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पांच राज्य संग्रहालयों का निर्माण पूरा, तीन परियोजनाएं अंतिम चरण में

लखनऊ

 योगी सरकार प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने के लिए लगातार बड़े कदम उठा रही है। इसी क्रम में संस्कृति विभाग के अधीन संचालित पांच राज्य संग्रहालयों के निर्माण और सुदृढ़ीकरण कार्य पूरे कर जनता को समर्पित कर दिया गया है, जबकि तीन अन्य परियोजनाओं के कार्य तेजी से अंतिम चरण में पहुंच चुके हैं। इन संग्रहालयों में प्रदेश की गौरवशाली परंपरा, पुरातात्विक महत्व की वस्तुएं और दुर्लभ मूर्तियां संरक्षित की गईं हैं, जिससे आने वाली पीढ़ियां अपने इतिहास और संस्कृति से जुड़ सकेंगी।

प्राकृतिक विज्ञान संग्रहालय और नवाबी कला गैलरी बनी आकर्षण का केंद्र

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि बीते पांच वर्षों में राज्य संग्रहालयों के विकास के लिए व्यापक कार्य किए गए हैं। उन्होंने कहा कि योगी सरकार सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ उसे आधुनिक स्वरूप देने का कार्य कर रही है। राज्य संग्रहालय लखनऊ में 2483.05 लाख रुपये की लागत से निर्मित प्राकृतिक विज्ञान संग्रहालय का उद्घाटन 4 मार्च 2024 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा किया जा चुका है। यह संग्रहालय आम लोगों और विद्यार्थियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

इसके अलावा अवधी गैलरी (नवाबी कला) के सुदृढ़ीकरण और नवीनीकरण का कार्य भी 171.80 लाख रुपये की लागत से पूरा करा लिया गया है। यहां अवध की समृद्ध कला, संस्कृति और नवाबी परंपराओं की झलक देखने को मिलती है। वहीं विदेशी मूर्तिकला गैलरी की दुर्लभ मूर्तियों को भी स्थानांतरित कर सुरक्षित रूप से संग्रहालय परिसर में स्थापित कर दिया गया है।

आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित हो रहा संग्रहालय परिसर

संग्रहालय परिसर को आधुनिक सुविधाओं से भी लैस किया जा रहा है। चतुर्थ पार्श्व गैलरियों के पहुंच मार्ग, शौचालय, विद्युत व्यवस्था और सौंदर्यीकरण के कार्य पूरे कराए जा चुके हैं। साथ ही संग्रहालय सभागार के सौंदर्यीकरण का कार्य पूर्ण होने के बाद उसका उद्घाटन 27 अगस्त 2025 को किया गया। ओल्ड कोठी में कैफेटेरिया आदि का कार्य 459.12 लाख रुपये और 460.49 लाख रुपये की लागत से बेसमेंट कक्षों के सुदृढ़ीकरण तथा 174.66 लाख रुपये की लागत से सीवर लाइन, रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट और नलकूप बोरिंग से जुड़े कार्य तेजी से चल रहे हैं।

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