जालंधर.
जालंधर के बस्ती शेख स्थित राजेश्वरी धाम की गद्दी नशीन एवं संचालिका मां देवी राजरानी शनिवार को ब्रह्मलीन हो गईं। उनके निधन का समाचार मिलते ही श्रद्धालुओं, अनुयायियों तथा धार्मिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई। वर्षों से सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार और आध्यात्मिक गतिविधियों से जुड़ी मां देवी राजरानी के निधन को धार्मिक क्षेत्र के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है।
मां देवी राजरानी लंबे समय से राजेश्वरी धाम के माध्यम से धार्मिक और आध्यात्मिक सेवाओं में सक्रिय थीं। उन्होंने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा सनातन संस्कृति, धार्मिक मूल्यों और सामाजिक जागरूकता के प्रसार को समर्पित किया। उनके मार्गदर्शन में राजेश्वरी धाम न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बना, बल्कि अनेक श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक प्रेरणा का स्रोत भी रहा।
समाज में पहुंचाया सकारात्मक संदेश
धार्मिक कार्यक्रमों, सत्संगों और विभिन्न सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से उन्होंने समाज में सकारात्मक संदेश देने का निरंतर प्रयास किया। उनके सान्निध्य में बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुड़े और उन्हें आध्यात्मिक मार्गदर्शक के रूप में सम्मान मिला। उनके ब्रह्मलीन होने की खबर के बाद धाम में श्रद्धालुओं का आना-जाना लगातार जारी रहा। मां देवी राजरानी के निधन पर शहर की विभिन्न धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। कई प्रमुख हस्तियों ने इसे समाज और धार्मिक जगत की अपूरणीय क्षति बताया। श्रद्धांजलि संदेशों में उनके सरल स्वभाव, धार्मिक समर्पण और समाज सेवा के कार्यों को याद किया गया।
आज शाम होगा अंतिम संस्कार
परिवारजनों और धाम प्रबंधन की ओर से मिली जानकारी के अनुसार मां देवी राजरानी का अंतिम संस्कार शनिवार को शाम साढ़े तीन बजे बस्ती शेख श्मशानघाट में किया जाएगा। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।





