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सामाजिक समरसता और जनकल्याण का बना भव्य उत्सव

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर सामाजिक समरसता और जनकल्याण का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत 8 मई को प्रदेशभर में आयोजित भव्य सामूहिक विवाह समारोहों में 1385 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे, जहां एक साथ गूंजती शहनाइयों ने पूरे प्रदेश को उत्सवमय बना दिया। यह आयोजन सामाजिक एकता, समानता और मानवीय संवेदनाओं का विराट उत्सव बनकर सामने आया। राजधानी रायपुर से लेकर सुदूर वनांचल तक हर जिले में आयोजित इन समारोहों में हजारों परिवारों की सहभागिता देखने को मिली। पारंपरिक रीति-रिवाजों, सादगी और गरिमा के साथ सम्पन्न हुए इन विवाहों ने यह संदेश दिया कि शासन की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने नवविवाहित जोड़ों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना ने गरीब और जरूरतमंद परिवारों की वर्षों पुरानी चिंता को दूर किया है।  महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि यह योजना केवल आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि विवाह को गरिमामय, सुव्यवस्थित और सम्मानजनक स्वरूप भी प्रदान करती है। उन्होंने बताया कि सभी जिलों में प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारियां की गईं, जिसमें सुसज्जित विवाह स्थल, गुणवत्तापूर्ण भोजन, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की गईं, ताकि हर नवदंपति और उनके परिजनों को एक सुखद अनुभव मिल सके। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 3200 विवाह का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें से 347 विवाह पूर्व में संपन्न हो चुके थे, जबकि 8 मई के राज्यव्यापी आयोजन में 1385 विवाह संपन्न हुए। इस प्रकार अब तक कुल 1732 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंध चुके हैं, जो लक्ष्य की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति को दर्शाता है। इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता इसकी समावेशी भावना रही। हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध सहित विशेष पिछड़ी जनजातियों के जोड़े अपने-अपने धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह सूत्र में बंधे। यह दृश्य छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक एकता का जीवंत प्रतीक बन गया। योजना के अंतर्गत प्रत्येक नवविवाहित दंपति को 35 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, जिससे वे अपने वैवाहिक जीवन की शुरुआत आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान के साथ कर सकें। इसके साथ ही विवाह के दौरान आवश्यक सामग्री एवं अन्य व्यवस्थाएं भी शासन द्वारा सुनिश्चित की जाती हैं। उल्लेखनीय है कि 10 फरवरी 2026 को आयोजित वृहद सामूहिक विवाह समारोह में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की उपस्थिति में 6412 जोड़े विवाह बंधन में बंधे थे, जिसने सामाजिक समरसता के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए छत्तीसगढ़ का नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज हुआ, जो पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। प्रदेशभर में आयोजित यह आयोजन इस बात का सशक्त प्रमाण है कि संवेदनशील नेतृत्व, प्रभावी योजनाएं और जनभागीदारी मिलकर समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना महिला सम्मान, सामाजिक समानता और सामूहिक उत्तरदायित्व का प्रतीक बनकर छत्तीसगढ़ के विकास की नई गाथा लिख रही है।

बाल अधिकारों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता : डॉ. शर्मा

भोपाल  मध्यप्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. निवेदिता शर्मा ने शुक्रवार को पदभार ग्रहण किया। उन्होंने आयोग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ बैठक कर बाल अधिकारों के संरक्षण और बच्चों से जुड़े मामलों के त्वरित निराकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। डॉ. निवेदिता शर्मा ने कहा कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा, सुरक्षा एवं उनके समग्र विकास के लिए आयोग संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगा। उन्होंने बाल संरक्षण से संबंधित शिकायतों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किए जाने तथा बच्चों के हितों से जुड़े मामलों में समन्वय और सक्रियता के साथ कार्य किए जाने पर जोर दिया। बैठक में आयोग की कार्यप्रणाली, बाल संरक्षण से संबंधित योजनाओं एवं विभिन्न प्रकरणों की समीक्षा भी की गई। अधिकारियों ने आयोग की गतिविधियों और कार्यों की जानकारी प्रस्तुत की।  

5 वर्षों में रोपे गए 27 लाख से अधिक पौधे, 951 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फैला हरित आवरण

