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मंत्री टेटवाल सार्वजनिक बस से यात्रा कर अपने कार्य क्षेत्र पर पहुँचे

भोपाल  प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के ‘राष्ट्र प्रथम’ के आह्वान और ईंधन बचत, पर्यावरण संरक्षण तथा सार्वजनिक परिवहन को प्रोत्साहित करने के संदेश से प्रेरित होकर कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  गौतम टेटवाल ने गुरुवार को सारंगपुर से पचोर तक सार्वजनिक परिवहन बस सेवा से यात्रा कर अपने कार्य क्षेत्र पर पहुँचे। मंत्री  टेटवाल ने कारकेड और औपचारिक प्रोटोकॉल से अलग आम नागरिकों के बीच बस में यात्रा कर पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रहित का संदेश दिया। पेट्रोल पंप दुर्घटना से प्रभावित परिवारों से मिले मंत्री  टेटवाल ने विगत दिनों पचोर में पेट्रोल पंप पर हुई दुःखद घटना में प्रभावित परिवारों से भेंट की। उन्होंने दिवंगतों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिजनों से चर्चा की और उनकी समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुना। मंत्री  टेटवाल ने परिवारों को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। मंत्री  टेटवाल ने पचोर नगर में नागरिकों से जनसंपर्क कर विभिन्न स्थानीय समस्याओं एवं विकास कार्यों से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की। उन्होंने संबंधित समस्याओं के निराकरण के लिए आवश्यक निर्देश दिये। मंत्री  टेटवाल ने पचोर से सारंगपुर तक बस से यात्रा की। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परिवहन अपनाना केवल यात्रा का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्रहित से जुड़ा एक जिम्मेदार प्रयास है। इससे ईंधन की बचत, प्रदूषण में कमी और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलती है। मंत्री  टेटवाल ने नागरिकों से भी अधिक से अधिक सार्वजनिक परिवहन के उपयोग की अपील करते हुए कहा कि छोटे-छोटे सामूहिक प्रयासों से पर्यावरण संरक्षण और देशहित के बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। 

31 मई तक शेष धान उठाव पूर्ण करने और कस्टम मिलिंग चावल जमा करने की गति बढ़ाने के निर्देश

रायपुर  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  दयालदास बघेल ने आज मंत्रालय महानदी भवन में विभागीय योजनाओं, धान उठाव, कस्टम मिलिंग तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़े विभिन्न विषयों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में खरीफ वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान के निराकरण, धान खरीदी केन्द्रों एवं संग्रहण केन्द्रों से धान के उठाव, कस्टम मिलिंग एवं एफसीआई तथा नागरिक आपूर्ति निगम में चावल जमा किए जाने की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में खाद्य मंत्री  दयालदास बघेल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि खरीफ वर्ष 2025-26 के उपार्जन केन्द्रों एवं संग्रहण केन्द्रों में शेष धान का उठाव 31 मई 2026 तक हर हाल में पूर्ण कराया जाए। उन्होंने कस्टम मिलिंग के बाद चावल जमा करने की प्रक्रिया में तेजी लाने तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत अप्रैल, मई एवं जून 2026 के लिए तीन माह के एकमुश्त चावल भंडारण एवं वितरण की भी समीक्षा की गई। खाद्य मंत्री  बघेल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्धारित समय-सीमा में तीनों माह का राशन वितरण कार्य पूर्ण किया जाए ताकि हितग्राहियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। समीक्षा बैठक में खाद्य संचालनालय, जिला कार्यालयों, नागरिक आपूर्ति निगम, राज्य भंडार गृह निगम तथा छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में अधिकारियों एवं कर्मचारियों के रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मंत्री  बघेल ने आवश्यक पदों पर शीघ्र भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। राज्य में खाद्यान्न भंडारण क्षमता की समीक्षा करते हुए मंत्री  बघेल ने छत्तीसगढ़ राज्य भंडार गृह निगम द्वारा निर्माणाधीन गोदामों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कर उपयोग में लाने के निर्देश दिए। बैठक में विधिक माप विज्ञान के कार्यों की भी समीक्षा की गई। खाद्य मंत्री  बघेल ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत खाद्यान्न वितरण, पूरक पोषण आहार एवं मध्यान्ह भोजन जैसी योजनाओं से जुड़े कमीशन का भुगतान शीघ्र करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। बैठक में खाद्य सचिव मती रीना बाबासाहेब कंगाले, खाद्य संचालक डॉ. फरिहा आलम, प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ  जितेंद्र शुक्ला, प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम, रजिस्ट्रार छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, नियंत्रक विधिक माप विज्ञान तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

