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बिहार की राजनीति में गरमाया आवास विवाद, सम्राट चौधरी ने लालू परिवार को घेरा

मुजफ्फरपुर.

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि बिहार संविधान से चल रहा है। कुछ इसे राजतंत्र के अनुसार चलाना चाहते हैं, मगर ऐसा नहीं होगा। बिहार में लोकतंत्र है। यहां कानून का राज है। आवास तो ख़ाली करना ही पड़ेगा। इसे कोई माई का लाल नहीं रोक सकता। उनका निशाना लालू परिवार पर था।

पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास खाली नहीं करने को लेकर कहा, पिता के लिए अलग, बेटा के लिए अलग, पत्नी के लिए अलग आवास चाहिए। सभी को अलग अलग सुरक्षा चाहिए। उन्हें नीति सिद्धांत से मतलब नहीं। नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री का पद छोड़ा तो आवास भी समय से खाली कर दिया। कुछ लोग यहाँ राजतंत्र चलाना चाहते, मगर ऐसा नहीं होगा। मुख्यमंत्री मंगलवार को मोतीपुर की परसौनी नाथ पंचायत में सहयोग शिविर का निरीक्षण करने के बाद सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कुछ लोग मेरे आवास को लेकर बयान दे रहे हैं। उन्हें यह बता दूं कि उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री रहने पर भी वह पिता के घर में रहे। वह भी पिताजी ने घर का एक हिस्सा दिया।

पीएम मोदी, नीतीश कुमार, एनडीए के नेता और जनता ने मुख्यमंत्री बनाया तो सीएम आवास में आया हूं। यहां जनता जिसे चाहेगी मुख्यमंत्री बनाएगी। सहयोग शिविर को लेकर उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और नीतीश कुमार के मार्ग पर चल कर बिहार को समृद्ध बनाना है। लोगों की समस्या का समाधान देना है। इसलिए ही यह क़ानून बनाया गया है। आपकी समस्या का निदान कर्मचारियों और पदाधिकारियों को करना ही होगा। अगर 10 दिन में नहीं किया तो 11वें दिन मुख्यमंत्री कार्यालय से एक नोटिस जाएगा। फिर 20 दिन में नहीं किया तो 21वें दूसरा नोटिस जाएगा।

तीसरा मौक़ा भी दिया जाएगा। लेकिन 26वें दिन तीसरा नोटिस जाएगा। तीस दिनों में समाधान नहीं हुआ तो नोटिस नहीं मुख्यमंत्री कार्यालय से नोटिस नहीं कर्मचारी और पदाधिकारी के निलंबन का आदेश जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा, नीतीश कुमार ने बिहार को विकसित किया। मैं भी आपको एक बात के लिए आश्वस्त करना चाहता हूं कि कोई भी अपराधी या गुंडा अगर पुलिस को चैलेंज करता है तो उसे 48 घंटे में जवाब मिलेगा। उन्होंने कहा, हरा गमछा के मेरे बयान पर कुछ लोगों ने टिप्पणी की। मैं कहता हूं हरा रंग हरियाली का प्रतीक है। अगर कोई गुंडागर्दी करेगा तो उसकी जगह जेल में होगी।

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