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बीमा फ्रॉड और वाहन घोटालों का जाल, कनाडा में सक्रिय ठगी के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का पर्दाफाश

चंडीगढ़.

कनाडा में फर्जी सड़क हादसों, वाहन खरीद घोटालों, बीमा धोखाधड़ी और ज्वेलरी चोरी के जरिए करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले कथित क्रिमिनल टूरिज्म नेटवर्क का बड़ा खुलासा हुआ है। कनाडाई पुलिस की लंबे समय तक चली जांच में सामने आया है कि संगठित गिरोहों के सदस्य देश में पहुंचकर योजनाबद्ध तरीके से आर्थिक अपराधों को अंजाम दे रहे थे।

इस मामले में पंजाब मूल के कई लोगों के नाम भी जांच के दायरे में आए हैं। डरहम रीजनल पुलिस सर्विस (डीआरपीएस) की ओर से चलाए गए प्रोजेक्ट जेटसेटर के तहत हुई जांच में 46 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, जबकि 164 संदिग्ध अब भी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार यह कोई सामान्य चोरी या धोखाधड़ी का मामला नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय संगठित नेटवर्क से जुड़ा प्रकरण है।

फर्जी दस्तावेजों के सहारे धोखाधड़ी
जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह के सदस्य वाहन खरीद और फाइनेंसिंग से जुड़े फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर धोखाधड़ी करते थे। इसके अलावा बीमा कंपनियों से रकम वसूलने के लिए कथित तौर पर फर्जी सड़क दुर्घटनाएं भी करवाई जाती थीं। महंगे वाहनों की चोरी कर उन्हें दूसरे स्थानों पर भेजने और ज्वेलरी दुकानों को निशाना बनाने जैसे मामलों की भी जांच में पुष्टि हुई है। पुलिस का कहना है कि यह नेटवर्क तेजी से मुनाफा कमाने के उद्देश्य से काम कर रहा था। अपराधों को अंजाम देने के लिए सुनियोजित तरीके अपनाए गए, जिससे जांच एजेंसियों के लिए पूरे नेटवर्क तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण रहा। करीब 5,000 घंटे की जांच और नौ से अधिक अलग-अलग मामलों की पड़ताल के बाद अधिकारियों ने 200 से ज्यादा घटनाओं को इस नेटवर्क से जोड़ा है।

1400 से अधिक आरोप दर्ज
डीआरपीएस के अनुसार केवल ओंटारियो के डरहम क्षेत्र में ही इन अपराधों से 26.1 लाख कनाडाई डॉलर से अधिक का नुकसान हुआ है। जांच वर्ष 2019 से जारी है और अब तक 1,440 से ज्यादा आरोप दर्ज किए जा चुके हैं। कनाडाई अधिकारियों का कहना है कि ‘क्रिमिनल टूरिज्म’ संगठित अपराध का नया और तेजी से बढ़ता स्वरूप बनकर उभरा है। इसमें अपराधी सीमाओं के पार जाकर आर्थिक अपराधों को अंजाम देते हैं और फिर पहचान छिपाने का प्रयास करते हैं। अधिकारियों के मुताबिक इस तरह के नेटवर्क से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान और पुलिस एजेंसियों के बीच मजबूत सहयोग की जरूरत है। जांच एजेंसियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और मामलों का खुलासा हो सकता है तथा कई अन्य संदिग्धों तक भी जांच का दायरा बढ़ाया जा सकता है।
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ये हैं गिरफ्तार किए गए आरोपित
कनाडाई पुलिस ने ‘प्रोजेक्ट जेटसेटर’ जांच के तहत पंजाब मूल के दो युवकों को गिरफ्तार किया है :
अरशजोत सिंह ढिल्लों (23 वर्ष)
अरमान शर्मा (23 वर्ष)
पुलिस दस्तावेजों के अनुसार दोनों पर कथित तौर पर संगठित आर्थिक अपराधों से जुड़े मामलों में आरोप लगाए गए हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि यह नेटवर्क वाहन खरीद घोटालों, वाहन फाइनेंसिंग फ्राड, फर्जी सड़क दुर्घटनाओं के जरिए बीमा दावों में धोखाधड़ी, रिटेल चोरी और अन्य वित्तीय अपराधों में सक्रिय था। हालांकि पुलिस ने सार्वजनिक बयान में प्रत्येक आरोपित की व्यक्तिगत भूमिका का विस्तृत खुलासा नहीं किया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और आरोपितों की नेटवर्क में भूमिका से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।

जांच के प्रमुख बिंदु

  1. 2019 से चल रही है जांच
  2. 46 लोगों पर कार्रवाई
  3. 164 संदिग्ध अब भी फरार
  4. 1,440 से अधिक आरोप दर्ज
  5. 26.1 लाख कनाडाई डालर से ज्यादा का वित्तीय नुकसान
  6. वाहन घोटाले, बीमा फ्राड और चोरी के मामलों पर फोकस

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