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आई.डी.बी.आई. बैंक द्वारा दो बोलेरो कैम्पर वाहन का प्रदाय एवं बाघ का किया अंगीकरण

भोपाल वन विहार राष्ट्रीय उद्यान भोपाल में वन्यप्राणी अंगीकरण योजना 01 जनवरी 2009 को प्रारंभ की गई थी। इस योजना अंतर्गत आई.डी.बी.आई. बैंक भोपाल ने पर्यावरण तथा वन्यप्राणियों के संरक्षण के प्रति प्रेम की ओर अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की। बैंक द्वारा मांसाहारी एवं शाकाहारी वन्यप्राणियों को भोजन प्रदाय के लिये 2 बोलेरो कैम्पर वाहन प्रदाय किये गये एवं एक नर बाघ 'बाजीराव' को एक वर्ष के लिये गोद लिया। आई.डी.बी.आई बैंक से महाप्रबंधक क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल  महेश चन्द्र कारी, उप महाप्रबंधक क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल  राजेश अग्रवाल, सहायक महाप्रबंधक क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल  अचल जैन, सहायक महाप्रबंधक आंचलिक कार्यालय भोपाल  ब्लेसियन डेनियल, प्रबंधक, आंचलिक कार्यालय भोपाल  आदित्य अग्रवाल द्वारा सीएसआर अंतर्गत वन विहार राष्ट्रीय उद्यान के संचालक  विजय कुमार को 2 बोलेरो कैम्पर वाहन की चाबी प्रदाय की गई एवं नर बाघ 'बाजीराव को एक वर्ष के लिये अंगीकरण लिया गया। इस अवसर पर सहायक संचालक वन विहार डॉ. रूही हक एवं इकाई प्रभारी पर्यटन  के.एन शर्मा भी उपस्थित रहे। संचालक वन विहार द्वारा आईडीबीआई बैंक के अधिकारियों को अंगीकरण सम्बधी प्रमाण-पत्र प्रदाय किया। इस योजना में अब तक 107 वन्यप्राणियों को गोद लिया जा चुका है।  

