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आज का राशिफल 19 मई 2026: किन राशियों को मिलेगा धन लाभ और किसे बरतनी होगी सावधानी

मेष राशि- दिन भागदौड़ वाला रह सकता है। काम समय पर पूरा करने का दबाव रहेगा लेकिन मेहनत का फायदा भी मिलेगा। ऑफिस में किसी पुराने काम की तारीफ हो सकती है। पैसों को लेकर थोड़ा संभलकर चलें। घर में किसी बात पर छोटी बहस हो सकती है, इसलिए गुस्से पर कंट्रोल रखें। शाम तक मन हल्का रहेगा। वृषभ राशि- आपका मूड अच्छा रहेगा। परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिल सकता है। रुका हुआ पैसा वापस मिलने की उम्मीद है। नौकरी करने वालों को नई जिम्मेदारी मिल सकती है। सेहत ठीक रहेगी लेकिन बाहर का ज्यादा खाना अवॉइड करें। प्रेम संबंधों में मिठास बनी रहेगी। मिथुन राशि- जल्दबाजी में कोई फैसला लेने से बचें। किसी दोस्त या करीबी की सलाह काम आ सकती है। ऑफिस में काम थोड़ा ज्यादा रहेगा लेकिन दिन निकल जाएगा। खर्च बढ़ सकते हैं इसलिए बजट का ध्यान रखें। पुराने लोगों से मुलाकात होने के योग हैं। कर्क राशि- मन थोड़ा भावुक रह सकता है। परिवार की किसी बात को लेकर चिंता हो सकती है लेकिन स्थिति धीरे-धीरे ठीक होगी। कामकाज में फायदा मिलने के संकेत हैं। छात्रों के लिए दिन अच्छा रहेगा। शाम को कहीं बाहर घूमने का प्लान बन सकता है। सिंह राशि- आत्मविश्वास अच्छा रहेगा। जिस काम को लंबे समय से टाल रहे थे, उसे पूरा करने का मौका मिलेगा। बिजनेस वालों को फायदा हो सकता है। किसी खास व्यक्ति से अच्छी खबर मिल सकती है। सेहत सामान्य रहेगी। कन्या राशि- दिन मिलाजुला रहेगा। ऑफिस में कुछ लोग आपके काम में कमी निकालने की कोशिश कर सकते हैं लेकिन परेशान होने की जरूरत नहीं है। धैर्य रखें। पैसों से जुड़ा कोई फैसला सोच-समझकर लें। परिवार का साथ मिलेगा। तुला राशि- किस्मत का साथ मिल सकता है। नौकरी और कारोबार दोनों में फायदा होने के योग हैं। नई योजना पर काम शुरू कर सकते हैं। दोस्तों के साथ समय अच्छा बीतेगा। शादीशुदा लोगों के रिश्ते में नजदीकी बढ़ेगी। वृश्चिक राशि- मेहनत ज्यादा करनी पड़ सकती है। काम का दबाव रहेगा लेकिन परिणाम आपके पक्ष में आ सकते हैं। किसी पुराने तनाव से राहत मिलने के संकेत हैं। पैसों के मामले में दिन ठीक रहेगा। सेहत पर थोड़ा ध्यान दें। धनु राशि- दिन आपके लिए अच्छा रहने वाला है। नई जगह से काम या अवसर मिल सकता है। यात्रा के योग बन रहे हैं। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। छात्रों को मेहनत का फायदा मिलेगा। प्रेम जीवन सामान्य रहेगा। मकर राशि- सोच-समझकर बोलने की जरूरत है। किसी बात को लेकर गलतफहमी हो सकती है। ऑफिस में सीनियर का सहयोग मिलेगा। पैसों की स्थिति पहले से बेहतर रहेगी। घर के किसी बड़े की सलाह आपके काम आ सकती है। कुंभ राशि- दिन सामान्य रहेगा। काम धीरे-धीरे पूरे होंगे। बिजनेस में नए लोगों से संपर्क बन सकता है। खर्च बढ़ सकते हैं लेकिन जरूरत की चीजों पर ही पैसा लगेगा। परिवार के साथ समय बिताने से अच्छा महसूस होगा। मीन राशि- आपका मन नई चीजें सीखने में लगेगा। नौकरी करने वालों को अच्छी खबर मिल सकती है। रुका हुआ काम आगे बढ़ेगा। परिवार का माहौल शांत रहेगा। सेहत में सुधार महसूस होगा। शाम के समय कोई अच्छी सूचना मिल सकती है।

