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नई नीति लाएगी क्रांति, एकीकृत मत्स्योद्योग नीति के साथ दोगुना होगा मत्स्योत्पादन: राज्यमंत्री पंवार

भोपाल प्रदेश में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए शुक्रवार को भोपाल में 'हितधारक सम्मेलन' का आयोजन होगा। मछुआ कल्याण और मत्स्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  नारायण सिंह पंवार ने कहा कि मछली पालन और उससे जुड़े उद्योगों को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए मध्यप्रदेश में 'एकीकृत मत्स्योद्योग नीति 2026' लागू की गई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हमारी सरकार और विभाग का मुख्य लक्ष्य आगामी वर्षों में मत्स्य उत्पादन और इससे जुड़े व्यापार को दोगुना करना है। इसी लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रदेश में 'हितग्राही मॉडल' और 'उद्यमी मॉडल' को प्रमुखता से लागू किया जाएगा। राज्यमंत्री  पंवार ने जोर देते हुए कहा कि प्रदेश के मत्स्योद्योग में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने के लिए निवेशकों को आमंत्रित किया जा रहा है। इससे न केवल राज्य में नया निवेश आएगा बल्कि युवाओं और मछुआ समुदाय के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में लागू की गई यह नीति प्रदेश के मत्स्य पालन क्षेत्र में एक नई क्रांति लेकर आएगी। हमारा प्रमुख लक्ष्य स्थानीय मछुआरों को सीधा लाभ पहुँचाना है। इसके लिए 'हितग्राही मॉडल' और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए 'उद्यमी मॉडल' पर काम किया जा रहा है। मंत्री  पंवार ने बताया कि पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ 'केज कल्चर' जैसी वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाया जा रहा है। जलाशयों में आधुनिक 'केज कल्चर' तकनीक और अन्य इंटीग्रेटेड गतिविधियों का विस्तार किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास विभाग के मंत्री, कृषि उत्पादन आयुक्त और विभागीय सचिव विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। यह सम्मेलन निवेशकों, उद्यमियों और मत्स्य पालकों को एक साझा मंच प्रदान करेगा। 

विगत दो दिन में 1 करोड़ 49 लाख रूपए से अधिक के अवैध मादक पदार्थ जब्त

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में अवैध मादक पदार्थों एवं नशीले पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विभिन्न जिलों में पुलिस ने कार्यवाही करते हुए 1 करोड़ 49 लाख रूपए से अधिक मूल्‍य के गांजा, ड्रग्‍स, स्‍मैक, डोडा चूरा जब्‍त किए हैं। साथ ही कफ सीरप एवं इंजेक्‍शन भी जब्‍त किए है। इंदौर : पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए 05 अंतर्राज्यीय तस्करों को गिरफ्तार कर एमडी ड्रग्स एवं अवैध हथियार सहित लगभग 01 करोड़ रूपए की संपत्ति जब्‍त की। सीधी : जिले में ऑपरेशन “प्रहार 2.0” के तहत प्रभावी कार्रवाई करते हुए थाना कमर्जी पुलिस ने अवैध नशीली कफ सिरप तस्करी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 912 शीशी ऑनरेक्‍स कफ सीरप एवं बोलेरो वाहन सहित लगभग 11 लाख 88 हजार रूपए से अधिक की संपत्ति जब्‍त की है। वहीं थाना कोतवाली एवं जमोड़ी पुलिस की संयुक्त कार्यवाही में 208 शीशी अवैध नशीली कफ सिरप एवं एक आल्टो कार जप्त कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। इसी प्रकार थाना रामपुर नैकिन क्षेत्र में 02 आरोपियों को गिरफ्तार कर 15 शीशी अवैध नशीली कफ सिरप जप्त की है। मऊगंज : पुलिस ने ‘ऑपरेशन प्रहार-2.0’ के तहत लौर पुलिस ने खीरी ओवरब्रिज के पास से एक महिला आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 1200 शीशी प्रतिबंधित नशीली कफ सिरप (आनरेक्स) जप्त की। अनूपपुर : जिले की चौकी सरई पुलिस ने बड़ी सफलता प्राप्त करते हुए 56 किलोग्राम अवैध गांजा, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 6 लाख रूपये है, जब्‍त किया है। शिवपुरी : थाना कोतवाली पुलिस ने स्मैक विक्रय करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 15.82 ग्राम स्मैक एवं मोटरसाइकिल सहित लगभग 4 लाख 50 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। श्योपुर : पुलिस ने कराहल थाना क्षेत्र में कार्यवाही करते हुए राजस्थान से स्मैक लेकर आ रहे चार तस्करों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 38.48 ग्राम स्मैक एवं तस्करी में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिलें सहित लगभग 5 लाख 35 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। गुना : जिले के कैंट थाना पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध बड़ी कार्यवाही करते हुए 28 किलो से अधिक का गांजा, बोलेरो कार एवं मोटर सायकिल सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लगभग 15 लाख रुपये की संपत्ति जब्‍त की है। वहीं मृगवास थाना क्षेत्र में दो गांजा तस्करों को गिरफ्तार कर 02 किलोग्राम गांजा एवं तस्करी में प्रयुक्त मोटरसाइकिल सहित लगभग 2 लाख रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। इसी प्रकार धरनावदा थाना पुलिस ने अंतर्राज्यीय स्मैक तस्करों को गिरफ्तार कर अवैध स्‍मैक जब्‍त कर लगभग 1 लाख 95 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। जीआरपी भोपाल : जीआरपी भोपाल ने अवैध मादक पदार्थ के विरूद्ध कार्यवाही करते हुए 14 किलो 630 ग्राम गांजा कीमती लगभग 2 लाख 40 हजार जप्त कर गांजा तस्कर को गिरफ्तार किया है। जबलपुर : पुलिस की क्राइम ब्रांच एवं थाना हनुमानताल पुलिस की संयुक्त टीम ने नशीले इंजेक्शन एवं गांजा के अवैध कारोबार में लिप्त 02 आरोपियों को गिरफ्तार कर 125 नग नशीले इंजेक्शन, 430 ग्राम गांजा एवं 18 हजार नगद जप्त किए। मध्‍यप्रदेश पुलिस द्वारा समाज को नशामुक्त बनाने एवं युवाओं को मादक पदार्थों के दुष्प्रभाव से बचाने हेतु कठोर वैधानिक कार्रवाई निरंतर की जा रही है। मध्‍यप्रदेश पुलिस आमजन से अपील करती है कि इस प्रकार की किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल नजदीकी थाना अथवा डायल-112 को दें।  

