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PM मोदी का वैश्विक संदेश: नया भारत सीमाओं में नहीं बंधता

द हेग

नरेंद्र मोदी ने नीदरलैंड के द हेग में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि आज का भारत अभूतपूर्व बदलाव के दौर से गुजर रहा है और उसकी आकांक्षाएं अब केवल अपनी सीमाओं तक सीमित नहीं रह गई हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब वैश्विक स्तर पर नेतृत्व की भूमिका निभाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

भारत अब बड़े सपने देख रहा है
करीब 40 मिनट के संबोधन में पीएम मोदी ने कहा, “आज भारत कह रहा है कि हमें केवल परिवर्तन नहीं चाहिए, हमें सर्वश्रेष्ठ चाहिए और सबसे तेज गति चाहिए। जब आकांक्षाएं असीमित होती हैं तो प्रयास भी असीमित हो जाते हैं।” उन्होंने कहा कि भारत अब ओलंपिक की मेजबानी करना चाहता है, वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनना चाहता है, हरित ऊर्जा में नेतृत्व करना चाहता है और दुनिया की विकास शक्ति बनना चाहता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल ही में भारत ने दुनिया के सबसे बड़े और सफल एआई शिखर सम्मेलन की मेजबानी की। इससे पहले G20 Summit का सफल आयोजन भी भारत की बढ़ती वैश्विक क्षमता का उदाहरण है।

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम  
उन्होंने बताया कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। पीएम मोदी ने कहा कि 2014 में भारत में केवल चार यूनिकॉर्न कंपनियां थीं, जबकि अब लगभग 125 सक्रिय यूनिकॉर्न कंपनियां काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय स्टार्टअप अब एआई, रक्षा, अंतरिक्ष और नवाचार के क्षेत्रों में उल्लेखनीय काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने हालिया विधानसभा चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत का लोकतंत्र लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में 80 से 90 प्रतिशत तक मतदान हुआ, जबकि महिलाओं की भागीदारी भी लगातार बढ़ रही है।

वैश्विक संकटों पर PM मोदी की चेतावनी
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने मौजूदा वैश्विक हालात पर भी गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि दुनिया इस समय युद्ध, आतंकवाद, आर्थिक अस्थिरता और भू-राजनीतिक तनावों के दौर से गुजर रही है। Vienna को “सिटी ऑफ पीस” बताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यदि दुनिया ने समय रहते हालात नहीं संभाले तो पिछले कई दशकों की उपलब्धियां व्यर्थ हो सकती हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि युद्ध किसी समस्या का स्थायी समाधान नहीं है और दुनिया को “विकास बनाम विनाश” के बीच चुनाव करना होगा।

विपक्ष पर कटाक्ष
प्रधानमंत्री ने हल्के अंदाज में विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने लोगों से पूछा कि क्या “झालमुड़ी” अब हेग तक पहुंच गई है। इसे राजनीतिक हलकों में विपक्षी दलों पर तंज के तौर पर देखा जा रहा है।  नीदरलैंड के ट्यूलिप फूल का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत कमल के लिए प्रसिद्ध है। उन्होंने कहा, ट्यूलिप और कमल दोनों हमें सिखाते हैं कि जड़ें चाहे पानी में हों या धरती में, सुंदरता और शक्ति दोनों प्राप्त की जा सकती हैं।” प्रधानमंत्री ने कहा कि India और Netherlands वैश्विक मंचों पर मिलकर काम कर सकते हैं। उन्होंने व्यापार, प्रौद्योगिकी, रक्षा और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

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