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लू के कहर पर बरसात का ब्रेक, लेकिन कल से फिर बढ़ेगा तापमान

चंडीगढ़ 

पंजाब में भीषण गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. बठिंडा में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले एक महीने तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना बेहद कम है. लगातार बढ़ते तापमान के कारण बिजली की मांग में भारी इजाफा हुआ है, जिससे कई इलाकों में बिजली व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है. वहीं किसान भी गर्म हवाओं और पानी की बढ़ती जरूरत के कारण परेशान हैं. तेज गर्मी का असर फसलों पर भी देखने को मिल रहा है, जिससे कृषि उत्पादन प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। 

पंजाब में भीषण लू के कहर से हल्की राहत मिली है। शुक्रवार सुबह बरसात के बाद लुधियाना, मोगा के लोगों को हल्की ठंडक का एहसास हुआ। वहीं वीरवार को आसमान आग उगल रहा था।  

लुधियाना, पटियाला, हलवारा और बठिंडा लू की चपेट में रहे। पटियाला का पारा सामान्य से 4.8 डिग्री ऊपर दर्ज किया गया। पंजाब में सबसे अधिक 45.9 डिग्री का पारा फरीदकोट का रहा। इसी बीच मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए पंजाब के छह जिलों में 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ हल्की से मध्यम बारिश पड़ने की चेतावनी जारी कर दी है। इन जिलों में पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला और फिरोजपुर शामिल हैं। जबकि पंजाब के बाकी जिलों के लिए भीषण लू चलने का ओरेंज अलर्ट जारी हुआ है।

मौसम विभाग के चंडीगढ़ केंद्र के डायरेक्टर सुरिंदर पाल के मुताबिक एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है। इसके असर में जम्मू-कश्मीर में मौसम बदला है और हिमाचल प्रदेश में भी कुछ जगहों पर हल्की बारिश हुई है। पंजाब में बुधवार रात फरीदकोट, फाजिल्का आकाश में आंशिक तौर पर बादल रहे। इस वजह से वीरवार को पंजाब के तापमान में 0.9 डिग्री की मामूली गिरावट दर्ज की गई। अभी पारा सामान्य से 3.5 डिग्री ऊपर बना हुआ है। डायरेक्टर ने बताया कि शुक्रवार से पंजाब में मौसम फिर से शुष्क हो जाएगा और साथ में भीषण लू चलेगी। इससे तापमान में फिर से वृद्धि दर्ज की जाएगी।

पंजाब के न्यूनतम तापमान में 1.6 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। यह सामान्य से 3.1 डिग्री ऊपर दर्ज किया गया। सबसे कम 22.4 डिग्री का न्यूनतम पारा रूपनगर का दर्ज किया गया। अमृतसर का अधिकतम पारा 41.5 डिग्री, लुधियाना का 43.0 डिग्री, पटियाला का 44.9 डिग्री, पठानकोट का 42.4 डिग्री, बठिंडा का 45.6 डिग्री, फाजिल्का का 42.1 डिग्री, फिरोजपुर का 41.6 डिग्री, एसबीएस नगर का 42.8 डिग्री और रूपनगर का 43.2 डिग्री दर्ज किया गया। अमृतसर का न्यूनतम पारा 28.5 डिग्री, लुधियाना का 27.4 डिग्री, पटियाला का 28.5 डिग्री, पठानकोट का 25.0 डिग्री, फाजिल्का का 28.4 डिग्री, होशियारपुर का 24.3 डिग्री दर्ज किया गया। 

जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के निचले तराई इलाकों और तलहटी भागों में बदलवाही के बीच गरज चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना है। हालांकि यहां बारिश का दायरा ज्यादा बड़ा नहीं रहेगा, लेकिन मौसम में हल्का बदलाव जरूर महसूस होगा।

पंजाब के उत्तर व पूर्वी जिलों, हरियाणा के उत्तरी जिलों और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के उत्तरी जिलों में कल सुबह या फिर दोपहर बाद के घंटों में कहीं कहीं बूंदाबांदी की संभावना बन रही है। 
इसके अलावा राजस्थान के उत्तरी जिलों और पश्चिमी हरियाणा में भी कहीं कहीं बूंदाबांदी की संभावना है। शाम के समय बादल बनने के कारण कुछ इलाकों में हल्की राहत महसूस हो सकती है।

हालांकि यह सिस्टम इतना मजबूत नहीं है कि बड़े इलाकों में व्यापक तेज बारिश हो सके। गर्मी से राहत भी सिर्फ कुछ एक इलाकों तक सीमित रहेगी। दिन के समय तेज गर्मी बनी रहेगी, लेकिन शाम के घंटों में मौसम का मिजाज बदलता हुआ नजर आ सकता है। कुछ जगहों पर बादल बनने के कारण बूंदाबांदी की गतिविधियां मैदानी इलाकों में देखने को मिल सकती हैं।

आगे का मौसम पूर्वानुमान:
कल से इस सिस्टम का प्रभाव मैदानी इलाकों में शुरू होगा, जो कि 23 मई तक जारी रहेगा। इस दौरान कुछ जगहों पर तेज धूल भरी आंधी, गरज चमक के साथ हल्की बारिश और कहीं कहीं ओलावृष्टि भी देखने को मिल सकती है।

राजस्थान, मध्य प्रदेश, बुंदेलखंड, अवध और पूर्वांचल के इलाकों में फिलहाल बारिश की किसी भी तरह की गतिविधियां नहीं होंगी। इन इलाकों में मौसम साफ और बेहद गर्म बना रहेगा। दिन के समय तेज धूप और लू का असर लगातार बना रहेगा।

पंजाब, हरियाणा, उत्तर पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में भी मौसम सिर्फ शाम बाद के घंटों में ही बदलेगा। दिन में प्रचंड गर्मी का दौर इन इलाकों में जारी रहेगा और तापमान में ज्यादा गिरावट देखने को नहीं मिलेगी।

तो बारिश कब होगी?
इस सिस्टम के गुजरने के बाद एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी 25 मई को उत्तर भारत की तरफ बढ़ेगा, जिसके कारण पंजाब, हरियाणा, उत्तर राजस्थान, पश्चिम उत्तर प्रदेश और शायद पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी हल्की बारिश और बूंदाबांदी की गतिविधियां फिर से नए सिरे से शुरू हो सकती हैं। कुछ इलाकों में गरज चमक के साथ हल्की तेज बौछारें भी देखने को मिल सकती हैं।

इसके बाद 28 मई से एक नया मजबूत चक्रवर्ती हवाओं का क्षेत्र बनने वाला है, जो बंगाल की खाड़ी से नमी को खींचेगा। साथ में नए वेस्टर्न डिस्टरबेंस के आने और दोनों हवाओं के मिलने से पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बुंदेलखंड, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र सहित बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में बड़े पैमाने पर हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां शुरू होंगी। 

यह बारिश की गतिविधियां 28 मई से धीरे धीरे बढ़ेंगी और 30 व 31 मई को जोर पकड़ते हुए 3 जून तक जारी रह सकती हैं। उत्तर और मध्य भारत के कई इलाकों में मौसम पूरी तरह बदलता हुआ नजर आ सकता है।

उत्तर भारत में गर्मी का यह दौर 28 मई तक ही रहने की संभावना है। इसके बाद बारिश और पूर्वी हवाओं के चलने से उमस वाली गर्मी जरूर परेशान करेगी, लेकिन लगातार बारिश की गतिविधियों के कारण लोगों को भीषण गर्मी से राहत भी मिलने लगेगी।

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