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मध्यप्रदेश में जल्द निकलेगी 10 हजार पुलिस भर्ती, लेकिन एग्जाम कराने वाली संस्था तय नहीं

भोपाल भोपाल में 11 मई को केएफ रुस्तम जी सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस आरक्षकों सहित पुलिस में 10 हजार पदों पर शीघ्र भर्ती किए जाने की घोषणा की। हालांकि अभी यह तय नहीं है कि भर्ती कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) से होगी या पुलिस भर्ती बोर्ड से। पुलिस मुख्यालय भी भ्रम की स्थिति में है। मुख्यालय ने भर्ती का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। इसमें 1,041 पद उप निरीक्षक और सूबेदारों के भी हैं। भर्ती बोर्ड के गठन का प्रस्ताव अब भी लंबित भर्ती प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने के बाद चयन की प्रक्रिया प्रारंभ होनी है। पुलिस मुख्यालय के अधिकारी चाहते हैं कि इसके पहले भर्ती बोर्ड गठित हो जाए जिससे तेज गति से इन पदों पर भर्ती की जा सके। मुख्यमंत्री ने पिछले वर्ष अप्रैल में पुलिस मुख्यालय में एक बैठक के दौरान पुलिस भर्ती बोर्ड बनाने के लिए कहा था, जिससे भर्तियों में देरी नहीं हो। घोषणा के एक माह बाद पुलिस मुख्यालय ने शासन को प्रस्ताव भी भेज दिया था, पर तब से परीक्षण ही चल रहा है। गृह विभाग करेगा व्यवहार्यता का अध्ययन अब गृह विभाग के नए एसीएस संजय शुक्ला प्रस्ताव का परीक्षण करेंगे। इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) और विधि विभाग के साथ बैठक कर प्रस्ताव पर निर्णय लिया जाएगा। हालांकि, गृह विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बोर्ड बनाने के संबंध में व्यवहार्यता (फिजिबिलिटी) अध्ययन किया जा रहा है। शीघ्र ही गठन को लेकर निर्णय हो जाएगा। अन्य राज्यों की तर्ज पर तैयारी बता दें, मुख्यमंत्री ने प्रतिवर्ष 7500 पदों के मान से तीन वर्ष में 22,500 पदों पर भर्ती करने के लिए कहा है। ईएसबी में अन्य परीक्षाओं का दबाव होने के कारण कई बार लिखित परीक्षा आयोजित कराने में देरी होती है। इसी कारण पुलिस भर्ती बोर्ड बनाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा, गुजरात, आंध्र प्रदेश सहित 15 से अधिक राज्यों में पुलिस की भर्ती के लिए अलग भर्ती बोर्ड बने हुए हैं।  

