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प्रदेश में सर्वाइकल कैंसर की जांच एवं प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने एनएचएम एवं भार्गवी हेल्थ केयर के मध्य एमओयू

भोपाल  मध्यप्रदेश सरकार महिलाओं के स्वास्थ्य संरक्षण एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए सतत प्रयासरत है। इसी क्रम में प्रदेश में गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर की समय पर जांच एवं प्रभावी प्रबंधन को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मध्यप्रदेश एवं भार्गवी हेल्थ केयर (बीजीएच), हैदराबाद के मध्य एमओयू किया गया है। यह समझौता राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश में सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग एवं प्रबंधन को सुदृढ़ करने के लिये क्षमता निर्माण एवं तकनीकी सहयोग पर केंद्रित है। एमओयू में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में रीवा जिले में 25 से 65 वर्ष आयु वर्ग की लगभग 10 हजार महिलाओं की एचपीवी डीएनए आधारित सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग की जाएगी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, मध्यप्रदेश द्वारा राज्य स्तर पर प्रभावी समन्वय के लिए एएनएम, स्टाफ नर्स, सीएचओ एवं आशा कार्यकर्ताओं का चयन एवं प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाएगा। भार्गवी हेल्थ केयर, हैदराबाद द्वारा सर्वाइकल कैंसर की जांच एवं उपचार के लिये विशेषज्ञ तकनीकी सहयोग प्रदान किया जाएगा। संस्था द्वारा प्रशिक्षण सामग्री एवं मानकीकृत दिशा निर्देश विकसित किए जाएंगे तथा "ट्रेन-द-ट्रेनर" कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य में दक्ष मास्टर ट्रेनर्स की टीम तैयार की जाएगी। इसके अतिरिक्त कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सतत तकनीकी सहयोग, अनुसंधान एवं ज्ञान-साझेदारी से संबंधित गतिविधियाँ भी संचालित की जाएंगी। 

आज का राशिफल 15 मई 2026: नौकरी, कारोबार और लव लाइफ को लेकर क्या कहते हैं सितारे

मेष राशि- 15 मई के दिन प्रेम संबंधी परेशानियों को मैच्योर रवैये के साथ संभालें। व्यावसायिक चुनौतियां सॉल्व हो जाएंगी और जीवन में समृद्धि आएगी। आज के दिन आपको सेहत पर कड़ी निगरानी रखने की जरूरत है। वृषभ राशि- 15 मई का दिन आपके लिए सुखी रोमांटिक जीवन और बिजी कार्यालय कार्यक्रम की भविष्यवाणी करता है। धन को चालाकी से संभालें। निजी और व्यावसायिक जीवन दोनों में विवाद में पड़ने से दूर रहें। समृद्धि अच्छा पैसा लाती है और स्वास्थ्य भी आपके पक्ष में है। मिथुन राशि- 15 मई के दिन आपके प्रेम जीवन पर किसी भी बाधा का प्रभाव नहीं पड़ेगा। ऑफिस में चुनौतियों का सामना करने और हर प्रोफेशनल मुश्किल को सॉल्व करने के लिए तैयार रहें। धन संबंधी दिक्कतें मौजूद रहेंगी लेकिन स्वास्थ्य अच्छा है। कर्क राशि- 15 मई के दिन रिश्ते में आ रही सभी परेशानियों को दूर करें। पेशेवर प्रदर्शन के लिहाज से आपका दिन बढ़िया रहेगा। आज के दिन आर्थिक रूप से आप अच्छे हैं और सेहत भी अच्छी रहेगी। सिंह राशि- 15 मई के दिन प्रेम जीवन में चल रही परेशानियों को सुलझाएं। व्यावसायिक जीवन को उत्पादक बनाए रखें। वित्तीय सफलता आपका साथी है जबकि स्वास्थ्य चिंता का टॉपिक बन सकता है। प्रेमी बहस शुरू कर सकता है लेकिन आपको चालाकी से इससे बचना चाहिए कन्या राशि- 15 मई के दिन लव लाइफ में उतार-चढ़ाव रहेगा। फाइनेंशियली आपको कुछ नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। आज किसी भी तरह का लेन-देन करते समय सतर्क रहें। अपनी डाइट को हेल्दी रखें। तुला राशि- 15 मई के दिन आज प्रेम जीवन में शांत रहें और सुनिश्चित करें कि आप ऑफिस में प्रोडक्टिव हों। आर्थिक रूप से आप अच्छे हैं और स्वास्थ्य भी पूरे दिन सकारात्मक रहेगा। बिजी कार्यक्रम और कठिन कार्यों के बावजूद, तुला राशि वाले उन्हें पूरा करने में सफल होंगे। वृश्चिक राशि- 15 मई के दिन अपनी फीलिंग्स को पार्टनर के साथ शेयर करना अच्छा रहता है, जिससे गलतफहमी पैदा नहीं होती। तनाव दूर करने के लिए पसंदीदा म्यूजिक सुन सकते हैं। ऑफिस का प्रेशर घर लेकर न आना ही बेहतर हैं। धनु राशि- 15 मई के दिन आज जीवन में थोड़ी-बहुत हलचल रहेगी। कोई गुड न्यूज आपको मिल सकती है। आर्थिक स्थिति अच्छी रहने वाली है। आज खर्च करते वक्त आपको सावधानी बरतनी जरूरी है। तनाव ज्यादा लेने से बचें। थोड़ा इमोशनल फील कर सकते हैं। मकर राशि- 15 मई के दिन हेल्थ पर नजर रखें। अपनी हॉबी को समय दें। आपका दिन ठीक-ठाक रहने वाला है। आज आपकी करियर लाइफ थोड़ी गड़बड़ा सकती है। साथ ही आज आपको निवेश करते दौरान बेहद सावधान रहना चाहिए। लव के मामले में दिन अच्छा माना जा रहा है। कुंभ राशि- 15 मई के दिन हेल्थ पर भी फोकस करने की जरूरत है। आज आप प्रोडक्टिव महसूस कर सकते हैं। आज काम पर फोकस करने की सलाह दी जाती है। आज की एनर्जी को फ़ील करें। अपने सपनों की ओर कदम बढ़ाने के लिए तैयार हो जाएं। फिट और हेल्दी बॉडी के लिए रेगुलर एक्सरसाइज करना जरूरी है। मीन राशि- 15 मई के दिन इन्वेस्टमेंट करना आज लाभदायक नहीं रहेगा। आज पॉजिटिव रहने की सलाह दी जाती है। सिंगल लोगों की मुलाकात किसी स्पेशल से हो सकती है। काम का प्रेशर ज्यादा फील हो तो कुछ देर के लिए ब्रेक लें।

