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फर्जी इनकम टैक्स रिफंड मामले में बड़ा खुलासा, खंडवा के कारोबारी में मचा हड़कंप

खंडवा

 फर्जी कंपनी बनाकर 263 करोड़ रुपये इनकम टैक्स रिफंड के फर्जीवाड़े में खंडवा के सराफा कारोबारी के नाम सीबीआई ने नोटिस जारी किया है। गुरुवार को सीबीआई का कांस्टेबल दिल्ली से नोटिस तामील करवाने आया। इससे हड़कंप मच गया।

सराफा कारोबारी अंकित जैन को इससे पहले वाट्सएप और डाक से सीबीआई से नोटिस जारी हो चुके हैं। यह सिलसिला वर्ष 2022 से चल रहा है। गुरुवार सुबह करीब सात बजे नोटिस तामील कराने आए व्यक्ति को फर्जी समझकर वहां भीड़ जमा हो गई। भाजपा नेता सुधांशु जैन सहित स्वजन वास्तविकता जानने के लिए उसे कोतवाली थाने लेकर पहुंचे।

यहां काफी देर तक नोटिस और तामील करवाने वाले की वैधता को लेकर बहस चली। इनकम टैक्स फर्जीवाड़े मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने सराफा कारोबारी जैन को पूछताछ के लिए दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 160 के तहत नोटिस जारी कर 14 मई 2026 को नई दिल्ली स्थित सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।

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दिल्ली से आए सीबीआई कांस्टेबल रिझपाल सिंह ने बताया कि सीबीआई के दिल्ली कार्यालय से उसे नोटिस तामील करवाने के लिए भेजा गया है। इससे पूर्व डाक और वाट्सएप से भी नोटिस भेजे गए थे लेकिन इन्होंने कोई जवाब नहीं दिया गया। नोटिस फर्जी होने जैसी कोई बात नहीं है।

सीबीआई के नोटिस के संबंध में आरोपित अंकित जैन ने बताया कि पूर्व में वाट्सएप और टेलीफोन पर लगातार नोटिस व सूचना मिलने पर खंडवा पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर अवगत करवा चुके हैं। मेरा इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। मेरे पैनकार्ड का फर्जी तौर पर प्रयोग हुआ है।

बताया जाता है कि तानाजी मंडल के मुंबई में बैंक खाते में करीब 263 करोड़ रुपये का इनकम टैक्स रिफंड जमा हुआ था। यह राशि खाते से निकलने पर बैंक द्वारा इसका सोर्स पूछा गया था।

इस पर उन्होंने खंडवा के अंकित जैन की फर्म से यह राशि एमओयू के तहत मिलने का पत्र दिया था। एमओयू में अंकित जैन का पैन कार्ड नंबर, हस्ताक्षर तथा मोबाइल नंबर का उल्लेख था। इस आधार पर सीबीआई द्वारा उन्हें इस मामले में पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया गया है।

 

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