राज्यमंत्री गौर ने किया 2 करोड़ 24 लाख के डामरीकरण कार्यों का भूमि पूजन

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने गुरुवार को गोविंदपुरा में नागरिकों को बेहतर एवं सुगम यातायात सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। राज्यमंत्री  गौर ने अयोध्या नगर क्षेत्र में 2 करोड़ 24 लाख रुपए की लागत से दो प्रमुख सड़कों के डामरीकरण कार्यों का भूमि पूजन किया। राज्यमंत्री  गौर ने बताया कि पहले कार्य के अंतर्गत, अयोध्या नगर मुख्य मार्ग स्थित परशुराम चौराहे से एच-सेक्टर एमपीबी स्टेशन तक 59 लाख रुपए की लागत से सड़क डामरीकरण का कार्य कराया जाएगा। वहीं, दूसरे बड़े कार्य के तहत परशुराम चौराहे से दशहरा मैदान होते हुए डी एवं एफ-सेक्टर मार्केट तथा जैन मंदिर के पास तक 1 करोड़ 65 लाख रुपए की लागत से डामरीकरण कार्य किया जाएगा। राज्यमंत्री  गौर ने कहा कि इससे क्षेत्रवासियों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी, साथ ही यातायात व्यवस्था भी अधिक सुगम और सुरक्षित बनेगी। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि निर्माण कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ और निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं, जिससे नागरिकों को इसका शीघ्र सुविधा का लाभ मिल सके। इस अवसर पर श्री लव कुश यादव, श्री भीकम सिंह बघेल,  उर्मिला मौर्य और  शिरोमणि शर्मा सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।  

उज्जैन पुलिस के आरक्षक सौदान सिंह चौहान ने “वर्ल्ड्स मास्टर्स पावर गेम्स-2026”में भारत का प्रतिनिधित्व कर बढ़ाया प्रदेश का गौरव

