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Chandigarh Parking Rule: 4 मार्केट में लागू होगा नया सिस्टम, ज्यादा देर पार्किंग पर ज्यादा देना होगा शुल्क

 चंडीगढ़
 शहर की पेड पार्किंग व्यवस्था में बड़े बदलाव होंगे। सेक्टर-17, 35 और 22 मोबाइल मार्केट में पार्किंग रेट बढ़ेंगे। नगर निगम ने इसका ड्राफ्ट टेंडर दस्तावेज तैयार कर लिया है। इस टेंडर दस्तावेज की शुक्रवार को मेयर सौरभ जोशी की अध्यक्षता में आयोजित निगम अधिकारियों की बैठक में समीक्षा की गई।

पेड पार्किंग साइट्स को चार ऑपरेशनल जोन में बांटकर आवंटित किया जाएगा। इसमें प्रमुख कामर्शियल और अधिक भीड़ वाले क्षेत्रों में पहले स्मार्ट पार्किंग के लिए निर्धारित की गई पार्किंग फीस को लागू करने पर विचार किया गया। यह रेट घंटों के हिसाब से तय किए गए हैं।

सेक्टर-17, सेक्टर-35 सी मार्केट और सेक्टर-22 बी मोबाइल मार्केट जैसी प्रमुख पार्किंग साइट्स के लिए संशोधित पार्किंग दरों पर भी चर्चा हुई ताकि सेक्टर-17 की अंडरग्राउंड मल्टीलेवल पार्किंग का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। अभी मल्टीलेवल पार्किंग खाली रहती है। 

वहीं, समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने स्मार्ट पार्किंग सिस्टम लागू करने संबंधी प्रस्तावों की जानकारी दी, जिसमें ई-टिकटिंग, सीसीटीवी आधारित सेंट्रल मानिटरिंग, बूम बैरियर, रियल टाइम पार्किंग मैनेजमेंट और मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से सुविधा देने जैसे प्रविधान शामिल हैं।

इससे पार्किंग व्यवस्था तो बेहतर होगी ही निगम का राजस्व भी बढ़ेगा। बैठक के अंत में मेयर और कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अंतिम नीति ढांचे में सभी जनहित और पब्लिक फ्रेंडली प्रावधान शामिल किए जाएं ताकि चंडीगढ़ में पारदर्शी, तकनीक आधारित और प्रभावी नागरिक प्रशासन सुनिश्चित किया जा सके।

नए सिस्टम में क्या-क्या होगा, सब कुछ जानिए:-

    टाइम के हिसाब से बढ़ते जाएंगे रेट: चंडीगढ़ में अभी एक घंटे और 12 घंटे के लिए पार्किंग का एक ही रेट है। लोग सुबह गाड़ी खड़ी कर चले जाते हैं और फिर शाम को ले जाते हैं। ऐसे में एक तरफ पार्किंग फुल रहती है और दूसरी तरफ निगम को भी रेवेन्यू का नुकसान होता है।
    अब क्या सिस्टम बनेगा: निगम के प्लान के मुताबिक अब हर घंटे या 2 घंटे के हिसाब से पार्किंग की फीस में बढोतरी होती जाएगी। मान लीजिए कि पहले घंटे के लिए अगर पार्किंग की फीस 40 रुपए है तो दूसरे घंटे के लिए यह 60 रुपए हो सकती है। अगर किसी को पूरे 12 घंटे के लिए गाड़ी खड़ी करनी है तो उसका 100 से 200 रुपए रेट रखा जा सकता है।

    टाइमिंग सुनिश्वित कैसे होगी: निगम सूत्रों के मुताबिक इसके लिए ई-टिकटिंग की व्यवस्था की जाएगी। पार्किंग में गाड़ी के एंटर करते ही ई-टिकट दिया जाएगा। गाड़ी पार्किंग में कब आई, वह इसका टाइम टिकट पर होगा। जब कोई गाड़ी वहां से बाहर निकालेगा तो एग्जिट वाली जगह पर टाइम देखकर रेट वसूला जाएगा।

    निगम पहले इसे कहां लागू करेगा: निगम अफसरों के मुताबिक सेक्टर-17, सेक्टर-35, सेक्टर-22 की मोबाइल मार्केट सहित प्रमुख पार्किंग स्थलों के लिए इस पर विचार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य सेक्टर-17 की अंडरग्राउंड मल्टीलेवल पार्किंग का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है, क्योंकि यह पार्किंग अक्सर खाली रहती है।