ट्रंप-शी जिनपिंग बैठक से बढ़ी हलचल: जानिए चीन दौरे के पीछे की बड़ी वजह

बीजिंग  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 8 साल बाद चीन दौरे पर जा रहे हैं, जहां उनकी मुलाकात शी जिनपिंग से होगी. दोनों देशों के बीच ट्रेड वॉर, चिप टेक्नोलॉजी और ईरान जैसे मुद्दे बातचीत के केंद्र में रहेंगे. दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के नेताओं की यह मुलाकात ऐसे समय में हो रही है जब व्यापार, टेक्नोलॉजी और ईरान जैसे कई बड़े मुद्दों पर दोनों देशों के बीच खींचतान जारी है।  ट्रंप ने साफ कहा है कि इस यात्रा का सबसे बड़ा एजेंडा व्यापार होगा. हालांकि उन्होंने यह भी माना कि ईरान पर शी जिनपिंग के साथ लंबी बातचीत हो सकती है. ट्रंप ने कहा कि वह शी को अपना "दोस्त" मानते हैं और उन्हें उम्मीद है कि इस बैठक से अच्छी चीजें निकलकर आएंगी. चीन दौरे पर जाने से पहले उन्होंने यह भी कहा कि ईरान युद्ध खत्म करने के लिए उन्हें शी जिनपिंग की जरूरत नहीं है।  दरअसल, अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वॉर ट्रंप के पहले कार्यकाल से ही शुरू हो गया था. लेकिन पिछले साल इसमें बड़ा उछाल आया, जब ट्रंप ने चीन के सभी सामानों पर 34 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान किया. इसके जवाब में चीन ने भी अमेरिकी सामानों पर जवाबी शुल्क लगा दिए और रेयर अर्थ एक्सपोर्ट पर पाबंदियां बढ़ा दीं. देखते ही देखते टैरिफ 145 प्रतिशत तक पहुंच गए।  हालांकि बाद में दोनों देशों ने समझा कि इतना बड़ा आर्थिक टकराव लंबे समय तक नहीं चल सकता. इसके बाद व्यापारिक संघर्ष को अस्थायी रूप से रोकने के लिए समझौता हुआ. चीन ने अमेरिकी किसानों से सोयाबीन खरीदने का वादा किया, जबकि अमेरिका ने कई टैरिफ कम कर दिए. लेकिन इससे मूल विवाद खत्म नहीं हुआ।  सबसे बड़ा विवाद अब टेक्नोलॉजी और चिप इंडस्ट्री को लेकर है. अमेरिका लगातार चीन पर एडवांस कंप्यूटर चिप्स और उनसे जुड़ी टेक्नोलॉजी के एक्सपोर्ट पर रोक लगाता रहा है. अमेरिका को डर है कि चीन इन तकनीकों का इस्तेमाल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सैन्य ताकत बढ़ाने में कर सकता है।  वहीं चीन अब खुद की चिप इंडस्ट्री को मजबूत करने पर जोर दे रहा है ताकि उसे अमेरिकी तकनीक पर निर्भर न रहना पड़े. यही वजह है कि यह मुद्दा ट्रंप-शी बैठक में अहम रहने वाला है।  इसके अलावा ईरान का मुद्दा भी बातचीत में शामिल हो सकता है. अमेरिका चाहता है कि चीन ईरान पर दबाव डाले, खासकर होर्मुज स्ट्रेट को लेकर. वह कई बार कह भी चुके हैं कि होर्मुज पर सामान्य ट्रैफिक में चीन मदद कर सकता है लेकिन राष्ट्रपति जिनपिंग ने इसको लेकर कोई कदम नहीं उठाए हैं. अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने हाल ही में कहा था कि चीन ईरानी तेल खरीदकर अप्रत्यक्ष रूप से तेहरान की मदद कर रहा है।  हालांकि चीन ने अब तक इस मामले में सावधानी भरा रुख अपनाया है. बीजिंग खुलकर अमेरिका का समर्थन करने से बच रहा है और खुद को एक संतुलित ताकत के तौर पर पेश करना चाहता है।  राष्ट्रपति ट्रंप की यह चीन यात्रा सिर्फ एक औपचारिक दौरा नहीं है. यह वैश्विक व्यापार, टेक्नोलॉजी और मध्य पूर्व की राजनीति से जुड़े कई बड़े सवालों को प्रभावित कर सकती है. दुनिया की नजर अब इस बात पर टिकी है कि ट्रंप और शी जिनपिंग की यह मुलाकात तनाव कम करेगी या नए टकराव की शुरुआत बनेगी। 

फेक ऐप, फ्रॉड कॉल और मोबाइल चोरी पर Google का बड़ा वार, यूजर्स को मिलेगी ट्रिपल सुरक्षा

