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मणिशंकर अय्यर ने राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस के फैसले पर खोला मोर्चा, ममता-स्टालिन को संभालने का सुझाव

नई दिल्ली तमिलनाडु में नई सरकार में शामिल होने के लिए कांग्रेस ने वर्षों पुराना गठबंधन तोड़ लिया और ऐक्टर वियज की पार्टी टीवीके को समर्थन देने का ऐलान कर दिया है। कांग्रेस के इस फैसले की हर तरफ आलोचना हो रही है। सहयोगी के साथ-साथ पार्टी के लोग भी इसकी निंद कर रहे हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने इसे भयानक निर्णय बताया है। वहीं, अखिलेश यादव ने आईना दिखाते हुए कहा है कि मुश्किलों में साथ नहीं छोड़ना चाहिए। मणिशंकर अय्यर ने शुक्रवार को कहा कि कांग्रेस के इस फैसले में घटिया राजनीतिक अवसरवादिता की बू आती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर इस कदम से भाजपा को को द्रविड़ राज्य में पिछले दरवाजे से घुसने का मौका मिलता है तो यह राजनीतिक खेल के इतिहास में अब तक का सबसे बुरा गोल होगा, जो कांग्रेस अपने ही गोलपोस्ट में करेगी। अय्यर ने कहा कि वह कल्पना भी नहीं कर सकते कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संस्थापक ऐसी सुविधावादी राजनीति को अपना आशीर्वाद देंगे। न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए मणिशंकर अय्यर ने कहा कि DMK के साथ मिलकर चुनाव लड़ने के ठीक बाद कांग्रेस का पाला बदलकर TVK के साथ गठबंधन करना एक भयानक फैसला है। कुछ ही दिन पहले जिन 23 विधानसभा सीटों पर हम हारे और जिन पांच सीटों पर हम जीते उन सभी पर हमारा मुकाबला टीवीके के साथ था। 'राजनीतिक अवसरवाद' का लगाया आरोप अय्यर ने तमिलनाडु के ताजा घटनाक्रम को घटिया राजनीतिक अवसरवाद यानि की Low Political Opportunism बताया है। उन्होंने कांग्रेस के फैसले को अनैतिक करारते हुए गठबंधन की मर्यादा के बताया है। अय्यर के मुताबिक, महज़ सत्ता के लिए दशकों पुराना साथ छोड़ना कांग्रेस की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करता है। राहुल गांधी के नेतृत्व पर उठाए सवाल लगातार मिल रही चुनावी हार और सांगठनिक कमजोरी का हवाला देते हुए अय्यर ने सीधे तौर पर राहुल गांधी के नेतृत्व को निशाना साधते हुए कहा कि अब समय आ गया है जब कांग्रेस को पीछे हटकर क्षेत्रीय नेताओं को आगे आने का मौका देना चाहिए। अय्यर ने ममता बनर्जी (तृणमूल कांग्रेस), एम.के. स्टालिन (DMK),अखिलेश यादव (सपा) और तेजस्वी यादव (RJD) का नाम सुझाया है। क्षेत्रीय दलों को कमान देने की वकालत अय्यर का मानना है कि क्षेत्रीय नेता अपनी जमीन और जनता की नब्ज को कांग्रेस की तुलना में बेहतर समझते हैं। उन्होंने कहा कि INDIA गठबंधन को बचाने और मजबूती देने के लिए इन प्रभावशाली क्षेत्रीय चेहरों को गठबंधन का नेतृत्व सौंपना ही एकमात्र विकल्प बचा है। DMK-AIADMK में भी हो रही बात तमिलनाडु में सरकार बनाने को लेकर चल रही खींचतान के बीच एआईएडीएमके के विधायकों को पुडुचेरी के पूरनकुप्पम में एक निजी रिसॉर्ट में ठहराया गया है। सूत्रों ने बताया कि सरकार बनाने के लिए टीवीके को संभावित समर्थन देने के संबंध में प्रयास जारी हैं और कथित तौर पर पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों के जरिए एआईएडीएमके नेताओं के साथ चर्चा चल रही है। पलानीस्वामी ने की बैठक एआईएडीएमके के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने रिसॉर्ट में विधायकों के साथ बैठक की। इस बैठक में 40 विधायक मौजूद थे। पार्टी सूत्रों ने बताया कि पलानीस्वामी ने चुने हुए विधायकों से एकजुट रहने और धैर्य रखने को कहा है। उन्होंने विधायकों से कहा कि अच्छी चीजे सामने आएंगी, इसलिए आप सभी को अगले कुछ दिनों तक रिसॉर्ट में एकजुट रहना चाहिए।