आरक्षक पुलिस संगठन की सबसे महत्वपूर्ण शक्ति – डीजीपी मकवाणा

भोपाल 25वीं वाहिनी, विशेष सशस्त्र बल, भोपाल में गुरूवार को नव आरक्षकों के दीक्षांत समारोह का आयोजन हुआ। राष्‍ट्रगीत एवं राष्‍ट्रगान के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा ने बतौर मुख्‍य अतिथि परेड की सलामी ली एवं निरीक्षण किया। समारोह को संबोधित करते हुए पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस का गौरवशाली इतिहास रहा है तथा आरक्षक पुलिस संगठन की सबसे महत्वपूर्ण शक्ति होते हैं। उन्होंने कहा कि लगभग 11 माह के कठिन प्रशिक्षण, अनुशासन एवं समर्पण के बाद तैयार हुए ये नव आरक्षक पुलिस विभाग की कार्यक्षमता को और अधिक सशक्त करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण अवधि जीवन का सबसे महत्वपूर्ण चरण होती है, जहां टीम भावना, अनुशासन, शारीरिक दक्षता एवं व्यवहारिक पुलिसिंग की सीख जीवनभर साथ रहती है। प्रशिक्षण के दौरान नवआरक्षकों को आउटडोर गतिविधियों, वेपन ट्रेनिंग, बलवा ड्रिल, कानून व्यवस्था, साइबर क्राइम, आधुनिक तकनीक एवं भीड़ नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण विषयों में प्रशिक्षित किया गया है, जो भविष्य की ड्यूटी में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगे। पुलिस महानिदेशक  मकवाणा ने कहा कि वर्तमान समय में साइबर अपराध, कानून व्यवस्था एवं आंतरिक सुरक्षा बड़ी चुनौतियाँ हैं, जिनसे निपटने के लिए पुलिस बल को तकनीकी रूप से दक्ष और शारीरिक रूप से सक्षम होना आवश्यक है। उन्होंने विशेष सशस्त्र बल एवं मध्यप्रदेश पुलिस के जवानों द्वारा नक्सल विरोधी अभियानों,दस्‍यु उन्‍मूलन, चुनाव ड्यूटी तथा अन्य संवेदनशील परिस्थितियों में किए गए साहसिक कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ड्यूटी के दौरान तत्परता, मानवीय संवेदनशीलता एवं साहस का परिचय देते हुए पुलिस जवानों ने अनेक अवसरों पर लोगों को सीपीआर देकर जान बचाना पुलिस की जनसेवा की भावना को उजागर किया है। उन्होंने आगामी सिंहस्थ-2028 को मध्यप्रदेश पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक, ड्रोन सर्विलांस, सीसीटीवी मॉनिटरिंग एवं इंटीग्रेटेड कमांड सिस्टम जैसी व्यवस्थाओं में दक्षता भविष्य की पुलिसिंग का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी। पुलिस महानिदेशक  मकवाणा ने नव आरक्षकों को शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखने, ईमानदारी, अनुशासन, संवेदनशीलता एवं संविधान के प्रति निष्ठा के साथ कार्य करने तथा लगातार जनसंवाद करने की सीख दी। उन्होंने कहा कि वर्दी धारण करने के बाद पुलिसकर्मी का एकमात्र धर्म जनसेवा, कानून का पालन एवं राष्ट्रहित होता है। उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा केवल नौकरी नहीं, बल्कि जनसुरक्षा और विश्वास से जुड़ा महत्वपूर्ण दायित्व है।। प्रत्येक पुलिसकर्मी को आमजन के प्रति संवेदनशीलता, त्वरित प्रतिक्रिया एवं निष्पक्षता के साथ कार्य करना चाहिए। जनता का विश्वास