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देशभर से 15 करोड़ श्रद्धालु सिंहस्थ में, 7800 ट्रेनों का विशेष इंतजाम

उज्जैन   सिंहस्थ में 15 करोड़ लोगों के आने के अनुमान को देखते हुए रेलवे ने अभी से तैयारी तेज कर दी है। देशभर से उज्जैन और उसके आसपास के रेलवे स्टेशनों के लिए 7800 ट्रेनें चलाई जाएंगी। इसी सिलसिले में पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक रामाश्रय पाण्डेय ने उज्जैन समेत आसपास के 10 रेलवे स्टेशनों का निरीक्षण किया और निर्माण कार्यों की अपडेट जानकारी ली। महाप्रबंधक, पश्चिम रेलवे रामाश्रय पाण्डेय रतलाम मंडल के उज्जैन प्रवास पर शहर आए। आगामी सिंहस्थ 2028 की तैयारियों का विस्तृत निरीक्षण किया। उज्जैन रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म 1 से 8 तक का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सांसद अनिल फिरोजिया भी मौजूद रहे। महाप्रबंधक पाण्डेय ने कहा कि कुंभ के लिए देशभर से करीब 7800 ट्रेनें चलाई जाएंगी। इस बार 15 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान लगाया जा रहा है। नवनिर्मित ट्रेन संचालन नियंत्रण केंद्र देखा निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक ने स्टेशन परिसर में उपलब्ध विभिन्न यात्री सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने रनिंग रूम, हेल्थ यूनिट, लिफ्ट एवं एस्केलेटर की कार्यशीलता की जांच की, साथ ही सर्कुलेटिंग एरिया, पे एंड यूज़ टॉयलेट, बुकिंग कार्यालय एवं प्रतीक्षालय आदि का निरीक्षण किया। इसके अतिरिक्त प्लेटफार्म क्रमांक 8 की ओर नवनिर्मित ट्रेन संचालन नियंत्रण केंद्र एवं प्रस्तावित क्राउड होल्डिंग एरिया का भी अवलोकन किया गया। 6 से अधिक स्टेशनों का निरीक्षण किया महाप्रबंधक पाण्डेय ने उज्जैन स्टेशन के अतिरिक्त सिंहस्थ के दृष्टिगत महत्वपूर्ण स्टेशनों पिंगलेश्वर, पंवासा, नई खेड़ी, चिंतामण गणेश, मोहनपुरा एवं विक्रम नगर का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान इन स्टेशनों पर प्रस्तावित एवं प्रगतिरत निर्माण कार्यों जैसे – हाई लेवल प्लेटफार्म, कवर शेड, फुट ओवर ब्रिज, क्राउड होल्डिंग एरिया, बाउंड्री वॉल एवं अप्रोच रोड आदि की समीक्षा की गई। सभी निर्माण कार्य 2027 तक पूर्ण कर लिए जाएंगे वीआइपी कक्ष में मीडिया से चर्चा करते हुए महाप्रबंधक रामाश्रय पाण्डेय ने कहा कि सिंहस्थ 2028 के दौरान संभावित अत्यधिक यात्री संख्या को ध्यान में रखते हुए रेलवे द्वारा सभी आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर तेजी से पूर्ण किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी निर्माण कार्य वर्ष 2027 के अंत तक पूर्ण कर लिए जाएंगे। इस अवसर पर क्षेत्रीय रेल उपभोक्ता सलाहकार समिति के सदस्य महेंद्र गादिया एवं विजय अग्रवाल ने महाप्रबंधक का स्वागत किया। निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान अपर मंडल रेल प्रबंधक (इंफ्रा) अक्षय कुमार सहित रतलाम मंडल के सभी शाखाधिकारी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। प्रमुख बिन्दू -पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक रामाश्रय पाण्डेय का दौरा -उज्जैन सहित 10 स्टेशनों के कार्यों का निरीक्षण -प्लेटफार्म 1 से 8 तक का गहन निरीक्षण -रनिंग रूम, हेल्थ यूनिट, लिफ्ट एवं एस्केलेटर का निरीक्षण -सर्कुलेटिंग एरिया, पे एंड यूज़ टॉयलेट का निरीक्षण -बुकिंग कार्यालय एवं प्रतीक्षालय का निरीक्षण -निरीक्षण के दौरान सांसद फिरोजिया भी थे -15 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान -देशभर से करीब 7800 ट्रेनें चलाई जाएंगी -सभी निर्माण 2027 तक पूरे हो जाएंगे