रायपुर पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र का विस्तार सतत भविष्य के लिए अनिवार्य है। इसमें वृक्षारोपण, जैव विविधता संरक्षण और जन जागरूकता प्रमुख हैं। शहरी क्षेत्रों में मियावाकी पद्धति से पौधारोपण, प्लास्टिक प्रतिबंध और जल प्रदूषण कम किया जा सकता है, जिससे स्वास्थ्य, समृद्धि और पारिस्थितिक संतुलन बना रहता है। वनों की रक्षा, बंजर भूमि का पुनरुद्धार और सामुदायिक उद्यान विकसित करना है।               छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के बिलासपुर जिले के (कोटा परियोजना मंडल)  पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र के विस्तार में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। विगत पांच वर्षों (2021 से 2025-26) के दौरान निगम ने जिले के विभिन्न अंचलों में योजनाबद्ध तरीके से 27 लाख 14 हजार 350 पौधों का रोपण कर 951.980 हेक्टेयर क्षेत्र को हरा-भरा कर दिया है। वृक्षारोपण के प्रमुख आंकड़े और प्रजातियां            852 हेक्टेयर के 66 कक्षों में 21.30 लाख पौधे लगाए गए, जिनमें मुख्य रूप से बेशकीमती सागौन का रोपण किया गया। सघन और त्वरित वृद्धि के लिए नीलगिरी और सागौन के उन्नत क्लोनल पौधों का रोपण किया गया। विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से शहरी और अर्धशहरी क्षेत्रों में 3.16 लाख से अधिक पौधे लगाकर ग्रीन कवर बढ़ाया गया। अरपा नदी का संरक्षण- एक विशेष पहल        नदी पारिस्थितिकी को पुनर्जीवित करने के लिए वर्ष 2025-26 में अरपा नदी के तटों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके अंतर्गत कम जगह में घने जंगल विकसित करने के लिए अरपा किनारे 3.620 हेक्टेयर में 20,300 पौधे रोपे जाएंगे। नदी के किनारों पर सघन ब्लॉक वृक्षारोपण और रामसेतु क्षेत्र में विशेष हरियाली विकसित की जाएगी, जिससे भू-क्षरण रुकेगा। दूरगामी प्रभाव वन विकास निगम के ये सतत प्रयास न केवल बिलासपुर के स्थानीय जलवायु संतुलन को बनाए रखने में मददगार साबित हो रहे हैं, बल्कि इससे भविष्य में प्राकृतिक संसाधनों और जैव विविधता के संरक्षण का एक मजबूत आधार भी तैयार हो रहा है। निगम का यह अभियान प्रदेश की हरित छत्तीसगढ़ की संकल्पना को साकार करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।

नीमच में 12 हेक्टेयर वन भूमि अतिक्रमण के प्रयास से मुक्त

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में वन संरक्षण और अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में नीमच जिले के पङदा सबरेंज अंतर्गत बीट मोकडी में वन विभाग ने विशेष अभियान चलाकर लगभग 12 हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण के प्रयास से मुक्त कराया। मुख्य वन संरक्षक उज्जैन  आलोक पाठक एवं वनमंडलाधिकारी नीमच  एस.के. अटोदे के निर्देशन तथा उप वन मंडल अधिकारी मानसा  दशरथ अखंड के मार्गदर्शन में परिक्षेत्राधिकारी  शाश्वत द्विवेदी के नेतृत्व में 7 मई को यह कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान कक्ष क्रमांक 297 में लगभग 6 हेक्टेयर वन भूमि पर अतिक्रमण के प्रयास को विफल किया गया। ग्रामीणों द्वारा भूमि पर अवैध कब्जे का प्रयास किया जा रहा था। मौके पर जेसीबी मशीनों की सहायता से डबरा-डबरी कंटूर ट्रेंच (सीपीटी) का निर्माण कराया गया तथा वन एवं राजस्व भूमि के बीच स्पष्ट सीमा रेखा निर्धारित करने के लिए खुदाई की गई, ताकि भविष्य में दोबारा अतिक्रमण न हो सके। इसी प्रकार 5 मई 2026 को कक्ष क्रमांक 298 में 4 हेक्टेयर तथा 6 मई 2026 को 2 हेक्टेयर वन भूमि पर अतिक्रमण के प्रयास को विफल किया गया। लगातार तीन दिनों तक चली कार्रवाई में कुल 12 हेक्टेयर वन भूमि को सुरक्षित किया गया।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव गेहूँ उपार्जन की कर रहे सतत मॉनीटरिंग