परंपरागत बीजों के संरक्षण में आजीविका मिशन की अनूठी पहल

भोपाल परंपरागत बीजों के संरक्षण में आजीविका मिशन की कृषि सखियों द्वारा उल्लेखनीय कार्य किया जा रहा है। इन्हें बीज सखी के रूप में स्थापित करने के लिये प्रशिक्षित किया गया है। जिला स्तर पर भी प्रशिक्षण का आयोजन किया जाकर प्रदेश में कुल 454 बीज सखी तैयार की गयी हैं। ये देशी बीजों के संरक्षण एवं संवर्धन पर कार्य करेंगी। वर्तमान में 29 जिलों में 99 बीज बैंक स्थापित किये जा चुके हैं। सर्वाधिक 20 बीज बैंक जिला सागर एवं 10 बीज बैंक जिला बालाघाट में स्थापित हुए हैं। देशी बीज स्थानीय जलवायु और मिट्टी के अनुसार ढले होने के कारण कम पानी, खाद व कीटनाशकों में भी बेहतर पैदावार देते हैं। पोषण युक्त होते है, सूखा-रोग प्रतिरोधी होते हैं, इन्हें दोबारा बोया जा सकता है, जो किसानों को आत्मनिर्भर और खेती को किफायती व टिकाऊ बनाते हैं। पारंपरिक बीज संरक्षण के गुर सीख रहीं बीज सखियां बीज सखियों को प्रशिक्षण पद्म  बाबूलाल दहिया, जिला सतना, उद्यानिकी विभाग से  दीनानाथ धोटे, कृषि विभाग से  जितेंद्र सिंह परिहार द्वारा दिया जा रहा है। विगत 16 वर्षों से देशी बीजों का संरक्षण करने वाली जिला डिंडोरी की फुलझरिया बाई द्वारा भी बीज संरक्षण के तरीके भी बताए गये हैं। कर्नाटक राज्य की बी.बी. जान जो विगत 9 वर्षों से परंपरागत बीज संरक्षण का कार्य कर रही हैं, उनके द्वारा भी प्रतिभागियों को बीज संरक्षण के लिये प्रशिक्षण दिया गया है। बीज बैंक के माध्यम से किसानों को मिल रहे निःशुल्क देशी बीज जिला बालाघाट की बीज सखी सुनीता सिहोरे बताती हैं कि उनके द्वारा लगभग 70 प्रकार के देशी बीजों का संरक्षण किया गया है जिनमें सब्जी, अनाज, दलहन आदि शामिल हैं। उनके द्वारा कृषकों को नि:शुल्क देशी बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उत्पादन आने पर कृषक द्वारा जितना बीज लिया गया है बस उसका दो गुना बीज बैंक में जमा करना होगा जिससे और कृषकों को भविष्य में देशी बीज उपलब्ध कराया जा सके। आगामी खरीफ मौसम के लिये कृषक यदि देशी बीज लगाना चाहते हैं तो अपने विकास खण्ड के ग्रामीण आजीविका मिशन कार्यालय से बीज सखियों की सूची प्राप्त कर उनसे संपर्क कर सकते हैं।  

केंद्रीय सचिव ने परखी धरातल की हकीकत; सर्वे टीमें बढ़ाने के निर्देश

​रायपुर भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय (भूमि संसाधन विभाग) के सचिव  नरेंद्र भूषण ने आज धमतरी जिले का दौरा कर महत्वाकांक्षी 'नक्शा प्रोजेक्ट' की प्रगति का बारीकी से निरीक्षण किया। नगर पालिक निगम धमतरी के आकाशगंगा कॉलोनी और गोकुलपुर पहुंचे सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रोजेक्ट का क्रियान्वयन 'शून्य त्रुटि' (Zero Error) के साथ समय सीमा में पूरा किया जाए। इसके लिए उन्होंने कलेक्टर को सर्वे टीमों की संख्या तत्काल बढ़ाने के निर्देश दिए। ​ग्राउंड पर देखा 'रिकॉर्ड ऑफ राइट्स' का प्रदर्शन निरीक्षण के दौरान केंद्रीय सचिव ने  डोमार सिंह साहू के मकान में चल रहे आरओआर (Record of Rights) निर्माण कार्य का प्रत्यक्ष प्रदर्शन देखा। उन्होंने नक्शा पोर्टल की कार्यप्रणाली, प्लॉट सत्यापन और भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण की प्रक्रिया को विस्तार से समझा। सचिव ने सर्वे टीम से तकनीकी सवाल भी किए। जैसे:​एक प्रविष्टि में कितना समय लगता है?​दर्ज भूमि और वास्तविक कब्जे के अंतर को कैसे सुलझाया जा रहा है? ​शासकीय भूमि के संरक्षण के लिए क्या उपाय किए गए हैं? ​विवादों का अंत और पारदर्शिता का नया युग नरेंद्र भूषण ने कहा कि शहरी भू-अभिलेखों का सटीक डिजिटलीकरण भविष्य में नागरिक सुविधाओं और पारदर्शिता के लिए मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने ड्राफ्ट प्रकाशन, दावा-आपत्ति और निराकरण की प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए कहा कि "नागरिकों की सहभागिता ही इस योजना की सफलता की आधारशिला है।" ​धमतरी बना प्रदेश का रोल मॉडल ​संचालक भू-अभिलेख  विनित नंदनवार ने बताया कि छत्तीसगढ़ के तीन शहरों धमतरी, जगदलपुर और अंबिकापुर में यह पायलट प्रोजेक्ट चल रहा है। धमतरी इसमें अग्रणी है, जहाँ ग्राउंड ट्रूथिंग का कार्य लगभग पूरा हो चुका है और सर्वाधिक अधिकार अभिलेखों के ड्राफ्ट तैयार किए जा चुके हैं। ​डिजिटल डोर नंबरिंग (DDN) से जुड़ेंगी नागरिक सेवाएँ कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने सचिव को बताया कि जिले में प्रोजेक्ट के साथ-साथ डिजिटल डोर नंबरिंग भी लागू की जा रही है। भविष्य में इसके माध्यम से ​ऑनलाइन टैक्स और यूटिलिटी बिल का भुगतान आसान होगा। ​नागरिक सेवाओं का एकीकृत डिजिटल प्रबंधन हो सकेगा और 'स्मार्ट गवर्नेंस' को बढ़ावा मिलेगा।      ​नगर निगम आयुक्त एवं नोडल अधिकारी प्रिया गोयल ने वार्डवार जनसंख्या और सर्वे अमले की जानकारी दी। वहीं, स्टेट मास्टर ट्रेनर दीपचंद भारती ने पोर्टल की तकनीकी चुनौतियों और विधिक समाधानों पर प्रकाश डाला।