भारत-इजराइल दोस्ती को मजबूत करने वाली मेगा डील, PM मोदी ने एयर डिफेंस पर किया ऐतिहासिक सौदा

नई दिल्ली भारत ने अपनी वायुसेना की ताकत बढ़ाने के लिए इजरायल की IAI और HAL के साथ लगभग 1.1 अरब डॉलर की बड़ी डील की है। इसके तहत छह Boeing 767 विमानों को आधुनिक एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग टैंकर में बदला जाएगा। यह समझौता ‘मेक इन इंडिया’ रणनीति और भारत-इजरायल रक्षा… International Desk: भारत ने अपनी वायुसेना की ताकत बढ़ाने के लिए इजरायल की IAI और HAL के साथ लगभग 1.1 अरब डॉलर की बड़ी डील की है जिससे भारत-इजरायल रणनीतिक दोस्ती में  एक नया अध्याय जुड़ गया है। इसके तहत छह Boeing 767 विमानों को आधुनिक एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग टैंकर में बदला जाएगा। इस समझौते को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘मेक इन इंडिया’ रणनीति  के तहत जबरदस्त मेगा डील माना जा रहा है जिससे भारतीय वायुसेना की लंबी दूरी तक मार करने और हवा में ईंधन भरने की क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी। भारत-इजरायल रक्षा साझेदारी को मजबूती इजरायली कंपनी IAI पिछले कई वर्षों से भारत के साथ रक्षा तकनीक पर काम कर रही है। मार्च 2024 में कंपनी ने नई दिल्ली में अपनी भारतीय शाखा Aerospace Services India (ASI) शुरू की थी। यह कंपनी भारत की सरकारी रक्षा अनुसंधान एजेंसी DRDO के साथ मिलकर भारतीय सेना के लिए कई प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। ASI में करीब 97 प्रतिशत कर्मचारी भारतीय हैं। MRSAM सिस्टम भी बना रहा है IAI । IAI और DRDO मिलकर भारत के लिए Medium Range Surface-to-Air Missile (MRSAM) सिस्टम भी बना चुके हैं। यह अत्याधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना तीनों इस्तेमाल कर रही हैं। इस सिस्टम में एडवांस रडार, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, मोबाइल लॉन्चर और इंटरसेप्टर मिसाइलें शामिल हैं। Boeing 767 को टैंकर में बदलने का फायदा IAI दुनिया की बड़ी विमान कन्वर्जन कंपनियों में गिनी जाती है। कंपनी यात्री विमानों को कार्गो या विशेष सैन्य विमानों में बदलने की विशेषज्ञ मानी जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार:     नया टैंकर विमान खरीदने की तुलना में कन्वर्जन करीब 20 प्रतिशत सस्ता पड़ता है।     Boeing 767 को अपग्रेड करने के बाद उसे कई दशकों तक उपयोग किया जा सकता है।     इससे भारतीय वायुसेना को लंबी दूरी के ऑपरेशन में बड़ी मदद मिलेगी।     इन नए टैंकर विमानों से भारतीय लड़ाकू विमान हवा में ही ईंधन भर सकेंगे। इससे:     लड़ाकू विमानों की रेंज बढ़ेगी     लंबी दूरी के मिशन आसान होंगे     युद्ध के दौरान प्रतिक्रिया क्षमता मजबूत होगी     हिंद महासागर और पश्चिम एशिया में भारत की रणनीतिक पहुंच बढ़ेगी 2030 से शुरू हो सकती डिलीवरी रिपोर्ट के मुताबिक इन विमानों की डिलीवरी 2030 से शुरू हो सकती है। HAL और IAI पहले से ड्रोन और मिसाइल प्रोजेक्ट्स पर भी साथ काम कर रहे हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह समझौता सिर्फ एयर टैंकर खरीद नहीं, बल्कि भारत-इजरायल रक्षा सहयोग के नए दौर की शुरुआत है।  

