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मनरेगा साइट पर गिरी बिजली, कांकेर में 2 मजदूरों की दर्दनाक मौत, 5 की हालत बिगड़ी

भानुप्रतापपुर/कांकेर. कांकेर जिले के अंतागढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत कलगांव में आकाशीय बिजली गिरने से मनरेगा में काम कर रहे दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं 5 मजदूर घायल हो गए. घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं. जानकारी के अनुसार, गांव में मनरेगा योजना के तहत चल रहे तालाब निर्माण कार्य में लगभग 50 मजदूर लगे हुए थे. इस दौरान अचानक मौसम में बदलाव हुआ और बारिश होने लगी. मजूदरों ने पानी से बचने के लिए पेड़ के नीचे खड़े थे. इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने से पेड़ के नीचे खड़े उपसरपंच धनराज पटेल के साथ एक अन्य मजदूर की मौके पर मौत हो गई. वहीं हादसे में पांच मजदूर घायल हो गए, जिनमें 3 महिला और 2 पुरुष शामिल हैं. घायल मजदूरों को उपचार के लिए अंतागढ़ स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है. सुबह-सुबह हुई इस घटना ने पूरे जिले के झकझोर दिया है. घटना के संबंध में कलेक्टर निलेश महादेव क्षीरसागर ने बताया कि मौके पर भेजे गए अधिकारी स्थिति का जायजा ले रहे हैं. घायल के उचित इलाज की व्यवस्था की है. हमने एंबुलेंस को रवाना कर दिया है. इसके साथ डॉक्टर्स को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं कि घायलों का बेहतर उपचार किया जाए.

भंडारा खाकर लौट रहे लोगों पर गिरी बिजली, अनूपपुर में दो की मौत और एक घायल

अनूपपुर. धार्मिक नगरी अमरकंटक नगर क्षेत्र में शनिवार शाम आकाशीय बिजली गिरने से एक दर्दनाक हादसा हो गया। नगर परिषद अमरकंटक के वार्ड क्रमांक दो बराती क्षेत्र में शाम लगभग 4 बजे तेज आंधी-तूफान और मूसलाधार वर्षा के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से एक युवक और एक युवती की मौके पर ही गंभीर रूप से झुलस जाने से मृत्यु हो गई, जबकि एक अन्य किशोरी घायल हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार बराती में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के समापन के बाद भंडारे में प्रसाद ग्रहण कर तीनों अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान मौसम अचानक खराब हो गया और तेज गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिर गई, जिसकी चपेट में आने से 18 वर्षीय हर्ष टांडिया और 17 वर्षीय आरती वर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए। 17 वर्षीय राधा भी बिजली की चपेट में आकर घायल हो गई। डॉक्टरों ने दोनों को किया मृत घोषित घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की सहायता से तीनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमरकंटक पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने हर्ष टांडिया और आरती वर्मा को मृत घोषित कर दिया। घायल राधा का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जारी है। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

​धमतरी के शिवचरण की टूटी उम्मीदों को समाधान शिविर ने दिया नया संबल

​रायपुर      जब शासन संवेदनशील हो और नीतियां जन-सरोकार से जुड़ी हों, तो आपदा से हारा इंसान भी दोबारा सम्मान से सिर उठाकर जीने की ताकत पा लेता है। धमतरी जिले के ग्राम पीपरछेड़ी में आयोजित समाधान शिविर इसका जीवंत उदाहरण बना। आकाशीय बिजली की एक गड़गड़ाहट ने ग्राम पीपरछेड़ी निवासी शिवचरण कंवर की जिंदगी को मानो एक पल में थाम दिया था। वर्ष 2022 में हुई इस दर्दनाक दुर्घटना में शिवचरण ने अपने दोनों पैरों की सक्रियता खो दी। जो हाथ कभी कड़ी मेहनत कर परिवार का भरण-पोषण करते थे, वे अचानक दूसरों के सहारे के मोहताज हो गए। घर की कमजोर आर्थिक स्थिति और शारीरिक असमर्थता ने शिवचरण को गहरे अवसाद में धकेल दिया था। लेकिन छत्तीसगढ़ शासन के 'सुशासन तिहार' ने उनकी जिंदगी का रुख मोड़ दिया है। ​ समाधान शिविर से मिला नया जीवन     ​ ग्राम पीपरछेड़ी में आयोजित राज्य शासन के 'समाधान शिविर' में शिवचरण की इस लाचारी को बेहद संवेदनशीलता से सुना गया। शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे प्रदेश के राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शिवचरण को तुरंत मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्रदान की।      ​ बैटरी चलित इस ट्राईसाइकिल की चाबी जैसे ही शिवचरण के हाथों में आई, उनके चेहरे पर खोया हुआ आत्मविश्वास लौट आया। भावुक होते हुए शिवचरण ने कहा कि आकाशीय बिजली ने मुझसे मेरे पैर छीन लिए थे, मुझे लगता था कि अब मैं जिंदगी भर एक कमरे में कैद रह जाऊंगा। लेकिन आज इस मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल ने मुझे फिर से अपने पैरों पर खड़ा कर दिया है। अब मैं बिना किसी सहारे के अपने काम खुद कर सकूंगा और समाज में आत्मनिर्भर होकर घूम सकूंगा। त्रिवेणी संगम: राशन,सम्मान और महतारी वंदन का साथ     ​ शिवचरण के परिवार के लिए यह समाधान शिविर केवल एक ट्राईसाइकिल मिलने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शासन की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं ने भी उनके घर के चूल्हे को बुझने से बचाया है। ​शिवचरण के जीवन को सुरक्षित करने के लिए शासन की तीन बड़ी योजनाओं ने सुरक्षा कवच का काम किया है। ​मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल,​नया राशन कार्ड और ​महतारी वंदन योजना के तहत शिवचरण की पत्नी को हर महीने नियमित रूप से मिल रही 1000 रुपये की सहायता राशि, जिससे परिवार को मजबूत आर्थिक संबल मिलेगा। ​ मुख्यमंत्री और प्रशासन का जताया आभार कागजों से निकलकर जिंदगी बदलती योजनाएं   ​इस संवेदनशीलता के लिए शिवचरण और उनके पूरे परिवार ने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय और जिला प्रशासन धमतरी के प्रति सहृदय आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह सरकार सचमुच गरीबों और दिव्यांगों की तकलीफ को समझती है। ​     ​पीपरछेड़ी का यह समाधान शिविर केवल सरकारी फाइलों के निपटारे का माध्यम नहीं था, बल्कि यह इस बात का सशक्त प्रमाण है कि जब सरकार प्रतिबद्धता के साथ जनता के द्वार पहुंचती है, तो योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं रहतीं। वे सीधे जरूरतमंदों के जीवन में सम्मान, स्वावलंबन और नई उम्मीद का सवेरा लेकर आती हैं। शिवचरण की यह कहानी छत्तीसगढ़ शासन के 'अंत्योदय' के संकल्प को पूरी तरह चरितार्थ करती है।