मोबाइल मालिकों ने जताया पुलिस का आभार

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों में आमजन की संपत्ति की सुरक्षा एवं गुम/चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी हेतु लगातार कार्यवाहियां की जा रहीं हैं। आधुनिक तकनीक, CEIR पोर्टल, साइबर विश्लेषण एवं स्थानीय आसूचना के प्रभावी उपयोग से विगत दो सप्‍ताह में मध्‍यप्रदेश पुलिस ने प्रदेश के विभिन्‍न जिलों में 1021मोबाईल फोन जिनकी कीमत लगभग 2 करोड़ 26लाख रूपए से अधिक है, नागरिको को लौटाये है। मोबाइल मालिकों ने अपने गुम हुए मोबाइल वापस मिलने पर मध्‍यप्रदेश पुलिस का हार्दिक आभार व्‍यक्‍त किया। प्रमुख कार्यवाही ग्वालियर जिले में ‘’तेरा तुझको अर्पण’’अभियान के तहत ग्वालियर कीसाइबर सेल टीम द्वारा CEIR पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्यवाही करते हुए विभिन्न राज्यों एवं शहरों से 571 गुम मोबाइल फोन जब्‍त किए, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 1 करोड़ 41 लाख रूपये है। साथ ही लावारिस मिले मोबाइलों को स्वयं साइबर सेल में जमा कराने वाले जागरूक नागरिकों को पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया। सतना पुलिस द्वारा “ऑपरेशन रिंगटोन 2.0” के तहत CEIR पोर्टल की सहायता से 155 गुम मोबाइल फोन ट्रेस कर जब्‍त किए गए, जिनकी कीमत लगभग 29 लाख 31 हजार रूपये है। गुना पुलिस ने तकनीकी दक्षता एवं CEIR पोर्टल की सहायता से 64गुम मोबाइल फोन जब्‍त कर संबंधित धारकों को सुपुर्द किए हैं। जब्‍त मोबाइलों की अनुमानित कीमत लगभग 12 लाख 50 हजार रूपये है। जबलपुर जिले में साइबर सेल टीम द्वारा प्रभावी कार्यवाही करते हुए 106 गुम मोबाइल फोन (लगभग 18 लाख रूपए) जब्‍त किए गए। आगर मालवा पुलिस द्वारा “ऑपरेशन रिंगटोन” के तहत 81 गुम मोबाइल फोन जब्‍त कर उनके वास्तविक मालिकों को लौटाए गए। बरामद मोबाइलों की कुल कीमत 15 लाख रूपये से अधिक है। इस दौरान नागरिकों को साइबर सुरक्षा, डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड एवं यातायात नियमों के प्रति भी जागरूक किया गया। बुरहानपुर जिले के थाना लालबाग पुलिस ने मोबाइल शॉप में चोरी की घटना का खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्‍जे से एप्पल एवं अन्य कंपनियों के 3 मोबाइल फोन, 2 टैबलेट, 01 आईपोड एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरण सहित लगभग 3लाख 20 हजार रूपए से अधिक की संपत्ति जब्‍त की है। रेलवे पुलिस जीआरपी की विभिन्न इकाइयों द्वारा भी मोबाइल चोरी के मामलों में प्रभावी कार्यवाही की गई। जीआरपी कटनी ने शातिर मोबाइल चोर गिरोह का भंडाफोड़ कर 10 मोबाइल फोन सहित लगभग 3 लाख 20 हजार रूपये की संपत्ति जब्‍त की है। जीआरपी जबलपुर ने आरोपी से 67 हजार कीमत के 4 मोबाइल जप्त किए। वहीं जीआरपी-आरपीएफ उज्जैन ने मोबाइल चोरी का खुलासा कर आरोपी को गिरफ्तार करते हुए 18 मोबाइल फोन, जिनकी कीमत लगभग 1 लाख 88 हजार रूपये है, जब्‍त किए। विदिशा जिले की कोतवाली थाना पुलिस ने मोबाइल चोरी के मामले में त्वरित कार्यवाही करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर 1 लाख 50 हजार रूपए कीमत के चोरी हुए 6मोबाइल फोन जब्‍त किए। इन समस्त कार्यवाहियों में CEIR पोर्टल, सिटीजन कॉप एप एवं साइबर सेल की तकनीकी जांच का महत्वपूर्ण योगदान रहाहै। ऑनलाइन शिकायत प्रणाली के माध्यम से अब आमजन घर बैठे ही अपनी शिकायत दर्ज कर पा रहे हैं, जिससे समय कीबचत के साथ-साथ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो रही है। क्या है? CEIR पोर्टल सी.ई.आई.आर.पोर्टल- सीईआईआर (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) भारत सरकार दूरसंचार विभाग का पोर्टल है। CEIR-Sanchar Saathi की मदद से कोई भी व्यक्ति अपने चोरी अथवा गुम हुए मोबाइल का आईएमईआई नंबर ब्लांक कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं, जिसके उपरान्त पुलिस द्वारा इस पोर्टल के माध्यम से मोबाइल को आसानी से खोजा जा सकेगा।  

उज्जैन एवं भोपाल पुलिस ने ट्रैक्टर एवं चारपहिया वाहन धोखाधड़ी करने वाले गिरोहों का किया भंडाफोड़

