकक्ष में इंदौर के प्रतिष्ठित तकनीकी शिक्षा संस्थान,  गोविंदराम सेकसरिया प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान (SGSITS) एसजीएसआईटीएस, इंदौर की "शासी निकाय (Board Of Governance) की 129वीं" बैठक हुई। मंत्री  परमार ने प्रस्तावित कार्यसूची के विभिन्न बिंदुओं पर व्यापक चर्चा कर, शासन के नियमों का पालन करते हुए क्रियान्वयन के दिशा-निर्देश दिए। तकनीकी शिक्षा मंत्री  परमार ने कहा कि संस्थान, अपने उत्तरोत्तर उत्थान एवं समग्र विकास के लिए, आदर्श व्यवस्था बनाए जिससे अन्य संस्थान भी अभिप्रेरित हों। मंत्री  परमार ने कहा कि हमारी प्राथमिकता, विद्यार्थियों का समग्र हित है।  परमार ने कहा कि संस्थान में शिक्षकों के रिक्त पदों की भर्ती प्रक्रिया शासन के नियमों के अनुरूप रोस्टर का पालन करते हुए सुनिश्चित की जाए और यह प्रक्रिया पूर्णरूपेण पारदर्शी हो। बैठक में संस्थान के शासी निकाय की 128वीं बैठक का पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। शासी निकाय द्वारा संस्थान में "अटल वित्तीय सहायता योजना" प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया, इसमें 2025 एवं उसके उपरांत प्रवेश पाने वाले सभी विद्यार्थियों (डिप्लोमा द्वारा द्वितीय वर्ष में प्रविष्ट व्यक्ति सहित) प्रत्येक वर्ष 1.00 करोड़ की आनुपातिक आर्थिक सहायता विद्यार्थियो को प्रदान की जाएगी। संस्थान द्वारा शुरू किए जा रहे नवीन बी टेक (सिविल इंजीनियरिंग) हिन्दी माध्यम प्रोग्राम में प्रवेश लेने वाले प्रत्येक विद्यार्थी को फाइनल ईयर में पहुंचने पर 2 लाख रुपए की वित्तीय सहायता देने का निर्णय लिया गया। संस्थान में दो नवीन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, "इंटीग्रेटेड हेल्थ केयर" एवं "स्ट्रेटेजिक टेक्नोलॉजीस" की स्थापना का अनुमोदन भी किया गया। बैठक में संस्थान में शिक्षकों के रिक्त पद पूर्ति, प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस की नियुक्ति, एआईसीटीई गाइडलाइन में अपेक्षित छात्र-शिक्षक अनुपात के अनुसार सेल्फ फाइनेंस मोड में शिक्षकों के पद सृजन एवं गैर शिक्षकीय अधिकारी-कर्मचारी पद पूर्ति सहित संस्थान के शैक्षणिक एवं अकादमिक उन्नयन और विद्यार्थियों के समग्र हितों से जुड़े विविध विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय भोपाल के कार्यवाहक कुलगुरु डॉ एस सी चौबे, 'प्रतिनिधि प्रमुख सचिव' तकनीकी शिक्षा डॉ संतोष गांधी, 'प्रतिनिधि आयुक्त तकनीकी शिक्षा' डॉ मोहन सेन, उद्योग प्रतिनिधि इंजी मनीष गुप्ता, पद्म डॉ. डी.बी. फाटक (आईआईटी बॉम्बे),  गोविंदराम सेकसरिया चेरिटेबल ट्रस्ट के सदस्य  हर्ष सेकसरिया, वित्त सचिव के प्रतिनिधि एवं एसजीएसआईटीएस इंदौर के निदेशक प्रो. नीतेश पुरोहित सहित तकनीकी शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण और संस्थान की शासी निकाय के विभिन्न सदस्यगण उपस्थित थे।

