samacharsecretary.com

मेदवेदेव का क्ले पर संघर्ष जारी, फ्रेंच ओपन के पहले राउंड में फिर बाहर हुए रूसी स्टार

 पेरिस

 रूस के स्टार टेनिस खिलाड़ी और पूर्व विश्व नंबर एक दानिल मेदवेदेव का फ्रेंच ओपन में निराशाजनक प्रदर्शन एक बार फिर जारी रहा। मंगलवार को छठी वरीयता प्राप्त मेदवेदेव को ऑस्ट्रेलिया के वाइल्ड कार्ड खिलाड़ी एडम वाल्टन ने पांच सेटों तक चले रोमांचक मुकाबले में 6-2, 1-6, 6-1, 1-6, 6-4 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया।

रोलां गैरों की धीमी क्ले कोर्ट सतह पर मेदवेदेव का संघर्ष एक बार फिर साफ दिखाई दिया। यह नौ में से छठी बार है जब वह फ्रेंच ओपन के पहले दौर में ही हारकर बाहर हुए हैं। मुकाबले में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिले और दोनों खिलाड़ियों ने बारी-बारी से दबदबा बनाया।

वॉल्टन ने की शानदार शुरुआत
ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी वॉल्टन ने शानदार शुरुआत करते हुए पहला सेट आसानी से अपने नाम किया, लेकिन मेदवेदेव ने दूसरे सेट में जोरदार वापसी करते हुए केवल एक गेम गंवाया। हालांकि वह लय बरकरार नहीं रख सके और तीसरा सेट गंवा बैठे। चौथे सेट में फिर वापसी करने वाले मेडवेडेव निर्णायक सेट में दबाव नहीं झेल सके।

विश्व रैंकिंग में 97वें स्थान पर मौजूद वॉल्टन ने पांचवें सेट में 4-4 की बराबरी पर मेदवेदेव की सर्विस तोड़ी और फिर शानदार होल्ड के साथ करियर की सबसे बड़ी जीत दर्ज की। यह किसी शीर्ष-10 में शामिल खिलाड़ी के विरुद्ध उनकी पहली जीत भी है।

जीत के बाद वॉल्टन ने कहा कि पिछले साल सिनसिनाटी में मेदवेदेव के खिलाफ मिली जीत ने उन्हें आत्मविश्वास दिया था। उन्होंने कहा, "मुझे विश्वास था कि मैं यह कर सकता हूं। मैच में काफी उतार-चढ़ाव रहे, लेकिन निर्णायक सेट में जिस तरह वापसी की, उस पर
मुझे गर्व है।

मोनफिल्स की भावुक विदाई
वहीं स्थानीय खिलाड़ी गेल मोनफिल्स को भी पहले दौर में हमवतन खिलाड़ी ह्यूगो गैस्टन के विरुद्ध हार का सामना करना पड़ा। 2008 में सेमीफाइनल तक का सफर तय करने वाले मोनफिल्स का यह फ्रेंच ओपन में आखिरी मुकाबला रहा। 39 साल के मोनफिल्स अपने पसंदीदा कोर्ट फिलिप-चैटियर पर गैस्टन के विरुद्ध मैच जीतने के बहुत करीब थे।

उन्होंने पहला और दूसरा सेट आसानी से 6-2, 6-3 से जीत लिया था। हालांकि, इसके बाद गैस्टन ने शानदार वापसी की और अगले दो सेट 3-6, 2-6 से अपने नाम कर लिए। आखिरी सेट में गैस्टन पूरी तरह हावी रहे और 6-0 से जीत हासिल कर ली। मैच के बाद एक खास ट्रिब्यूट वीडियो दिखाया गया, जिसमें राफेल नडाल, रोजर फेडरर, नोवाक जोकोविक, यानिक सिनर, कार्लोस अलकराज और स्टानिस्लास वावरिंका जैसे बड़े खिलाड़ियों के संदेश शामिल थे।

इसके अलावा उनके फ्रेंच साथी गैस्केट, नोआ, गाइल्स साइमन, जो-विल्फ्रेड सोंगा और आर्थर फिल्स ने भी उन्हें सम्मान दिया।

शीर्ष वरीय सबालेंका की शानदार शुरुआत
महिला सिंगल्स में विश्व की नंबर एक खिलाड़ी आर्यना सबालेंका ने स्पेन की जेसिका बूजास मानेरो को 6-4, 6-2 से शिकस्त देकर अपने अभियान की शुरुआत जोरदार तरीके से की। यह मुकाबला एक घंटे 15 मिनट तक चला। शीर्ष वरीयता प्राप्त सबालेंका ने कोर्ट फिलिप-चैट्रियर पर अपने कौशल का प्रदर्शन करते हुए ग्रैंड स्लैम में पहले दौर में लगातार 22वीं जीत दर्ज की।

सबालेंका क्ले-कोर्ट सीजन में कुछ उतार-चढ़ाव भरे प्रदर्शन के बाद पेरिस पहुंची थीं। सबालेंका ने ओपन एरा में 'सनशाइन डबल' हासिल करने वाली सिर्फ पांचवीं महिला बनकर इतिहास रचा था। सबालेंका ने पूरे मैच में दबदबा बनाए रखा। पहले सेट में 4-0 की बढ़त बनाने के बाद सबालेंका ने दूसरे सेट में भी तेजी से आगे बढ़ते हुए 5-0 की बढ़त हासिल कर ली थी। उनका बैकहैंड कोर्ट पर बार-बार जोरदार तरीके से चला, और नेट पर बढ़ते आत्मविश्वास ने उनके खेल में एक नया आयाम जोड़ दिया।

दूसरे सेट में भी इस स्पेनिश खिलाड़ी ने कुछ शानदार पल दिखाए, जिसमें एक बेहतरीन एंगल्ड बैकहैंड वाली और एक साहसी 'बैकहैंड डाउन द लाइन' शाट शामिल था, जिसने कुछ देर के लिए मैच के नतीजे को टाल दिया।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here