BPL कार्ड अपडेट: भोपाल में 1.50 लाख परिवारों को मिलेगा निरस्तीकरण का नोटिस

भोपाल  दो दशक से अधिक की सत्ता में अब तक भाजपा के आम कार्यकर्ताओं ने सत्ता की रेवड़ी का स्वाद तक नहीं चखा, लेकिन मोहन सरकार में उनकी लॉटरी खुलने वाली है। मुख्यमंत्री की विशेष रुचि के चलते जिला स्तर पर बनने वाली समिति सहकारी समितियों का गठन होने जा रहा है। प्रदेश संगठन के निर्देश पर जिला इकाई ने सभी विधायकों से नाम मांग लिए हैं। माना जा रहा है कि इस माह सभी घोषणाएं हो जाएंगी। भाजपा की सत्ता और संगठन में नियुक्तियों का सिलसिला जारी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव चाहते थे कि सरकारी के सभी निगम, मंडल और प्राधिकरणों में नियुक्ति हो जाए जिससे पार्टी नेताओं को भी सरकार के होने का अहसास रहे। उनके लगातार प्रयास और संगठन से चले लंबे मंथन के बाद बड़ी संख्या में नेताओं को उपकृत किया गया और बची हुई नियुक्तियां भी पाइप लाइन में है। जहां पर विवाद की स्थिति है उनका निराकरण कर वे घोषणाएं हो जाएगी। एक सप्ताह तक दें पूरी सूची ये नियुक्तियां बड़े नेताओं की हो रही है, लेकिन जल्द ही अब आम कार्यकर्ता को भी उपकृत करने की तैयारी है ताकि उन्हें भी लगे कि वे सत्ताधारी संगठन से ताल्लुक रखते हैं। इसको लेकर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने हाल ही में सभी जिला अध्यक्षों को 25 से अधिक समितियों में नियुक्तियों को लेकर नाम की फेहरिस्त मांग ली है। इसके चलते नगर भाजपा अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने सभी विधायकों के अलावा कोर कमेटी के सदस्यों से कार्यकर्ताओं के नाम मांग लिए हैं। एक सप्ताह में पूरी सूची बनाकर देने का कहा गया है जिसमें सभी नेताओं का समन्वय होना चाहिए। जिला स्तर पर बनने वाली समितियों में प्रमुख रूप से आरटीओ समिति, उद्यानिकी विभाग की समिति, जेल विभाग में अशासकीय संदर्शक समिति व विजिटर बोर्ड, पशु क्रूरता निवारण समिति, जिला पशु रोगी कल्याण समिति, मछुआ कल्याण व मत्स्य समिति, जिला शहरी विकास अभिकरण में प्रबंधकारिणी व निगरानी समिति, आइटीआइ में जिला कौशल समिति, शिक्षा विभाग में जिला स्तरीय अनुदान व निर्णायक समिति, खाद्य विभाग की सतर्कता समिति, जिला योजना समिति, अंत्योदय समिति, कॉलेज में जनभागीदारी समिति, पुलिस शिकायत बोर्ड, जिला व्यापार एवं उद्योग बोर्ड, सामाजिक न्याय व निशक्त जन समिति, खेल प्रशिक्षण समिति, जिला जल व स्वच्छता समिति, खनिज निधि समिति, मुख्यमंत्री ऋण माफी योजना, सिटी फॉरेस्ट योजना सहित कुल 25 समितियां हैं। अधिकांश समितियां उमा भारती के मुख्यमंत्री रहते बनी थीं। उसके बाद शिवराज सिंह चौहान के सीएम रहते कुछ समितियों का ही गठन हुआ था। हर बार कार्यकर्ताओं के नाम बुलाए गए, लेकिन घोषणा नहीं हो सकी। एक समय था जब संगठन आधारित सत्ता होती थी, लेकिन अब उल्टा हो गया है। सत्ता हो या संगठन की नियुक्ति उसमें विधायकों की पसंद से दिए गए नामों को ही उपकृत किया जाता है। बूथ से लेकर मंडल अध्यक्ष तक उनके समर्थक रहते हैं तो बची कसर अब सत्ता में भी पूरी हो जाएगी। उनके दिए गए नामों को ही पार्टी सत्ता में भी उपकृत करेगी। उन कार्यकर्ताओं की कोई पूछपरख नहीं है जो कि गुटबाजी में न पड़ कर संगठन के लिए समर्पित है। मजेदार बात ये है कि विधायक ऐसे कार्यकर्ताओं का विरोध कर हाशिए पर पहुंचा देते हैं। फिर मांगे एल्डरमैन के नाम वैसे तो महापौर पुष्यमित्र भार्गव के नेतृत्व वाली नगर निगम परिषद को एक साल ही शेष रह गया है। इस पर अब पार्टी एल्डरमैन की नियुक्ति करने जा रही है। इसको लेकर पहले भी दो बार नाम लिए जा चुके हैं, लेकिन संगठन में कुछ नाम ऐसे थे जो पदाधिकारी बन गए। इस वजह से फिर से सूची मांगी गई है। 12 पदों को लेकर विधायक चाहते हैं कि उनकी पसंद से ही बने, लेकिन सांसद शंकर लालवानी और महापौर भार्गव भी अपने समर्थकों को उपकृत करना चाहते हैं। उनका तर्क है कि एक-एक एल्डरमैन विधायकों की पसंद से हो जाए तो बाकी छह एल्डरमैन के लिए हमारे नामों को तवज्जो दी जाना चाहिए।