ही पुलिस की सबसे बड़ी ताकत है। समारोह के दौरान 25वीं वाहिनी, विसबल भोपाल के सेनानी  नागेंद्र सिंह द्वारा प्रशिक्षण प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। उन्होंने बताया कि नव आरक्षक बुनियादी प्रशिक्षण सत्र का शुभारंभ 15 जून 2025 को किया गया था, जिसमें महिला एवं पुरुष नव आरक्षकों को फायरिंग, रायट ड्रिल, कानून व्यवस्था, शारीरिक दक्षता एवं कानून के मूलभूत ज्ञान सहित आधुनिक पुलिसिंग का प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस महानिदेशक के मार्गदर्शन में पहली बार प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में साइबर क्राइम एवं सोशल मीडिया संबंधी अपराधों को शामिल किया गया, जिससे प्रशिक्षुओं को साइबर अपराधों से जुड़े “डूज़ एंड डोन्ट्स” की जानकारी भी दी गई। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में कई नव आरक्षक साइबर कमांडो के रूप में भी अपनी भूमिका निभाएंगे।  नागेन्‍द्र सिंह ने बताया कि नवआरक्षकों ने राजकोट, गुजरात में आयोजित 74वीं अखिल भारतीय पुलिस हॉकी प्रतियोगिता 2025-26 तथा जम्मू में आयोजित द्वितीय अखिल भारतीय पुलिस कबड्डी क्लस्टर प्रतियोगिता 2025-26 में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रशिक्षण संस्थान को गौरवान्वित किया।  सिंह ने कहा कि आरक्षक पुलिस विभाग की रीढ़ होते हैं तथा अनुशासन, शारीरिक दक्षता और जनसेवा की भावना के साथ प्रशिक्षित ये नव आरक्षक भविष्य में मध्यप्रदेश पुलिस के “देशभक्ति, जनसेवा” के ध्येय वाक्य को और अधिक सशक्त करेंगे। नव आरक्षकों द्वारा आकर्षक साइलेंट ड्रिल प्रदर्शन प्रस्तुत किया गया, जिसमें अनुशासन, तालमेल एवं उत्कृष्ट प्रशिक्षण दक्षता की प्रभावशाली झलक दिखाई दी। इसके साथ ही प्रशिक्षुओं ने विभिन्न योग आसनों का प्रदर्शन कर शारीरिक क्षमता, मानसिक संतुलन एवं फिटनेस के प्रति अपनी सजगता का परिचय दिया। कार्यक्रम के अंत में पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा ने प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नव आरक्षक  देवेन्‍द्र कुमार गुप्‍ता 9वीं वाहिनी रीवा को प्रथम एवं  हर्षित कुशवाह 36वीं वाहिनी बालाघाट को द्वितीय पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। साथ ही इनडोर एवं आउडडोर प्रशिक्षण में उत्‍कृष्‍ट प्रदर्शन करने वाले नव आरक्षकों को भी सम्‍मानित किया। उन्होंने सफल आयोजन से जुड़े सभी अधिकारियों, प्रशिक्षकों, कर्मचारियों एवं परिवारजनों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। समारोह में अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक  चंचल शेखर,पुलिस महानिरीक्षक  इरशाद वली, पुलिस आयुक्‍त  संजय कुमार सहित अन्‍य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी, विशेष सशस्त्र बल के अधिकारी, प्रशिक्षक एवं बड़ी संख्या में नव आरक्षकों के परिजन उपस्थित रहे।  

बिहार सरकार में जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण, कैबिनेट में दिखेगा बड़ा बदलाव