19 मई 2026 तक पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध

भोपाल  मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कर्मचारियों (नियमित/संविदा) के सेवा संबंधी मामलों में विस्तार करते हुए कार्मिकों के स्वयं के व्यय पर स्थानान्तरण की सुविधा को और अधिक सरल बनाते हुए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध कराई है। कंपनी ने अपने कार्यक्षेत्र के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं लाइन स्टॉफ को स्वयं अथवा परिवार में किसी सदस्य की गंभीर बीमारी, पति/पत्नी के शासकीय सेवा में अन्यत्र स्थान पर कार्यरत होने पर/शासकीय अनुदान प्राप्त संस्था में कार्यरत होने पर, आपसी स्थानान्तरण तथा अन्य कारणों से उनके स्वयं के व्यय पर स्थानान्तरण के लिये ऑनलाइन आवेदन की सुविधा प्रदान की है। उप महाप्रबंधक स्‍तर तक के अधिकारी/कर्मचारी स्थानांतरण के लिये ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे एवं ऐसे अधिकारी कर्मचारी जिनकी एक ही स्थान पर पदस्थापना की अवधि 01 वर्ष से कम है उनके आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा। स्थानान्तरण के लिये ऑनलाइन आवेदन करने की लिंक कंपनी की वेबसाइट portal.mpcz.in पर इंटरनल यूज एप्लीकेशन के अन्तर्गत ‘’Employee Transfer Module’’ के नाम से उपलब्ध है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के मुख्य महाप्रबंधक (मा.सं. एवं प्रशा.)  राकेश शर्मा ने कहा है कि इस नई व्यवस्था से कंपनी कार्मिकों को अन्य दफ्तरों में जाए बिना स्थानान्तरण के आवेदन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। ऑनलाइन प्रक्रिया में आवेदन में दिये गये विकल्प स्थानों पर कार्मिक स्वयं के व्यय पर अपना स्थानान्तरण करा सकेंगे। कंपनी ने कहा है कि कार्मिक 05 मई 2026 से 19 मई 2026 तक अपने स्थानान्तरण के लिये आवेदन कर सकते हैं। कोई भी कार्मिक एक ही बार ऑनलाइन स्थानांतरण आवेदन प्रस्तुत (सबमिट) कर सकेगा एवं स्थानांतरण के लिये केवल ऑनलाईन आवेदन ही स्वीकार किये जायेंगे, किसी भी स्थिति में ऑफलाईन आवेदन स्वीकार नहीं किये जायेंगे।  

8.12 लाख किसानों से 44.16 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का हुआ उपार्जन : खाद्य मंत्री राजपूत

भोपाल  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया है कि अभी तक 8 लाख 12 हजार किसानों से 44 लाख 16 हजार मीट्रिक टन गेहूँ की खरीदी की जा चुकी है। उन्होंने बताया है की तौल पर्ची बनाने का समय शाम 6 बजे से बढ़ाकर रात 10 बजे तक तथा देयक जारी करने का समय रात 12 तक कर दिया गया है। गेहूँ का उपार्जन सप्ताह में 6 दिन सोमवार से शनिवार तक किया जाता है। मंत्री  राजपूत ने बताया है कि अभी तक 14 लाख 78 हजार किसानों द्वारा गेहूँ उपार्जन के लिए स्लॉट बुक कराए गए हैं। किसानों के हित में गेहूँ उपार्जन की अवधि 9 मई से बढ़ाकर 23 मई 2026 तक की गई। प्रत्येक उपार्जन केन्द्र पर तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 की गई तथा तौल कांटों की संख्या में वृद्धि का अधिकार जिलों को दिए जाने का निर्णय लिया गया। साथ ही एनआईसी सर्वर की क्षमता एवं संख्या में वृद्धि कराई गई। खाद्य विभाग द्वारा प्रति घंटा स्लॉट बुकिंग एवं उपार्जन की मॉनिटरिंग की जा रही है। मंत्री  राजपूत ने बताया कि किसानों को 7383.01 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। उपार्जन केन्द्र पर किसानों की सुविधा के लिए पीने का पानी, बैठने के लिए छायादार स्थान, जन सुविधाए आदि की व्यवस्थाएँ की गई हैं। किसानों के उपज की तौल समय पर हो सके, इस हेतु समस्त आवश्यक व्यवस्थाएँ की गई हैं। इसमें बारदाने, तौल कांटे, हम्माल तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्प्यूटर, नेट कनेक्शन, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण, उपज की साफ सफाई के लिए पंखा, छन्ना आदि की व्यवस्था की गई है। उपार्जन केन्द्र पर उपलब्ध सुविधाओं के फोटो ग्राफ्स भारत सरकार के PCSAP पोर्टल पर अपलोड करने की कार्यवाही की जा रही है। किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ का उपार्जन किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये आवश्यक बारदानों की व्यवस्था की जा चुकी है। उपार्जित गेहूँ की भर्ती जूट बारदाने के साथ साथ PP/HDP बेग एवं जूट के एक भर्ती बारदाने का उपयोग किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये भण्डारण की पर्याप्त व्यवस्था की गई, जिससे उपार्जित गेहूँ का सुरक्षित भण्डारण किया जा सके।  