इलेक्ट्रिक व्हीकल को बढ़ावा: केंद्र सरकार ने 4800 नए EV चार्जिंग स्टेशन को दी मंजूरी

लखनऊ पेट्रोल-डीजल, सीएनजी के महंगे होते जाने के बीच इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) वालों के लिए गुड न्यूज है। सफर के दौरान बैटरी खत्म होने का उनका तनाव कम करने की दिशा में केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश समेत आठ राज्यों में 4800 नए ईवी चार्जिंग स्टेशन लगाने की मंजूरी दे दी है। ये नए चार्जिंग स्टेशन हाईवे, एक्सप्रेसवे, पेट्रोल पंप और सार्वजनिक स्थानों पर लगाए जाएंगे। उत्तर प्रदेश को केंद्र सरकार ने 714 चार्जिंग स्टेशन दिया है और इसके लिए बजट भी जारी कर दिया गया है। इन्हें लगाने का काम अगले छह महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशनों के निर्माण के लिए पहले चरण में 500 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके साथ ही केंद्र ने अगले चरण के लिए भी राज्यों से प्रस्ताव मांगे हैं। यूपी में पहले से मौजूद चार्जिंग स्टेशन के जाल को इस चरण के पूरा होने के बाद बढ़ती मांग और लंबे सफर की जरूरतों के लिए हिसाब से मजबूती मिलेगी। केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम करने के साथ ही वाहनों के होने वाले प्रदूषण में कमी लाने के लिए इलेक्ट्रानिक वेहकिल (EV) को बढ़ावा देने की लगातार कोशिश कर रही है। लेकिन इस बदलाव में रेंज एंजाइटी यानी इलेक्ट्रानिक व्हीकल में सफर करने वालों का वह डर एक बड़ी बाधा है, जो उन्हें गाड़ी की बैटरी खत्म होने और बीच रास्ते में फंस जाने की आशंका के चलते डराता है। अब जब ईरान-अमरीका-इजराइल युद्ध के चलते दुनिया एक नए तरह के संकट से जूझ रही है, सरकार ने एक बार फिर ईवी को बढ़ावा देने की नीति पर जोर दिया है। इस नीति के तहत रास्तों पर पर्याप्त चार्जिंग पॉइंट की व्यवस्था करने की कोशिश प्रमुख है। इसी कोशिश के तहत केद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश समेत आठ राज्यों और पीएसयू को कुल 4800 नए चार्जिंग स्टेशन बनाने की मंजूरी दी। इनमें उत्तर प्रदेश में 714 चार्जिंग स्टेशन खुलेंगे। जिनके लिए 61.33 करोड़ रुपए स्वीकृ़त किए गए हैं। इसी तरह राजस्थान में 591 चार्जिंग स्टेशन खुलेंगे। 81.12 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। आंध्र प्रदेश में 577 चार्जिंग स्टेशन खुलेंगे। इनके लिए 39.79 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। गुजरात में 56 चार्जिंग स्टेशनों के लिए 1.74 करोड़ रुपए की धनराशि स्वीकृत की गई है। केरल में 335 चार्जिंग स्टेशनों के लिए 63.12 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। तेलंगाना में 169 चार्जिंग स्टेशनों के लिए 10.24 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। सबसे ज्यादा चार्जिंग स्टेशन कर्नाटक में बनेंगे। यहां 1243 चार्जिंग स्टेशनों के लिए 123.26 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। तमिलनाडु में 498 चार्जिंग स्टेशनों के लिए 34.61 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इस तरह कुल 4800 नए चार्जिं

फूटा चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड हाई के बाद कीमतों में भारी गिरावट