    नई व्यवस्था में और क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी: निगम अफसरों के मुताबिक इसमें ई-टिकटिंग के अलावा सीसीटीवी आधारित सेंट्रल मॉनिटरिंग, बूम बैरियर, रियल टाइम पार्किंग मैनेजमेंट और मोबाइल एप्लीकेशन जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल की जाएंगी। अधिकारियों का मानना है कि इससे न केवल पार्किंग व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि निगम की कमाई भी बढ़ेगी।

    बिना शुल्क किसी वाहन की एंट्री नहीं: किसी भी वाहन को बिना शुल्क पार्किंग स्थल में प्रवेश न दिया जाए। पार्किंग कर्मचारियों की ड्यूटी और कार्यप्रणाली पर भी नजर रखने के आदेश दिए गए हैं। ज्वाइंट कमिश्नर डॉ. इंदरजीत ने कहा कि पार्किंग व्यवस्था में पारदर्शिता लाना जरूरी है। इससे लोगों को सुविधा मिलेगी और नगर निगम के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।

कर्मचारियों का रिकॉर्ड और फिजिकल जांच होगी नगर निगम ने पार्किंग स्थलों पर तैनात कर्मचारियों का पूरा रिकॉर्ड तैयार करने और समय-समय पर उनकी फिजिकल जांच करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को कहा गया है कि किसी भी तरह की अनियमितता मिलने पर तुरंत रिपोर्ट तैयार की जाए। इसके अलावा संबंधित अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने की जिम्मेदारी भी दी गई है, ताकि पार्किंग स्थलों पर अवैध वसूली और नियमों के उल्लंघन को रोका जा सके।

करीब 90 पार्किंग साइट्स चिन्हित

बता दें कि, शहर में करीब 90 पार्किंग साइट्स चिन्हित हैं, जिनमें से लगभग 60 पेड पार्किंग साइट्स वर्तमान में संचालित हो रही हैं। इन पार्किंग स्थलों से नगर निगम को सालाना करीब 8 से 12 करोड़ रुपए तक का राजस्व प्राप्त होता रहा है।

फिलहाल सभी जगह एक ही प्रकार की पर्ची कटती है, जिसमें वाहन पार्किंग के लिए समय की कोई सीमा निर्धारित नहीं है। इसी व्यवस्था के चलते पार्किंग संचालन में कई तरह की अनियमितताओं और भीड़भाड़ की समस्या भी सामने आती रही है।

सफाई सेवाओं की सख्त माॅनिटरिंग होगी
सफाई सेवाओं की सख्त माॅनिटरिंग और लोगों की शिकायतों का त्वरित समाधान किया जाए।यह निर्देश मेयर सौरभ जोशी ने अधिकारियों को दिए। बैठक में एमसी कमिश्नर अमित कुमार, जाइंट कमिश्नर, चीफ इंजीनियर समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक के दौरान शहर की सफाई व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर विशेष चर्चा हुई। इसमें वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन, डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्शन, नए एमएसडब्ल्यू रूल्स-2026 के क्रियान्वयन और शहर के सभी सेक्टरों, गांवों और काॅलोनियों में सफाई मानकों को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया।

मेयर ने सफाई कर्मचारियों और नगर निगम के अन्य कर्मचारियों के कल्याण एवं नौकरी सुरक्षा के मुद्दों पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कर्मचारियों की कार्य परिस्थितियों में सुधार, सुरक्षा उपकरणों की समय पर उपलब्धता, वेलफेयर सुविधाओं और लंबित मामलों के समाधान के निर्देश अधिकारियों को दिए।

वेंडिंग जोन हों व्यवस्थित
स्ट्रीट वेंडरों के पुनर्वास और उन्हें बेहतर सुविधाएं देने के मुद्दे पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मेयर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वेंडिंग जोन व्यवस्थित किए जाएं और वास्तविक वेंडरों की आजीविका सुरक्षित रखते हुए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

बैठक में बी एंड आर, पब्लिक हेल्थ, हार्टिकल्चर और इलेक्ट्रिसिटी विभागों से जुड़े विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। मेयर ने लंबित परियोजनाओं में तेजी लाने और कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

 

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