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन और सतत मॉनीटरिंग तथा उपार्जन केन्द्रों के औचक निरीक्षण के परिणामस्वरूप गेहूँ की उपार्जन प्रक्रिया सुगमता से जारी है। किसानों को समय पर उपार्जित गेहूँ का भुगतान हो रहा है। अभी तक किसानों को 10403.17 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। गेहूँ का उपार्जन 23 मई तक होगा। 9.38 लाख किसानों से 56.45 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया है कि अभी तक 9 लाख 38 हजार किसानों से 56 लाख 45 हजार मीट्रिक टन गेहूँ की खरीदी की जा चुकी है। उन्होंने बताया है कि तौल पर्ची बनाने का समय शाम 6 बजे से बढ़ाकर रात 10 बजे तक तथा देयक जारी करने का समय रात 12 तक कर दिया गया है। गेहूँ का उपार्जन सप्ताह में 6 दिन सोमवार से शनिवार तक किया जाता है। प्रत्येक उपार्जन केन्द्र पर तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 की गई तथा तौल कांटों की संख्या में वृद्धि का अधिकार जिलों को दिए जाने का निर्णय लिया गया। साथ ही एनआईसी सर्वर की क्षमता एवं संख्या में वृद्धि कराई गई। खाद्य विभाग द्वारा प्रति घंटा उपार्जन की मॉनीटरिंग की जा रही है। मंत्री  राजपूत ने बताया कि उपार्जन केन्द्र पर किसानों की सुविधा के लिए पीने का पानी, बैठने के लिए छायादार स्थान, जन सुविधाए आदि की व्यवस्थाएँ की गई हैं। किसानों के उपज की तौल समय पर हो सके, इस हेतु समस्त आवश्यक व्यवस्थाएँ की गई हैं। इसमें बारदाने, तौल कांटे, हम्माल तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्प्यूटर, नेट कनेक्शन, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण, उपज की साफ सफाई के लिए पंखा, छन्ना आदि की व्यवस्था की गई है। उपार्जन केन्द्र पर उपलब्ध सुविधाओं के फोटोग्राफ्स भारत सरकार के PCSAP पोर्टल पर अपलोड करने की कार्यवाही की जा रही है। किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ का उपार्जन किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये आवश्यक बारदानों की व्यवस्था की जा चुकी है। उपार्जित गेहूँ की भर्ती जूट बारदाने के साथ साथ PP/HDP बेग एवं जूट के एक भर्ती बारदाने का उपयोग किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये भण्डारण की पर्याप्त व्यवस्था की गई, जिससे उपार्जित गेहूँ का सुरक्षित भण्डारण किया जा सके। मैं ट्रॉली में गेहूं लेकर आया था और मात्र 10 मिनट में मेरी ट्रॉली खाली हो गई। यहाँ पानी, बैठने और अन्य सभी सुविधाओं की बहुत अच्छी व्यवस्था है। आराम से बैठ सकते हैं, किसी प्रकार की परेशानी नहीं होती।”- रामचरण अन्ना, ग्राम रामकोट हमारी पंचायत में भी सायलो की व्यवस्था है। हम यहाँ ट्रॉली खाली कराने आए थे। यहाँ पानी, छाया और बैठने की बहुत अच्छी व्यवस्था है। बाहर और अंदर दोनों जगह किसान आराम से पानी पी सकते हैं। टेंट लगाए गए हैं और पेड़ों की छांव भी अच्छी है। अंदर बैठने और गार्डन जैसी सुविधाएँ भी उपलब्ध हैं।