स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती, हरियाणा में 24 विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति

चंडीगढ़. चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिए कवायद शुरू कर दी है। स्वास्थ्य विभाग ने अलग-अलग शहरों में 24 विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की है। इनमें बाल रोग विशेषज्ञ, मेडिसिन, स्त्री रोग विशेषज्ञ और एनेस्थेटिस्ट शामिल हैं। रेवाड़ी को सबसे अधिक चार डॉक्टर मिले हैं जिनमें मेडिसिन और स्त्री रोग विशेषज्ञ शामिल हैं। इसके अलावा कुरुक्षेत्र और सोनीपत को 3-3, अंबाला, पानीपत, करनाल, फरीदाबाद व पलवल में दो-दो और पंचकूला, दादरी व सिरसा में एक-एक डॉक्टरों की तैनाती की गई है। सबसे ज्यादा 12 स्त्री रोग विशेषज्ञों की तैनाती हुई है जिससे मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है। हरियाणा सरकार ने सभी जिलों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को पूरा करने के लिए एनएचएम के माध्यम से भर्ती करने का फैसला किया था। राज्य में करीब 195 विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद खाली हैं। इन सभी पदों को एनएचएम के माध्यम से भरा जाना है। इन पदों पर इंटरव्यू भी समय-समय पर आयोजित किए जाएंगे। एमबीबीएस व डिप्लोमा वाले डॉक्टरों को एक लाख व एमडी-डीएनबी वाले विशेषज्ञ को डेढ़ लाख रुपये वेतन मिलेगा। नूंह में तैनाती पर 50 हजार अतिरिक्त मिलेंगे।