यमुना नगर.
जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने पुलिस और बिजली निगम के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए साफ कहा कि गलत काम करने वालों को ठीक करने के लिए ही वह सरकार में आए हैं। बैठक में चोरी, प्रशासनिक लापरवाही और विभागीय मिलीभगत से जुड़े मामलों पर सुनवाई हुई।
सूचीबद्ध 15 शिकायतों के अलावा करीब 200 लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। बैठक के दौरान एक मामले में पुलिस अधिकारी ने मंत्री को बताया कि शिकायतकर्ता संतुष्ट है और उसने लिखित में दे दिया है। इस पर मंत्री ने तुरंत पूछा कि लिखित में किसके सामने दिया गया और उसका नाम क्या है। उन्होंने कहा कि केवल कागज दिखाकर शिकायतें बंद नहीं की जा सकतीं। हर मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
बिजली निगम को चेतावनी
बिजली निगम से जुड़े मामलों में मंत्री ने अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि पत्थर क्रेशर संचालकों से अधिकारियों की नजदीकी पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। मंत्री ने साफ कहा कि किसी भी स्तर पर मिलीभगत बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमों के अनुसार कार्रवाई होगी। बैठक के दौरान मंत्री ने कहा कि कुछ अधिकारी शिकायतकर्ताओं को बाहर बैठाकर मामले दबाने का प्रयास करते हैं, लेकिन अब यह व्यवस्था नहीं चलेगी। उन्होंने कहा कि वह सात बार विधायक रह चुके हैं और प्रशासनिक व्यवस्था को अच्छी तरह समझते हैं। मंत्री ने अधिकारियों से कानून पढ़कर आने की बात भी कही।
शिकायतकर्ताओं को लेकर दिया संदेश
मंत्री ने यह भी कहा कि जो भी शिकायतकर्ता उनके दरबार में आता है, वह खाली हाथ नहीं जाता। इसके बाद पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल ने माइक संभालते हुए सभी शिकायतकर्ताओं को अंदर भेजने के निर्देश दिए। कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने कहा कि अब जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक हर महीने के आखिरी शुक्रवार को दोपहर 12 बजे आयोजित होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों की पूरी तैयारी के साथ बैठक में पहुंचे।
15 शिकायतों की जगह पहुंचे 200 लोग
जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। बैठक में 15 शिकायतें सूचीबद्ध थीं, लेकिन करीब 200 शिकायतकर्ता मौके पर पहुंचे, जिससे अधिकारियों में भी हलचल बनी रही। अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए मंत्री अनिल विज ने कहा कि वह सात बार विधायक रह चुके हैं और प्रशासनिक मामलों को अच्छी तरह समझते हैं। उन्होंने कहा, पद भले छोटा हो, लेकिन अनुभव बहुत बड़ा है। सरकार में सबसे ज्यादा अनुभव उनको है।