 नई दिल्ली गूगल ने एंड्रॉयड शो:आईओ एडिशन का लाइवस्ट्रीम किया है, जो कंपनी के एनुअल कॉन्फ्रेंस गूगल आईओ 2026 से करीब एक सप्ताह पहले किया है. गूगल ने एंड्रॉयड स्मार्टफोन के लिए आने वाले अपकमिंग फीचर और टूल्स की जानकारी दी है. गूगल की एनुअल कॉन्फ्रेंस 19-20 मई को होगी।  गूगल अब बैंकिंग स्कैम कॉल्स से बचाने के लिए न्यू फीचर तैयार कर रहा है. बैंकिंग स्कैम  में साइबर ठग खुद की पहचान बैंक का कर्मचारी बताकर लोगों से अकाउंट की जानकारी हासिल करते हैं, ताकि उनके पैसे चुरा सकें. स्पूफिंग टेक्नोलॉजी की मदद से अक्सर लोगों को लगता है कि शायद बैंक से ही कॉल है।  गूगल ने अपने टूल को बेहतर करने के लिए कुछ चुनिंदा बैंकों और वित्तीय संस्थानों के साथ पार्टनरशिप कर रहा है. बैंकिंग फ्रॉड को रोकने के लिए कंपनी स्पूफिंग प्रोटेक्शन फीचर लेकर आ रही है।  फर्जी कॉल्स को खुद का काट देगा  यह फीचर पार्टनर बैंक के नाम पर यूज होने वाले फर्जी कॉल्स को अपने आप काट देगा. साथ ही यूजर्स को एक नोटिफिकेशन भी मिलेगा कि वह संभवतः एक स्कैम कॉल्स थी।   गूगल का यह न्यू फीचर सिर्फ उन यूजर्स को मिलेगा, जिनका स्मार्टफोन एंड्रॉयड 11 और उससे ऊपर के डिवाइसों के लिए रोलआउट किया जाएगा. कंपनी ने बताया है कि इस साल के अंत तक कई बैंकों को शामिल कर लिया जाएगा।  लाइव थ्रेड डिटेक्शन फीचर  गूगल अपने लाइव थ्रेड डिटेक्शन फीचर को भी एक्सपेंड करने का ऐलान कर चुका है. यह फीचर ऐप्स के व्यवहार को एनालाइज करेगा और अगर कोई संदिग्ध एक्टिविटी मिलेगी तो उसे पकड़ा जा सकेगा. ऐसे में साइबर ठगों के ऐप्स पर लगाम लगेगी।  गूगल इसके लिए डाइनेमिक सिग्नल मॉनिटरिंग नाम की तकनीक का इस्तेमाल करती हैं. ये टेक्नोलॉजी किसी भी ऐप के द्वारा किए गए संदिग्ध पैटर्न और गतिविधियों को पहचान सकता है. साथ ही SMS फॉरवर्डिंग जैसी एक्टिविटी को भी देखता है।  डिवाइस चोरी होने से बचाएगा  गूगल एक और नया फीचर लेकर आ रहा है, जिसकी मदद से डिवाइस को चोरी से बचाया जा सकेगा. एक बार फोन को लोस्ट मार्क कर दिया गया तो चोर तब तक फोन का यूज नहीं कर पाएंगे जब तक उसको बायोमेट्रिक तरीके से अनलॉक नहीं किया जाता है. यह फीचर Android 17 डिवाइसों में डिफॉल्ट रूप से ऑन मिलेगा।  ऐप परमिशन और लोकेशन कंट्रोल करेगा  गूगल एक नया प्राइवेसी फीचर भी ला रहा है, जिसमें एक बटन होगा, जिसकी मदद से यूजर किसी ऐप को केबल तक अपनी सटीक लोकेशन देगा जब तक वह ऐप ओपन रहेगा। 

जर्जर पंचायत भवनों पर चलेगा बुलडोजर: मानसून से पहले UP सरकार की तैयारी तेज

लखीमपुर जिले के 49 पंचायत भवन जर्जर चिन्हित किए गए हैं। मानसून के दौरान इनके गिरने और हादसे की आशंका को देखते हुए अब इन्हें ढहाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। एडीओ पंचायत व कंसल्टिंग इंजीनियरों ने सत्यापन रिपोर्ट निदेशालय को भेजी जा रही है। अनुमति मिलने के बाद इन भवनों को ढहाया जाएगा। फिर इनकी जगह नए भवन बनाए जाएंगे। जिला पंचायत राज अधिकारी विशाल सिंह ने बताया कि दशकों पहले बने पंचायत भवनों के बारे में एडीओ पंचायत व कंसल्टिंग इंजीनियर से रिपोर्ट मांगी गई। ब्लाकों से जो रिपोर्ट आई, उसके मुताबिक कुल 49 पंचायत भवन जर्जर चिन्हित किए गए हैं। इसमें सबसे ज्यादा नकहा ब्लाक में सात व रमियाबेहड़ में पांच पंचायत भवन जर्जर मिले हैं। डीपीआरओ ने बताया कि इन पंचायत भवनों की सूची निदेशालय भेजी गई है। साथ ही इनको ढहाने के लिए पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता, एई आरईएस व ब्लाकों के अधिकारी शामिल हैं, जो इनको ढहाने के लिए अपनी रिपोर्ट देंगे। इन ग्राम पंचायतों में अस्थाई रूप से सचिवालय चलाया जा रहा है।