शहरों का विकास राज्य के विकास का पर्याय है, योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे – शंगीता आर.

रायपुर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव  शंगीता आर. ने आज विभागीय अधिकारियों, नगर निगम आयुक्तों, मुख्य नगर पालिका अधिकारियों, नोडल अधिकारियों एवं प्रदेश के सभी 194 नगरीय निकायों के अधिकारियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बैठक लेकर सुशासन, जवाबदेही, जन सेवा एवं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। पहली बार प्रदेश के सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों का पूरा अमला एक साथ इस बैठक में शामिल हुए।   नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव  शंगीता आर. ने बैठक में कहा कि नगरीय निकाय राज्य शासन का चेहरा होते हैं और नगरों का विकास राज्य के विकास का पर्याय है। नागरिकों को शुद्ध पेयजल, स्वच्छ वातावरण, बेहतर मूलभूत सुविधाएं एवं कचरामुक्त शहर उपलब्ध कराना नगरीय निकायों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शासन के पास योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं, इसलिए कार्यों में लापरवाही, अनियमितता या अनावश्यक बहाने स्वीकार नहीं किए जाएंगे।  सचिव ने सभी अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक आयुक्त एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी अपने निकाय की समस्याओं के समाधान के लिए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करें। स्थानीय समस्याओं की पहचान कर समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए तथा योजनाओं को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी अधिकारी की मेहनत व्यर्थ नहीं जानी चाहिए और हर निकाय में परिणाम दिखाई देना चाहिए।   जनप्रतिनिधियों के सम्मान और बेहतर समन्वय पर विशेष जोर सचिव  शंगीता आर. ने अधिकारियों के लिए “थंब-रूल” निर्धारित करते हुए कहा कि महापौर, अध्यक्ष एवं जनप्रतिनिधियों का सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। किसी भी परिस्थिति में जनप्रतिनिधियों के साथ दुर्व्यवहार या अभद्र भाषा स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को नियमों के अनुरूप स्वतंत्र रूप से कार्य करने का पूरा अधिकार है, लेकिन जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों के साथ बेहतर व्यवहार बनाए रखना आवश्यक है।   उन्होंने कहा कि अच्छा कार्य करने वाले अधिकारियों और निकायों को सम्मान मिलेगा, जबकि लापरवाही या गलत कार्य करते पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि यदि कोई अधिकारी नियमों के अनुरूप सही कार्य कर रहा है तो विभाग हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ा रहेगा।  नोडल अधिकारियों को दी मार्गदर्शक की भूमिका बैठक में सचिव ने नवनियुक्त नोडल अधिकारियों को मार्गदर्शक की भूमिका निभाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नोडल अधिकारी नियमित रूप से नगरीय निकायों का निरीक्षण करेंगे, योजनाओं की समीक्षा करेंगे तथा समन्वय के साथ निकायों को सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। साथ ही निकाय स्तर पर भी अधिकारियों को वार्डवार जिम्मेदारी देने के निर्देश दिए गए, ताकि कार्यों की निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।   उन्होंने बताया कि प्रत्येक सप्ताह संभागवार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आयोजित की जाएगी तथा प्रत्येक माह विभागीय समीक्षा बैठक लेकर विकास कार्यों की प्रगति का आकलन किया जाएगा।  स्वच्छता एवं सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर विशेष फोकस सचिव  शंगीता आर. ने कहा कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट केवल शासन-प्रशासन का कार्य नहीं, बल्कि प्रत्येक अधिकारी और नागरिक की व्यक्तिगत जिम्मेदारी है। उन्होंने गीले एवं सूखे कचरे के पृथक्करण, वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन तथा बेहतर स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से नवीन अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का गंभीरता से अध्ययन कर उनके प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।  जल संरक्षण और रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर कार्ययोजना बनाने के निर्देश बैठक में सचिव ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग, भूजल संरक्षण एवं जल संरचनाओं की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भवनों का निरीक्षण कर वर्षा जल संचयन की प्रभावी योजना बनाई जाए तथा पीएचई विभाग से समन्वय कर भूजल स्तर की नियमित जानकारी ली जाए।  उन्होंने हैंडपंप रिचार्ज, सोक-पिट निर्माण तथा जल संरक्षण के स्थानीय मॉडल विकसित करने पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी नागरिक को पेयजल के लिए परेशानी नहीं होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की अपील की।   प्रधानमंत्री आवास योजना की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की समीक्षा करते हुए सचिव  शंगीता आर. ने कहा कि गरीब परिवार के लिए पक्का घर केवल भवन नहीं, बल्कि सम्मान और सुरक्षित जीवन का प्रतीक होता है। उन्होंने अधिकारियों को वार्डवार सर्वे कर पात्र हितग्राहियों की पहचान करने तथा आवास योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।  उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि हितग्राहियों को गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराया जाए। साथ ही जिन निकायों द्वारा अभी तक प्रस्ताव प्रस्तुत नहीं किए गए हैं, उन्हें शीघ्र भेजने के निर्देश दिए गए।   वित्तीय अनुशासन और न्यायालयीन प्रकरणों पर सख्त निर्देश बैठक में सचिव ने 15वें वित्त आयोग, पेयजल एवं स्वच्छता कार्यों तथा अन-टाइड फंड के उपयोग की समीक्षा करते हुए कहा कि शासन द्वारा प्रदान की गई राशि जनता की सुविधा और विकास के लिए है, इसलिए उसका जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी नगरीय निकायों को लंबित कार्यों की सूची प्रस्तुत कर विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।   न्यायालयीन प्रकरणों की समीक्षा करते हुए सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि न्यायालय में प्रस्तुत जवाब तथ्यात्मक, मजबूत एवं समयबद्ध हों तथा न्यायालय के आदेशों का गंभीरता से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विभागीय कार्यों में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।  बैठक में सचिव  शंगीता आर. ने आंगनबाड़ियों, स्वास्थ्य केंद्रों, पेंशन केंद्रों एवं मॉडल स्कूलों के उन्नयन पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगरीय निकाय केवल निर्माण कार्यों तक सीमित न रहें, बल्कि सामाजिक कल्याण एवं नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में भी सक्रिय भूमिका निभाएं।  बैठक में सूडा के सीईओ श्री शशांक पाण्डेय, नगरीय प्रशासन विभाग के उप सचिव श्री भागवत जायसवाल, सूडा के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री दुष्यंत कुमार रायस्त, मुख्य अभियंता श्री राजेश शर्मा, संयुक्त संचालक श्री मिथिलेश अवस्थी, उप संचालक श्री जितेंद्र कुशवाहा, उप संचालक श्री अरुण साहू, उप मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील अग्रहरि, सचित साहू, अधीक्षण अभियंता श्री रमेश सिंह और ओएसडी श्री निशिकांत वर्मा भी मौजूद थे।

