samacharsecretary.com

लॉन्च तो हो गया, लेकिन डिलीवरी अभी दूर! Ultraviolette Tesseract अब 2027 में मिलेगा

  नई दिल्ली

15 महीने पहले अल्ट्रावायलेट (Ultraviolette) ने अपने इलेक्ट्रिक स्कूटर टेसेरैक्ट (Tesseract) को लॉन्च किया था. इस स्कूटर की लॉन्चिंग के वक्त कंपनी ने बताया था कि इसकी डिलीवरी 2026 की पहली तिमाही में शुरू होगी. बाद में इस तारीख को आगे बढ़ाकर 2026 की दूसरी तिमाही कर दिया गया।

हालांकि, अब कंपनी ने एक बार फिर अपने इलेक्ट्रिक स्कूटर अल्ट्रावायलेट टेसेरैक्ट की उपलब्धता की तारीख को आगे बढ़ा दिया है. ये उन लोगों के लिए किसी झटके से कम नहीं है, जो इस स्कूटर को बुक कर डिलीवरी का इंतजार कर रहे हैं. अब कंपनी ने इस स्कूटर की नई तारीख 2027 की पहली तिमाही रख दी है

कितनी है कीमत?
अल्ट्रावायलेट टेसेरैक्ट को कंपनी ने मार्च 2025 में लॉन्च किया था. उस वक्त कंपनी ने इसकी इंट्रोडक्टरी कीमत 1.2 लाख रुपये एक्स शोरूम रखी थी. एक साल से ज्यादा का वक्त गुजर जाने के बाद भी ये स्कूटर लोगों तक पहुंच नहीं पाया है. इसकी वजह स्कूटर का डिजाइन है।

अल्ट्रावायलेट अपने पहले इलेक्ट्रिक स्कूटर को बेहतर बनाने के लिए उसमें कई बदलाव कर रही है. लॉन्चिंग के बाद कंपनी इस स्कूटर लोगों के फीडबैक के लिए कई शहरों में लेकर गई. उसके बाद कंपनी ने इसमें बदलाव करने शुरू किए है, जिससे स्कूटर को सभी के लिए एक बेहतर प्रोडक्ट के तौर पर पेश किया जा सके।

मिलेंगे दमदार फीचर्स
कंपनी ने बताया है कि स्कूटर ज्यादा यूजर फ्रेंडली और प्रैक्टिकल होगा. अल्ट्रावायलेट का कहना है कि जनवरी 2027 में जब इसकी डिलीवरी शुरू होगी, तो लोगों को एक बेहतर प्रोडक्ट मिलेगा. रिवाइज्ड अल्ट्रावायलेट टेसेरैक्ट 100V आर्किटेक्चर के साथ आएगा. ये इस फीचर के साथ आने वाला भारत पर पहला स्कूटर होगा।

इस स्कूटर में 15kW का मोटर मिलेगा, जो 20.11 बीएचपी की पावर प्रदान करेगा. स्कूटर 6kWh तक की बैटरी के साथ आएगा, जो 261 किलोमीटर तक की रेंज सिंगल चार्ज में देगा. कंपनी की मानें तो ये स्कूटर 125Km प्रति घंटे की टॉप स्पीड पर दौड़ सकेगा. इसमें 30 लीटर का बूट स्पेस और 7-इंच का टचस्क्रीन इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर मिलेगा।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here