नई दिल्ली सोना-चांदी की कीमतों (Gold-Silver Rates) में गिरावट का सिलसिला जारी है. सप्ताह के पहले कारोबार दिन सोमवार को भी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर दोनों कीमती धातुओं के भाव गिर गए. चांदी, जो बीते दिनों सरकार के सोने-चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने के फैसले (Gold-Silver Import Duty Hike) के बाद रॉकेट की रफ्तार से भागते हुए 3 लाख के पार निकल गई थी, उसका बुलबुला अब फूटा हुआ नजर आ रहा है और हर रोज ये फिसल रही है. हाई लेवल से तुलना करें, तो 1 Kg Silver Price इसके हाई से 1.92 लाख रुपये से ज्यादा कम हो गया है।  न सिर्फ चांदी, बल्कि सोने की कीमत में भी ओपनिंग के साथ ही गिरावट देखने को मिली. हालांकि, कारोबार आगे बढ़ने के साथ ये रिकवरी करता हुआ भी नजर आया. आइए जानते हैं 10 ग्राम 24 कैरेट वायदा सोना खरीदने के लिए आपको कितना पैसा खर्च करना होगा।  चांदी की कीमत में गिरावट जारी सबसे पहले बात करते हैं चांदी के भाव में आई गिरावट के बारे में, तो बीते शुक्रवार को एमसीएक्स पर 3 जुलाई की एक्सपायरी वाली 1 किलो चांदी की कीमत तेज गिरावट लेकर 2,71,866 रुपये पर क्लोज हुई थी, लेकिन सोमवार को खुलने के साथ ही ये कीमती धातु फिसलकर 2,64,949 रुपये प्रति किलो पर आ गई. इस हिसाब से कैलकुलेशन करें, तो एक झटके में चांदी 6,917 रुपये प्रति किलो सस्ती हो गई।  वहीं कुछ दिनों से जारी गिरावट के बाद चांदी के भाव की तुलना इसके लाइफ टाइम हाई लेवल से करें, तो ये काफी सस्ती हो चुकी है. दरअसल, MCX Silver Price पर नजर डालें, तो इसने जनवरी महीने में पहली बार 4 लाख का ऐतिहासिक आंकड़ा पार करते हुए 4,57,328 रुपये का हाई छुआ था और ये स्तर छूने के बाद तेजी से क्रैश भी हुई थी. अब ताजा गिरावट से बाद ये इस लेवल से 1,92,379 रुपये प्रति किलो सस्ती मिल रही है।  सोना पहले फिसला, फिर रिकवरी बात सोने की कीमत के बारे में करें, तो ये कीमती पीली धातु खुलने के सात ही पहले धड़ाम नजर आई, लेकिन फिर इसमें गिरावट थमने लगी. दरअसल, बीते शुक्रवार को 5 जून की एक्सपायरी वाला सोना 1,58,547 रुपये प्रति 10 ग्राम पर क्लोज हुआ था, लेकिन सोमवार को खुलने के साथ ही ये 1000 रुपये सस्ता होकर 1,57,547 रुपये के लेवल पर आ गया. हालांकि, वायदा कारोबार शुरू होने के कुछ देर बाद इसमें रिकवरी भी देखने को मिली।   चांदी की तरह अगर सोने के ताजा भाव की तुलना इसके लाइफ टाइम हाई लेवल से करें, तो जनवरी में ही MCX Gold Rate भी पहली बार 2 लाख रुपये के पार निकला था और इसका हाई लेवल 2,02,984 रुपये है. जहां से गिरते हुए अब 10 Gram 24 Karat Gold Rate 1.57 लाख रुपये पर आ गया है. यानी सोना 45,437 रुपये प्रति 10 ग्राम तक सस्ता मिल रहा है। 

