फरीदकोट.
फरीदकोट के वार्ड नंबर 17 में निकाय चुनाव के दौरान उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया जब आर्मी कैंट के जवानों को वोट डालने से रोकने के आरोप लगे। घटना के बाद मतदान केंद्र के बाहर भारी हंगामा शुरू हो गया और विभिन्न राजनीतिक दलों के समर्थक आमने-सामने आ गए। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर हस्तक्षेप करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार भाजपा प्रत्याशी विमल रांझा और भाजपा नेता संदीप सिंह सनी बराड़ ने आरोप लगाया कि वार्ड नंबर 17 में आर्मी कैंट के करीब एक हजार जवानों और उनके परिवारों की वोटें बनी हुई हैं। उनका कहना है कि ये लोग लंबे समय से फरीदकोट में रह रहे हैं और नियमित मतदाता हैं। भाजपा नेताओं के अनुसार जब आर्मी कैंट के जवान मतदान करने पहुंचे तो कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों तथा समर्थकों ने उन्हें रोकने की कोशिश की। आरोप है कि जवानों को वोट डालने से मना किया गया, जिसके बाद माहौल अचानक गरमा गया।
पुलिस ने किया बीच-बचाव
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया। पुलिस अधीक्षक जोगेश्वर सिंह गोराया समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने मतदान केंद्र के बाहर मौजूद सभी राजनीतिक दलों के समर्थकों को हटाकर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मतदान प्रक्रिया दोबारा शुरू करवाई गई। हालांकि इस दौरान भाजपा समर्थकों और अन्य दलों के कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार कुछ समय के लिए मतदान केंद्र के बाहर अफरा-तफरी जैसा माहौल बन गया था।
आरोप- जानबूझ कर किया जा रहा परेशान
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान जानबूझकर उनके समर्थकों और आर्मी कैंट के मतदाताओं को परेशान किया जा रहा है। वहीं अन्य दलों की ओर से इन आरोपों पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है और मतदान शांतिपूर्ण ढंग से जारी है। प्रशासन ने मतदान केंद्र के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। निकाय चुनाव के दौरान हुई इस घटना ने इलाके की राजनीति को और गर्मा दिया है। चुनावी माहौल में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है और सभी दल इस मामले को लेकर एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं।





