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मंच के पीछे चल रहा था शोषण का नेटवर्क! बेतिया में ऑर्केस्ट्रा ग्रुप पर रेड, 6 नाबालिग मुक्त

 बेतिया

बिहार के बेतिया जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां ऑर्केस्ट्रा की आड़ में कथित तौर पर चल रहे मानव तस्करी और नाबालिग लड़कियों के शोषण से जुड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है. जिले के योगापट्टी प्रखंड के शनिचरी थाना क्षेत्र स्थित बहुअरवा गांव में जिला प्रशासन, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) और चाइल्ड हेल्पलाइन की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर छह नाबालिग लड़कियों को रेस्क्यू किया है. मामले में ऑर्केस्ट्रा संचालक रामबाबू गुप्ता समेत करीब आधा दर्जन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। 

छापेमारी कर निकाली गई लड़कियां
बताया जा रहा है कि इस कार्रवाई की शुरुआत एक गोपनीय सूचना के आधार पर हुई. चाइल्ड हेल्पलाइन सेंटर के डिस्ट्रिक्ट कॉर्डिनेटर आलोक कुमार ने बताया कि पटना स्थित मुक्ति फाउंडेशन से इस मामले की जानकारी मिली थी. सूचना मिलने के बाद विभिन्न संस्थाओं और प्रशासनिक इकाइयों की मदद से एक विशेष टीम का गठन किया गया। 

इस टीम में प्रयास जैक संस्थान के डीसी पवन कुमार, सपोर्ट पर्सन शालिनी कुमारी और ग्राम नियोजन केंद्र नरकटियागंज के अरविंद कुमार पांडे समेत अन्य सदस्य शामिल थे. टीम ने स्थानीय प्रशासन और एएचटीयू के सहयोग से बहुअरवा गांव में छापेमारी की और वहां से लड़कियों को सुरक्षित बाहर निकाला। 

रोजगार के बहाने धंधे में ढकेला
रेस्क्यू की गई लड़कियों में पांच पश्चिम बंगाल और एक बिहार के सीतामढ़ी जिले की बताई जा रही है. प्रारंभिक पूछताछ में लड़कियों ने बताया कि उन्हें रोजगार दिलाने का झांसा देकर यहां बुलाया गया था. बाद में उन्हें कथित तौर पर जबरन गलत गतिविधियों में धकेला जाने लगा। 

गर्भवती मिली एक नाबालिग
रेस्क्यू अभियान में शामिल शालिनी कुमारी के मुताबिक, लड़कियां ऑर्केस्ट्रा संचालक और उसके सहयोगियों के साथ मिलीं. इस दौरान एक गर्भवती नाबालिग भी टीम को मिली, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। 

फिलहाल सभी लड़कियों को प्रशासनिक संरक्षण में रखा गया है और उनकी काउंसलिंग कराई जा रही है. पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और इस बात की जांच में जुटी है कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं. इस कार्रवाई के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई है और पूरे मामले को लेकर प्रशासन सतर्क नजर आ रहा है। 

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