गर्मी की जगह बारिश और ठंडी हवाओं का असर, झारखंड में तापमान सामान्य से नीचे

रांची झारखंड में भी क्लाइमेट चेंज का प्रभाव साफ दिख रहा है. 1 मार्च से अब तक मौसम का असामान्य पैटर्न देखने को मिल रहा है. जिस मई महीने में तेज गर्मी पड़नी चाहिए थी, उस समय पांच जिलों को छोड़कर 19 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है. इससे तापमान सामान्य से कम बना हुआ है और लोगों को गर्मी का एहसास नहीं हो रहा है. मौसम विभाग के अनुसार, अप्रैल के शुरुआती दिनों में जबरदस्त गर्मी पड़ी थी और तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया था, लेकिन इसके बाद मौसम में बदलाव आ गया है. मई के महीने में दो-तीन जिलों को छोड़कर किसी भी जिले का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक नहीं रहा. राज्य में औसत तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया है. जिलों में बारिश का हाल 6 जिलों बोकारो, हजारीबाग, लातेहार, रामगढ़, रांची और सिमडेगा जिलों में सामान्य से 100 प्रतिशत से अधिक बारिश दर्ज की गई है. वहीं चतरा, गढ़वा, लोहरदगा और साहिबगंज में सामान्य से कम बारिश हुई है. मई के अंतिम सप्ताह तक बदला रहेगा मौसम मौसम केंद्र ने पूर्वानुमान जारी किया है कि मई महीने के अंतिम सप्ताह तक मौसम बदला रहेगा. 23 मई तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में तेज हवा, बारिश और गर्जन के साथ वज्रपात की संभावना बनी रहेगी. 19 और 20 मई को संताल परगना वाले इलाके के साथ-साथ मध्य झारखंड सहित राजधानी रांची और आसपास के इलाकों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है. मौसम विशेषज्ञ के अनुसार वरीय मौसम वैज्ञानिक (रांची केंद्र) अभिषेक आनंद के अनुसार, झारखंड में बदलता मौसम क्लाइमेट चेंज का असर है, हालांकि इसके पीछे कई अन्य कारण भी हैं. इसी वजह से पूरे राज्य में एक जैसा मौसम नहीं दिख रहा है. पहले बारिश सामान्य होती थी और उसमें खतरा कम रहता था, लेकिन अब तेज हवा, भारी बारिश और वज्रपात जैसी घटनाएं बढ़ गई हैं. सुबह में तेज धूप और गर्मी रह रही है. अभिषेक आनंद ने लोगों से अपील की है कि मौसम खराब होते ही सतर्क रहें, सुरक्षित स्थान पर चले जाएं और वज्रपात के दौरान मोबाइल या अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का इस्तेमाल करने तथा सेल्फी लेने जैसी गतिविधियों से बचें.