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारी एवं कर्मचारी कानून व्यवस्था के साथ-साथ खेल, सामाजिक एवं राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न गतिविधियों में भी निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश एवं देश का गौरव बढ़ा रहे हैं। इसी क्रम में जिला उज्जैन पुलिस में पदस्थ आरक्षक  सौदान सिंह चौहान ने अंतरराष्ट्रीय पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिता “वर्ल्ड्स मास्टर्स पावर गेम्स-2026” में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 04 गोल्ड मेडल अर्जित कर मध्यप्रदेश पुलिस के साथ प्रदेश एवं देश को गौरवान्वित किया है। पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा ने आरक्षक सौदान सिंह चौहान की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि पुलिस बल के जवानों की ऐसी उपलब्धियां न केवल विभाग का मान बढ़ाती हैं, बल्कि युवाओं को खेलों एवं फिटनेस के प्रति प्रेरित भी करती हैं। मास्टर्स गेम फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता का आयोजन 13 मई से 16 मई 2026 तक मडगांव, गोवा में किया गया। प्रतियोगिता में विभिन्न देशों के खिलाड़ियों ने सहभागिता की, जहां मध्यप्रदेश पुलिस के आरक्षक सौदान सिंह चौहान ने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए अपनी प्रतिभा, अनुशासन, समर्पण एवं कठिन परिश्रम का उत्कृष्ट परिचय दिया। उन्होंने विभिन्न स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 04 गोल्ड मेडल अपने नाम किए। प्रतियोगिता में अन्य देशों के प्रतिभागियों के बीच उत्कृष्ट प्रदर्शन कर आरक्षक सौदान सिंह चौहान ने यह सिद्ध किया कि मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारी एवं कर्मचारी केवल सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं हैं, बल्कि खेल प्रतिभा, अनुशासन एवं राष्ट्रीय गौरव के क्षेत्र में भी अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर रहे हैं। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा खेल एवं शारीरिक दक्षता को सदैव प्रोत्साहित किया जाता रहा है। पुलिस बल के अधिकारी एवं कर्मचारी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर लगातार प्रदेश एवं देश का नाम रोशन कर रहे हैं।  

अतिथि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया एक जुलाई से पहले पूरी कर ली जाए सभी स्कूलों में बनाई जाए बाउण्ड्री वॉल्स