20 जिलों के 4000 ओबीसी युवाओं को सेना और पुलिस भर्ती के लिए मिलेगा 45 दिवसीय निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण

भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)कृष्णा गौर शुक्रवार 15 मई 2026 को सुबह 11 बजे 'शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना-2026' का शुभारंभ करेंगी। अपेक्स बैंक परिसर स्थित समन्वय भवन में आयोजित कार्यक्रम में मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया और स्थानीय विधायक श्री भगवानदास सबनानी उपस्थित रहेंगे। भोपाल, रायसेन और नर्मदापुरम जिलों के प्रतिभागी छात्र-छात्राएं भी कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे। राज्यमंत्रीगौर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं के उज्जवल भविष्य के लिए ये योजना विभाग द्वारा शुरू की गई है। यह योजना प्रदेश के 20 चयनित जिलों में संचालित की जा रही है। इसका उद्देश्य ओबीसी वर्ग के प्रतिभावान युवाओं को भारतीय सेना, पुलिस, होमगार्ड और अन्य अर्ध सैनिक बलों की भर्ती परीक्षाओं के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार करना है। योजना में प्रदेश भर से चयनित 4000 प्रतिभागियों को जिला स्तर पर 45 दिनों का निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रत्येक जिले में 100-100 के बैच में पुरुष और महिला वर्ग के युवाओं को अलग-अलग केंद्रों पर प्रशिक्षित किया जाएगा। राज्यमंत्रीकृष्णा गौर ने बताया कि युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम को बेहद वैज्ञानिक और सघन बनाया गया है। इसमें कुशल प्रशिक्षकों द्वारा प्रतिदिन 4 घंटे का सैद्धांतिक प्रशिक्षण और 3 घंटे का शारीरिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को निशुल्क आवास और भोजन के साथ स्टाइपेंड, अध्ययन सामग्री भी मिलेगी। राज्यमंत्रीगौर ने कहा कि यह योजना युवाओं के लिए एक 'ऐतिहासिक सौगात' है, जो न केवल उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करेगी बल्कि उनमें देश सेवा का जज्बा और अनुशासन भी पैदा करेगी।  

रहस्यमयी मौत पर उठे सवाल, मानवाधिकार आयोग पहुंचा प्रतीक यादव का मामला

उत्तर प्रदेश उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और भाजपा नेत्री अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव की मौत का मामला अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) पहुंच गया है। डीके फाउंडेशन ऑफ फ्रीडम एंड जस्टिस ने आयोग के अध्यक्ष को याचिका भेजकर इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय और स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। इसमें कहा गया है कि प्रतीक के शरीर पर मिले चोट के निशान घटना को संदिग्ध बना रहे हैं। फाउंडेशन के अध्यक्ष दानिश खान ने अपनी याचिका में दलील दी है कि हालांकि प्रारंभिक तौर पर मौत का कारण 'हृदय गति रुकना' (हार्ट अटैक) बताया जा रहा है, लेकिन मृतक के शरीर पर पाए गए चोट के निशान और इस घटना की अचानक प्रकृति कई गंभीर संदेह पैदा करती है। याचिका में कहा गया है कि प्रतीक यादव अपनी फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली के लिए जाने जाते थे, ऐसे में उनकी अचानक मृत्यु और शरीर पर मौजूद संदिग्ध निशानों की निष्पक्ष जांच अनिवार्य है। संस्था ने आयोग से अनुरोध किया है कि मामले से जुड़े तमाम साक्ष्यों, विशेषकर घटना स्थल के सीसीटीवी फुटेज को तत्काल सुरक्षित किया जाए। फाउंडेशन ने अंदेशा जताया है कि साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है, इसलिए उन्होंने विसरा रिपोर्ट की निगरानी भी विशेषज्ञ डॉक्टरों के पैनल से कराने की मांग की है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर चोटों के छह निशान मिले प्रतीक यादव के पोस्टमार्टम में छह सदस्यीय विशेषज्ञों की टीम ने पाया कि मैसिव पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म यानी फेफड़े की मुख्य नस में खून का बड़ा थक्का फंस गया। इससे सांस और दिल की कार्यप्रणाली बंद होने से प्रतीक की सांसें थम गईं। चिकित्सा विज्ञान में इसे कार्डियोरेस्पिरेटरी कोलैप्स कहते हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक प्रतीक के शरीर पर छह चोटें थीं। चार चोटें दाएं हाथ पर कोहनी से कलाई तक थीं। एक चोट छाती के दाईं तरफ थी। एक चोट बाईं कलाई पर थी। सभी चोटें गिरने से लगने की आशंका है। हालांकि यह भी कहा गया है कि कोई भी चोट ऐसी नहीं है, जिससे मौत हो सके। प्रतीक की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए वीडियोग्राफी के बीच कराए गए पोस्टमार्टम के दौरान विशेषज्ञों ने सभी पहलुओं को देखा। विस्तृत जांच के लिए आस-पास की कोशिकाओं को सुरक्षित रखा गया है, ताकि माइक्रोस्कोप से विस्तार से जांच की जा सके। सुरक्षित रखे गए विसरा से शरीर में दवा या रसायन का पता लगाया जाएगा। शरीर पर कहां-कहां मिलीं चोटें -पहली चोट छाती के सामने दाहिनी तरफ है। यह गहरी चोट थी, जिसका रंग बीच में लाल-भूरा और किनारों पर हरा-पीला बताया गया। चोट के नीचे खून जमने के निशान भी मिले। -दूसरी चोट दाहिने हाथ के पीछे और अंदरूनी हिस्से में, बगल के नीचे पाई गई। इसमें भी लाल-भूरे और हरे-पीले रंग के निशान मिले। -तीसरी चोट दाहिने फोरआर्म के अंदरूनी हिस्से में कोहनी से कलाई तक फैली हुई थी। इस चोट के नीचे भी रक्तस्राव के निशान मिले। -चौथी चोट दाहिने फोरआर्म में कोहनी के पास थी। -पांचवीं चोट दाहिनी कोहनी के पीछे बाहरी हिस्से में दर्ज की गई। -छठी चोट बाएं हाथ की कलाई के ऊपरी हिस्से पर मिली। पुरानी और नई चोटों का भी जिक्र रिपोर्ट में डॉक्टरों ने चोटों के समय का भी अनुमान लगाया है। तीन चोटें पांच से सात दिन पुरानी हैं और तीन लगभग एक दिन पुरानी मानी गई हैं।  