भोपाल प्रदेश में संपत्ति संबंधी अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने हेतु चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत मध्यप्रदेश पुलिस को दो अलग-अलग प्रकरणों में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई है। उज्जैन एवं भोपाल पुलिस द्वारा संगठित धोखाधड़ी गिरोहों का भंडाफोड़ करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर 20 ट्रैक्टर, 1 एक्सयूव्ही , 02 बोलेरो एवं 02 इनोवा कार सहित लगभग 2 करोड़ 60 लाख रुपए से अधिक की संपत्ति जप्त की गई है। उज्जैन-ट्रैक्टर धोखाधड़ी गिरोह का पर्दाफाश, 20 ट्रैक्टर (कीमत 1 करोड़ 80 लाख रुपए) जप्त जिले के थाना भाटपचलाना पुलिस द्वारा किसानों के साथ ट्रैक्टर धोखाधड़ी करने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से लगभग 1 करोड़ 80 लाख रुपये मूल्य के 20 ट्रैक्टर जप्त किए गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना भाटपचलाना क्षेत्र में किसानों द्वारा ट्रैक्टर धोखाधड़ी एवं ट्रैक्टर वापस न करने की शिकायतें लगातार प्राप्त हो रही थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए अपराध पंजीबद्ध कर तत्काल विशेष टीम गठित कर विवेचना प्रारंभ की गई। 30 अप्रैल को तकनीकी साक्ष्यों एवं मुखबिर सूचना के आधार पर आरोपी रफीक पिता गनी मोहम्मद निवासी ग्राम माधीपुरा को गिरफ्तार किया गया। आरोपी के कब्जे से पुलिस ने उज्जैन, इंदौर, धार एवं रतलाम जिलों के विभिन्न क्षेत्रों से 1 करोड़ 80 लाख रुपये मूल्य के 20 ट्रैक्टर जप्त किए हैं। विवेचना के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आरोपी ग्रामीण क्षेत्रों के भोले-भाले किसानों को निशाना बनाकर उन्हें ट्रैक्टर पर अधिक मासिक किराया देने का लालच देता था। इस प्रलोभन में आकर किसान अपने ट्रैक्टर आरोपी को सौंप देते थे। आरोपी ट्रैक्टरों को अपने कब्जे में लेकर उन्हें अन्य जिलों के दूरस्थ क्षेत्रों में बेच देता या गिरवी रख देता था। वह न तो किसानों को कोई किराया देता था और न ही ट्रैक्टर वापस करता था। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी लगातार अपने मोबाइल नंबर बदलता रहता था तथा अपने निवास स्थान से भी फरार रहता था। भोपाल- चार पहिया वाहन धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़, 05 वाहन (कीमत 80 लाख) जप्त जिले के थाना अयोध्यानगर पुलिस ने किराए पर वाहन लगवाने का झांसा देकर चार पहिया वाहन बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया। प्रकरण में 01 आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 1 महिन्द्रा एक्सयूव्ही , 02 बुलेरो एवं 02 इनोवा कार सहित कुल 05 चार पहिया वाहन (कीमत लगभग 80 लाख रुपये) जप्त किए। प्राप्त जानकारी के अनुसार फरियादी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी द्वारा वाहन को एयरपोर्ट पर किराए से लगवाने का झांसा देकर अनुबंध के माध्यम से वाहन लिया गया तथा प्रारंभिक अवधि में किराया देने के बाद वाहन को भोपाल लाकर अन्य व्यक्तियों को सस्ते दामों पर बेच दिया गया। शिकायत पर अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना में सामने आया कि आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर टीकमगढ़, सागर एवं दमोह जैसे जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों के वाहन मालिकों को सरकारी विभाग में वाहन लगवाकर अधिक किराया देने का लालच देते थे। उसके बाद वाहनो को भोपाल लाकर गिरोह उन्हें मजबूरी बताकर कम कीमत में अन्य व्यक्तियों को बेच देते थे। गिरोह के अन्य आरोपियों की तलाश जारी है तथा प्रकरण में और भी वाहनों की बरामदगी की संभावना है। मध्यप्रदेश पुलिस आमजन, विशेषकर किसानों एवं वाहन मालिकों से अपील करती है कि किसी भी प्रकार के लालच या प्रलोभन में आकर अपनी संपत्ति अज्ञात व्यक्तियों को न सौंपें। वाहन किराए पर देने से पूर्व संबंधित व्यक्ति की पूर्ण जानकारी एवं सत्यापन अवश्य करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।  

मध्यप्रदेश पुलिस में आरक्षक (बैंड) के 679 पदों पर भर्ती हेतु आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाई

भोपाल.  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा पुलिस बैंड के अंतर्गत आरक्षक (बैंड) के कुल 679 पदों पर सीधी भर्ती वर्ष 2026 हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। यह भर्ती प्रक्रिया विशेष रूप से पुरुष अभ्यर्थियों के लिए आयोजित की जा रही है। उल्लेखनीय है कि पूर्व में आवेदन करने की अंतिम तिथि 19 अप्रैल 2026 निर्धारित थी, जिसे अब बढ़ाकर 30 अप्रैल 2026 कर दिया गया है। इच्छुक एवं पात्र पुरूषअभ्यर्थी अब दिनांक 30 अप्रैल 2026 तक एमपी ऑनलाइन की वेबसाईट https://iforms.mponline.gov.in पोर्टल के माध्यम से अपने आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। 

मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध मादक पदार्थों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही

भोपाल.  मध्यप्रदेश में मादक पदार्थों की अवैध तस्करी के विरुद्ध पुलिस द्वारा की जा रही सख्त कार्रवाई के तहत विभिन्न जिलों में उल्लेखनीय सफलताएं प्राप्त हुई हैं। अलग-अलग जिलों में की गई कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 1 करोड़ 37 लाख से अधिक के मादक पदार्थ एवं अन्य संपत्ति जप्त की हैं तथा तस्करी में संलिप्त आरोपियों को गिरफ्तार किया है। विदिशा: “ऑपरेशन क्लीन स्वीप” के अंतर्गत विदिशा पुलिस ने एक संगठित अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट के विरुद्ध प्रभावी संयुक्त कार्रवाई करते हुए 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान कुल 92.01 ग्राम ब्राउन शुगर (अनुमानित कीमत 9 लाख 15 हजार रूपए), चार वाहन (मर्सिडीज C-220, स्विफ्ट डिजायर, मारुति अर्टिगा, सुजुकी एक्सेस) एवं 1 हजार 20 रूपए नगद सहित लगभग 1 करोड़ रूपए से अधिक की संपत्ति जब्‍त की है। जांच में सामने आया कि यह गिरोह चार स्तरों में संगठित रूप से कार्य कर रहा था। किंगपिन (मुख्य सप्लायर): यह मुख्य स्रोत था, जो ब्राउन शुगर की थोक सप्लाई करता था। लोकल वितरक: ये थोक विक्रेता से माल उठाकर शहर में वितरित करते थे। डिलीवरी एजेंट: इनका कार्य माल को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाना और ग्राहकों से संपर्क करना था। लॉजिस्टिक टीम: ये माल की सुरक्षित आवाजाही के लिए वाहन और ड्राइविंग का प्रबंध करते थे। गिरोह राजस्थान से ब्राउन शुगर खरीदकर शहर में बेचते थे। गिरोह द्वारा फोन पे जैसे डिजिटल माध्यम एवं “डेड ड्रॉप” तकनीक के जरिए कॉन्टैक्टलेस डिलीवरी कर पुलिस से बचने का प्रयास किया जा रहा था। जबलपुर: क्राइम ब्रांच एवं थाना खितौला पुलिस की संयुक्त टीम ने अवैध मादक पदार्थों के विरूद्ध कार्रवाई करते हुए 03 आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से 20 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ गांजा (कीमत लगभग 10 लाख रूपए), 02 मोबाइल फोन, 700 रूपए नगद एवं एक टैंकर ट्रक जप्त किया है। आरोपियों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इंदौर: क्राइम ब्रांच इंदौर ने एमडी ड्रग्‍स के विरूद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 57.73 ग्राम अवैध मादक पदार्थ MD अंतरराष्ट्रीय कीमत लगभग 5 लाख 80 हजार रूपये एवं 01 मोबाइल फोन जप्त किया। इसी प्रकार थाना सदर बाजार पुलिस ने चैकिंग के दौरान MD ड्रग्‍स की तस्‍करी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार कर लाखो रुपये की 12.74 ग्राम एमडी जब्‍त की है। एक अन्य कार्यवाही में थाना तेजाजी नगर पुलिस ने कार्यवाही करते हुए 5.82 किलोग्राम गांजा एवं मोटरसाइकिल सहित 1 लाख 50 हजार की संपत्ति तथा पुलिस थाना छत्रीपुरा पुलिस ने आरोपिया से 3 किलो अवैध मादक पदार्थ (गांजा) जिसकी अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 1 लाख 50 हजार रूपए का जब्‍त किया है। मंदसौर: थाना शामगढ़ पुलिस द्वारा कार्रवाई करते हुए आरोपी के कब्जे से 86 किलोग्राम डोडाचूरा एवं एक कार सहित लगभग 7 लाख रूपए की संपत्ति जप्त की गई। उज्जैन: पंवासा थाना पुलिस एवं क्राइम टीम द्वारा संयुक्त कार्रवाई करते हुए महिला सहित 04 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से 55 ग्राम एमडीएमए ड्रग्स एवं घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल सहित कुल लगभग 3 लाख 50 हजार रूपए की संपत्ति जप्त की। भोपाल: थाना शाहजहाँनाबाद पुलिस ने मुखबिर की सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए एक मेडिकल संचालक को गिरफ्तार किया, जो बिना डॉक्टर पर्चे के नशीली दवा ऑनरेक्स का अवैध विक्रय कर रहा था। आरोपी के कब्जे से 211 शीशी ऑनरेक्‍स (कीमत लगभग 42 हजार 411 रूपए) जप्त की गई। एक अन्‍य कार्यवाही में क्राइम ब्रांच भोपाल द्वारा कार्रवाई करते हुए 1.630 किलोग्राम अवैध चरस जप्त कर 03 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से चरस, दोपहिया वाहन, मोबाइल फोन एवं इलेक्ट्रॉनिक तराजू सहित लगभग 7 लाख रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। खरगोन: थाना बलवाड़ा पुलिस द्वारा अवैध गांजा तस्करी के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 01 महिला आरोपी को गिरफ्तार किया गया। आरोपी के कब्जे से 05 किलो 240 ग्राम गांजा (कीमत लगभग 52 हजार 400 रूपए) जप्त किया गया। राजगढ़: जीरापुर पुलिस द्वारा कार्रवाई करते हुए 08.77 ग्राम स्मैक (कीमत लगभग 88 हजार रूपए) जप्त कर 02 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। सीधी: थाना बहरी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 15 ग्राम से अधिक स्मैक (कीमत लगभग 45 हजार रूपए) जप्त कर 03 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। साथ ही एक स्कूटी, इलेक्ट्रॉनिक तराजू एवं मोबाइल फोन भी जप्त किए गए। टीकमगढ़: थाना दिगौड़ा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 23 हजार रुपए कीमत का 20 किलोग्राम से अधिक अवैध गांजे के पौधे जप्त कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा मादक पदार्थों के विरुद्ध इस प्रकार की सख्त कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। आमजन से अपील है कि नशे से दूर रहें एवं किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।  

