बोकारो
भारत सरकार की सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों Steel Authority of India Limited (SAIL) और Bharat Heavy Electricals Limited (BHEL) का महारत्न दर्जा खतरे में पड़ सकता है। बीते तीन वर्षों के वित्तीय प्रदर्शन की समीक्षा के बाद केंद्र सरकार के कैबिनेट सचिवालय और लोक उद्यम विभाग (डीपीई) ने दोनों कंपनियों को चेतावनी नोटिस जारी कर वित्तीय स्थिति में सुधार लाने का निर्देश दिया है।
सूत्रों के अनुसार, नोटिस की अवधि एक वर्ष निर्धारित की गई है। इस दौरान कंपनियों के प्रदर्शन पर लगातार नजर रखी जाएगी। एक वर्ष बाद पुनः समीक्षा की जाएगी और यदि निर्धारित वित्तीय मानकों में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ तो दोनों कंपनियों का महारत्न दर्जा वापस लेकर उन्हें नवरत्न श्रेणी में रखा जा सकता है।
5 हजार करोड़ रुपये का चाहिए वार्षिक लाभ
सरकार के नियमों के मुताबिक किसी कंपनी को महारत्न का दर्जा बनाए रखने के लिए लगातार तीन वर्षों में औसतन कम से कम 5,000 करोड़ रुपये का वार्षिक शुद्ध लाभ अर्जित करना आवश्यक है। बताया जा रहा है कि सेल इस अनिवार्य मानक को पूरा नहीं कर सकी है, जिसके कारण उसे चेतावनी नोटिस जारी किया गया है।
वहीं, भारी उद्योग मंत्रालय के अधीन संचालित भेल को भी अपेक्षित वित्तीय प्रदर्शन नहीं कर पाने के कारण लोक उद्यम विभाग की ओर से चेतावनी दी गई है। विभाग ने कंपनी प्रबंधन को लाभप्रदता और परिचालन दक्षता बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाने को कहा है।
सेल को 2010 और भेल को 2013 में मिला था दर्जा
गौरतलब है कि सेल को मई 2010 में तथा भेल को फरवरी 2013 में नवरत्न से पदोन्नत कर महारत्न का दर्जा प्रदान किया गया था। महारत्न का दर्जा मिलने से कंपनियों को निवेश और व्यावसायिक निर्णयों में अधिक स्वायत्तता प्राप्त होती है। ऐसे में यह दर्जा बनाए रखना दोनों सार्वजनिक उपक्रमों के लिए प्रतिष्ठा और कारोबारी दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।