विवाह समारोह में शामिल होकर अभिशंख-स्तुति जायसवाल को सुखद दांपत्य जीवन का आशीर्वाद

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  दिलीप जायसवाल के सुपुत्र अभिशंख जायसवाल एवं पुत्रवधू स्तुति जायसवाल के पावन वैवाहिक बंधन मांगलिक अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं एवं मंगल आशीष प्रदान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ईश्वर से नवदंपति के सुखमय, समृद्ध एवं आनंदपूर्ण दाम्पत्य जीवन की कामना करते हुए कहा कि यह नवीन जीवन यात्रा प्रेम, विश्वास, सम्मान और अटूट साथ के पवित्र सूत्र से सदैव सुसज्जित रहे। उनके जीवन में सुख, शांति, वैभव, उत्तम स्वास्थ्य और उन्नति का प्रकाश निरंतर बना रहे तथा परिवार का आंगन सदैव खुशियों, सौभाग्य और मधुर संबंधों की सुगंध से महकता रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बिजुरी में आयोजित वैवाहिक समारोह में सम्मिलित हुए और नवविवाहित दंपति को अपने स्नेहिल आशीर्वचनों से अभिसिंचित कर उज्ज्वल एवं मंगलमय भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने राज्यमंत्री  जायसवाल एवं उनके परिवारजन से आत्मीय भेंट कर इस सुखद अवसर की खुशियां साझा कीं। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों एवं अतिथियों से भी मुख्यमंत्री ने आत्मीय चर्चा की। इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री मती सम्पतिया उइके, शहडोल संसदीय क्षेत्र की सांसद मती हिमाद्री सिंह, मंडला सांसद  फग्गन सिंह कुलस्ते, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री तथा अनूपपुर जिले के प्रभारी मंत्री  दिलीप अहिरवार, विधायक एवं पूर्व मंत्री  बिसाहूलाल सिंह, विधायक जैतपुर  जयसिंह मरावी, विधायक जयसिंहनगर मती मनीषा सिंह, कलेक्टर  हर्षल पंचोली, उपाध्यक्ष जिला पंचायत अनूपपुर मती पार्वती राठौर, जिला पंचायत सदस्य भारती केवट नर्मदा सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।  

हफ्ते में सिर्फ 5 लीटर तेल! क्या भारत में भी लागू हो सकता है फ्यूल राशनिंग नियम?

