samacharsecretary.com

मध्य प्रदेश को मिलेगी नई रेल रफ्तार, इंदौर-बुधनी लाइन परियोजना से सफर होगा आसान

भोपाल 

इंदौर-बुधनी रेल परियोजना में मांगलिया रेलवे स्टेशन को बड़े जंक्शन के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां एक ओर यात्री सुविधाओं के विस्तार का काम तेज रफ्तार से चल रहा है तो दूसरी ओर माल ढुलाई क्षमता बढ़ाने पर भी फोकस किया गया। पत्रिका न्यूज टुडे की टीम ने मौके पर काम का जायजा लेकर हकीकत जानी। स्टेशन परिसर में कई निर्माण कार्य तेजी से होते नजर आए तो कई काम अधूरे दिखाई दिए। वर्तमान में यात्रियों को मूलभूत सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है जो भविष्य में बड़ी सुविधा बन सकती है।

टीम जब स्टेशन पहुंची तो प्लेटफॉर्म और बीच के हिस्से का निर्माण काफी हद तक पूरा नजर आया। नया एफओबी (फुट ओवर ब्रिज) भी लगभग तैयार हो चुका है। हालांकि स्टेशन परिसर में बनने वाला यात्री और गुड्स शेड अभी अधूरा है। लोहे का स्ट्रक्चर खड़ा कर दिया गया है, लेकिन उस पर छत नहीं डाली गई है। गर्मी के मौसम में यात्री खुले में ट्रेनों का इंतजार करने को मजबूर हैं।

पेट्रोलियम और सोयाबीन सप्लाई के लिए हब
स्टेशन के दोनों ओर नए गुड्स शेड बनाए जा रहे हैं ताकि माल ढुलाई का दबाव संभाला जा सके। यहां पेट्रोलियम डिपो और सोयाबीन बायप्रोड क्ट्स की सह्रश्वलाई के लिए माल परिवहन सुविधा को मजबूत किया जा रहा है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार मांगलिया आने वाले समय में माल ढुलाई का बड़ा केंद्र बन सकता है। इसके लिए ट्रैक कनेक्टिविटी और लोडिंग सुविधाओं को बढ़ाया जा रहा है।

10 नए क्रॉसिंग और 7 हाल्ट
इंदौर के इस रेल मार्ग पर 10 नए क्रॉसिंग और 7 नए हाल्ट स्टेशन विकसित किए जा रहे हैं। वहीं आगे एक फ्लाईओवर भी बनाया जाना है, जिसके लिए पिलर निर्माण का काम शुरू हो चुका है। स्टेशन परिसर में बनने वाले कुछ कमरों का निर्माण अभी अधूरा है। कुल मिलाकर मांगलिया स्टेशन पर काम तेजी से चल रहा है, लेकिन यात्रियों को पूरी सुविधाएं मिलने में अभी समय लगेगा।

इंदौर-बुधनी रेल लाइन पर जारी अर्थवर्क
इंदौर-बुधनी रेल लाइन पर भी काम तेजी से जारी है। स्टेशन के आगे रेलवे क्रॉसिंग के पास नई लाइन डालने के लिए अर्थवर्क किया जा रहा है। मौके पर बड़ी मशीनों से मिट्टी भराई और जमीन समतल करने का काम चलता मिला। कई स्थानों पर गड्ढे खोदकर बेस मजबूत किया जा रहा है। रेलवे स्लीपर भी साइट पर पहुंच चुके हैं और ट्रैक बिछाने की तैयारी शुरू हो गई है। हालांकि अभी कुछ स्थानों पर किसानों के विरोध के कारण बीच-बीच में काम अटका हुआ है, आगे देवास जिले में भी काम चल रहा है।

ये भी जानें- पहले कैसा था रूट
    अभी इंदौर से भोपाल या जबलपुर जाने के लिए ट्रेनों को उज्जैन और सीहोर के साथ ही संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) होकर जाना पड़ताहै। ऐसे में इस घुमावदार रास्ते की दूरी भी बढ़ जाती है।

    वहीं उज्जैन-भोपाल रूट पहले से ही दिल्ली – मुंबई और अन्य रूट की ट्रेनों के कारण बेहद व्यस्त रहता है, इससे गाड़ियां लेट होती हैं। इससे ट्रेन के संचालन में कम से कम 20-30 मिनट का समय बर्बाद होता था।

अब क्या बदलेगा, कैसे बचेंगे 2 घंटे
    इंदौर-बुधनी प्रोजेक्ट यानी नई रेल लाइन करीब 204 किमी लंबी है। इसके बनने से इंदौर सीधे भोपाल-जबलपुर की मुख्य रेल लाइन से जुड़ेगा।

    इंदौर बुधनी और आगे भोपाल या जबलपुर जाने की दूरी 45 किमी तक कम हो जाएगी। इसके बाद सीधे-सीधे 2 घंटे का सफर कम किया जा सकेगा।

    मांगलिया को महा जंक्शन बनाया जाना है। यानी ये अब छोटा स्टेशन नहीं रहेगा। बल्कि मालवा और महाकौशल को जोड़ने एक विशाल बिजनेस और लॉजिस्टिक हब बन जाएगा। यहां से पेट्रोलियम और सोयाबीन सप्लाई पूरे देशभर में तेजी से की जा सकेगी।

    10 नए क्रॉसिंग और 7 हाल्ट बनने से ग्रामीण इलाकों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। स्थानीय व्यापार को पंख लग जाएंगे

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here