samacharsecretary.com

झारखंड: बोकारो हवाई अड्डे के संचालन में तेजी के निर्देश, 15 दिनों में अहम कदम संभव

बोकारो

 बोकारो हवाई अड्डे के संचालन को लेकर गुरुवार को राज्य सरकार स्तर पर महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

राज्य के नागरिक उड्डयन विभाग की सचिव वंदना दादेल ने बोकारो एयरपोर्ट परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को लंबित प्रक्रियाओं में तेजी लाने का निर्देश दिया।

बैठक में बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल), एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

अधिकारियों ने जानकारी दी कि अगले 15 दिनों के भीतर बीएसएल की ओर से डीजीसीए लाइसेंस के लिए आवेदन कर दिया जाएगा। बैठक में यह भी बताया गया कि राज्य सरकार की ओर से किए जाने वाले अधिकांश कार्य पूरे हो चुके हैं।

सतनपुर पहाड़ी पर ऑब्स्ट्रक्शन लाइट लगाने सहित अन्य आवश्यक कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं। हालांकि सीटीओ, सुरक्षा मंजूरी और अन्य तकनीकी प्रक्रियाओं को लेकर अब भी कुछ औपचारिकताएं शेष हैं, जिन्हें जल्द पूरा करने का दावा किया गया। हवाई सेवा प्रदान करने वाली कंपनी की तलाश भी एक बड़ी समस्या है।

अब पश्चिम बंगाल भी दौड़ में हवाई परियोजना
बोकारो एयरपोर्ट की वर्षों से धीमी प्रगति के बीच अब पड़ोसी पश्चिम बंगाल भी क्षेत्रीय हवाई सेवा की प्रतिस्पर्धा में उतर चुका है।

बोकारो सीमा से सटे पुरूलिया के छर्रा एयरफिल्ड, जो द्वितीय विश्व युद्ध काल का हवाई अड्डा है, के जीर्णोद्धार को लेकर पश्चिम बंगाल में राजनीतिक और प्रशासनिक सक्रियता बढ़ी है।

वर्ष 2023 में पश्चिम बंगाल सरकार ने इसका सर्वे कराया था। इसके बाद अगस्त 2025 में भाजपा पश्चिम बंगाल प्रदेश अध्यक्ष सौमिक भट्टाचार्य ने राज्यसभा में मामला उठाया, जिसके बाद करीब 150 करोड़ रुपये का जीर्णोद्धार प्लान तैयार किया गया।

फरवरी 2026 में पुरूलिया के सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो ने भी लोकसभा में इस मुद्दे को उठाया था। केंद्र सरकार के जवाब में बताया गया कि एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) ने छर्रा एयरफिल्ड के विकास को लेकर पूर्व व्यवहार्यता रिपोर्ट पश्चिम बंगाल सरकार को सौंप दी है।

छर्रा एयरफील्ड के पास पर्याप्त जमीन उपलब्ध है और इसकी दूरी बोकारो से करीब 40 किलोमीटर है। ऐसे में यदि झारखंड सरकार ने बोकारो एयरपोर्ट परियोजना में तेजी नहीं दिखाई, तो क्षेत्रीय हवाई सेवा का लाभ पश्चिम बंगाल को मिलने की संभावना बढ़ सकती है।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here