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सम्राट विक्रमादित्य की जीवनी को स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाये। गुरू सांदीपनि के जीवन पर भी रोचक पुस्तक तैयार की जाए। स्कूली शिक्षा में कक्षा 8 से 12 में कृ‍त्रिम बुद्धिमता (एआई) के कौशल को कैसे जोड़ा जाए, इस पर भी एक कार्य योजना तैयार की जाए। निजी विद्यालय खोलने के लिए सामाजिक संस्थाओं और संगठनों को प्रोत्साहन दिया जाए। अतिथि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया एक जुलाई से पहले पूरी कर ली जाए। सत्र प्रारंभ होने से पहले स्कूलों में सभी पूर्व तैयारियां कर ली जाएं। प्रदेश की सभी आंशिक जीर्ण-शीर्ण शालाओं की तत्काल मरम्मत करा ली जाए। सभी स्कूलों में बाउण्ड्री वॉल्स बनाई जाए। एक जुलाई से गुरू पूर्णिमा (29 जुलाई) तक "शिक्षक वंदना कार्यक्रम", अभिभावकों एवं जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में आयोजित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को मंत्रालय में स्कूल शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं और अन्य गतिविधियों की समीक्षा की। बैठक में स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए हमारी सरकार सांदीपनि विद्यालय जैसी अत्याधुनिक शालाओं में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराकर प्रदेश की नींव मजबूत कर रही है। प्रदेश के हर विद्यार्थी तक उत्कृष्ट शैक्षणिक सुविधाएं और संसाधन समय पर पहुंचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। विभागीय गतिविधियों में तेजी लाएं और 16 जून से प्रारंभ हो रहे शैक्षणिक सत्र से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्कूलों में पूर्व छात्र-छात्रा सम्मेलन कराए जाएं, ताकि ऐसे विद्यार्थी जो अपने विद्यालय से भावनात्मक रूप से जुड़े हैं, वे उस विद्यालय के विकास-विस्तार में कुछ योगदान भी कर सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परीक्षा परिणामों को और अधिक बेहतर बनाने के लिए शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने, नियमित मॉनीटरिंग, तकनीक और नवाचार आधारित शिक्षण पद्धति अपनाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जिन शालाओं में शत-प्रतिशत रिजल्ट आया है, उनके शिक्षकों का सार्वजनिक सम्मान किया जाएगा। बैठक में बताया गया कि प्रदेश की 26 शालाएं ऐसी हैं, जहां शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम आया है। यहां के सारे विद्यार्थी उत्तीर्ण हो गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन शालाओं के अतिरिक्त 90 या 95 प्रतिशत से अधिक रिजल्ट देने वाली शालाओं को भी सम्मानित किया जाए। उन्होंने कहा कि सांदीपनि विद्यालय की अवधारणा/योजना को जन-जन तक पहुंचाने के लिए एक विस्तृत कार्य योजना भी तैयार की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को ऐसे जिलों को चिन्हित करने को कहा, जहां सभी शालाओं में सभी प्रकार की व्यवस्थाएं उपलब्ध हों, साथ ही भौतिक एवं मानव संसाधन की कमी वाले जिलों की भी अलग श्रेणी तैयार की जाए। इससे सरकार को इन्हीं जिलों पर फोकस करने में आसानी होगी। कमी वाले जिलों पर इसी साल से काम प्रारंभ किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारी स्थानीय विधायक के साथ बैठकर पूरी विधानसभा क्षेत्र के स्कूलों में व्यवस्थाओं की बेहतरी के लिए प्रयास करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उनके द्वारा समय-समय पर की गई सभी घोषणाओं का जल्द से जल्द पालन करायें। एक वर्ष से पुरानी कोई भी घोषणा लंबित न रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्तमान में स्कूल शिक्षा विभाग की संचालित 14 विभागीय योजनाओं को निरंतर रखने की सहमति दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के बेहतरी के लिए सरकार हर जरूरी प्रयास करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छोटे बच्चों की शिक्षा के लिए प्रारंभ से ही माहौल बनाया जाए। महिला बाल विकास विभाग भी इसमें योगदान दें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर अब प्रदेश के इतिहास में पहली बार स्कूल शिक्षा विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग बच्चों की गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई के लिए एक साथ मिलकर काम करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन हाईस्कूलों के आस-पास हायर सेकेण्डरी स्कूल उपलब्ध नहीं हैं, ऐसे हाईस्कूलों को चिन्हित कर उन्हें हायर सेकेण्डरी स्कूलों में प्रोन्नत करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए। शालाओं में दिया जाए व्यावसायिक प्रशिक्षण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की शालाओं में व्यावसायिक प्रशिक्षण भी दिया जाए। हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी कक्षाओं में कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं अन्य रोजगारपरक पाठ्यक्रमों का भी अध्ययन कराया जाए। व्यावसायिक प्रशिक्षण को दृष्टिगत रखते हुए संभव हो तो क्षेत्रीय स्व-सहायता समूहों को भी ऐसी शालाओं और विद्यार्थियों से जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय अधिकारियों को सभी विभागों के विद्यालयों को एक करने की योजना पर तेजी से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में एनसीसी, एनएसएस जैसे सामाजिक सेवा कार्य को भी बढ़ावा देने वाली इकाइयों को प्रोत्साहित करें। विद्यालयों में स्वास्थ्य परीक्षण, ड्राइविंग लायसेंस कैम्प, प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराने के भी प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासकीय स्कूलों से पास आउट विद्यार्थी 12वीं कक्षा के बाद उच्च शिक्षा, रोजगार, कृषि कार्य, पैतृक व्यवसाय, कौशल प्रशिक्षण जैसे किस कार्य/रोजगार में लगे हैं, इसकी ट्रैकिंग भी होनी चाहिए। इससे सरकार के पास हमारे युवाओं का एक डेटाबेस तैयार होगा। शासकीय स्कूलों में बढ़ी नामांकन की दर बैठक में सचिव स्कूल शिक्षा ने बताया कि शासकीय स्कूलों में विद्यार्थियों के नामांकन वृद्धि के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बेहद सकारात्मक परिणाम सामने आया है। वर्ष 2024-25 की तुलना में वर्ष 2025-26 में शासकीय विद्यालयों में कक्षा-1 में नामांकन में करीब 32.4 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं कक्षा 9 से 12 के नामांकन में 4.25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो पिछले वर्षों की तुलना में सर्वाधिक है। इस साल प्रदेश के सभी शासकीय स्कूलों में 1 अप्रैल को प्रवेशोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया। अप्रैल माह में ही 92 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थियों को शाला में प्रवेश दिया गया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में राजगढ़ जिले के भैंसवा माता एव नरसिंहपुर जिले के गाडरवाड़ा में संस्कृति विद्यालय प्रारंभ किए गए हैं। ‍शिक्षा घर योजना मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में सचिव स्कूल शिक्षा द्वारा 'शिक्षा घर योजना' के नाम से एक नई योजना का प्रजेंटेंशन देने पर प्रस्तावित योजना की … Read more