गुणवत्ता के साथ कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल  ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने शुक्रवार को उप नगर ग्वालियर बिरला नगर पुल से चंदन पुरा तक जनकल्याण समिति के सहयोग से सुपर सकर मशीन द्वारा चल रहे सीवर सफाई अभियान का निरीक्षण करते हुए सफाई कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बारिश से पहले इस काम को हर हाल में पूर्ण करना है। उन्होंने कहा कि जहां-जहां नवीन सीवर लाइन बिछाने का काम किया जा रहा है वहां गुणवत्ता के साथ किसी प्रकार का कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऊर्जा मंत्री  तोमर के निरीक्षण के दौरान जिला प्रशासन,नगर निगम प्रशासन, विद्युत वितरण कंपनी सहित अन्य विभागों के अधिकारी एवं पार्षद गण उपस्थित रहे। मंत्री  तोमर ने कहा कि आज ग्वालियर की स्वच्छता को नई ऊर्जा प्रदान करते हुए सीवर समस्या के समाधान के लिए “सुपर सकर” मशीन द्वारा सफाई का महाअभियान चलाया जा रहा है। इस आधुनिक तकनीक के माध्यम से सफाई व्यवस्था और अधिक तेज, प्रभावी व सुदृढ़ बनेगी। मंत्री  तोमर ने 15 ग्वालियर विधानसभा में आ रहे बदलाव का जिक्र करते हुए कहा, आज स्वास्थ्य, सड़क, खेलकूद, शिक्षा हर क्षेत्र में बदलाव हो रहा है।यही बदलाव है। जो हमने और आपने साथ मिलकर किया है। मंत्री  तोमर ने कहा कि हमने बदलाव लाने की ठान ली है और जल्दी ही ग्वालियर स्वच्छता के मामले में नंबर एक पर होगा। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि स्वच्छता, सुविधा और बेहतर जीवन स्तर बनाना हमारा संकल्प है।  

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अंतर्गत 62 जोड़ों ने लिए सात फेरे, नवदंपत्तियों को मिली शासकीय सहायता

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े के निर्देशानुसार रायपुर जिले में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजनांतर्गत आज तीन विभिन्न स्थलों पर सामूहिक विवाह कार्यक्रम गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कुल 62 जोड़ों ने वैदिक मंत्रोच्चार एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ नए जीवन की शुरुआत की। टाऊन हॉल, आरंग में 16 जोड़ों का विवाह कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार, अनुसूचित जाति विकास विभाग मंत्री गुरू खुशवंत साहेब के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. संदीप जैन, जनपद अध्यक्ष  टाकेश्वरी मुरली साहू, जनपद सदस्य  पद्मिनी साहू एवं जनपद उपाध्यक्ष  रविन्द्र चंद्राकर उपस्थित रहे। डॉ. भीमराव अंबेडकर भवन, सासाहोली, तिल्दा-नेवरा में 31 जोड़ों का विवाह जिला पंचायत अध्यक्ष  नवीन अग्रवाल, जनपद पंचायत अध्यक्ष  टीकेश्वर मनहरे, नगर पालिका अध्यक्ष  चंद्रकला वर्मा, जिला पंचायत सदस्य एवं महिला एवं बाल विकास सभापति  शैल महेन्द्र साहू, जनपद सदस्य एवं महिला एवं बाल विकास सभापति  सरोज मुकेश भारद्वाज, नगर पालिका उपाध्यक्ष  पलक सुखवानी एवं समस्त पार्षदगण तिल्दा की उपस्थिति में संपन्न कराया गया। मंगल भवन, धरसीवां में 15 जोड़ों का विवाह जिला पंचायत सदस्य  सरोज चंद्रवंशी एवं जनपद अध्यक्ष  शकुंतला सेन की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। शासन द्वारा सभी नवविवाहित जोड़ों को योजनांतर्गत निर्धारित सहायता प्रदान की गई। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने नवदंपत्तियों को सुखमय एवं समृद्ध वैवाहिक जीवन हेतु शुभकामनाएं दीं। महिला एवं बाल विकास मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि बेटियों का सम्मान और सशक्तिकरण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से गरीब परिवारों को संबल मिल रहा है और सामाजिक समरसता को बढ़ावा मिल रहा है। इस दौरान विभागीय अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

