चंडीगढ़.
चंडीगढ़. पिछले 4 दिनों से रोजाना बढ़ रहा तापमान अब लोगों के लिए परेशानी बन गया है। लगातार बढ़ रहा तापमान बुधवार को मई महीने में चंडीगढ़ में 5वां सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया। चंडीगढ़ में पारा 44 डिग्री को पार कर 44.4 डिग्री पर पहुंच गया।
सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक लू ने लोगों से घरों, ऑफिस और दुकानों से बाहर निकलने से बचने की अपील की है। दोपहर ही नहीं, रात में भी गर्मी का असर महसूस हो रहा है, क्योंकि पारा 25 डिग्री से नीचे नहीं जाने वाला है। मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले दिनों में भी राहत नहीं मिलने वाली है क्योंकि तापमान लगातार बढ़ता रहेगा।
सुबह 10 बजे ही 40 डिग्री, 3 घंटे तक 43 से ऊपर तापमान
बुधवार को सुबह 10 बजे ही तापमान 40 डिग्री को पार कर गया था। दोपहर 1 बजे तापमान 43 डिग्री को पार कर गया और दोपहर 2:45 बजे तापमान 44.4 डिग्री तक पहुंच गया। शाम 4 बजे के बाद ही पारा 43 डिग्री से नीचे गिरने लगा।
जानें आने वाले दिनों में कैसे रहेंगे हालात
19 मई- फाजिल्का, मुक्तसर, फरीदकोट, बठिंडा और मानसा जिलों में लू का यलो अलर्ट रहेगा। इन जिलों में दिन के समय तेज गर्म हवाएं चलने की संभावना है।
20 मई- लू का असर और बढ़ सकता है। इस दिन अमृतसर, तरनतारन, गुरदासपुर, फिरोजपुर, फाजिल्का, मुक्तसर, फरीदकोट, मोगा, बठिंडा, मानसा, बरनाला, संगरूर, लुधियाना, जालंधर, कपूरथला, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर, मोहाली और पटियाला सहित अधिकांश जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है।
21 मई- पंजाब के ज्यादातर हिस्सों में गर्म हवाओं का असर बना रहेगा। अमृतसर, गुरदासपुर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर, मोहाली, पटियाला, लुधियाना, मोगा, बठिंडा, मानसा, संगरूर, फिरोजपुर, फरीदकोट और फाजिल्का जिलों में लू का यलो अलर्ट रहेगा।
22 मई- राहत मिलने के आसार कम दिखाई दे रहे हैं। मौसम विभाग ने राज्य के अधिकतर जिलों में लू की स्थिति बने रहने की संभावना जताई है। खासकर सीमावर्ती और मालवा क्षेत्र के जिलों में गर्मी ज्यादा परेशान कर सकती है।
लू से रखें खुद का ध्यान
विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और बच्चों तथा बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। लगातार बढ़ते तापमान के कारण बिजली की मांग और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ने लगी हैं। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना बेहद कम है।