प्रशासनिक व्यवस्था में फेरबदल, उत्तर प्रदेश सरकार ने 84 पीसीएस अफसरों को किया ट्रांसफर

 लखनऊ  उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने गुरुवार की शाम बड़े पैमाने पर प्रशासनिक अफसरों का फेरबदल कर दिया। प्रदेश के 84 पीसीएस (PCS) अधिकारियों का एक साथ तबादला कर दिया गया है। इस व्यापक फेरबदल की जद में कई महत्वपूर्ण जिलों के अपर जिलाधिकारी (एडीएम), नगर मजिस्ट्रेट, विकास प्राधिकरणों के सचिव और अपर नगर आयुक्त आए हैं। वाराणसी, लखनऊ, प्रयागराज, कानपुर और गोरखपुर जैसे प्रमुख शहरों के प्रशासनिक ढांचे में बड़े बदलाव किए गए हैं। कौन कहां से कहां भेजा गया 1. आलोक कुमार वर्मा: अपर जिलाधिकारी (नगर), वाराणसी से मुख्य राजस्व अधिकारी, सुल्तानपुर । 2.  प्रियंका सिंह: अपर जिलाधिकारी (वि/रा), हरदोई से कमाण्डेन्ट नागरिक सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान, लखनऊ । 3. डा० वैभव शर्मा: अपर जिलाधिकारी (वि/रा), बदायूँ से अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), गोरखपुर । 4. अजीत कुमार सिंह: सचिव, प्रयागराज विकास प्राधिकरण से अपर जिलाधिकारी (वि/रा), मुजफ्फरनगर । 5. अतुल कुमार- ।: अपर जिलाधिकारी (वि/रा), गौतमबुद्धनगर से संयुक्त निदेशक (प्रशासन), नागरिक उड्डयन निदेशालय व संयुक्त सचिव, लखनऊ विकास प्राधिकरण। 6. संजय कुमार: अपर जिलाधिकारी (वि/रा), जालौन से सचिव, आगरा विकास प्राधिकरण । 7. गजेन्द्र कुमार: अपर जिलाधिकारी (वि/रा), मुजफ्फरनगर से अपर जिलाधिकारी (नगर), गोरखपुर । 8. सुशील प्रताप सिंह: प्रभारी अपर निदेशक (प्रशासन), नागरिक उड्डयन निदेशालय व संयुक्त सचिव, लखनऊ विकास प्राधिकरण से परीक्षा नियंत्रक, उ०प्र० विशेषज्ञ चिकित्सक एवं चिकित्सा शिक्षक भर्ती बोर्ड, लखनऊ । 9.  श्रद्धा शांडिलयायन: सचिव, आगरा विकास प्राधिकरण से अपर जिलाधिकारी (वि/रा), गौतमबुद्धनगर । 10. शादाब असलम: प्रधान प्रबन्धक, उ०प्र० सहकारी चीनी मिल संघ से अपर नगर आयुक्त, नगर निगम, प्रयागराज । 11. जय प्रकाश: अपर जिलाधिकारी (वि/रा), संतकबीरनगर से अपर आयुक्त, गोरखपुर मण्डल, गोरखपुर । 12.  नीता: कमाण्डेन्ट, नागरिक सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान, लखनऊ से अपर आयुक्त, प्रयागराज मण्डल, प्रयागराज । 13. अमरेन्द्र कुमार वर्मा: अपर जिलाधिकारी (वि/रा), श्रावस्ती से अपर जिलाधिकारी (प्रोटोकॉल), आगरा । 14. विनीत कुमार सिंह: अपर जिलाधिकारी (वि/रा), गोरखपुर से सचिव, प्रयागराज विकास प्राधिकरण, प्रयागराज । 15.  पूजा मिश्रा: अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), प्रयागराज से अतिरिक्त मिशन निदेशक, उ०प्र० कौशल विकास मिशन । 16.  रत्नप्रिया: अपर आयुक्त, प्रयागराज मण्डल, प्रयागराज से अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), सुल्तानपुर । 17. मो० मोइनुल इस्लाम: अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति), महोबा से प्रधान प्रबन्धक, उ०प्र०सहकारी चीनी मिल संघ । 18. विपिन कुमार: अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), वाराणसी से अपर जिलाधिकारी (वि/रा), इटावा । 19. अभिनव रंजन श्रीवास्तव: अपर जिलाधिकारी (वि/रा), इटावा से अपर नगर आयुक्त, नगर निगम, लखनऊ । 20. सूर्यकान्त त्रिपाठी: अपर जिलाधिकारी (वि/रा), मेरठ, उप संचालक चकबन्दी, मेरठ से अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति), महोबा । 21. संजीव कुमार: कुल सचिव, अटल बिहारी बाजपेई चिकित्सा विश्वविद्यालय से अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), आजमगढ़ । 22.  दीपाली भार्गव: सचिव, अलीगढ़ विकास प्राधिकरण से अपर जिलाधिकारी (वि/रा), हरदोई। 23.  ज्योत्स्ना: सचिव, खुर्जा बुलन्दशहर विकास प्राधिकरण से कुल सचिव, अटल बिहारी बाजपेई चिकित्सा विश्वविद्यालय। 24. पंकज कुमार: अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), अलीगढ़ से अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), वाराणसी। 25. प्रदीप वर्मा: अपर जिलाधिकारी (वि/रा), संभल से अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), लखनऊ। 26. ललित कुमार: अपर नगर आयुक्त, नगर निगम, लखनऊ से अपर जिलाधिकारी (वि/रा), श्रावस्ती। 27. अविनाश त्रिपाठी: अपर जिलाधिकारी (वि/रा), फतेहपुर से अपर जिलाधिकारी (नगर), बरेली। 