अंग्रेजी ओलंपियाड वर्ड पावर के बने राष्ट्रीय विजेता

भोपाल  भोपाल के सांदीपनि विद्यालय गोविंदपुरा के कक्षा 5वीं के छात्र मास्टर आराध्य पाराशर ने ‘वर्ड पावर चैम्पियनशिप’ में प्रथम स्थान प्राप्त कर प्रदेश एवं जिले का गौरव बढ़ाया है। छात्र आराध्य की इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. संजय गोयल तथा राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक हरजिंदर सिंह ने उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया है। इस अवसर पर प्रदेश ओलंपियाड प्रभारी डॉ. आर. पी. त्रिपाठी, सांदीपनि विद्यालय गोविंदपुरा की प्राचार्या डॉ. पूनम अवस्थी, शिक्षिका ऋतु सक्सेना एवं आराध्य के अभिभावक उपस्थित रहे। विगत दिनों मुंबई में आयोजित ‘वर्ड पावर चैम्पियनशिप’ राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश के सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के राज्य स्तरीय विजेता विद्यार्थियों ने सहभागिता की। प्रतियोगिता का आयोजन प्रतिवर्ष तीन चरणों में जन शिक्षा केंद्र, जिला एवं राज्य स्तर पर किया जाता है। मध्यप्रदेश में इस प्रतियोगिता का संचालन राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा किया जाता है। राज्य स्तर पर चयनित विद्यार्थियों के बीच राष्ट्रीय प्रतियोगिता का आयोजन आयोजक संस्था ‘लीप फॉर वर्ड’ द्वारा मेरिको एवं निहार शांति पाठशाला के सहयोग से किया जाता है। राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा 2 से 5 तक के विद्यार्थी भाग लेते हैं। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता विद्यार्थियों एवं उनके मार्गदर्शक शिक्षकों को प्रमाण-पत्र, ट्रॉली बैग, स्पीकर, स्पोर्ट्स किट सहित विभिन्न उपहार प्रदान कर सम्मानित किया जाता है।  

पांच राज्य संग्रहालयों का निर्माण पूरा, तीन परियोजनाएं अंतिम चरण में

लखनऊ  योगी सरकार प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने के लिए लगातार बड़े कदम उठा रही है। इसी क्रम में संस्कृति विभाग के अधीन संचालित पांच राज्य संग्रहालयों के निर्माण और सुदृढ़ीकरण कार्य पूरे कर जनता को समर्पित कर दिया गया है, जबकि तीन अन्य परियोजनाओं के कार्य तेजी से अंतिम चरण में पहुंच चुके हैं। इन संग्रहालयों में प्रदेश की गौरवशाली परंपरा, पुरातात्विक महत्व की वस्तुएं और दुर्लभ मूर्तियां संरक्षित की गईं हैं, जिससे आने वाली पीढ़ियां अपने इतिहास और संस्कृति से जुड़ सकेंगी। प्राकृतिक विज्ञान संग्रहालय और नवाबी कला गैलरी बनी आकर्षण का केंद्र पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि बीते पांच वर्षों में राज्य संग्रहालयों के विकास के लिए व्यापक कार्य किए गए हैं। उन्होंने कहा कि योगी सरकार सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ उसे आधुनिक स्वरूप देने का कार्य कर रही है। राज्य संग्रहालय लखनऊ में 2483.05 लाख रुपये की लागत से निर्मित प्राकृतिक विज्ञान संग्रहालय का उद्घाटन 4 मार्च 2024 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा किया जा चुका है। यह संग्रहालय आम लोगों और विद्यार्थियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इसके अलावा अवधी गैलरी (नवाबी कला) के सुदृढ़ीकरण और नवीनीकरण का कार्य भी 171.80 लाख रुपये की लागत से पूरा करा लिया गया है। यहां अवध की समृद्ध कला, संस्कृति और नवाबी परंपराओं की झलक देखने को मिलती है। वहीं विदेशी मूर्तिकला गैलरी की दुर्लभ मूर्तियों को भी स्थानांतरित कर सुरक्षित रूप से संग्रहालय परिसर में स्थापित कर दिया गया है। आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित हो रहा संग्रहालय परिसर संग्रहालय परिसर को आधुनिक सुविधाओं से भी लैस किया जा रहा है। चतुर्थ पार्श्व गैलरियों के पहुंच मार्ग, शौचालय, विद्युत व्यवस्था और सौंदर्यीकरण के कार्य पूरे कराए जा चुके हैं। साथ ही संग्रहालय सभागार के सौंदर्यीकरण का कार्य पूर्ण होने के बाद उसका उद्घाटन 27 अगस्त 2025 को किया गया। ओल्ड कोठी में कैफेटेरिया आदि का कार्य 459.12 लाख रुपये और 460.49 लाख रुपये की लागत से बेसमेंट कक्षों के सुदृढ़ीकरण तथा 174.66 लाख रुपये की लागत से सीवर लाइन, रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट और नलकूप बोरिंग से जुड़े कार्य तेजी से चल रहे हैं।

मणिशंकर अय्यर ने राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस के फैसले पर खोला मोर्चा, ममता-स्टालिन को संभालने का सुझाव

