प्रदेश में चल रही है समान नागरिक संहिता (यू.सी.सी.) लागू करने की प्रक्रिया : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
प्रदेश में गठित की गई है उच्च स्तरीय समिति
आम नागरिकों से किये गये है सुझाव आमंत्रित
भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यू.सी.सी) लागू करने की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है। वर्तमान समय में विभिन्न धर्मों में विवाहित बहनों के लिए प्रचलित अलग-अलग रीति-रिवाज और नियमों की आवश्यकता नहीं है। मध्यप्रदेश को आज समान नागरिक संहिता की ओर बढ़ने की आवश्यकता है। वर्तमान में देश के तीन राज्यों उत्तराखंड, गुजरात और असम ने समान नागरिक संहिता को लागू किया है। मध्यप्रदेश सरकार ने भी यूसीसी (यूनिफॉर्म सिविल कोड) को लागू करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह जानकारी आज सोमवार को मंत्रालय में मीडिया को जारी वक्तव्य में दी।
जिलों में विभिन्न धर्म समुदाय के लोगों से लिए जायेंगे सुझाव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में यूसीसी के लिए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है। अलग-अलग क्षेत्र के विद्वानों को इस समिति में स्थान दिया गया है। यह समिति प्रदेश के विभिन्न जिलों में अलग-अलग धर्म-समुदाय के लोगों से सुझाव प्राप्त करेगी।
सभी वर्गों के साथ संवाद और समन्वय से लागू की जायेगी समान नागरिक संहिता
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार सभी वर्गों के साथ संतुलन बनाते हुए समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। राज्य की जन हितैषी सरकार सभी वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। मध्यप्रदेश समान नागरिक आचार संहिता लागू करने के लिए सबसे अनुकूल प्रदेश है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार ने समान नागरिक संहिता के लिए एक वेबसाइट भी लॉन्च की है, जिस पर आम नागरिक अपने सुझाव दे सकते हैं।