मुख्यमंत्री ने मांगा तबादला नीति का हिसाब, मंत्री बोले- सिस्टम ही उल्टा चल रहा है

भोपाल प्रदेश में अधिकारियों-कर्मचारियों के तबादले पर लगा प्रतिबंध जल्द ही हटने वाला है। मंगलवार को मंत्रालय में हुई कैबिनेट की बैठक में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अधिकारियों से पूछा कि तबादला नीति का क्या हुआ? इसे जल्द लाएं। मुख्यमंत्री के इतना कहते ही खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत बोले कि यह तो उलटी गंगा बह रही है। दरअसल, तबादले पर रोक हटाने की मांग मंत्रीगण करते हैं, लेकिन मुख्यमंत्री ने यह बात रखी तो मंत्रियों को संतोष हुआ कि मुख्यमंत्री ने उनके मन की बात उनके बोले बिना ही सुन ली। फिलहाल तय किया गया है कि अगली कैबिनेट की बैठक में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा तबादला नीति 2026 का प्रारूप प्रस्तुत किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, अनौपचारिक चर्चा में मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि प्रशासनिक आधार पर तो तबादले होते ही हैं, स्वैच्छिक तबादलों पर भी ध्यान दिया जाए।  

मतांतरण छोड़ 50 लोगों ने अपनाया हिंदू धर्म, तेंदुआ धाम में भावुक दृश्य

जांजगीर-चांपा शिवरीनारायण के समीप स्थित श्री राम मिलेंगे आश्रम तेंदुआ धाम में आयोजित नौ दिवसीय रामकथा के दौरान सोमवार को जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य जी महाराज के सान्निध्य में एक विशेष कार्यक्रम में लगभग 50 लोगों ने सनातन संस्कृति के प्रति अपनी अटूट आस्था व्यक्त करते हुए पुनः घर वापसी का संकल्प लिया। इस आयोजन में अखिल भारतीय घर वापसी प्रमुख प्रबल प्रताप सिंह जूदेव की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष महत्व प्रदान किया। यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं रहा, बल्कि सांस्कृतिक पुनर्जागरण और अपनी जड़ों से पुनः जुड़ने का सशक्त प्रतीक बनकर सामने आया। सांस्कृतिक पुनर्जागरण और श्रद्धा का अद्भुत संगम कार्यक्रम के दौरान श्रद्धा, विश्वास और सनातन परंपराओं के प्रति समर्पण का अद्भुत संगम देखने को मिला। उपस्थित लोगों ने भावुक माहौल में अपने पूर्वजों की संस्कृति को अपनाने और उसे आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। घर वापसी प्रमुख प्रबल प्रताप सिंह जूदेव और अन्य वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि सनातन संस्कृति केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक समृद्ध और व्यापक परंपरा है, जो समाज को एकता, नैतिकता और सकारात्मक दिशा प्रदान करती है। 'शबरी की निष्ठा' रामकथा में जुटे दिग्गज ज्ञात हो कि श्री राम मिलेंगे आश्रम तेंदुआ धाम में जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य जी महाराज के सान्निध्य में 27 अप्रैल से 5 मई तक ‘शबरी की निष्ठा’ विषय पर नौ दिवसीय रामकथा का आयोजन किया गया है। इसी क्रम में सोमवार को सनातन संस्कृति से भटके हुए लोगों के लिए घर वापसी कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में डबरा मठ कोटमी सोनार के महंत सर्वेश्वर दास जी महाराज, समाजसेवी अंजू गबेल, आश्रम के संचालक डॉ. अशोक हरिवंश सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। क्षेत्र में नई चेतना और सामाजिक समरसता का संचार शिवरीनारायण क्षेत्र के ग्राम गोधना, कुरियारी, तुस्मा, कटौद सहित आसपास गांव के लोग बड़ी संख्या में मतांतरित हो चुके हैं। क्षेत्र के भोले-भाले लोगों को लालच देकर ईसाई बनाया गया है। रामकथा के दौरान हुए इस घर वापसी के आयोजन ने क्षेत्र में नई चेतना का संचार करते हुए सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकजुटता का संदेश दिया, जो उपस्थित जनसमूह के लिए प्रेरणादायक सिद्ध हुआ।