 पटना बिहार सरकार ने मंत्रिमंडल की बैठकों (Bihar Cabinet) की कार्यशैली में बड़ा बदलाव किया गया है। अब राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में विभागीय एजेंडा संबंधित मंत्री स्वयं प्रस्तुत करेंगे। इसकी शुरुआत प्रायोगिक तौर पर 13 मई को हुई कैबिनेट बैठक से कर दी गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (Bihar CM Samrat Choudhary) की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सभी विभागों के मंत्रियों ने अपने-अपने विभागों के प्रस्ताव और एजेंडे खुद रखे। सीएम सम्राट की पहल, मंत्रियों को मिली जिम्मेदारी अब तक कैबिनेट बैठकों में विभाग के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव या सचिव एजेंडा प्रस्तुत करते थे और उसी पर चर्चा होती थी, लेकिन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पहल पर व्यवस्था में बदलाव करते हुए मंत्रियों को सीधे तौर पर अपनी योजनाओं और प्रस्तावों को रखने की जिम्मेदारी दी गई है। सरकार का मानना है कि इससे मंत्रियों की जवाबदेही बढ़ेगी और विभागीय योजनाओं को लेकर उनकी भूमिका अधिक प्रभावी होगी। बीते बुधवार को हुई बैठक में कुल 18 एजेंडे पेश किए गए। इनमें वाणिज्य कर, वित्त, गृह, उद्योग, उच्च शिक्षा, शिक्षा, सूचना एवं प्रौद्योगिकी, राजस्व एवं भूमि सुधार तथा परिवहन विभाग से जुड़े प्रस्ताव शामिल थे। बैठक के दौरान कई मंत्रियों ने अपने विभाग की योजनाओं और प्रस्तावों को विस्तार से रखा तथा विभिन्न मुद्दों पर प्रभावशाली तरीके से अपनी बात रखी। प्रशासनिक स्तर पर जरूरी बदलाव सरकार के इस नए प्रयोग को प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में इससे मंत्रिमंडल की बैठकों में मंत्रियों की सक्रिय भागीदारी और निर्णय प्रक्रिया में उनकी सीधी भूमिका और मजबूत होगी।  

EOW की ट्रैप कार्रवाई में SDM ऑफिस का स्टेनो पकड़ा गया, 30 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तारी

जबलपुर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) की जबलपुर शाखा ने गुरुवार को नरसिंहपुर जिले के तेंदूखेड़ा एसडीएम कार्यालय में बड़ी ट्रैप कार्रवाई करते हुए स्टेनो सौरभ यादव को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी पर कॉलोनी निर्माण के नक्शे की रिपोर्ट आगे बढ़ाने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है। कार्रवाई के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। यह है मामला ईओडब्ल्यू के अनुसार तेंदूखेड़ा निवासी संजय राय ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्होंने कॉलोनी निर्माण के प्रस्तावित नक्शे पर स्थल निरीक्षण रिपोर्ट लगाने के लिए एसडीएम कार्यालय में आवेदन दिया था। आरोप है कि फाइल को लंबे समय से बिना कारण लंबित रखा गया और काम आगे बढ़ाने के बदले रिश्वत की मांग की गई। शिकायतकर्ता के मुताबिक जब उन्होंने कार्यालय में संपर्क किया तो स्टेनो सौरभ यादव ने 30 हजार रुपये देने पर फाइल आगे बढ़ाने की बात कही। शिकायत मिलने के बाद ईओडब्ल्यू ने पूरे मामले का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया और आरोपी को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। ईओडब्ल्यू ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता ने SDM पर भी लगाए आरोप मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब शिकायतकर्ता संजय राय ने एसडीएम पूजा सोनी पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका दावा है कि स्टेनो केवल माध्यम था और रिश्वत की मांग कथित तौर पर एसडीएम के निर्देश पर की जा रही थी। संजय राय ने आरोप लगाया कि स्टेनो ने उन्हें बताया था कि रिश्वत की राशि के अलावा एसडीएम कार्यालय के रेनोवेशन, पेंट और अन्य खर्चों के लिए भी दबाव बनाया जा रहा था। शिकायतकर्ता का कहना है कि वे कई दिनों से भीषण गर्मी में कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही थी।

देवास फैक्ट्री ब्लास्ट पर सरकार एक्शन में, डिप्टी CM जगदीश देवड़ा को मौके पर भेजा गया