28. दुर्गेश मिश्रा: अपर नगर आयुक्त, नगर निगम, गोरखपुर से अपर नगर आयुक्त, नगर निगम, वाराणसी। 29.  अमृता सिंह: अपर जिलाधिकारी (वि/रा), रायबरेली से अपर नगर आयुक्त, नगर निगम, कानपुर। 30.  पल्लवी मिश्रा: उप आवास आयुक्त, आवास विकास परिषद, लखनऊ से अपर जिलाधिकारी (वि/रा), झाँसी। 31. अंजनी कुमार सिंह-2: अपर जिलाधिकारी (नगर), गोरखपुर से अपर जिलाधिकारी (वि/रा), गाजियाबाद। 32. अर्पित गुप्ता: अपर जिलाधिकारी (वि/रा), अमेठी से सचिव, मेरठ विकास प्राधिकरण। 33. कुँवर वीरेन्द्र मौर्य: अपर जिलाधिकारी (वि/रा), भदोही से अपर जिलाधिकारी (वि/रा) मेरठ, उप संचालक चकबन्दी मेरठ । 34.  उपमा पाण्डेय: सचिव, झाँसी विकास प्राधिकरण से अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), प्रयागराज । 35. राजेश कुमार-6: अपर जिलाधिकारी (नगर), कानपुर नगर से अपर जिलाधिकारी (नगर), वाराणसी । 36. दिनेश कुमार: अपर जिलाधिकारी (वि/रा), गाजीपुर से अपर जिलाधिकारी (वि/रा), ललितपुर । 37. देवेन्द्र पाल सिंह: मुख्य राजस्व अधिकारी, बहराइच, उप संचालक चकबन्दी, बहराइच से अपर जिलाधिकारी (वि/रा), बिजनौर । 38. अनिरूद्ध प्रताप सिंह: अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), अयोध्या से अपर जिलाधिकारी (नगर), मेरठ । 39. सौरभ दुबे: अपर जिलाधिकारी (नगर), बरेली से मुख्य राजस्व अधिकारी, बहराइच, उप संचालक चकबन्दी, बहराइच । 40. बृजेश कुमार सिंह: अपर जिलाधिकारी (नगर), मेरठ से अपर जिलाधिकारी (वि/रा), सीतापुर । 41. सुश्री प्रिया सिंह: अतिरिक्त मिशन निदेशक, उ०प्र० कौशल विकास मिशन से उप निदेशक, डा राम मनोहर लोहिया राज्य प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी । 42. मो० अवेश: अपर नगर आयुक्त, नगर निगम, कानपुर से अपर जिलाधिकारी (न्यायिक), शाहजहाँपुर । 43.  पूजा: अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, स्टेट एजेन्सी फॉर कांप्रीहेंसिव हैल्थ एंड इंटेग्रटेड सर्विसेज से अपर जिलाधिकारी (न्यायिक), आगरा । 44. अंकुर श्रीवास्तव: अपर जिलाधिकारी (वि/रा), ललितपुर से अपर जिलाधिकारी (नगर), मुरादाबाद । 45. गौरव शुक्ला: अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), सुल्तानपुर से सचिव, झाँसी विकास प्राधिकरण । 46. वरूण कुमार पाण्डेय: अपर जिलाधिकारी (वि/रा), झाँसी से कुलसचिव, डा० राजेन्द्र प्रसाद राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, प्रयागराज । 47.  शुभी काकन: अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), लखनऊ से उप आवास आयुक्त, आवास विकास परिषद, लखनऊ । 48. सुश्री ज्योति सिंह: अपर जिलाधिकारी (नगर), मुरादाबाद से अपर जिलाधिकारी (वि/रा), अमेठी । 49. आनन्द कुमार सिंह: सचिव, मेरठ विकास प्राधिकरण से अपर जिलाधिकारी (वि/रा), रामपुर । 50. सत्यप्रिय सिंह: अपर जिलाधिकारी (वि/रा), मऊ से अपर जिलाधिकारी (वि/रा), संभल । 51. राहुल कश्यप विश्वकर्मा: अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), आजमगढ़ से सचिव, अलीगढ विकास प्राधिकरण । 52. दीपेन्द्र: अपर नगर आयुक्त, नगर निगम, प्रयागराज से प्रधानाचार्य, स्पोर्ट्स कालेज, लखनऊ तथा सचिव, प्रबंध समिति, उ०प्र० स्पोर्ट्स कालेज सोसाइटी । 53. सत्य प्रकाश-3: अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), एटा से अपर जिलाधिकारी (वि/रा) संतकबीरनगर । 54.  अंजुम बी: अपर जिलाधिकारी (न्यायिक), गाजियाबाद से अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) बदायूँ । 55. प्रशान्त तिवारी: अपर जिलाधिकारी (प्रोटोकॉल), आगरा से अपर जिलाधिकारी (वि/रा), हाथरस । 56. सौरभ भट्ट: अपर जिलाधिकारी (वि/रा), गाजियाबाद से अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), अलीगढ़ । 57. नितीश कुमार सिंह: अपर जिलाधिकारी (वि/रा), सीतापुर से अपर जिलाधिकारी (वि/रा), जालौन । 58. विशु राजा: अपर जिलाधिकारी (वि/रा), फिरोजाबाद से अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), अयोध्या । 59. सुश्री शुभांगी शुक्ला: अपर जिलाधिकारी (वि/रा), आगरा से अपर जिलाधिकारी (वि/रा), भदोही । 60. धीरेन्द्र सिंह: अपर जिलाधिकारी (न्यायिक), आगरा से प्रधान प्रबन्धक, उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल संघ । 61. डॉ. संतोष कुमार उपाध्याय: … Read more