घर बैठे गन्ना खेती की पूरी जानकारी, 32 हजार किसान ऐप से जुड़े

जगदीशपुर  बिहार की पहली चीनी मिल मझौलिया शुगर इंडस्ट्री है, जो घर बैठे गन्ना किसानों को सरकार की योजनाएं एवं गन्ना की उन्नतशील खेती के लिए देश के नामवर कृषि वैज्ञानिकों के सुझाव पहुंचाने की तैयारी में है। इसके लिए चीनी मिल ने बीते मार्च में एक मोबाइल एप्लिकेशन (ऐप) लांच किया। एप का नाम जयश्री किसान परिवार रखा है। महज एक महीनों में इस एप से चीनी मिल रिजर्व क्षेत्र के 32 हजार किसान जुड़ गए हैं। पेराई सत्र 2025- 26 में इस चीनी मिल में कुल 34 हजार किसान रजिस्टर्ड थे। मतलब, मात्र दो हजार किसान ऐसे शेष हैं, जिनके मोबाइल में जयश्री किसान परिवार एप नहीं है। चीनी मिल के अधिकारियों का मानना है कि ये वे किसान है , जिनके पास एंड्रायड मोबाइल नहीं है। अन्यथा यह ऐप इतना उपयोगी है कि सभी किसान इससे जुड़ने को आतुर हैं। ऐप में किसानों के लिए ये सुविधाएं चीनी मिल के चीफ केन मैनेजर अखिलेश सिंह ने बताया कि ऐप के माध्यम से किसान घर बैठे ही अपने गन्ना सर्वे, चालान, भुगतान, नए प्रभेद (वैरायटी) की जानकारी समेत विभिन्न सुविधाओं का लाभ ले सकेंगे। ऐप से किसानों को गन्ना फसल से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। गन्ना रोगों की पहचान और उनके निदान के उपाय भी देश के नामवर गन्ना विशेषज्ञ देंगे। जिससे किसानों को समय पर सही मार्गदर्शन मिल सकेगा। साथ ही, किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए भी इसमें विशेष व्यवस्था की गई है, जिससे उन्हें मिल या कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। एप किसानों के लिए वन स्टाप समाधान यह एप किसानों के लिए वन-स्टाप समाधान साबित होगा। गन्ना सर्वे से लेकर पेमेंट तक की पूरी प्रक्रिया अब डिजिटल हो जाएगी। विशेषज्ञों के परामर्श से किसान कम लागत में गन्ने का बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकेंगे। किसान अमित कुमार ने कहा कि ऐप से पेराई सीजन 2026- 27 में भुगतान की जानकारी मिलेगी, जो बड़ी सुविधा है। किसान पवन सिंह ने कहा कि डिजिटल व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और किसानों का भरोसा मजबूत होगा। अब किसी तरह की जानकारी के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। किसान अभय प्रसाद ने इस पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि गन्ना रोग और नई किस्मों की जानकारी समय पर मिलने से फसल उत्पादन में सुधार होगा। किसान धीरेन्द्र ओझा ने कहा कि यह एप किसानों के लिए काफी लाभदायक साबित होगा।     मिल का उद्देश्य किसानों को पारदर्शी और सरल व्यवस्था उपलब्ध कराना है। जयश्री किसान परिवार ऐप के जरिए किसानों के बेहतर उत्पादन के साथ साथ मिल प्रबंधन और किसानों के बीच के विश्वास का रिश्ता भी मजबूत होगा।     उदयवीर सिंह, यूनिट हेड, मझौलिया चीनी मिल।  