देवास  पटाखा फैक्ट्री हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई है। वहीं, कई लोगों की स्थिति गंभीर है, जिनका अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। सीएम मोहन यादव ने देवास की घटना पर दुख जताया है। साथ ही मृतक के परिजनों को 4-4 लाख रुपए आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही डेप्युटी सीएम जगदीश देवड़ा को मौके पर जाने के निर्देश दिए हैं। हादसे की जांच के निर्देश दिए दरअसल, देवास हादसे पर सीएम मोहन यादव ने शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के लिए 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की है। हादसे की जानकारी लगते ही सीएम ने प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों को घटना स्थल जाने के निर्देश दिए। उन्होंने इस हादसे की जांच के आदेश भी दे दिए हैं। डेप्युटी सीएम जगदीश देवड़ा को भी भेजा हादसे को लेकर सीएम मोहन यादव ने कहा कि देवास जिले के टोंककला में पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट में कई लोगों के हताहत होने का समाचार हृदय विदारक है। मैंने जिले के प्रभारी और उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, गृह सचिव और वरिष्ठ अधिकारियों को घटना स्थल पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं। घटना की जांच के आदेश भी दिए हैं। घायलों का निःशुल्क इलाज करने के लिए निर्देश दिए हैं। बाबा महाकाल से दिवंगतों की शांति, शोकाकुल परिजनों को दुःख सहन करने की शक्ति तथा दुर्घटना में घायलों को त्वरित स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने की प्रार्थना करता हूं। हिरासत में फैक्ट्री मालिक वहीं, घटना के बाद फैक्ट्री मालिक अनिल मालवीय को पुलिस ने हिरासत में लिया है। अभी तक तीन मौतों की पुष्टि हुई है। वहीं, कई लोग घायल हुए हैं। 12 घायलों का इलाज देवास जिला अस्पताल, 8 का अमलतास अस्पताल, तीन का एमवॉयएच इंदौर और एक टी चोइथराम अस्पताल में इलाज चल रहा है। कुछ घायलों की स्थिति गंभीर है।

बस्तर के 3056 गाँवों तक पहुँचा मोबाइल नेटवर्क, 425 गाँवों में पहली बार बस सेवा

रायपुर  मुख्य सचिव  विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में नियद नेल्लानार योजना के कार्यों की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत आगामी कार्य योजना के संबंध में अधिकारियों से विचार-विमर्श भी किया। नियद नेल्लानार योजना के तहत बस्तर क्षेत्र के सुदूर वनांचल गांवों तक बिजली की लाईने पहुंची है। गांवों में मुक्त बिजली कनेक्शन और सोलर लाईट लगायी गई है। मनरेगा से स्थानीय रोजगार, प्रधानमंत्री आवास योजना से पक्के मकान बनाये गए हैं। क्षेत्र के अंदरूनी ईलाकों में अब ग्रामीण को राशनकार्ड, उज्जवला गैस, बैंक पास बुक जैसी अनेक व्यक्तिमूलक शासन की योजनाओं का सीधा लाभ हितग्राही उठा रहें है।   बैठक में जानकारी दी गई कि पिछले दो वर्षों में 5016 प्राथमिक शालाएं, 8947 आंगनबाड़ी केन्द्र खोले गए है। नियद नेल्लानार योजना में शामिल ग्रामों में आयुष्मान मंदिर बनाकर लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचायी  गई है। 3056 ग्रामों में मोबाईल नेटवर्क पहुचाया गया हैं। इसी तरह से 85 प्रतिशत बसाहटों में बारह मासी सड़कें बनायी गई है। मुख्यमंत्री बस सेवा योजना के अंतर्गत बस्तर संभाग के 50 मार्गों पर 52 बसों का संचालन किया जा रहा है। क्षेत्र के 425 गांवों में पहली बार बस सेवाएं प्रारंभ की गई है। बैठक में नियद नेल्लानार योजना 2.0 के संबंधी कार्ययोजना के बारे में अधिकारियों ने विस्तार से चर्चा की।  बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास की अपर मुख्य सचिव मती ऋर्चा शर्मा, सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग  भीम सिंह, आयुक्त मनरेगा  तारण प्रकाश सिन्हा सहित ग्रामीण विकास विभाग और अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए।