नई दिल्ली ईरान युद्ध और मध्य पूर्व (Middle East) में तेल आपूर्ति मार्गों में आई रुकावट के कारण पूरी दुनिया एक गंभीर ऊर्जा संकट से जूझ रही है। इस संकट के बीच कई देशों में फ्यूल राशनिंग लागू की जा चुकी है। भारत में भी न‍िजी वाहनों के ल‍िए एक ल‍िमिट में पेट्रोल-डीजल और गैस खरीदने का कोटा तय करना एक उपाय हो सकता है। फिलहाल, भारत सरकार ने अभी तक इस पर कोई फैसला नहीं किया है। अगर देश में कोटा सिस्टम लागू होता है, तो लोग अपने मन के मुताबिक पेट्रोल, डीजल या गैस नहीं खरीद पाएंगे। बता दें कि श्रीलंका, पाकिस्तान, फ्रांस और जर्मनी जैसे देशों में QR Code, ऑड-ईवन नियम और साप्ताहिक फ्यूल लिमिट लागू हो चुकी है। अगर भविष्य में हालात और बिगड़ते हैं, तो भारत समेत कई देशों में भी ऐसे कदम उठाए जा सकते हैं। सरल शब्दों में कहें तो 'फ्यूल राशनिंग' सरकार द्वारा लगाया गया वह प्रतिबंध है, जिसके तहत आप अपनी मर्जी के मुताबिक जितना चाहें उतना पेट्रोल या डीजल नहीं खरीद सकते हैं। सरकार प्रत्येक नागरिक या वाहन के लिए एक 'कोटा' तय कर देती है। एक निश्चित समय सीमा (जैसे एक हफ्ता) में आप केवल लिमिट में ही ईंधन खरीद पाएंगे। इसके लिए सरकार QR-कोड, कूपन या गाड़ियों के नंबर के हिसाब से 'ऑड-ईवन' (Odd-Even) जैसे तरीके अपनाती है। 2026 के इस वैश्विक संकट में कई देशों ने अपनी अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए ईंधन की बिक्री पर सीमा लगा दी है। श्रीलंका: यहां 'नेशनल फ्यूल पास' (QR कोड) सिस्टम लागू है। कारों के लिए हफ्ते में केवल 15-25 लीटर और मोटरसाइकिलों के लिए सिर्फ 5 लीटर पेट्रोल तय किया गया है। पाकिस्तान: यहां स्थिति इतनी गंभीर है कि एक बार में वाहन को केवल 5 लीटर तेल मिल रहा है। साथ ही सरकारी कर्मचारियों के लिए हफ्ते में केवल 4 दिन काम का नियम बनाया गया है। फ्रांस और जर्मनी: यूरोप के संपन्न देश भी अब राशनिंग की कगार पर हैं। फ्रांस के कुछ इलाकों में QR कोड के जरिए हफ्ते में 15-20 लीटर की सीमा तय की गई है, जबकि जर्मनी में कुछ जगहों पर एक बार में केवल 10 लीटर पेट्रोल मिल रहा है। बांग्लादेश और म्यांमार: बांग्लादेश ने ऊर्जा बचाने के लिए स्कूलों को ऑनलाइन कर दिया है और बिजली की रोटेशनल कटौती (Load Shedding) शुरू कर दी है। म्यांमार में 'ऑड-ईवन' सिस्टम से पेट्रोल दिया जा रहा है। स्लोवेनिया और केन्या: स्लोवेनिया ने प्राइवेट ड्राइवरों के लिए हफ्ते में 50 लीटर का कोटा तय किया है, वहीं केन्या ने घरेलू सप्लाई बचाने के लिए तेल के निर्यात पर ही पाबंदी लगा दी है। ईंधन की किल्लत का असर भारत पर भी पड़ा है। लाइव हिंदुस्तान की बिजनेस टीम ने हाल ही में कुछ शहरों में एक सर्वे किया, जिसमें पाया गया कि पेट्रोल पंप संचालकों ने खुद से ही पेट्रोल-डीजल खरीदने की एक सीमा तय कर रखी है। पूछने पर पता लगा कि कुछ दिनों पहले बाइक सवार ग्राहकों को 200 रुपये और कार चालकों को 2,000 रुपये से ज्यादा का तेल नहीं दिया जा रहा था। अभी भी कई शहरों में पेट्रोल पंप पर अपनी गाड़ी की टंकी फुल कराने पहुंच रहे ग्राहकों को निराश होकर वापस लौटना पड़ रहा है। इससे पता चलता है कि बिना किसी आदेश के पहले ही पेट्रोल पंप संचालकों ने अपनी कार्यशैली बदलकर कोटा सिस्टम शुरू कर दिया है। वर्क फ्रॉम होम और 4-डेज वर्किंग:– फिलीपींस, लाओस और पाकिस्तान ने विदेशी मुद्रा बचाने के लिए सरकारी कर्मचारियों को घर से काम करने या हफ्ते में कम दिन ऑफिस आने का आदेश दिया है। कार-लेस-डेज:– न्यूजीलैंड जैसे देश 'कार-लेस-डेज' (हफ्ते में एक दिन गाड़ी न चलाना) को फिर से शुरू करने पर विचार कर रहे हैं। पब्लिक ट्रांसपोर्ट:- वियतनाम और कंबोडिया जैसे देशों में लोगों को कारपूलिंग और बस-मेट्रो का उपयोग करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है क्योंकि लगभग 30% पेट्रोल पंप बंद हो चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले ही देशवासियों से ईंधन और यात्रा में कटौती करने की भावुक अपील की है। हालांकि, भारत में अभी तक औपचारिक रूप से राशनिंग लागू नहीं हुई है, लेकिन वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि अगर युद्ध लंबा खिंचता है, तो भविष्य में 'कोटा सिस्टम' या 'QR कोड आधारित खरीद' की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। फ्यूल राशनिंग का विचार डरावना लग सकता है, लेकिन यह संकट के समय तेल के समान वितरण को सुनिश्चित करने का एक तरीका है। फिलहाल, बचाव का सबसे अच्छा तरीका यही है कि हम निजी वाहनों का कम से कम उपयोग करें और ईंधन की बर्बादी रोकें।