पाकिस्तानी नेता शाहीर सियालवी का ऐलान: सेना ने हाफिज सईद और मसूद अजहर के लिए लड़ा ऑपरेशन

लाहौर  पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान में छिपे आतंकियों के ठिकानों पर ऑपरेशन सिंदूर चलाया था. अब इस ऑपरेशन के एक साल बाद पाकिस्तान से चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पाकिस्तान के एक नेता ने खुलेआम स्वीकार किया है कि पाकिस्तान की सेना ने हाफिज सईद और मसूद अजहर जैसे आतंकियों के लिए लड़ाई लड़ी थी. यह बयान आतंकियों की एक बैठक में दिया गया, जिसने पाकिस्तान की असली नीति को एक बार फिर उजागर कर दिया है।  क्या कहा पाक नेता ने? लश्कर-ए-तैयबा के एक कार्यक्रम में पाकिस्तानी नेता शाहीर सियालवी ने कहा… पहली बार पाकिस्तान की सेना ने हाफिज सईद और मसूद अजहर के लिए लड़ाई लड़ी. उन्होंने यह भी माना कि भारत ने 10 मई को मुरीदके (लश्कर-ए-तैयबा का मुख्यालय) और बहावलपुर (जैश-ए-मोहम्मद का केंद्र) में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था. इन हमलों में कई आतंकवादी मारे गए थे।  पाकिस्तान ने बदली रणनीति सियालवी के अनुसार, हमलों के बाद पाकिस्तान ने दुनिया को गुमराह करने के लिए अपनी रणनीति बदल दी. आतंकियों के जनाजे की नमाज, मौलवी या मुफ्ती से नहीं बल्कि पाकिस्तानी सेना के धार्मिक अधिकारी ने पढ़ाए. पाकिस्तानी सैनिक वर्दी पहनकर इन आतंकियों के शव लेकर निकले. इसका मकसद था दुनिया को यह दिखाना कि मारे गए आतंकी नहीं, बल्कि आजादी के लड़ाके थे।  आतंकियों की महफिल में खुलासा यह बयान लश्कर-ए-तैयबा के कार्यक्रम में दिया गया, जिसमें अमेरिका द्वारा घोषित आतंकी मुजम्मिल इकबाल हाशमी भी मौजूद था. इस बैठक में पाकिस्तान की सेना और आतंकियों के बीच गहरे संबंध साफ दिखाई दिए।  पहलगाम में निर्दोष पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत ने पाकिस्तान के अंदर लश्कर और जैश के मुख्य ठिकानों पर सटीक हमले किए थे. भारत का कहना था कि आतंकियों को सबक सिखाने के लिए जरूरी था।  इस खुलासे का मतलब यह बयान साबित करता है कि पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ सिर्फ दिखावा करता है. हकीकत में उसकी सेना कुछ खास आतंकी संगठनों और उनके सरगनाओं की खुलेआम मदद कर रही है. हाफिज सईद और मसूद अजहर जैसे आतंकियों को पाकिस्तान अपनी सुरक्षा समझता है।  पाकिस्तान की यह नीति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसके लिए शर्मनाक है. दुनिया के सामने उसकी दोहरी नीति को फिर से उजागर करती है. ऑपरेशन सिंदूर के एक साल बाद पाकिस्तान के नेता का यह बयान भारत के लिए कोई नई बात नहीं है, लेकिन दुनिया के लिए यह सबूत है कि पाकिस्तान आतंकवाद को राज्य नीति के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है।  भारत लगातार कहता रहा है कि पाकिस्तान आतंकियों का समर्थन करता है. अब खुद पाकिस्तान के लोग इसे स्वीकार कर रहे हैं।