अब चाल-ढाल से भी होगी पहचान, विदिशा में अपराधियों का पूरा बायोमेट्रिक डेटा तैयार

विदिशा जिले में अब संगीन वारदातों को अंजाम देने वाले शातिर अपराधियों की खैर नहीं है। पुलिस विभाग अपराधियों पर नकेल कसने के लिए तकनीक का सहारा लेते हुए एक ऐसी डिजिटल कुंडली तैयार कर रहा है, जिससे बच पाना लगभग नामुमकिन होगा। इसके लिए विभाग द्वारा विशेष 'मेजरमेंट कलेक्शन यूनिट' का गठन किया गया है। यह यूनिट अपराधियों का बायोडाटा ठीक उसी तरह तैयार कर रही है, जैसे आम नागरिकों का आधार कार्ड बनाया जाता है। शुरुआती चरण में गंभीर अपराधों में संलिप्त, संपत्ति संबंधी अपराधी और कोर्ट में पेशी पर आने वाले बंदियों का संपूर्ण विवरण दर्ज करना शुरू कर दिया गया है। पुतलियों की स्कैनिंग और 'चाल' का भी होगा रिकॉर्ड पुलिस मुख्यालय से प्राप्त अत्याधुनिक उपकरणों के माध्यम से अब अपराधियों की पहचान के लिए केवल नाम-पता काफी नहीं होगा। मेजरमेंट कलेक्शन यूनिट में अपराधियों की सटीक ऊंचाई, चेहरे के चार अलग-अलग कोणों (एंगल्स) से लिए गए उच्च गुणवत्ता वाले फोटोग्राफ और पूरे शरीर की कद-काठी का रिकॉर्ड रखा जा रहा है। तकनीक का स्तर इतना सूक्ष्म है कि अपराधियों की आंखों की पुतलियों (आईरिस रेटिना) की स्कैनिंग भी की जा रही है। इसके अलावा, अपराधी के चलने का तरीका यानी उसकी 'चाल' (गैट एनालिसिस) को भी वीडियो के माध्यम से रिकॉर्ड किया जा रहा है, ताकि हुलिया बदलने पर भी उसे पहचाना जा सके। चौराहों पर लगे कैमरों से होगी लाइव ट्रैकिंग इस हाईटेक डाटा का सबसे बड़ा लाभ अपराधियों की धरपकड़ में मिलेगा। शहर के प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों को इस डाटाबेस से जोड़ा जाएगा। यदि कोई वांछित अपराधी फरार होता है, तो कैमरों में उसकी चाल-ढाल या चेहरे की हल्की सी झलक मिलते ही सिस्टम पुलिस को अलर्ट कर देगा। इतना ही नहीं, यदि अपराधी किसी स्थान पर अपने फिंगर प्रिंट का उपयोग करता है या किसी वारदात स्थल पर उसके निशान मिलते हैं, तो तत्काल उसकी कुंडली सामने आ जाएगी। निजता के अधिकार के चलते पुलिस ने विकसित किया अपना सिस्टम तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, अपराधियों का यह डाटा आधार के सर्वर से भी लिया जा सकता था, लेकिन 'राइट टू प्राइवेसी' (निजता के अधिकार) और कानूनी पेचिदगियों के चलते पुलिस विभाग आधार का डाटा साझा नहीं कर सकता। यही कारण है कि पुलिस विभाग अपना स्वतंत्र डिजिटल तंत्र विकसित कर रहा है। विदिशा जैसे जिलों से शुरू हुआ यह डाटा सीधे स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एसटीआरबी) और नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) से लिंक किया जा रहा है, जिससे अपराधी एक राज्य से दूसरे राज्य में भागकर भी अपनी पहचान नहीं छुपा