ट्रैफिक पुलिस ला रही खास APP: अब नागरिक मोबाइल से दर्ज कर सकेंगे ध्वनि प्रदूषण की शिकायत

 लखनऊ  राज्य में अब नागरिकों को जल्द ही मोबाइल एप्लीकेशन (एप) के जरिए ध्वनि प्रदूषण की शिकायत करने की सुविधा मिलने जा रही है। यातायात निदेशालय एप विकसित करने की योजना पर तेजी के साथ काम कर रहा है। इस काम में विभिन्न जिलों की यातायात पुलिस के विशेषज्ञों की भी मदद ली जा रही है। इस एप के जरिए नागरिकों को ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की फोटो व वीडियो अपलोड करके सीधी शिकायत करने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। एडीजी, यातायात एवं सड़क सुरक्षा ए सतीश गणेश ने बताया कि डीजीपी राजीव कृष्ण के निर्देशन में राज्य में वाहनों से होने वाले ध्वनि प्रदूषण को कम करने की योजना पर काम किया जा रहा है। राज्य भर में प्रेशर हॉर्न, मॉडीफाइड साइलेंसर व हूटर की बड़ी समस्या है। यातायात पुलिस ने तीन से पांच और 18 से 19 अप्रैल के बीच राज्य भर में अभियान चलाकर 6039 वाहनों का चालान प्रेशर हार्न के उपयोग को लेकर किया है, जबकि 11 हजार से अधिक वाहनों का चालान मॉडीफाइड साइलेंसरों व हूटर लगाने को लेकर किया गया है। इन वाहनों से 3.97 करोड़ रुपये का जुर्माना भी वसूला गया है। वहीं प्रेशर हार्न लगाने वाले वाहन चालकों से 2.42 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया है। उन्होंने बताया कि वाहनों से फैलने वाले ध्वनि प्रदूषण को समाप्त करने के लिए चलाए जा रहे अभियान को लेकर आम नागरिकों को जागरूक किया जा रहा है। इसी सिलसिले में यातायात निदेशालय मोबाइल एप विकसित करा रहा है। नागरिक ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की सीधी शिकायत एप के जरिए कर सकेंगे। एप पर आने वाली शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि मोबाइल एप की सुविधा जल्द ही नागरिकों को उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।  

कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET UG-2026) की परीक्षाओं के दृष्टिगत मंडल ने किया निर्णय