कोरिया के सहायक आयुक्त को किया निलंबित

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय सुशासन तिहार के दौरान आज सूरजपुर, कोरिया और एमसीबी जिले का औचक दौरा कर शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत का मुआयाना किया। इस दौरान शिविर में वह ग्रामीणों आत्मीयता से मिले एवं धैर्य से उनकी समस्याएं सुनीं।       मुख्यमंत्री ने उक्त तीनों जिलों में सुशासन तिहार का जायजा लेने के बाद चिरमिरी में जिलों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। मुख्यमंत्री ने बैठक में उक्त तीनों जिलों के ग्रामीण इलाकों में पेयजल की समस्या और स्कूली परीक्षा परिणाम की स्थिति को लेकर एक ओर जहां गहरी नाराजगी जतायी, वहीं कोरिया जिले में किसानों को खाद वितरण में गड़बड़ी का मामला सामने आने पर सहायक आयुक्त एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं आयुष प्रताप सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री के सख्त रूख से सभी लोग सकते में आ गए।      मुख्यमंत्री  साय का सूरजपुर जिले के ग्राम रामपुर में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्रामीणों से अपनत्वभाव से मिलना, उनकी समस्याएं सुनना, तेन्दूपत्ता संग्राहक श्रमिक महिलाओं को अपने हाथों से चरण पादुका पहनाना, बच्चों का अन्नप्रासन और उनका नामकरण करना, एक ओर जहां उनके सौम्य व्यक्तित्व का परिचायक है, वहीं दूसरी ओर शासकीय कामकाज में लापरवाही के मामले में अधिकारियों पर नाराजगी और निलंबन की कार्यवाही सख्त प्रशासनिक व्यवस्था का स्पष्ट संकेत है।       मुख्यमंत्री ने  साय ने समीक्षा बैठक के दौरान उक्त तीनों जिलों में पेयजल की समस्या के मामले में कलेक्टरों को हर-हाल में संकटग्रस्त क्षेत्रों में पेयजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में पेयजल की कमी है, वहां टैंकरों के माध्यम से पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित किया जाना, कलेक्टरों की जिम्मेदारी है। इस मामले में किसी भी तरह की कोताही पर कलेक्टर सीधे जिम्मेदार माने जायेंगे। मुख्यमंत्री ने तीनों जिलों के शालेय परीक्षा परिणाम की स्थिति को लेकर भी नाराजगी जतायी और कलेक्टरों को आगामी शिक्षा सत्र के लिए बेहतर कार्ययोजना बनाने के साथ ही स्कूलों में अध्ययन-अध्यापन की व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्कूलों में पढ़ाई की व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखी जानी चाहिए, ताकि परीक्षा परिणाम में अपेक्षित सुधार हो सके।       मुख्यमंत्री ने बैठक में कलेक्टरों को मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए कार्ययोजना बनाने के साथ ही उसका प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बरसात से पूर्व सभी पेयजल स्रोतों की साफ-सफाई और उनका क्लोरिनेशन अनिवार्य रूप से कराया जाए, ताकि दूषित पेयजल की वजह से होने वाली बीमारियों की रोकथाम हो सके। मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को प्रधानमंत्री आवास योजना के  निर्माण कार्य को पूरी गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी तरह की गड़बड़ी और हितग्राही के परेशान होने की शिकायत मिली तो, इसके लिए भी कलेक्टरों को सीधे जिम्मेदार माना जाएगा।  मुख्यमंत्री  साय ने उक्त तीनों जिलों के अधिकारियों की वर्चुअल समीक्षा बैठक चिरमिरी स्थित एसईसीएल के तानसेन भवन से ली। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक  भईया लाल राजवाड़े, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध सिंह, विशेष सचिव एवं आयुक्त जनसंपर्क  रजत बंसल सहित तीनों जिलों के कलेक्टर, एसपी, डीएफओ, सीईओ जिला पंचायत सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद थे।

नवनियुक्त अध्यक्ष जैन ने संभाला मध्यप्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल का कार्यभार