भीषण आंधी-बारिश से यूपी में भारी तबाही, योगी सरकार ने 24 घंटे में राहत राशि देने को कहा

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में खराब मौसम, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली ने भारी तबाही मचाई है। प्रदेश में पिछले 24 घंटे में आंधी-तूफान व आकाशीय बिजली गिरने से 111 लोगों की मौत हुई है, जबकि 72 लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा 170 पशुहानि और 227 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। दूसरी तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलों के प्रभारी मंत्रियों को प्रभावित परिवारों से मुलाकात करने और हालात का जायजा लेने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को 24 घंटे के भीतर प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने के भी निर्देश दिए हैं। राहत आयुक्त कार्यालय को खराब मौसम से प्रभावित 26 जिलों से भेजी रिपोर्ट के मुताबिक प्रयागराज में सबसे ज्यादा 21 लोगों की मौत हुई है। मीरजापुर में 19, संत रविदास नगर में 16 और फतेहपुर में 11 लोगों की जान गई। रायबरेली और उन्नाव में छह-छह लोगों की मौत दर्ज की गई है। वहीं बदायूं में पांच लोगों की मौत हुई है। प्रतापगढ़ में चार, सोनभद्र व सीतापुर में तीन-तीन और हरदोई, बहराइच, बरेली,चंदौली, कानपुर देहात व संभल में दो-दो लोगों की मौत हुई है। राहत आयुक्त कार्यालय की रिपोर्ट के अनुसार मीरजापुर में 18, फतेहपुर में 15 व संत रविदास नगर में 11 लोग घायल हुए हैं। वहीं कानपुर देहात में सर्वाधिक 33 पशुहानि हुई है, जबकि संत रविदास नगर में 29, रायबरेली में 24, प्रयागराज में 20 व मीरजापुर में 16 पशुहानि के मामले सामने आए हैं। सोनभद्र में सर्वाधिक 75 मकान क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। इसके अलावा मीरजापुर में 46, बरेली में 21, बदायूं व प्रयागराज में 16-16 और संत रविदास नगर व सीतापुर में 14-14 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंडलायुक्तों व जिलाधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत कार्य करने व 24 घंटे के भीतर मुआवजा जारी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों व अपर जिलाधिकारियों को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से निर्देश दिए हैं कि वे स्वयं प्रभावित परिवारों से मिलकर आवश्यक मदद उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि राहत आयुक्त कार्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम से निरंतर मानिटरिंग की जा रही है। मौसम विभाग द्वारा जारी खराब मौसम की चेतावनी के उपरान्त राहत आयुक्त कार्यालय स्थित कंट्रोल रूम द्वारा सचेत पोर्टल के माध्यम से आम जनमानस को 34.64 करोड़ रेड एवं आरेंज चेतावनी संदेश भेजे गये हैं। उन्होंने बताया कि राहत आपदा हेल्प लाइन नम्बर 1070 पर काल आते ही तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। राहत आयुक्त ने जिलाधिकारियों को जन प्रतिनिधियों के माध्यम से प्रभावित परिवारों को सहायता राशि का वितरण कराने का निर्देश दिया है। सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि राहत और बचाव कार्यों में पूरी गंभीरता बरती जाए। प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि बिजली, पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता के आधार पर सुचारु किया जाए। जनता की सुरक्षा और सहायता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जरूर कराएं पोस्टमार्टम आपदा से होने वाली मौतों के मामले में सरकार द्वारा चार लाख रुपये का मुआवजा दिया जाता है। मुआवजे की यह राशि पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के आधार पर दिए जाने की व्यवस्था है। इस व्यवस्था की जानकारी कई लोगों को न होने के कारण पोस्टमार्टम के बिना मृतकों का अंतिम संस्कार कर दिया जाता है, इससे संबंधित परिवारों को मुआवजे की राशि नहीं जारी की जाती है।  

मैट्रिमोनियल साइट से शुरू हुई शादी की कहानी, भोपाल में ट्विशा शर्मा की मौत ने खड़े किए कई सवाल