प्रधानमंत्री मोदी की विकसित भारत की परिकल्पना को साकार कर रहा मध्यप्रदेश

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश आज अधोसंरचना विकास के क्षेत्र में तेजी से एक नई पहचान बना रहा है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की “विकसित भारत” की परिकल्पना को मध्यप्रदेश साकार कर रहा है। प्रदेश में अभूतपूर्व गति से सड़क, पुल, एक्सप्रेसवे और आधुनिक सार्वजनिक अधोसंरचना निर्माण हो रहा है। लोक निर्माण विभाग ने “लोक निर्माण से लोक कल्याण” को अपना मूल मंत्र बनाकर विकास को सीधे जनता की सुविधा, आर्थिक प्रगति और सामाजिक समृद्धि से जोड़ा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मजबूत अधोसंरचना किसी भी विकसित राष्ट्र की सबसे बड़ी आवश्यकता होती है। प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में देशभर में सड़क, रेलवे, एक्सप्रेसवे, लॉजिस्टिक नेटवर्क और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का व्यापक विस्तार हुआ है। प्रदेश में सड़क संपर्क, शहरी यातायात, औद्योगिक कनेक्टिविटी और ग्रामीण अधोसंरचना के क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन दिखाई दे रहा है। वैज्ञानिक तरीके से तैयार हो रहा सड़क नेटवर्क मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोक निर्माण विभाग ने प्रदेश के सड़क नेटवर्क को अधिक वैज्ञानिक, व्यवस्थित और भविष्य उन्मुख बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। सड़क श्रेणियों के पुनर्गठन तथा रोड नेटवर्क रैशनलाइजेशन की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है, जिससे सड़क निर्माण और रखरखाव की प्राथमिकताएँ अधिक स्पष्ट हुई हैं। विभाग द्वारा “लोक निर्माण सर्वेक्षण मोबाइल ऐप” विकसित किया गया है। यह ऐप GIS आधारित तकनीक पर कार्य करता है और इसके माध्यम से प्रदेश में 71 हजार किलोमीटर से अधिक सड़कों, लगभग 3 हजार भवनों तथा 1400 से अधिक पुलों का विस्तृत सर्वेक्षण किया जा चुका है। इस सर्वेक्षण से विभाग को अधोसंरचना की वास्तविक स्थिति का डिजिटल डेटा प्राप्त हुआ है, जिसके आधार पर योजनाएँ अधिक सटीक और व्यावहारिक तरीके से तैयार की जा रही हैं। रोड नेटवर्क मास्टर प्लान से बेहतर कनेक्टिविटी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोक निर्माण विभाग ने समग्र रोड नेटवर्क मास्टर प्लान तैयार किया है। मास्टर प्लान के अंतर्गत शहरों के लिए बायपास मार्ग, औद्योगिक क्षेत्रों के लिए बेहतर सड़क संपर्क, जिला मुख्यालयों के बीच तेज कनेक्टिविटी तथा यातायात दबाव कम करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके साथ ही यात्रा दूरी और समय कम करने के उद्देश्य से 6 नए ग्रीनफील्ड सड़क मार्गों की पहचान की गई है। इन परियोजनाओं से प्रदेश के औद्योगिक, कृषि एवं पर्यटन क्षेत्रों को नई गति मिलने की संभावना है। जीआईएस आधारित डिजिटल बजट प्रणाली से बढ़ी पारदर्शिता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पारदर्शी और जवाबदेह शासन व्यवस्था के अनुरूप लोक निर्माण विभाग ने जीआईएस आधारित बजट मॉड्यूल लागू किया है। इस प्रणाली से प्रत्येक सड़क प्रस्ताव को डिजिटल नक्शे पर दर्ज किया जाता है। इससे यह तुरंत स्पष्ट हो जाता है कि संबंधित सड़क पहले से किसी अन्य योजना में शामिल है या नहीं। इस व्यवस्था ने योजनाओं में दोहराव को समाप्त करने के साथ विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाया है। लोकपथ 2.0 : नागरिकों के लिए स्मार्ट ट्रैवल सुविधा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोक निर्माण विभाग द्वारा विकसित “लोकपथ” ऐप को अब उन्नत स्वरूप में “लोकपथ 2.0” के रूप में विकसित किया गया है। यह ऐप नागरिकों के लिए स्मार्ट ट्रैवल गाइड की तरह कार्य कर रहा है। इस ऐप में रूट प्लानर, टोल जानकारी, अस्पताल एवं पेट्रोल पंप की लोकेशन, एसओएस सुविधा और सड़क दुर्घटना संभावित स्थानों की चेतावनी जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं। ऐप ब्लैक स्पॉट से लगभग 500 मीटर पहले अलर्ट जारी करता है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने में सहायता मिल रही है। गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सख्त निगरानी व्यवस्था, 25 ठेकेदार किये गये ब्लैक लिस्टेड मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए लोक निर्माण विभाग ने सख्त निगरानी व्यवस्था लागू की है। इसके अंतर्गत 875 निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण किया गया। गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर 25 ठेकेदारों को ब्लैक लिस्ट किया गया तथा कई मामलों में दंडात्मक कार्रवाई भी की गई। इसके अतिरिक्त प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सिस्टम (PMS 2.0) लागू किया जा रहा है। इससे योजना निर्माण से लेकर भुगतान तक की संपूर्ण प्रक्रिया डिजिटल रूप से मॉनिटर की जा रही है। पर्यावरण संरक्षण के साथ अधोसंरचना विकास मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में विकास कार्यों को पर्यावरण संरक्षण के साथ जोड़ने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कार्य किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण के दौरान खुदाई से निर्मित गड्ढों को “लोक कल्याण सरोवर” के रूप में विकसित किया जा रहा है। अब तक 506 सरोवर तैयार किए जा चुके हैं और 600 नए सरोवर विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही सड़क किनारे भूजल रिचार्ज व्यवस्था, फ्लाई-ओवर पर रेन वॉटर हार्वेस्टिंग तथा ग्रीन बिल्डिंग निर्माण जैसे नवाचारों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग द्वारा शासकीय भवनों को ऊर्जा दक्ष, पर्यावरण अनुकूल और टिकाऊ बनाने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। तेजी से आगे बढ़ रहा सड़क और पुल निर्माण कार्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सड़क और पुल निर्माण कार्यों को अभूतपूर्व गति मिली है। वर्तमान में लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत 77 हजार किलोमीटर से अधिक सड़क नेटवर्क विकसित किया जा चुका है। पिछले दो वर्षों में विभाग द्वारा 11,632 किलोमीटर सड़कों का निर्माण एवं मजबूतीकरण, 5,741 किलोमीटर सड़कों का नवीनीकरण और 190 पुल एवं फ्लाईओवर का निर्माण किया गया है। इसके अतिरिक्त वर्तमान में 16,954 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य तथा 531 पुल एवं फ्लाईओवर परियोजनाएँ प्रगति पर हैं। इन परियोजनाओं से प्रदेश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आवागमन अधिक सुगम होगा तथा आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। एक्सप्रेस-वे और रिंग रोड परियोजनाओं से मिलेगा नया आयाम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में बड़े स्तर पर कनेक्टिविटी विस्तार के लिए 6 प्रमुख विकास पथ (एक्सप्रेसवे) परियोजनाओं पर कार्य प्रारंभ किया गया है। इसके साथ ही भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन में रिंग रोड परियोजनाओं पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद शहरों में यातायात दबाव कम होगा, यात्रा समय घटेगा और औद्योगिक एवं व्यापारिक गतिविधियों को नई ऊर्जा मिलेगी। NHAI के साथ लगभग 1 लाख करोड़ का समझौता मुख्यमंत्री … Read more