जयपुर में ‘अमृत महोत्सव उद्घोष’ के दौरान विधानसभा का नया प्रतीक चिह्न हुआ जारी

जयपुर राजस्थान विधानसभा ने अपने 75वें स्थापना वर्ष के ऐतिहासिक मौके पर अपनी एक नई और अनूठी पहचान दुनिया के सामने पेश की है। जयपुर में आयोजित 'अमृत महोत्सव उद्घोष' कार्यक्रम के दौरान विधानसभा के नवनिर्मित आधिकारिक प्रतीक चिह्न का विमोचन किया गया और साथ ही विधानसभा परिसर के विभिन्न ऐतिहासिक द्वारों का नामकरण भी किया गया। इस समारोह में राज्यपाल हरिभाऊ बागडे, विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी और संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। नए लोगो में खेजड़ी और ऊंट को मिला स्थान राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी की कल्पना से तैयार इस नए प्रतीक चिह्न में राजस्थान की समृद्ध संस्कृति, ऐतिहासिक विरासत और लोकतांत्रिक मूल्यों का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। नए लोगो में दो सबसे खास तत्वों को शामिल किया गया है, जो पूरे मरुस्थल का सम्मान हैं। राजस्थान के कल्पवृक्ष खेजड़ी को लोगो में किया शामिल राज्य वृक्ष 'खेजड़ी' कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी हरा-भरा रहने और जीवन को बनाए रखने की क्षमता का प्रतीक है। ग्रामीण जीवन और पर्यावरण संतुलन की रीढ़ माने जाने वाले इस वृक्ष को लोगो में शामिल कर राज्य की पर्यावरणीय विरासत को सलाम किया गया है। रेगिस्तान का जहाज ऊंट भी लोगो में शामिल राज्य पशु ऊंट मरुधरा की जीवटता, अटूट धैर्य और मजबूती से आगे बढ़ने के स्वभाव को दर्शाता है। यह राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान का सबसे मजबूत स्तंभ है। ऊंट सदियों से राजस्थान के शूरवीरों और राजा-महाराजाओं का न केवल युद्ध के मैदान में विश्वसनीय साथी रहा है, बल्कि मरुधरा के व्यापारिक कारवानों की मुख्य जीवनरेखा भी रहा है। बीकानेर रियासत के महाराजा गंगा सिंह ने विश्व प्रसिद्ध 'गंगा रिसाला' का गठन किया था, जिसने प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान वैश्विक स्तर पर अपनी बहादुरी का लोहा मनवाया। 1913 का इतिहास और नेहरू की 'डिस्कवरी ऑफ इंडिया' का जिक्र समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने राजस्थान की प्राचीन लोकतांत्रिक जड़ों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भारत में लोकतंत्र नया नहीं है। पंडित जवाहरलाल नेहरू की प्रसिद्ध किताब 'The Discovery of India' का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश में प्राचीन काल से ही लोकतांत्रिक परंपराएं मौजूद रही हैं। राज्यपाल ने एक बेहद दिलचस्प ऐतिहासिक तथ्य साझा करते हुए बताया कि आजादी से बहुत पहले, साल 1913 में ही बीकानेर रियासत में 'प्रतिनिधि सभा' हुआ करती थी, जहां बाकायदा बैलेट पेपर के जरिए मतदान कराया जाता था।

मेट्रो और डीटीसी बस में सफर कर सीएम का संदेश, Delhi Metro से ईंधन बचाने की अपील

नई दिल्ली  दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सरकार के ‘मेट्रो मंडे’ अभियान के तहत सोमवार को अपने दफ्तर जाने के लिए मेट्रो और डीटीसी बस में सफर किया। साथ ही उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों और अधिकारियों ने भी सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल किया। दिल्ली सरकार ने कब की थी इसकी घोषणा दिल्ली सरकार ने पेट्रोल-डीजल की बचत के लिए पिछले हफ्ते 90 दिवसीय ‘मेरा भारत मेरा योगदान’ अभियान की घोषणा की थी और कहा था कि हर सोमवार को मंत्री व अधिकारी ‘मेट्रो मंडे’ मनाएंगे और दफ्तर आने-जाने के लिए मेट्रो का इस्तेमाल करेंगे। इसी अभियान के तहत सोमवार को कई मंत्रियों और अधिकारियों ने दफ्तर पहुंचने के लिए मेट्रो का इस्तेमाल किया। सीएम ने आईटीओ तक मेट्रो में किया सफर एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, सीएम रेखा गुप्ता राज निवास मार्ग पर स्थित अपने सरकारी आवास ‘जन सेवा सदन’ से लोक निवास में उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू की अध्यक्षता में आयोजित बैठक के लिए पैदल पहुंचीं और इसके बाद मुख्यमंत्री ने इलेक्ट्रिक कार के माध्यम से कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन तक यात्रा की और वहां से आईटीओ मेट्रो स्टेशन तक दिल्ली मेट्रो सेवा का उपयोग किया। सीएम ने मेट्रो के बाद बस में किया सफर आईटीओ मेट्रो स्टेशन पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने दिल्ली सचिवालय स्थित अपने कार्यालय जाने के लिए डीटीसी की फीडर बस सेवा का उपयोग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ कैबिनेट मंत्री प्रवेश सिंह और रविन्द्र इंद्राज भी मौजूद थे। सीएम ने दिल्ली के लोगों से किया आग्रह सीएम रेखा गुप्ता ने आईटीओ मेट्रो स्टेशन पर पत्रकारों से कहा, “मैं दिल्ली के सभी निवासियों से सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने का आग्रह करती हूं जिससे न केवल ईंधन की बचत होगी बल्कि प्रदूषण और यातायात जाम से निपटने में भी मदद मिलेगी। दिल्ली सरकार सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने और अंतिम छोर तक ‘कनेक्टिविटी’ की समस्याओं को दूर करने के लिए काम कर रही है।” मेट्रो मंडे पहल पर बोलीं सीएम रेखा गुप्ता मुख्यमंत्री ने कहा, “‘मेट्रो मंडे’ के अंतर्गत जो आह्वान किया गया था, उसके तहत मैं, मेरे सभी साथी मंत्री, विधायक और अधिकारियों ने प्रयास किया है कि आज मेट्रो या सार्वजनिक परिवहन का अधिक से अधिक उपयोग किया जाए। इसी क्रम में आज हम भी मेट्रो से यहां पहुंचे हैं। यह देखकर प्रसन्नता हो रही है कि दिल्ली के बहुत सारे लोगों ने भी आज मेट्रो के माध्यम से यात्रा करने का निर्णय लिया है।” मंत्रियों ने मेट्रो में किया सफर उनके अलावा मंत्री आशीष सूद, मनजिंदर सिंह सिरसा, कपिल मिश्रा और पंकज सिंह ने भी अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए मेट्रो का इस्तेमाल किया। परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने 'मेट्रो मंडे' के तहत दिल्ली मेट्रो से रामकृष्ण आश्रम मार्ग स्टेशन तक यात्रा की।  