भोपाल नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय की गरिमामयी उपस्थिति में मध्यप्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के नवनियुक्त अध्यक्ष  ओम जैन ने पदभार ग्रहण किया। मंत्री  विजयवर्गीय ने कहा कि मंडल को एक अत्यंत अनुभवी और योग्य नेतृत्व प्राप्त हुआ है। अध्यक्ष  जैन के दीर्घ प्रशासनिक अनुभव, विजन और कुशल मार्गदर्शन में मंडल के विकास कार्यों को एक नई गति और ऊँचाई मिलेगी। लोक कल्याणकारी दृष्टिकोण और सर्वसमावेशी आवास का संकल्प मंत्री  विजयवर्गीय ने मंडल के आगामी लक्ष्यों को रेखांकित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व में प्रदेश के बड़े महानगरों में बड़े प्रोजेक्ट्स का क्रियान्वयन किया जाना है। हमारा मुख्य ध्येय मध्यम और निम्न-मध्यम श्रेणी के परिवारों के लिए सर्वसुविधायुक्त मकान निर्मित करना है। बड़े शहरों में मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए स्वयं का आशियाना बनाना मुश्किल कार्य हो गया है, इसलिए मंडल को पूरी शुचिता और लोक कल्याणकारी दृष्टिकोण के साथ कार्य करना होगा। 'नए भारत के संकल्प' के अंतर्गत, देश की आजादी के 100वें वर्ष तक हर नागरिक को गरिमापूर्ण आवास उपलब्ध कराना हमारा ध्येय है। अनुभव और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के समन्वय से होगा कार्य नवनियुक्त अध्यक्ष  जैन ने मंत्री  विजयवर्गीय के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए कहा कि उनका लंबा राजनैतिक-प्रशासनिक अनुभव हमारे लिए मार्गदर्शन का कार्य करेगा।  जैन ने भावुक होते हुए कहा,वर्ष 1983 से जनसेवा में सक्रिय  विजयवर्गीय की कार्यशैली, तन्मयता और उनका वैज्ञानिक दृष्टिकोण अनुकरणीय है। हम उनके द्वारा दिए गए समस्त निर्देशों और प्राथमिकताओं का अक्षरशः पालन करते हुए मंडल को विकास के नए प्रतिमानों पर ले जाएंगे। अपर मुख्य सचिव  संजय दुबे ने कहा कि यह संपूर्ण विभाग और मंडल का सौभाग्य है कि हमें मंत्री  विजयवर्गीय का सकारात्मक, ऊर्जावान और विजनरी नेतृत्व मिला है। उनके मार्गदर्शन के अनुरूप ही मण्डल सदस्यों ने तत्परता से कार्य किया है। अपर मुख्य सचिव  दुबे ने मण्डल अध्यक्ष  जैन को आश्वस्त किया कि मंडल के सभी सदस्य उनके साथ पूर्ण तत्परता और समर्पण भाव से कार्य करेंगे। हमारा लक्ष्य शहरी क्षेत्रों का पर्यावरण के अनुकूल, सस्टेनेबल और सुव्यवस्थित विकास करना है। पदभार ग्रहण करने बाद अध्यक्ष  जैन ने मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की और आगामी कार्य-योजनाओं को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस गरिमामयी अवसर पर मंडल की मुख्य कार्यपालन अधिकारी मती दीप्ति वास्तव सहित मंडल के सभी सदस्य, अभियंता और वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।  

