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06 घंटे में नाबालिग आदिवासी बालिका के अपहरण का खुलासा कर बालिका को सकुशल दस्तोयाब किया

भोपाल 

अशोकनगर पुलिस ने तत्परता, संवेदनशीलता एवं पेशेवर दक्षता का परिचय देते हुए मात्र 06 घंटे के भीतर नाबालिग आदिवासी बालिका के अपहरण का सफलतापूर्वक पर्दाफाश कर बालिका को सकुशल दस्तयाब किया। साथ ही घटना में प्रयुक्त वाहन, एक महिला आरोपी सहित चार आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है।

उल्लेखनीय है कि 23 मई को प्रातः लगभग 05:00 बजे 17 वर्षीय नाबालिग बालिका घर से बाहर शौच हेतु निकली थी, तभी पूर्व से घात लगाए बैठे आरोपियों द्वारा उसे जबरन वाहन में बैठाकर अपहरण कर लिया गया। सूचना प्राप्त होते ही पुलिस अधीक्षक अशोकनगर राजीव कुमार मिश्रा के निर्देशन में तीन विशेष संयुक्त टीमों का गठन कर तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन प्रारंभ किया गया। एक टीम द्वारा तकनीकी संसाधनों के माध्यम से लगातार विश्लेषण किया गया, जबकि अन्य टीमों द्वारा स्थानीय मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर क्षेत्र के विभिन्न मार्गों, होटल, ढाबों, बस स्टैंड एवं रेलवे स्टेशन आदि पर सघन चेकिंग अभियान चलाया गया।

तकनीकी एवं मैदानी इनपुट के आधार पर आरोपियों के राजगढ़ जिले की ओर जाने की जानकारी प्राप्त होने पर पुलिस की संयुक्त टीमें तत्काल रवाना हुईं। पुलिस टीम द्वारा ब्यावरा के समीप घटना में प्रयुक्त वाहन सहित महिला आरोपी गुड्डी बाई गुर्जर, नीरज जोगी एवं प्रेम गुर्जर को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान आरोपियों द्वारा नाबालिग बालिका एवं एक अन्य आरोपी को नजीराबाद क्षेत्र में छोड़ने की जानकारी दी गई। इसके बाद पुलिस की संयुक्त टीमों द्वारा नजीराबाद क्षेत्र में घेराबंदी कर आरोपी लखन गुर्जर को गिरफ्तार करते हुए नाबालिग बालिका को सकुशल मुक्त कराया गया।

प्रकरण में जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि पीड़िता की सगी बुआ द्वारा ही 1 लाख रुपये में बालिका का सौदा आरोपी गुड्डी बाई गुर्जर से किया गया था। उक्त सौदे के तहत आरोपी गुड्डी बाई गुर्जर ने अपने भाई लखन गुर्जर, प्रेम सिंह गुर्जर एवं नीरज जोगी के साथ मिलकर पूरी वारदात की साजिश रचकर घटना को अंजाम दिया। पुलिस द्वारा पीड़िता की सगी बुआ को भी प्रकरण में आरोपी बनाया गया है। ईसागढ़ पुलिस द्वारा अपहृत नाबालिग आदिवासी बालिका को सकुशल मुक्त कराकर वन स्टॉप सेंटर में सुरक्षित रखवाया गया है।

 

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