भोपाल  माध्यमिक शिक्षा मंडल, मध्यप्रदेश, भोपाल द्वारा आयोजित हाई स्कूल/हायर सेकेंडरी द्वितीय परीक्षा वर्ष 2026 के परीक्षा कार्यक्रम में आंशिक संशोधन किया गया है। यह संशोधन कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET UG-2026) की परीक्षाओं के दृष्टिगत किया गया है। इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के प्राचार्यों को निर्देश भी जारी किए गए है। साथ ही संशोधित परीक्षा कार्यक्रम को विद्यालय के सूचना पटल पर प्रमुखता से प्रदर्शित करने और संबंधित विद्यार्थियों को इसकी जानकारी अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराए जाने को कहा है। परीक्षा सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक चलेगी। नियमित, स्वाध्यायी एवं दृष्टिबाधित परीक्षार्थियों की परीक्षाएं समान तिथि एवं समय पर संपन्न होंगी। विद्यार्थी संशोधित परीक्षा कार्यक्रम मंडल की वेबसाइट माध्यमिक शिक्षा मंडल, मध्यप्रदेश पर भी देख सकते हैं। मंडल द्वारा जारी आदेश के अनुसार पूर्व निर्धारित परीक्षा तिथियों में परिवर्तन किया गया है। 14 मई 2026 को आयोजित होने वाली कृषि (Agriculture), गृह विज्ञान (Home Science) एवं अकाउंटेंसी (Accountancy) विषयों की परीक्षाएं अब 19 मई 2026 को होंगी। वहीं 21 मई को होने वाली गणित (Mathematics) एवं मनोविज्ञान (Psychology) विषयों की परीक्षाएं अब 26 मई 2026 आयोजित की जाएंगी।  

इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर को बूस्ट: 503 करोड़ की योजना से EV मालिकों की होगी बल्ले-बल्ले

 नई दिल्ली देश में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की मांग बढ़ी है, लेकिन चुनौतियां अभी कम नहीं हुई है. भारतीय ऑटोमोबाइल मार्केट में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की हिस्सेदारी 5.77 फीसदी तक पहुंच गई है. हालांकि, अभी भी लोगों के मन में बैठी रेंज एंजाइटी खत्म नहीं हुई है. ऐसे में सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है, जिससे ईवी वालों की बड़ी चिंता दूर हो जाएगी।  भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए भारी उद्योग मंत्रालय ने चार्जिंग स्टेशन इंस्टॉल करने का ऐलान किया है. मंत्रालय देशभर में 4,874 इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन लगाएगा. इस प्रोजेक्ट के लिए सरकार 503.86 करोड़ रुपये खर्च करेगी. ये प्रोजेक्ट पीएम ई-ड्राइव स्कीम का हिस्सा है.   कई राज्यों में लगेंगे EV चार्जिंग स्टेशन 12 मई को बेंगलुरू में हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्रीय मंत्री एच डी कुमारस्वामी ने इस बारे में जानकारी दी है. इस कदम का उद्देश्य लोगों के मन में बैठी रेंज एंजाइटी को कम करना है. इसके लिए सरकार इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग का एक मजबूत नेटवर्क तैयार करना चाहती है. इससे जब भी लोगों को जरूरत होगी वे अपने व्हीकल को चार्ज कर पाएंगे।  इन चार्जिंग स्टेशन पर इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स, थ्री व्हीलर्स, पैंसेजर कार, बस और हैवी ड्यूटी ट्रक्स को भी चार्ज किया जा सकेगा. सरकार की मानें तो इन चार्जिंग स्टेशन को प्लानिंग के तहत अलग-अलग राज्यों में लगाया जाएगा. इसमें कर्नाटक, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात, केरल, तेलंगाना और तमिलनाडु शामिल हैं।  बढ़ रहा ईवी का दबदबा इस फंडिंग का बड़ा हिस्सा कर्नाटक में खर्च होगा. रिपोर्ट्स की मानें, तो राज्य में 1243 चार्जिंग स्टेशन इंस्टॉल किए जाएंगे, जिसें लगभग 123.66 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इस प्रोजेक्टर को पूरा करने में प्रमुख पब्लिक सेक्टर इंटरप्राइसेस का भी योगदान होगा. प्रमुख तेल कंपनियां (जिनके नाम से आप पेट्रोल पंप देखते हैं) इस इंस्टॉलेशन प्रोजेक्ट को लीड करेंगी।  मौजूदा स्थिति की बात करें, तो पैसेंजर व्हीकल कैटेगरी में ईवी की हिस्सेदारी 5.77 फीसदी की है. वहीं टू-व्हीलर कैटेगरी में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की हिस्सेदारी 7.76 फीसदी तक पहुंच गई है. कमर्शियल व्हीकल कैटेगरी में ईवी का शेयर 2.26 फीसदी है. थ्री व्हीलर कैटेगरी में ईवी का दबदबा है. यहां इलेक्ट्रिक व्हीकल की हिस्सेदारी 60.38 फीसदी की है. ये आंकड़े अप्रैल 2026 में हुई सेल के हैं। 