चांदबड़ में शुरू हुआ “संपर्क अभियान 2026”, Vishvas Sarang ने किया आगाज

भोपाल  सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने "संपर्क अभियान 2026" के तहत चांदबड़ में आयोजित विद्यु शिकायत निवारण शिविर का शुभारंभ किया और मती राजकुमारी कुशवाहा को नये कनेक्शन के लिए प्रमाण पत्र वितरित किया। चांदबड़ शिविर में मती रीना बाई और मती अनीता को नवीन विद्युत कनेक्शन,  नवीन को अस्थायी नवीन कनेक्शन,  गुलाबसिंह को मौके पर ही 'नो ड्यूज' प्रमाण पत्र तथा  बंशीराम साहू के विद्युत कनेक्शन के नाम परिवर्तन संबंधी आवेदन को भी त्वरित निराकरण की सेवाएं मिलीं। द्वारका नगर की सु कुशवाहा का 4 घंटे के भीतर रोशन हुआ घर सु राजकुमारी कुशवाहा मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के चांदबड़ जोन के द्वारका नगर में रहती हैं। उन्हें बिजली कंपनी के चांदबड़ में 14 मई को आयोजित शिविर में 4 घंटे के भीतर नया कनेक्शन मिल गया और उनका घर रोशन हो गया। घर रोशन होने से उनका परिवार बिजली कंपनी की सेवाओं की सराहना कर रहा है। सु राजकुमारी कुशवाहा को मिली यह त्वरित राहत न केवल कंपनी की कार्यकुशलता को दर्शाती है, बल्कि इस अभियान की सफलता की एक सकारात्मक शुरुआत है। दरअसल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने 14 मई से एक नई पहल शुरू की है, इसके अंतर्गत समूचे कंपनी कार्यक्षेत्र में 374 संपर्क अभियान शिविर लगाये गये और भोपाल शहर में 27 शिविर लगाये गये। भोपाल शहर में 3 हजार 748 शिकायतें मौके पर निराकृत संपर्क अभियान शुभारंभ दिवस 14 मई को भोपाल शहर वृत्त अंतर्गत कुल 3 हजार 929 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 3 हजार 748 शिकायतों का मौके पर ही निराकरण सुनिश्चित किया गया। शेष 181 शिकायतों का शीघ्र ही निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। कंपनी द्वारा भोपाल शहर वृत्त अंतर्गत प्राप्त कुल 3 हजार 929 शिकायतों में से बिल संबंधी 1 हजार 687, भुगतान संबंधी 1 हजार 611, विद्युत आपूर्ति संबंधी 247, नया कनेक्शन एवं भार वृद्धि संबंधी 124 तथा अन्य 79 शिकायतों को मौके पर ही निराकरण सुनिश्चित किया गया। चार अलग-अलग काउंटर लगाये गये संपर्क अभियान में लगाये गये शिविरों में उपभोक्ताओं की सुविधा और सुव्यवस्थित कार्यप्रणाली के लिए शिविरों में चार अलग-अलग काउंटर उपलब्ध थे। इनमें उपभोक्ता की शिकायत दर्ज करने और टोकन प्राप्त करने के लिए काउंटर नंबर 1 हेल्प डेस्क, बिजली बिल से संबंधित सभी शिकायतों (जैसे गलत रीडिंग, सुधार आदि) का तत्काल निराकरण के लिए काउंटर नंबर 2 (बिलिंग सुधार), काउंटर नंबर 3 (नया कनेक्शन व अन्य सेवाएं) और बंद मीटर बदलने, वोल्टेज की समस्या और बकाया राशि के भुगतान/वसूली के लिए काउंटर नंबर 4 (तकनीकी सेवाएं एवं भुगतान की सुविधा) काउंटर नंबर 5 में नवीन कनेक्शन, भार वृद्धि और नाम परिवर्तन जैसे कार्यों के आवेदन के लिए सुविधा उपलब्ध थी।