40 डिग्री से अधिक तापमान में भी कलेसर बना वन्य जीवों का ठिकाना, पानी में ठंडक ढूंढ रहे हाथी

 छछरौली भीषण गर्मी के बीच कलेसर नेशनल पार्क वन्य जीवों के लिए राहत का बड़ा केंद्र बना हुआ है। 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान के बीच जंगल में हाथियों के झुंड तालाबों और कीचड़ में घंटों अठखेलियां करते नजर आ रहे हैं। घने पेड़ों की छाया और प्राकृतिक जल स्रोतों के कारण कलेसर का वातावरण मैदानी क्षेत्रों की तुलना में ठंडा बना हुआ है। वन विभाग के अनुसार यहां का तापमान आसपास के इलाकों से करीब पांच डिग्री तक कम रहता है। हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सीमाओं से सटा कलेसर नेशनल पार्क करीब 25 हजार एकड़ क्षेत्र में फैला है। घने जंगल और हरियाली से भरपूर यह क्षेत्र हाथियों, तेंदुओं, हिरणों और कई अन्य वन्य जीवों का सुरक्षित आश्रय माना जाता है। जंगल में शाकाहारी जीवों के लिए हरी घास और वनस्पति पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है, जबकि मांसाहारी जीवों को भी यहां आसानी से शिकार मिल जाता है। जंगल में कई छायादार वृक्ष मौजूद जंगल में देवदार, शीशम, खैर, नीम, पीपल, बरगद और सागवान जैसे बड़े छायादार वृक्ष मौजूद हैं। लाल तालाब, बरसाती नदियां और प्राकृतिक पोखर गर्मी में वन्य जीवों के लिए सहारा बने हुए हैं। जानवर दिनभर यहां पानी पीने और शरीर को ठंडा रखने पहुंचते हैं। गर्मी के दिनों में हाथियों की गतिविधियां सबसे ज्यादा आकर्षित कर रही हैं। हाथी पानी में लंबे समय तक रहने के साथ अपने शरीर पर कीचड़ भी लगाते हैं। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार कीचड़ हाथियों को गर्मी और कीड़ों से बचाने में मदद करती है। कलेसर के पास स्थित हाथी पुनर्वास केंद्र में भी इन दिनों विशेष प्रबंध किए गए हैं। यहां लक्ष्मी वन, लक्ष्मी टू और चंचल नामक मादा हाथी दिनभर तालाबों में समय बिताकर गर्मी से राहत पा रही हैं। हाथियों को गन्ना, तरबूज, केला, ज्वार और शक्कर का शर्बत दिया जा रहा है ताकि उनके शरीर में पानी और ऊर्जा की कमी न हो। विभाग के कर्मचारी लगातार उनके स्वास्थ्य पर नजर रख रहे हैं। जंगल क्षेत्र में करीब 50 तेंदुओं की मौजूदगी भी बताई जाती है। कई बार तेंदुए जंगल से सटे खेतों और आबादी वाले इलाकों तक पहुंच जाते हैं। इसके चलते ग्रामीण क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ानी पड़ती है। वहीं गर्मी बढ़ने पर विशालकाय अजगर भी यमुना नदी के किनारे मैदानी क्षेत्रों तक दिखाई देने लगते हैं। कलेसर पक्षियों और छोटे जीव-जंतुओं का भी बड़ा आवास है। यहां मोर, तीतर, जंगली मुर्गा, तोता, मैना और सारस जैसे पक्षी बड़ी संख्या में दिखाई देते हैं। जंगल के बाहरी हिस्सों में बंदर और भीतर के क्षेत्रों में लंगूरों के समूह देखे जा सकते हैं। वातावरण वन्य जीवों के लिए काफी सहायक वन एवं वन्य प्राणी विभाग के निरीक्षक लीलू राम ने बताया कि गर्मी के मौसम में जंगल के जल स्रोत और ठंडा वातावरण वन्य जीवों के लिए काफी सहायक साबित हो रहे हैं। कलेसर का प्राकृतिक ढांचा वन्य जीवन को सुरक्षित बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।  