पाएगा। हर थाने में लगेगी बायोमेट्रिक मशीन पुलिस की योजना इस व्यवस्था को भविष्य में प्रत्येक थाने तक विस्तार देने की है। वर्तमान में यह जिला मुख्यालय स्तर पर संचालित है, लेकिन आने वाले समय में हर थाने में फिंगर प्रिंट लेने वाली बायोमेट्रिक मशीनें और एचडी कैमरे लगाए जाएंगे। हालांकि, इसके लिए पर्याप्त तकनीकी स्टाफ की आवश्यकता होगी। स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित होते ही हर थाने में आने वाले संदिग्धों और अपराधियों का डाटा तत्काल पोर्टल पर अपलोड होने लगेगा। अपराधियों की प्रभावी मॉनिटरिंग और उनकी धरपकड़ को त्वरित बनाने के लिए मेजरमेंट कलेक्शन यूनिट बनाई गई है। इसमें आधुनिक उपकरण स्थापित किए जा चुके हैं। वर्तमान में गंभीर और संपत्ति संबंधी अपराधियों का डाटा जुटाया जा रहा है, जिसे नेशनल ग्रिड से जोड़ा जा रहा है। पर्याप्त स्टाफ मिलते ही यह व्यवस्था जिले के सभी थानों में अनिवार्य रूप से लागू की जाएगी। – रोहित काशवानी, एसपी, विदिशा।

MP पुलिस में बदलाव, वर्दी पहनकर सोशल मीडिया पर ‘हीरो’ बनने पर रोक, DGP ने जारी की नई SOP

भोपाल मध्य प्रदेश में अब पुलिसकर्मियों का वर्दी पहनकर सोशल मीडिया पर रील्स, वीडियो या फोटो डालकर ‘हीरो’ बनने का दौर खत्म हो गया है। पुलिस महानिदेशक (DGP) ने सख्त रुख अपनाते हुए नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी कर दी है, जिसके बाद वर्दी में कोई भी निजी कंटेंट सोशल मीडिया पर पोस्ट करना पूरी तरह बैन कर दिया गया है। नई SOP के अनुसार, पुलिस कर्मी फेसबुक, इंस्टाग्राम, X (ट्विटर), यूट्यूब या व्हाट्सएप पर वर्दी में रहते हुए केवल आधिकारिक कामों से जुड़े पोस्ट ही कर सकेंगे। निजी फोटोशूट, डांस रील्स, ड्यूटी के वीडियो, संवेदनशील जगहों की तस्वीरें या ऐसा कोई भी कंटेंट जो पुलिस विभाग की छवि को चोट पहुंचाए—अब सख्त रूप से प्रतिबंधित है। नई SOP के अहम नियम वर्दी में कोई भी फोटो, वीडियो, रील, स्टोरी पोस्ट करना पूरी तरह प्रतिबंधित। ड्यूटी से जुड़ी संवेदनशील जानकारी/फोटो शेयर करना वर्जित। विभाग की छवि, अनुशासन और जनता का विश्वास बनाए रखने पर जोर। केंद्रीय सिविल सेवा आचरण नियम और संबंधित पुलिस अधिनियमों का पालन अनिवार्य। नियम तोड़े तो होगी कड़ी कार्रवाई विभागीय जांच निलंबन वेतन वृद्धि रोकना पदावनति सेवा से बर्खास्तगी तक पुलिस मुख्यालय का कहना है कि हाल के समय में कुछ पुलिसकर्मी सोशल मीडिया पर वर्दी का दुरुपयोग कर अनचाही चर्चा बटोर रहे थे। इससे विभाग की गरिमा प्रभावित हो रही थी। नई SOP का उद्देश्य पुलिस की छवि को मजबूत करना और बल में अनुशासन कायम रखना है। अब देखने वाली बात यह है कि सोशल मीडिया पर ‘हीरो’ बनने के शौकीन पुलिसकर्मी इस नए नियम का कितनी ईमानदारी से पालन करते हैं।

