samacharsecretary.com

मध्यप्रदेश सरकार का बड़ा फैसला: कर्मचारियों से जुड़े दो पुराने नियमों में होगा बदलाव

भोपाल 

मोहन सरकार अपने कर्मचारियों (MP Government employees) से जुड़े दो बड़े नियमों में बदलाव करने जा रही है। वर्षों पहले 'दो ही बच्चे अच्छे' वाली जो बंदिशें लगाई थी, उसे हटाने पर सहमति बन गई है। आदेश कभी भी जारी हो जाएंगे। जिसके बाद उन सैकड़ों कर्मचारियों पर लटकी कार्रवाई की तलवार हट जाएगी, जिन्होंने जाने अनजाने में दो से अधिक बच्चे पैदा किए हैं। सरकार का यह फैसला राहत देने वाला होगा।

दूसरी तरफ कुछ शर्तों के साथ अधिकारी, कर्मचारियों के लिए गिफ्ट लेना पहले से आसान हो जाएगा। ये एक वर्ष के भीतर अपनी एक सैलरी के बराबर गिफ्ट ले सकेंगे। ज्यादा कीमती गिफ्ट लेने पर कार्रवाई के दायरे में आएंगे। अधिकारी, कर्मचारियों को निवेश भी सोच समझकर ही करना होगा।

गिफ्ट को कमाई का जरिया बनाया तो खैर नहीं
निवेश की जाने वाली रकम, कमाई से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। ये सभी प्रावधान नए सिरे से तैयार किए जा रहे सिविल सेवा आचरण नियमों में किया जा रहा है। संशोधित सेवा नियम जारी होने बाकी है। सूत्रों के मुताबिक सरकार उक्त नियमों में संशोधन कर एक तरफ जहां राहत देने जा रही है तो वहीं दूसरी तरफ गिफ्ट को कमाई का जरिया बनाने से रोकने को लेकर भी कई कड़े प्रावधान किए जाने पर विचार चल रहा है।

वास्तविकता से दूर गिफ्ट लेने की शर्त
पुराने नियमों के तहत अभी अधिकारी-कर्मचारी 1500 या इससे अधिक का गिफ्ट स्वीकार नहीं कर सकते। समय के साथ यह बात वास्तविकता से मैच नहीं खा रही है। विवाह आयोजन, विवाह वर्षगांठ, धार्मिक समारोह जैसे अवसरों पर एक सामान्य व्यक्ति, जो कि शासकीय सेवक नहीं है, उसे भी कई गुना अधिक राशि के नकद उपहार मिलते हैं। ऐसे में शासकीय सेवकों के लिए पूर्व से लागू शर्त अव्यावहारिक है। समिति ने केंद्र सरकार के नए प्रावधानों का अध्ययन किया और पाया कि यह शर्त वास्तव में अव्यावहारिक है।

महंगे गिफ्ट के प्रवेश पर लग सकती है रोक
मंत्रालय में लगे सीसीटीवी कैमरे इस बात के प्रमाण है कि दीपावली जैसे मौकों पर लाखों के गिफ्ट पैक को मंत्रालय में प्रवेश दिया जाता है। जिसके पीछे बड़ी फर्मों व लोगों का हाथ होता है। ये गिफ्ट पैक कुछ बड़े अफसरों के कैबिन से लग्जरी वाहनों में घरों तक पहुंचते हैं।

रुकेंगे ऐसे मामले
मध्यप्रदेश में इस आदेश के आने पर बच्चों को मारने की घटनाओं पर विराम लगेगा। बीते महीनों पहले छिंदवाड़ा के नांदनवाड़ी प्राइमरी स्कूल के टीचर बबलू डांडोलिया के पहले से तीन बच्चे थे। नौकरी जाने के डर से बबलू ने पत्नी राजकुमारी के गर्भवती होने की जानकारी छिपाई। 23 सितंबर को रात करीब 3 बजे घर में ही बच्चे का जन्म हुआ।

इसके बाद दोनों नवजात को नांदनवाड़ी गांव के जंगल ले गए। यहां उन्होंने बच्चे लावारिस छोड़ा और उसे पत्थरों से दबा दिया। दूसरे दिन ग्रामीण जब जंगल की तरफ गए तो उन्हें बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। पत्थर हटाकर देखा तो मासूम जिंदा था। रातभर ठंड में पड़े होने और चींटियों के काटने की वजह से उसे इन्फेक्शन हो गया था। ग्रामीण उसे अस्पताल ले गए थे।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here