यात्रियों को बड़ा तोहफा, जनजाति दिवस पर रेलवे ने शुरू की 3 विशेष ट्रेनें

चक्रधरपुर/रांची. जनजाति दिवस के मौके पर दक्षिण पूर्व रेलवे ने चक्रधरपुर रेलमंडल के टाटानगर से आनंद विहार, रांची से दिल्ली और हावड़ा से नई दिल्ली के बीच 22 और 23 मई को तीन स्पेशल ट्रेनें चलाने की घोषणा कर दी है। इन स्पेशल ट्रेनाें के चलने से झारखंड, बंगाल के लोगों को फायदा होगा। जनजाति दिवस के अवसर पर यात्रियों की होने वाली अतिरिक्त भीड़ कम होगी और यात्रियों को कंफर्म सीट मिलेगी। टाटानगर-आनंद विहार स्पेशल 23 मई को चलेगी ट्रेन नंबर 08183 टाटानगर-आनंद विहार स्पेशल 23 मई की रात 12:30 बजे टाटानगर से प्रस्थान करेगी और अगले दिन अहले सुबह 03:30 बजे आनंद विहार स्टेशन पहुंचेगी। वापसी की दिशा में, ट्रेन नंबर 08184 आनंद विहार-टाटानगर स्पेशल 25 मई की रात 01:45 बजे आनंद विहार स्टेशन से रवाना होगी और दूसरे दिन रात 12:15 बजे टाटानगर पहुंचेगी। इस ट्रेन का ठहराव दक्षिण पूर्व रेलवे के क्षेत्राधिकार में आने वाले मुरी और बोकारो स्टील सिटी स्टेशनों पर होगा। रांची-दिल्ली स्पेशल 23 मई को चलेगी ट्रेन नंबर 08639 रांची-दिल्ली स्पेशल 23 मई की सुबह 03:30 बजे रांची से खुलेगी और दूसरे दिन अहले सुबह 03:30 बजे दिल्ली पहुंचेगी। वहीं, वापसी के दौरान, ट्रेन नंबर 08640 दिल्ली-रांची स्पेशल 25 मई की रात 01:25 बजे दिल्ली से चलेगी और उसी दिन रात 11:15 बजे रांची पहुंचेगी। इस ट्रेन का ठहराव दक्षिण पूर्व रेलवे के क्षेत्राधिकार में आने वाले लोहरदगा स्टेशन पर होगा। हावड़ा-नई दिल्ली स्पेशल 23 मई को चलेगी ट्रेन नंबर 08057 हावड़ा-नई दिल्ली स्पेशल 22 मई की शाम 05:15 बजे हावड़ा से प्रस्थान करेगी और तीसरे दिन रात 12:10 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। वापसी में, ट्रेन नंबर 08058 नई दिल्ली-हावड़ा स्पेशल 25 मई की अहले सुबह 02:15 बजे नई दिल्ली से रवाना होगी और दूसरे दिन सुबह 04:15 बजे हावड़ा स्टेशन पहुंचेगी। इस ट्रेन का ठहराव दक्षिण पूर्व रेलवे के क्षेत्राधिकार में आने वाले खड़गपुर, बांकुड़ा, आद्रा, भोजुडीह और महुदा स्टेशनों पर होगा।