​धमतरी के शिवचरण की टूटी उम्मीदों को समाधान शिविर ने दिया नया संबल

​रायपुर      जब शासन संवेदनशील हो और नीतियां जन-सरोकार से जुड़ी हों, तो आपदा से हारा इंसान भी दोबारा सम्मान से सिर उठाकर जीने की ताकत पा लेता है। धमतरी जिले के ग्राम पीपरछेड़ी में आयोजित समाधान शिविर इसका जीवंत उदाहरण बना। आकाशीय बिजली की एक गड़गड़ाहट ने ग्राम पीपरछेड़ी निवासी शिवचरण कंवर की जिंदगी को मानो एक पल में थाम दिया था। वर्ष 2022 में हुई इस दर्दनाक दुर्घटना में शिवचरण ने अपने दोनों पैरों की सक्रियता खो दी। जो हाथ कभी कड़ी मेहनत कर परिवार का भरण-पोषण करते थे, वे अचानक दूसरों के सहारे के मोहताज हो गए। घर की कमजोर आर्थिक स्थिति और शारीरिक असमर्थता ने शिवचरण को गहरे अवसाद में धकेल दिया था। लेकिन छत्तीसगढ़ शासन के 'सुशासन तिहार' ने उनकी जिंदगी का रुख मोड़ दिया है। ​ समाधान शिविर से मिला नया जीवन     ​ ग्राम पीपरछेड़ी में आयोजित राज्य शासन के 'समाधान शिविर' में शिवचरण की इस लाचारी को बेहद संवेदनशीलता से सुना गया। शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे प्रदेश के राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शिवचरण को तुरंत मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्रदान की।      ​ बैटरी चलित इस ट्राईसाइकिल की चाबी जैसे ही शिवचरण के हाथों में आई, उनके चेहरे पर खोया हुआ आत्मविश्वास लौट आया। भावुक होते हुए शिवचरण ने कहा कि आकाशीय बिजली ने मुझसे मेरे पैर छीन लिए थे, मुझे लगता था कि अब मैं जिंदगी भर एक कमरे में कैद रह जाऊंगा। लेकिन आज इस मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल ने मुझे फिर से अपने पैरों पर खड़ा कर दिया है। अब मैं बिना किसी सहारे के अपने काम खुद कर सकूंगा और समाज में आत्मनिर्भर होकर घूम सकूंगा। त्रिवेणी संगम: राशन,सम्मान और महतारी वंदन का साथ     ​ शिवचरण के परिवार के लिए यह समाधान शिविर केवल एक ट्राईसाइकिल मिलने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शासन की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं ने भी उनके घर के चूल्हे को बुझने से बचाया है। ​शिवचरण के जीवन को सुरक्षित करने के लिए शासन की तीन बड़ी योजनाओं ने सुरक्षा कवच का काम किया है। ​मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल,​नया राशन कार्ड और ​महतारी वंदन योजना के तहत शिवचरण की पत्नी को हर महीने नियमित रूप से मिल रही 1000 रुपये की सहायता राशि, जिससे परिवार को मजबूत आर्थिक संबल मिलेगा। ​ मुख्यमंत्री और प्रशासन का जताया आभार कागजों से निकलकर जिंदगी बदलती योजनाएं   ​इस संवेदनशीलता के लिए शिवचरण और उनके पूरे परिवार ने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय और जिला प्रशासन धमतरी के प्रति सहृदय आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह सरकार सचमुच गरीबों और दिव्यांगों की तकलीफ को समझती है। ​     ​पीपरछेड़ी का यह समाधान शिविर केवल सरकारी फाइलों के निपटारे का माध्यम नहीं था, बल्कि यह इस बात का सशक्त प्रमाण है कि जब सरकार प्रतिबद्धता के साथ जनता के द्वार पहुंचती है, तो योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं रहतीं। वे सीधे जरूरतमंदों के जीवन में सम्मान, स्वावलंबन और नई उम्मीद का सवेरा लेकर आती हैं। शिवचरण की यह कहानी छत्तीसगढ़ शासन के 'अंत्योदय' के संकल्प को पूरी तरह चरितार्थ करती है।

अवैध खनन पर निगरानी होगी और सशक्त: शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के लिए टोल फ्री नंबर 1800-233-2140 जारी

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में खनिज संसाधनों के प्रबंधन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जनसहभागिता आधारित बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा लगातार ठोस कदम उठाया जा रहा है। इसी कड़ी में प्रदेश में खनन गतिविधियों की प्रभावी निगरानी, नागरिकों से सीधा संवाद तथा शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा “खनन सूचना केंद्र (Mining Information Center)” की स्थापना की गई है। प्रदेश में खनिजों से संबंधित गतिविधियों, शिकायतों और सूचनाओं के आदान-प्रदान को सुगम एवं प्रभावी बनाने के लिए संचालनालय, भूविज्ञान एवं खनिकर्म द्वारा टोल फ्री नंबर 1800-233-2140 जारी किया गया है। इस माध्यम से आम नागरिक अवैध खनन, अवैध परिवहन, खनिज संबंधी अनियमितताओं अथवा अन्य शिकायतों की जानकारी सीधे प्रशासन तक पहुंचा सकेंगे, जिससे समयबद्ध कार्रवाई और निगरानी व्यवस्था को अधिक सशक्त बनाया जा सकेगा। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की “जीरो टॉलरेंस” नीति के अनुरूप स्थापित यह सूचना केंद्र पारदर्शी और उत्तरदायी प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूती प्रदान करेगा। अब खनन गतिविधियों से जुड़ी शिकायतों और सूचनाओं पर त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए एक संस्थागत तंत्र उपलब्ध होगा, जिससे अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण और जवाबदेही को बढ़ावा मिलेगा। खनन सूचना केंद्र का संचालन कार्यालयीन समयानुसार प्रतिदिन प्रातः 10:00 बजे से सायं 5:30 बजे तक किया जाएगा। प्राप्त सूचनाओं पर त्वरित समन्वय और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त संचालक (खनिज प्रशासन) स्तर के अधिकारी को नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि खनिज संपदा का संरक्षण, पारदर्शी उपयोग, राजस्व संवर्धन तथा अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण जनसहभागिता और तकनीकी समन्वय के माध्यम से ही संभव है। “खनन सूचना केंद्र” इस दिशा में शासन की जवाबदेह, संवेदनशील और पारदर्शी कार्यप्रणाली को मजबूत करने वाली एक महत्वपूर्ण जनहितकारी पहल है।