MP पुलिस: राज्य सेवा के अफसरों को जल्द मिल सकता है आईपीएस अवार्ड

भोपाल  राज्य पुलिस सेवा के अफसरों को आइपीएस अवार्ड देने की प्रक्रिया एक बार फिर विवादों में घिर गई है। दो माह पहले 12 सितंबर को विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की हुई बैठक को निरस्त कर दिया गया है। अब 21 नवंबर को दोबारा यह बैठक आयोजित की जाएगी। यह पहला अवसर है जब राज्य पुलिस सेवा से आइपीएस अवार्ड के लिए हुई डीपीसी को निरस्त किया गया है। बता दें, 1997-98 बैच के 15 अफसरों के नामों पर विचार कर पैनल तैयार किया गया था। इनमें से पांच अधिकारियों को आइपीएस अवार्ड मिलना था। लेकिन डेढ़ माह तक आदेश की प्रतीक्षा के बाद अचानक डीपीसी को निरस्त कर दिए जाने से पूरे मामले पर सवाल खड़े हो गए हैं। इन 15 अफसरों के नाम पर होगा विचार आगामी बैठक 21 नवंबर को होगी। इसमें 15 अफसरों के नामों पर विचार होना है। इनमें सीताराम ससत्या, अमृत मीणा, विक्रांत मुराब, सुरेंद्र कुमार जैन, आशीष खरे, राजेश रघुवंशी, निमिषा पांडेय, राजेश कुमार मिश्रा, मलय जैन, अमित सक्सेना, मनीषा पाठक सोनी, सुमन गुर्जर, संदीप मिश्रा, सव्यसाची सर्राफ और समर शर्मा शामिल हैं। अब निगाहें दोबारा होने वाली डीपीसी में होने वाले निर्णय पर टिकी हुई है। दो नामों पर पेच सूत्रों के अनुसार, पैनल में शामिल दो अधिकारियों के मामलों पर पेच फंसा हुआ है। वरिष्ठता क्रम में पहले नंबर पर आने वाले सीताराम ससत्या के खिलाफ एक विभागीय जांच लंबित है, तो दूसरे नंबर की वरीयता वाले अमृत मीणा का जाति प्रमाण पत्र विवाद अदालत में विचाराधीन है। इन दोनों मामलों के चलते पैनल की विश्वसनीयता व पारदर्शिता को लेकर शंकाएं हैं। अब चर्चा है, पहली डीपीसी को निरस्त किया गया, तो अब दोबारा बैठक में मानक क्या होंगे।