फौलादी इरादों वाले पूर्व नेवी अधिकारी, उम्र 84 लेकिन सफाई अभियान में जवानों जैसा जोश

मोहाली. समाज में बदलाव लाने के लिए उम्र नहीं, बल्कि मजबूत इरादों की जरूरत होती है। मोहाली के फेज-2 निवासी बीएस संधू अपनी जिंदगी से इस बात को साबित कर रहे हैं। 84 वर्ष की उम्र में भी उनका सेवा भाव युवाओं के लिए मिसाल बना हुआ है। एक समय देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले संधू अब शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के मिशन में जुटे हैं। नेवी से सेवानिवृत्त बीएस संधू वर्ष 1971 के भारत पाक युद्ध के वीर सैनिक रह चुके हैं। उस दौर में उन्होंने देश की रक्षा के लिए मोर्चा संभाला और अब रिटायरमेंट के बाद नागरिक जीवन में समाजसेवा को अपना लक्ष्य बना लिया है। पिछले चार से पांच वर्षों से वह लगातार मोहाली के पार्कों को स्वच्छ और सुंदर बनाने के मिशन में जुटे हैं। उनकी यह छोटी सी पहल अब एक बड़े संदेश का रूप ले चुकी है। संधू न केवल अपने नियमित पार्क की सफाई करते हैं, बल्कि आसपास के अन्य पार्कों और सार्वजनिक स्थानों पर भी समय-समय पर सफाई अभियान चलाते हैं। हर सुबह थैला लेकर करते हैं पार्क की सफाई हर सुबह जब अधिकांश लोग पार्क में केवल टहलने या व्यायाम के लिए पहुंचते हैं, तब संधू जी अपने साथ एक थैला लेकर निकलते हैं। उनकी नजर पार्क में फैली गंदगी पर रहती है। रास्ते में जहां भी पन्नियां, प्लास्टिक की बोतलें, कागज या अन्य कूड़ा-कचरा दिखाई देता है, वह उसे खुद उठाकर थैले में जमा करते हैं। इसके बाद कूड़े को सही स्थान पर डालते हैं, ताकि पार्क साफ-सुथरा बना रहे। और अनुशासन देखकर स्थानीय लोग भी प्रभावित हो रहे हैं और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ रही है। बीएस संधू का कहना है कि अगर हर नागरिक घर के बाहर और आसपास की सफाई की जिम्मेदारी खुद उठाए, तो पूरा शहर साफ और सुंदर बन सकता है। पार्क में गंदगी देखकर होती है चिंता: बीएस संधू बीएस संधू बताते हैं कि पहले वह अपने 5 से 7 दोस्तों के साथ रोजाना सैर करने आते थे। लेकिन धीरे-धीरे पार्कों में बढ़ती गंदगी देखकर उन्हें चिंता होने लगी। उन्होंने महसूस किया कि अगर हर कोई सिर्फ शिकायत करता रहेगा और सफाई के लिए किसी दूसरे का इंतजार करेगा, तो हालात नहीं बदलेंगे। इसी सोच के साथ उन्होंने खुद सफाई की शुरुआत की। उनकी कहानी यह साबित करती है कि देश सेवा केवल सीमा पर जाकर ही नहीं होती, बल्कि समाज को बेहतर बनाने का हर प्रयास भी सच्ची सेवा है।