गांव और गरीबों के उत्थान के लिए लगातार काम कर रही सरकार – मंत्री टंक राम वर्मा

​रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आम जनता की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निराकरण के लिए चलाए जा रहे ‘सुशासन तिहार-2026’ के अंतर्गत आज धमतरी जिले में विकासखंड स्तरीय समाधान शिविरों का भव्य आयोजन किया गया। इस महाअभियान के तहत कुरूद विकासखंड के ग्राम चोरभट्टी में नौवां और धमतरी विकासखंड के ग्राम पीपरछेड़ी में दसवां समाधान शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। ग्राम पीपरछेड़ी में आयोजित विशाल क्लस्टर शिविर में प्रदेश के राजस्व, आपदा प्रबंधन मंत्री  टंक राम वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।        शिविर को संबोधित करते हुए मंत्री  टंक राम वर्मा ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार पूरी तरह से गांव, गरीब और किसानों के कल्याण के लिए समर्पित है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचे। सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की प्रथम कैबिनेट बैठक में ही 18 लाख गरीब परिवारों के लिए पक्के मकान स्वीकृत किए गए हैं और आवास प्लस योजना की पात्रता में ढील देकर अधिक से अधिक जरूरतमंदों को लाभान्वित किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, समय पर बोनस वितरण, महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को मिल रहे आर्थिक संबल और रामलला दर्शन व मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना जैसी महत्वपूर्ण उपलब्धियों का जिक्र करते हुए ग्रामीणों से इन योजनाओं का खुलकर लाभ उठाने की अपील की।       ​ पीपरछेड़ी क्लस्टर के अंतर्गत आने वाली पीपरछेड़ी, डाही, अंगारा, हंकारा, सेमरा डी, सेंचुवा, बिजनापुरी, बोड़रा, पुरी, धौराभाठा, लिमतरा, गागरा, सांकरा, सम्बलपुर, सेहराडबरी, भोथली, कंडेल, नवागांव, बिरेतरा, छाती और शंकरदाह सहित कुल 22 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने इस शिविर में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।              शिविर के दौरान ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न समस्याओं, मांगों और शिकायतों से जुड़े कुल 3,021 आवेदन प्रस्तुत किए, जिनमें से 164 संवेदनशील मामलों का विभागीय अधिकारियों द्वारा मौके पर ही त्वरित निराकरण कर आम जनता को बड़ी राहत दी गई। शेष आवेदनों को भी समय-सीमा के भीतर निराकृत करने के निर्देश दिए गए हैं।  कलेक्टर  अबिनाश मिश्रा ने प्रशासनिक तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि जिले में कुल 40 समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें अब तक 10 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं और इन शिविरों के माध्यम से शासन की लगभग 120 प्रकार की आवश्यक सेवाएं सीधे ग्रामीणों के घर-द्वार तक पहुंचाई जा रही हैं। हितग्राहियों को बांटी गई खुशियां: कृषि यंत्र से लेकर ट्राईसाइकिल तक का वितरण        ​ इस आयोजन के दौरान विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से हितग्राहियों को सीधे लाभान्वित भी किया गया। मंच से अतिथियों द्वारा किसानों को किसान किताबें और कृषि स्प्रे यंत्र सौंपे गए, वहीं मत्स्य विभाग की ओर से मछुआरों को आईसबॉक्स व मछली जाल प्रदान किए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सुपोषण किट, बैंक पासबुक और किशोरी बालिकाओं को स्वच्छता किट बांटी गई। इसी तरह श्रम विभाग द्वारा सहायता राशि, स्वास्थ्य विभाग द्वारा बीपी मशीनें, समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों को ट्राईसाइकिल व वरिष्ठ नागरिकों को सहायक उपकरण और जनपद पंचायत द्वारा सात नवीन राशन कार्डों का वितरण किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र परिवारों को उनके नए पक्के मकान की चाबियां सौंपकर गृह प्रवेश भी कराया गया, जिससे ग्रामीणों के चेहरे खिल उठे। कार्यक्रम में उपस्थित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी जनता को जागरूक करते हुए शासन की इस अनूठी पहल की सराहना की और विकास की मुख्यधारा से जुड़ने का आह्वान किया।         इस अवसर पर उनके साथ विधायक  ओंकार साहू, पूर्व विधायक मती रंजना साहू, महापौर  रामू रोहरा, कलेक्टर  अबिनाश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक  सूरज सिंह परिहार सहित तमाम वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा ग्रामीण उपस्थित रहे।