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विदिशा पुलिस की अभिनव पहल से पारिवारिक एवं संपत्ति विवादों का संवेदनशील निराकरण

भोपाल 

समाज में वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सम्मान, सुरक्षा एवं संवेदनशीलता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विदिशा पुलिस द्वारा संचालित “सीनियर सिटीजन पुलिस पंचायत” एक प्रभावी एवं जनहितकारी पहल के रूप में सामने आई है। जिले में यह पहल बुजुर्गों के लिए न्याय और विश्वास का ऐसा मंच बन चुकी है, जहाँ उनकी समस्याओं को न केवल गंभीरता से सुना जा रहा है, बल्कि पारिवारिक समन्वय, सामाजिक संवेदनशीलता एवं कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से त्वरित समाधान भी सुनिश्चित किया जा रहा है।

पुलिस अधीक्षक  रोहित काशवानी के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे के मार्गदर्शन में संचालित इस पहल के अंतर्गत वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े विवादों एवं समस्याओं की नियमित रूप से सुनवाई की जा रही है। पंचायत की बैठकों में कोर कमेटी के सदस्य  आर. कुलश्रेष्ठ,  प्रमोद व्यास, डॉ. सचिन गर्ग,  विनोद शाह,  अतुल शाह एवं  डी.के. वाजपेयी सक्रिय सहभागिता निभा रहे हैं।

सीनियर सिटीजन पुलिस पंचायत की शुरुआत 23 जनवरी 2025 को की गई थी। तब से लेकर 15 अप्रैल 2026 तक कुल 54 बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं। इन बैठकों में कुल 187 प्रकरण प्राप्त हुए, जिनमें से 131 मामलों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया है। शेष मामलों में दस्तावेज, साक्ष्य एवं संबंधित पक्षों की उपस्थिति के आधार पर विधिसम्मत कार्यवाही एवं आगामी सुनवाई की प्रक्रिया जारी है।

हाल ही में आयोजित बैठक में कुल 10 प्रकरणों की सुनवाई की गई। पंचायत के माध्यम से कई जटिल पारिवारिक मामलों का आपसी समझाइश एवं संवाद के जरिए समाधान कराया गया।

एक प्रकरण में शमशाबाद क्षेत्र के एक वरिष्ठ नागरिक ने शिकायत की थी कि उनके बेटे द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि निकालकर खर्च कर दी गई तथा उनकी जमीन पर खेती की जा रही है। सुनवाई के दौरान पंचायत ने दोनों पक्षों को समझाइश देकर सहमति बनाई, जिसके तहत बेटे ने 15 दिनों के भीतर शेष राशि लौटाने पर सहमति व्यक्त की।

एक अन्य मामले में विधवा बुजुर्ग महिला ने अपने बेटे द्वारा डराने-धमकाने एवं घर के बाहर खड़ी बाइक में आग लगाने की शिकायत की। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को विधिसम्मत आपराधिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

इसी प्रकार पारिवारिक हस्तक्षेप, वैवाहिक तनाव एवं संपत्ति विवादों से जुड़े मामलों में भी दोनों पक्षों को सुनकर समाधान के प्रयास किए गए। कई मामलों में आपसी सहमति से विवाद समाप्त हुए तथा परिवारों में सौहार्दपूर्ण वातावरण स्थापित हुआ।

सीनियर सिटीजन पुलिस पंचायत की विशेषता यह है कि यहाँ केवल शिकायतों की सुनवाई ही नहीं होती, बल्कि बुजुर्गों को मानसिक संबल, सामाजिक सुरक्षा एवं पारिवारिक सम्मान दिलाने का प्रयास भी किया जाता है। कई मामलों में पुलिस एवं पंचायत सदस्यों की पहल से टूटते पारिवारिक संबंध पुनः सामान्य हुए हैं तथा बुजुर्गों को अपने ही परिवार में सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर मिला है।

मध्यप्रदेश पुलिस का मानना है कि वरिष्ठ नागरिक समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके अनुभव, संस्कार एवं योगदान समाज की दिशा तय करते हैं। ऐसे में उनका सम्मान, सुरक्षा एवं भरण-पोषण सुनिश्चित करना केवल कानूनी नहीं, बल्कि सामाजिक एवं नैतिक जिम्मेदारी भी है।

विदिशा पुलिस की यह पहल अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन रही है। सीनियर सिटीजन पुलिस पंचायत न केवल वरिष्ठ नागरिकों को न्याय दिलाने में सहायक सिद्ध हो रही है, बल्कि समाज में पारिवारिक मूल्यों एवं संवेदनशीलता को भी मजबूत कर रही है। सीनियर सिटीजन पुलिस पंचायत के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों को यह विश्वास मिल रहा है कि पुलिस उनके अधिकारों, सम्मान और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

 

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