नई दिल्ली तमिलनाडु में नई सरकार में शामिल होने के लिए कांग्रेस ने वर्षों पुराना गठबंधन तोड़ लिया और ऐक्टर वियज की पार्टी टीवीके को समर्थन देने का ऐलान कर दिया है। कांग्रेस के इस फैसले की हर तरफ आलोचना हो रही है। सहयोगी के साथ-साथ पार्टी के लोग भी इसकी निंद कर रहे हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने इसे भयानक निर्णय बताया है। वहीं, अखिलेश यादव ने आईना दिखाते हुए कहा है कि मुश्किलों में साथ नहीं छोड़ना चाहिए। मणिशंकर अय्यर ने शुक्रवार को कहा कि कांग्रेस के इस फैसले में घटिया राजनीतिक अवसरवादिता की बू आती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर इस कदम से भाजपा को को द्रविड़ राज्य में पिछले दरवाजे से घुसने का मौका मिलता है तो यह राजनीतिक खेल के इतिहास में अब तक का सबसे बुरा गोल होगा, जो कांग्रेस अपने ही गोलपोस्ट में करेगी। अय्यर ने कहा कि वह कल्पना भी नहीं कर सकते कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संस्थापक ऐसी सुविधावादी राजनीति को अपना आशीर्वाद देंगे। न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए मणिशंकर अय्यर ने कहा कि DMK के साथ मिलकर चुनाव लड़ने के ठीक बाद कांग्रेस का पाला बदलकर TVK के साथ गठबंधन करना एक भयानक फैसला है। कुछ ही दिन पहले जिन 23 विधानसभा सीटों पर हम हारे और जिन पांच सीटों पर हम जीते उन सभी पर हमारा मुकाबला टीवीके के साथ था। 'राजनीतिक अवसरवाद' का लगाया आरोप अय्यर ने तमिलनाडु के ताजा घटनाक्रम को घटिया राजनीतिक अवसरवाद यानि की Low Political Opportunism बताया है। उन्होंने कांग्रेस के फैसले को अनैतिक करारते हुए गठबंधन की मर्यादा के बताया है। अय्यर के मुताबिक, महज़ सत्ता के लिए दशकों पुराना साथ छोड़ना कांग्रेस की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करता है। राहुल गांधी के नेतृत्व पर उठाए सवाल लगातार मिल रही चुनावी हार और सांगठनिक कमजोरी का हवाला देते हुए अय्यर ने सीधे तौर पर राहुल गांधी के नेतृत्व को निशाना साधते हुए कहा कि अब समय आ गया है जब कांग्रेस को पीछे हटकर क्षेत्रीय नेताओं को आगे आने का मौका देना चाहिए। अय्यर ने ममता बनर्जी (तृणमूल कांग्रेस), एम.के. स्टालिन (DMK),अखिलेश यादव (सपा) और तेजस्वी यादव (RJD) का नाम सुझाया है। क्षेत्रीय दलों को कमान देने की वकालत अय्यर का मानना है कि क्षेत्रीय नेता अपनी जमीन और जनता की नब्ज को कांग्रेस की तुलना में बेहतर समझते हैं। उन्होंने कहा कि INDIA गठबंधन को बचाने और मजबूती देने के लिए इन प्रभावशाली क्षेत्रीय चेहरों को गठबंधन का नेतृत्व सौंपना ही एकमात्र विकल्प बचा है। DMK-AIADMK में भी हो रही बात तमिलनाडु में सरकार बनाने को लेकर चल रही खींचतान के बीच एआईएडीएमके के विधायकों को पुडुचेरी के पूरनकुप्पम में एक निजी रिसॉर्ट में ठहराया गया है। सूत्रों ने बताया कि सरकार बनाने के लिए टीवीके को संभावित समर्थन देने के संबंध में प्रयास जारी हैं और कथित तौर पर पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों के जरिए एआईएडीएमके नेताओं के साथ चर्चा चल रही है। पलानीस्वामी ने की बैठक एआईएडीएमके के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने रिसॉर्ट में विधायकों के साथ बैठक की। इस बैठक में 40 विधायक मौजूद थे। पार्टी सूत्रों ने बताया कि पलानीस्वामी ने चुने हुए विधायकों से एकजुट रहने और धैर्य रखने को कहा है। उन्होंने विधायकों से कहा कि अच्छी चीजे सामने आएंगी, इसलिए आप सभी को अगले कुछ दिनों तक रिसॉर्ट में एकजुट रहना चाहिए।