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के कटारा हिल्स थाना अंतर्गत बाग मुगालिया एक्सटेंशन में रहने वाली ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में तनाव बढ़ गया है. ट्विशा, सेवानिवृत्त न्यायाधीश गिरिबाला सिंह की बहू थीं. उनकी मौत के दूसरे दिन 14 मई को भी शव का अंतिम संस्कार नहीं हो सका है. अभी शव भोपाल एम्स के मुर्दाघर (मोर्चरी) में रखा हुआ है. इस बीच उत्तर प्रदेश के नोएडा से भोपाल पहुंचे ट्विशा के परिजनों ने महिला थाने के बाहर जमकर हंगामा किया और निष्पक्ष जांच की मांग की।  सास और पति पर हत्या के आरोप भोपाल की कटारा हिल्स पुलिस के अनुसार, मंगलवार रात ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. प्रारंभिक शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ट्विशा के शरीर पर कई चोटों (मल्टीपल इंजरी) का उल्लेख है, जबकि मौत का तात्कालिक कारण फांसी बताया गया है. ट्विशा के परिजनों ने उनकी सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह पर मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना देने और हत्या करने के आरोप लगाए हैं. मामले की जांच कटारा हिल्स थाना प्रभारी (TI) दुबे कर रहे हैं. परिजनों ने साक्ष्य मिटाने और पुलिस पर दबाव बनाने की आशंका जताते हुए पूरे मामले की फॉरेंसिक जांच की मांग की है।  मैट्रिमोनियल साइट के जरिए हुई थी शादी पुलिस जांच में सामने आया है कि 31 वर्षीय ट्विशा शर्मा मूल रूप से नोएडा की रहने वाली थीं. मैट्रिमोनियल साइट 'शादी डॉट कॉम' के माध्यम से उनकी जान-पहचान भोपाल के क्रिमिनल लॉयर समर्थ सिंह से हुई थी. दोनों ने 12 दिसंबर 2025 को विवाह किया था. शादी से पहले ट्विशा दिल्ली में नौकरी करती थीं. जांच में यह भी पता चला है कि दो माह पहले उनका गर्भपात (मिसकैरेज) हुआ था. पुलिस अब हर पहलू से इस मामले की तफ्तीश कर रही है।   ट्विशा शर्मा की आखिरी रात की दास्तां 12 मई 2026 ट्विशा की जिंदगी की आखिरी रात साबित हुई. उनके पिता नवनिधि शर्मा के अनुसार, मंगलवार रात करीब 10:05 बजे ट्विशा ने नोएडा में अपनी मां से फोन पर बात की थी. उसने बताया था कि उसे बहुत परेशान किया जा रहा है और अब उससे यह सब सहन नहीं हो रहा. वह बात कर ही रही थी कि तभी उसका पति कमरे में आ गया और ट्विशा ने घबराहट में कॉल काट दिया. इसके बाद मां ने उसे कई बार फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. रात 10:20 बजे सास गिरिबाला सिंह ने ट्विशा की मां को सूचना दी कि ट्विशा सांस नहीं ले रही है और उसे भोपाल एम्स ले जाया जा रहा है। 