मध्यप्रदेश में पुलिस अफसरों का बड़ा फेरबदल, जिले में 24 पदों पर बदलाव

ग्वालियर  मध्य प्रदेश पुलिस विभाग में शुक्रवार को बड़ा प्रशासनिक बदलाव हुआ है। एसएसपी धर्मवीर सिंह यादव ने ग्वालियर शहर और देहात के 24 निरीक्षकों, कार्यवाहक निरीक्षकों, उपनिरीक्षकों और कार्यवाहक उपनिरीक्षकों के तबादले किए हैं। लंबे समय से पुलिस लाइन में पदस्थ अधिकारियों को अब थानों की कमान सौंपी गई है। निरीक्षकों की नई जिम्मेदारी: आलोक सिंह परिहार — पड़ाव से बहोडापुर आसिफ मिर्जा बेग — ग्वालियर से बिजौली हितेन्द्र सिंह राठौर — भितरवार से साइबर क्राइम सुधीर सिंह कुशवाह — पुलिस लाइन से भितरवार शैलेन्द्र भार्गव — पुलिस लाइन से पड़ाव यशवंत गोयल — डबरा से महाराजपुरा कार्यवाहक निरीक्षकों को थानों की कमान: प्रशांत शर्मा — पुलिस लाइन से ग्वालियर जितेन्द्र सिंह तोमर — बहोडापुर से हजीरा पूरन शर्मा — यातायात थाना कंपू से घाटीगांव शिवराम सिंह कंसाना — साइबर क्राइम से तिघरा धर्मेन्द्र सिंह यादव — महाराजपुरा से डबरा उपनिरीक्षकों के तबादले: देवेन्द्र कुमार लोधी — करहिया से हस्तिनापुर अभिनव शर्मा — पुलिस लाइन से आरीन महेन्द्र प्रजापति — पुलिस लाइन से बेलगढ़ा नरेन्द्र सिसौदिया — मुरार से उटीला उपेन्द्र सिंह धाकड़ — सिरोल से गिजौरी संजू सिंह यादव — विश्वविद्यालय से करहिया अन्य तबादले: शिखा दंडौतिया — विश्वविद्यालय से चौकी प्रभारी बड़ागांव सतीश यादव — गिर्जीरा से मुरार शिवम सिंह राजावत — उटीला से क्राइम ब्रांच अजय सिंह सिकरवार — बेलगढ़ा से ग्वालियर दिनेश सिंह — बड़ागांव से विश्वविद्यालय थाना अतुल सिंह चौहान — आरोन से बहोडापुर राजकुमार सिंह राजावत — हस्तिनापुर से हजीरा इस फेरबदल के बाद ग्वालियर पुलिस के थानों में नई ऊर्जा के साथ व्यवस्था संभालने की उम्मीद जताई जा रही है।

मध्य प्रदेश पुलिस में बड़ी भर्ती, आरक्षक और उप निरीक्षक के 8,000 पदों के लिए आवेदन जल्द

भोपाल प्रदेश में पुलिस आरक्षक और उप निरीक्षक के पदों पर भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। पुलिस आरक्षकों के 7500 और उप निरीक्षकों के 500 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया इसी माह से प्रारंभ होने जा रही है। कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) ने इसकी तैयारी लगभग पूरी कर ली है। एक सप्ताह में विज्ञापन जारी करने की योजना है। ईएसबी की यह भी तैयारी है कि लिखित परीक्षा इसी वर्ष करवा ली जाए। बता दें, छह माह से भर्ती प्रक्रिया रोजगार कार्यालय में जीवित पंजीयन को लेकर निर्णय नहीं होने के कारण उलझी हुई थी। सरकार ने अन्य परीक्षाओं में पंजीयन की अनिवार्यता यथावत रखने का निर्णय लिया है, पर पुलिस भर्ती में पंजीयन को लेकर निर्णय पुलिस मुख्यालय पर छोड़ दिया था। मुख्यालय ने तय किया है कि पंजीयन जरूरी नहीं रहेगा। मंडल को भी इसकी नियमावली भेज दी गई है। बता दें, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने तीन वर्ष के भीतर आरक्षकों के 22,500 पदों पर भर्ती करने के लिए कहा है। इस वर्ष ईएसबी और आगे दो वर्षों में पुलिस भर्ती बोर्ड से परीक्षा कराई जाएगी। आरक्षक और उप निरीक्षकों के अतिरिक्त पुलिस मुख्यालय में लिपकीय संवर्ग के 500 पदों पर भी भर्ती की जानी है। मुख्यालय की तरफ से इसी वर्ष मार्च में इन संवर्गों में पदों पर भर्ती के लिए प्रस्ताव ईएसबी को भेजा गया था। इसी बीच सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका पर राज्यों को रोजगार कार्यालय में जीवित पंजीयन की अनिवार्यता पर पुनर्विचार करने के लिए कहा। इस संबंध में निर्णय लेने में सरकार को लगभग छह माह लग गए। अब भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ होती है तो लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षा पूरी कराने में ही कम से कम छह माह लगेंगे। उप निरीक्षकों की भर्ती में पहली बार साक्षात्कार को भी जोड़ा गया है। बता दें, उप निरीक्षकों की भर्ती सात वर्ष बाद हो रही है। इस बीच परीक्षा की तैयारी करने वाले लाखों युवक अधिकतम उम्र सीमा पार कर गए। इसमें इस बार से यह बदलाव भी किया गया है कि इसमें शारीरिक दक्षता परीक्षा के अंकों को जोड़कर प्रावीण्य सूची बनाई जाएगी।