मणिशंकर अय्यर ने राहुल गांधी को घेरा, ममता बनर्जी को INDIA गठबंधन का नेता बताया

नई दिल्ली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने एक बार फिर पार्टी पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने रायबरेली सांसद राहुल गांधी को विपक्षी गठबंधन INDIA का नेतृत्व किसी अन्य नेता को देने की सलाह दी है। इसके लिए उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के नाम का सुझाव दिया है। हालांकि, कांग्रेस ने एक बार फिर अय्यर के बयान से दूरी बनाई है। एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अय्यर ने INDIA नेतृत्व का जिक्र किया। उन्होंने कहा, 'ममता बनर्जी इस गठबंधन की नेता हैं। उनके साथ दो चार लोग और भी हैं, जो इस पद को हासिल कर सकते हैं।' उन्होंने कहा, 'मुझे उम्मीद है कि इस पद पर बने रहने की कोशिश करने के बजाए, जो छोटी पार्टियों की है। फिर चाहे स्टालिन हों, ममता दीदी हों, अखिलेश हों, तेजस्वी हों या कोई और। राहुल गांधी को उन्हें संभालने देना चाहिए। कांग्रेस ने क्या कहा चैनल से बातचीत में कांग्रेस के पश्चिम बंगाल महासचिव सुमन रॉय चौधरी ने कहा, 'हम शुरुआत से ही एक चीज साफ कर देना चाहते हैं कि लंबे समय से मणिशंकर अय्यर कांग्रेस पार्टी की गतिविधियों से नहीं जुड़े हैं। बंगाल की अब 5 राज्यसभा सीटें खाली हैं। क्या मणिशंकर के बयान की यही वजह है? हमें हैरानी होती है।' उन्होंने कहा, 'मणिशंकर जी क्या आप जानते हैं कि ममता बनर्जी पर्दे के पीछे से भाजपा की कठपुतली की तरह काम करती हैं, जिसके खिलाफ INDIA गठबंधन लड़ रहा है। मुझे नहीं लगता कि पार्टी से दूर रहने के बाद आप कांग्रेस पार्टी के लिए कोई फैसला ले सकते हैं।' राहुल गांधी पर दूसरी बार उठाया सवाल अय्यर ने बुधवार को कहा कि वह ''गांधीवादी'', ''नेहरूवादी" और "राजीववादी" हैं लेकिन "राहुलवादी" नहीं हैं क्योंकि राहुल गांधी उनसे उम्र में बहुत छोटे हैं और राजनीतिक जीवन में भी उनसे बहुत दूर हैं। अय्यर ने कहा कि उन्होंने खुद को 'इंदिरावादी' नहीं कहा क्योंकि वह इंदिरा गांधी द्वारा आपातकाल की घोषणा करके "हमारे लोकतंत्र को तानाशाही में बदलने" के कदम से "पूरी तरह असहमत" थे, भले ही यह आपातकाल केवल 18 महीनों के लिए ही क्यों न रहा हो। हाल ही में राहुल गांधी पर की गई उनकी टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर अय्यर ने पीटीआई-भाषा से कहा, ''कोई मुझसे 'राहुलियन' (राहुलवादी) होने की उम्मीद कैसे कर सकता है, जब वह मुझसे लगभग 30 साल छोटे हैं और मुझे उसके साथ काम करने का मौका नहीं मिला है?" पहले भी केरल में कर दी थी कांग्रेस की हार की भविष्यवाणी अय्यर ने पार्टी के खिलाफ मोर्चा उस वक्त खोला, जब उन्होंने बीते रविवार को केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की तारीफ की और उनके फिर से मुख्यमंत्री बनने की संभावना जताई, जिसके बाद कांग्रेस ने उनकी टिप्पणी को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी से उनका कोई संबंध नहीं है।

मणिशंकर अय्यर का विवादित बयान: ‘PAK पर यकीन नहीं’, BJP ने बताया शर्मनाक

नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल उठाकर मणिशंकर अय्यर ने विवाद खड़ा कर दिया है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में पाकिस्तान का हाथ था, इसका कोई सबूत नहीं है। इतना ही नहीं अय्यर ने कहा कि भारत ने जिन 33 देशों में अपने सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल को भेजा था, उन्होंने ने भी इस हमले के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार नहीं माना। आईएएनएस से बात करते हुए मणिशंकर अय्यर ने ऑपरेशन सिंदूर पर सरकार का साथ देने वाले कांग्रेसी शशि थरूर पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, "थरूर और उनकी टीम ने जिन 33 देशों का दौरा किया था, उनमें से किसी ने भी पहलगाम आतंकी हमले के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार नहीं ठहराया है। न ही संयुक्त राष्ट्र संघ ने और न ही अमेरिका ने पाकिस्तान को इसके लिए दोषी माना। हम ही दुनिया भर में कहते घूम रहे हैं कि इसके पीछे पाकिस्तान था लेकिन हमारी बात पर किसी को भी यकीन नहीं है।" कांग्रेस नेता ने जोर देकर कहा, "हम अभी तक ऐसा कोई भी सबूत पेश नहीं कर पाए हैं, जिससे यह साबित हो जाए कि यह हमला पाकिस्तानी एजेंसी की दिमाग की उपज था या उन्होंने ही इसे अंजाम दिया।" मणिशंकर अय्यर के इस बयान के बाद भाजपा भी भड़क गई है। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने अय्यर पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, "शायद कांग्रेस पार्टी को यह नहीं पता कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के निगरानी पैनल ने इस हमले में लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) की एक शाखा, टीआरएफ की भूमिका पर चिंता जताई है। शायद कांग्रेस को यह नहीं पता कि आतंकवाद का जन्म पाकिस्तान में हुआ था, चाहे वह लश्कर हो या जैश, जिनके शिविर हमने ऑपरेशन सिंदूर में नष्ट कर दिए थे। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस पाकिस्तान का बचाव कर रही है और हमारे सशस्त्र बलों का अपमान कर रही है।" भाजपा के एक और प्रवक्ता सीआर केसवन ने कहा, “कांग्रेस पार्टी और उसके नेता पाकिस्तान के सबसे बड़े समर्थक बने हुए हैं और भारत विरोधी और पाकिस्तान समर्थक दुष्प्रचार में ही अपना असली मकसद तलाशते हैं। यह वाकई शर्मनाक है।”