अब ग्लोबल स्क्रीन पर दिखेगा प्रदेश: विदेशी सीरीज से 80 देशों को पता चलेगा गौरवशाली इतिहास

भोपाल   मध्यप्रदेश की समृद्ध कला, संस्कृति और वन्यजीवन अब सरहदों को पार कर वैश्विक पटल पर अपनी चमक बिखेरने को तैयार है। स्पेन के मशहूर प्रोडक्शन हाउस कलर्स क्युनिकेशन ग्रुप (RTVV) द्वारा निर्मित इंटरनेशनल सीरीज रूरल टूरिज्म ऑफ द वर्ल्ड की शूटिंग इन दिनों प्रदेश (MP Tourism) के विभिन्न अंचलों में जारी है। यह सीरीज जब दुनिया के 80 से अधिक देशों में प्रसारित होगी, तो मध्यप्रदेश का 'अतिथि देवो भव:' वाला अंदाज सात समंदर पार गूंजेगा। स्पेनिश क्रू ने अपनी इस डॉक्यूमेंट्री (MP Tourism) में एमपी की विविधता को पिरोने के लिए यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों से लेकर अनछुए ग्रामीण अंचलों तक का सफर तय किया है। प्रमुख शूटिंग लोकेशंस भोपाल- मेंबड़ा तालाब, जगदीशपुर और पुरानी हवेली के दृश्य शूट किए गए हैं।  रायसेन व सीहोर: मेंसांची स्तूप, तवा डैम और मढ़ई में भी गई टीम। महेश्वर व मांडू: में नर्मदा घाट और ऐतिहासिक किले भी आए पसंद। भेड़ाघाट:मेंधुआंधार जलप्रपात और ग्रामीण जीवन ने किया आकर्षित। कैमरे में कैद एमपी की रूह सांची और भीमबेटका: इस TV सीरीज (MP Tourism) के लिए क्रू ने प्राचीन इतिहास और पुरापाषाण काल के शैलचित्रों से प्रदेश की ऐतिहासिक गहराई को फिल्माया गया है। सतपुड़ा और पचमढ़ी: सीरीज में एमपी के सतपुड़ा और पचमढ़ी की बोट सफारी और घने जंगलों के जरिए वन्यजीव पर्यटन की वैश्विक संभावनाओं को उभारा गया है। महाकाल की नगरी: उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर (MP Tourism) की आध्यात्मिक भव्यता इस सीरीज का एक प्रमुख आकर्षण होगी। क्रू का जीता दिल वहीं स्पेनी फिल्म डायरेक्टर जुआन फ्रूटोस ने तामिया, साबरवानी और धुसावानी जैसे ग्रामीण क्षेत्रों के बीच रहकर हुए अपने अनुभवों को जादुई बताया। उन्होंने कहा कि अगर आप असली भारत को समझना चाहते हैं, तो यहां आना ही होगा। यहां की गोंड पेंटिंग, स्थानीय खान-पान और होमस्टे के खास अनुभवों ने अंतरराष्ट्रीय टीम को काफी प्रभावित किया है। स्पेन के साथ हुए MOU का नतीजा यह स्पेन के साथ हुए एमओयू का बड़ा नतीजा (MP Tourism) है। एमपी अब केवल घूमने के लिए नहीं, बल्कि शूटिंग के लिए भी दुनिया की पसंद बनता जा रहा है। आने वाले समय में ऐसे कई और वैश्विक फिल्म एवं कंटेंट प्रोडक्शन प्रोजेक्ट्स देखने को मिलेंगे। -डॉ. इलैयाराजा टी., प्रबंध संचालक, एमपीटीबी