मोबाइल मालिकों ने जताया पुलिस का आभार

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों में आमजन की संपत्ति की सुरक्षा एवं गुम/चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी हेतु लगातार कार्यवाहियां की जा रहीं हैं। आधुनिक तकनीक, CEIR पोर्टल, साइबर विश्लेषण एवं स्थानीय आसूचना के प्रभावी उपयोग से विगत दो सप्‍ताह में मध्‍यप्रदेश पुलिस ने प्रदेश के विभिन्‍न जिलों में 1021मोबाईल फोन जिनकी कीमत लगभग 2 करोड़ 26लाख रूपए से अधिक है, नागरिको को लौटाये है। मोबाइल मालिकों ने अपने गुम हुए मोबाइल वापस मिलने पर मध्‍यप्रदेश पुलिस का हार्दिक आभार व्‍यक्‍त किया। प्रमुख कार्यवाही ग्वालियर जिले में ‘’तेरा तुझको अर्पण’’अभियान के तहत ग्वालियर कीसाइबर सेल टीम द्वारा CEIR पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्यवाही करते हुए विभिन्न राज्यों एवं शहरों से 571 गुम मोबाइल फोन जब्‍त किए, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 1 करोड़ 41 लाख रूपये है। साथ ही लावारिस मिले मोबाइलों को स्वयं साइबर सेल में जमा कराने वाले जागरूक नागरिकों को पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया। सतना पुलिस द्वारा “ऑपरेशन रिंगटोन 2.0” के तहत CEIR पोर्टल की सहायता से 155 गुम मोबाइल फोन ट्रेस कर जब्‍त किए गए, जिनकी कीमत लगभग 29 लाख 31 हजार रूपये है। गुना पुलिस ने तकनीकी दक्षता एवं CEIR पोर्टल की सहायता से 64गुम मोबाइल फोन जब्‍त कर संबंधित धारकों को सुपुर्द किए हैं। जब्‍त मोबाइलों की अनुमानित कीमत लगभग 12 लाख 50 हजार रूपये है। जबलपुर जिले में साइबर सेल टीम द्वारा प्रभावी कार्यवाही करते हुए 106 गुम मोबाइल फोन (लगभग 18 लाख रूपए) जब्‍त किए गए। आगर मालवा पुलिस द्वारा “ऑपरेशन रिंगटोन” के तहत 81 गुम मोबाइल फोन जब्‍त कर उनके वास्तविक मालिकों को लौटाए गए। बरामद मोबाइलों की कुल कीमत 15 लाख रूपये से अधिक है। इस दौरान नागरिकों को साइबर सुरक्षा, डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड एवं यातायात नियमों के प्रति भी जागरूक किया गया। बुरहानपुर जिले के थाना लालबाग पुलिस ने मोबाइल शॉप में चोरी की घटना का खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्‍जे से एप्पल एवं अन्य कंपनियों के 3 मोबाइल फोन, 2 टैबलेट, 01 आईपोड एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरण सहित लगभग 3लाख 20 हजार रूपए से अधिक की संपत्ति जब्‍त की है। रेलवे पुलिस जीआरपी की विभिन्न इकाइयों द्वारा भी मोबाइल चोरी के मामलों में प्रभावी कार्यवाही की गई। जीआरपी कटनी ने शातिर मोबाइल चोर गिरोह का भंडाफोड़ कर 10 मोबाइल फोन सहित लगभग 3 लाख 20 हजार रूपये की संपत्ति जब्‍त की है। जीआरपी जबलपुर ने आरोपी से 67 हजार कीमत के 4 मोबाइल जप्त किए। वहीं जीआरपी-आरपीएफ उज्जैन ने मोबाइल चोरी का खुलासा कर आरोपी को गिरफ्तार करते हुए 18 मोबाइल फोन, जिनकी कीमत लगभग 1 लाख 88 हजार रूपये है, जब्‍त किए। विदिशा जिले की कोतवाली थाना पुलिस ने मोबाइल चोरी के मामले में त्वरित कार्यवाही करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर 1 लाख 50 हजार रूपए कीमत के चोरी हुए 6मोबाइल फोन जब्‍त किए। इन समस्त कार्यवाहियों में CEIR पोर्टल, सिटीजन कॉप एप एवं साइबर सेल की तकनीकी जांच का महत्वपूर्ण योगदान रहाहै। ऑनलाइन शिकायत प्रणाली के माध्यम से अब आमजन घर बैठे ही अपनी शिकायत दर्ज कर पा रहे हैं, जिससे समय कीबचत के साथ-साथ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो रही है। क्या है? CEIR पोर्टल सी.ई.आई.आर.पोर्टल- सीईआईआर (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) भारत सरकार दूरसंचार विभाग का पोर्टल है। CEIR-Sanchar Saathi की मदद से कोई भी व्यक्ति अपने चोरी अथवा गुम हुए मोबाइल का आईएमईआई नंबर ब्लांक कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं, जिसके उपरान्त पुलिस द्वारा इस पोर्टल के माध्यम से मोबाइल को आसानी से खोजा जा सकेगा।