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यूपी पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन: 6 एनकाउंटर, एक बदमाश ढेर; कौन था भानु प्रताप सिंह?

 लखनऊ उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ पुलिस और एसटीएफ का एक्शन लगातार जारी है. अयोध्या से लेकर झांसी, लखनऊ, हापुड़ और चंदौली तक पुलिस ने मुठभेड़ों और छापेमारी के जरिए कई बड़े अपराधियों को या तो गिरफ्तार किया है या तो ढेर किया है. इस कार्रवाई से अपराधियों में दहशत का माहौल है. आइए जानते हैं कि 24 घंटे में कहां-कहां मुठभेड़ हुई… अयोध्या सबसे बड़ी कार्रवाई अयोध्या में हुई, जहां प्रयागराज एसटीएफ यूनिट और कुख्यात अपराधी भानु प्रताप सिंह के बीच मुठभेड़ हुई. मुठभेड़ में घायल भानु प्रताप सिंह की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. भानु पर आजमगढ़ से एक लाख, अंबेडकर नगर से पचास हजार और गोरखपुर से पंद्रह हजार रुपये का इनाम घोषित था. पुलिस के मुताबिक वह कॉन्ट्रैक्ट किलर और डकैत था व उसके खिलाफ हत्या और डकैती समेत 40 से अधिक गंभीर मुकदमे दर्ज थे।  झांसी उधर झांसी में हत्या के मामले में वांछित दो आरोपियों को पुलिस ने आधी रात के बाद मुठभेड़ में घेर लिया. पुलिस की गोली लगने से एक आरोपी घायल हो गया, जबकि दूसरे ने सरेंडर कर दिया. दोनों पर 24 घंटे पहले हुई हत्या में शामिल होने का आरोप है. पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश कर रही है।  लखनऊ लखनऊ के गाजीपुर थाना क्षेत्र में महिला से छेड़छाड़, मारपीट और हत्या के प्रयास के मामले में भी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी सुमित कश्यप को गिरफ्तार किया गया. पूछताछ में उसके साथी सनी उर्फ शनि कश्यप का नाम सामने आया. पुलिस मुठभेड़ के बाद दूसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।  हापुड़ हापुड़ में व्यापारी नरेंद्र कबाड़ी के घर हुई लूटकांड की वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. मुठभेड़ के दौरान दो बदमाशों के पैर में गोली लगी, जबकि वारदात में शामिल कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. मामले का विस्तृत खुलासा एसपी कुंवर ज्ञानंजय सिंह करेंगे।  चंदौली वहीं चंदौली में 24 घंटे पहले हुए हत्याकांड के मुख्य शूटर को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया. आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी है और उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है. पुलिस का कहना है कि आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की थी, जिसके जवाब में की गई कार्रवाई में वह घायल हुआ।  अयोध्या एनकाउंटर में मारे गए इनामी बदमाश भानु प्रताप सिंह की क्राइम कुंडली  गोरखपुर के बेलघाट थाना क्षेत्र के बिखनापुर गांव का निवासी भानु प्रताप सिंह पूर्वांचल के कई जिलों में आतंक का पर्याय बना हुआ था. प्रयागराज एसटीएफ के इंस्पेक्टर जेपी राय के नेतृत्व में टीम ने सूचना के आधार पर घेराबंदी की, जिसके बाद हुई फायरिंग में भानु गोली लगी, जिसके बाद उसकी मौत हो गई. भानु पर आजमगढ़, अंबेडकरनगर और गोरखपुर समेत विभिन्न जनपदों से कुल मिलाकर 1 लाख रुपये, 50 हजार रुपये और 15 हजार रुपये के इनाम घोषित थे. वह लंबे समय से फरार चल रहा था और पुलिस की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था।  15 सालों का खौफनाक आपराधिक इतिहास पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, भानु प्रताप सिंह का आपराधिक इतिहास बेहद खौफनाक था. साल 2010 से लेकर 2025 तक उसके खिलाफ लगातार मुकदमे दर्ज होते रहे. उस पर गोरखपुर, आजमगढ़, संतकबीरनगर, मऊ, बस्ती, देवरिया और अंबेडकरनगर सहित कई जिलों में 40 से अधिक संगीन मुकदमे दर्ज थे. वह पूर्वांचल के संगठित अपराध गिरोहों से जुड़ा हुआ था और सुपारी लेकर हत्या करने वाले शातिर कॉन्ट्रैक्ट किलर के रूप में सक्रिय था।  हत्या, डकैती और गैंगस्टर एक्ट समेत दर्जनों धाराएं भानु के खिलाफ दर्ज मुकदमों में कानून की सबसे गंभीर धाराएं शामिल थीं. उसके अपराध इतिहास में-  हत्या और साजिश: हत्या (302 IPC), हत्या का प्रयास (307 IPC) और हत्या की साजिश (120B IPC) लूट और अपहरण: डकैती (395, 397 IPC), लूट (392, 394 IPC) और अपहरण (363, 366 IPC) संगठित अपराध व अन्य: गैंगस्टर एक्ट, गुंडा एक्ट, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, धोखाधड़ी (420 IPC) और सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम।  ध्वस्त हुआ पूर्वांचल का नेटवर्क भानु के खिलाफ सबसे ज्यादा मुकदमे गोरखपुर, आजमगढ़ और संतकबीरनगर में दर्ज थे. आजमगढ़ के महाराजगंज, अहरौला और अतरौलिया थानों के मामलों में वह वांछित था. दर्शन नगर चौकी प्रभारी बृजभूषण ने भानु की मौत की मौत की पुष्टि की है. एसटीएफ का मानना है कि इस एनकाउंटर से पूर्वांचल का एक बड़ा आपराधिक नेटवर्क पूरी तरह ध्वस्त हो गया है।  आपको बता दें कि यूपी में अपराधियों के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी है. अलग-अलग जिलों में हुई इन कार्रवाइयों को कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर बड़ी सफलता माना जा रहा है. फिलहाल सभी मामलों में आगे की जांच जारी है। 

श्रेयस अय्यर का बड़ा बयान चर्चा में, कप्तानी मिलते ही दिखाई अलग पहचान बनाने की चाह

 मुंबई भारतीय टी20 टीम के नए कप्तान श्रेयस अय्यर ने अपने इरादे साफ कर दिए हैं. श्रेयस ने कहा है कि वह कप्तानी की चुनौती का स्वागत करते हैं, लेकिन इसके लिए अपनी पहचान नहीं बदलेंगे. उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि वह किसी की परछाई बनकर टीम का नेतृत्व नहीं करना चाहते, बल्कि अपने अंदाज में टीम इंडिया को आगे बढ़ाना चाहते हैं।  मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान श्रेयस अय्यर ने कप्तानी को लेकर खुलकर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि टीम इंडिया की कमान संभालना उनके लिए गर्व और जिम्मेदारी दोनों है, लेकिन वह खुद को बदलने में विश्वास नहीं रखते. अय्यर ने कहा, 'मुझे कप्तान की जिम्मेदारी मिली है और यह मेरे लिए एक शानदार चुनौती है. लेकिन इसके लिए मुझे अपने व्यक्तित्व में बदलाव की जरूरत नहीं है. मैं वही इंसान रहूंगा जो पहले था. मैं किसी और जैसा बनने की कोशिश नहीं करूंगा और न ही किसी की परछाई में रहना चाहता हूं।  उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब भारतीय क्रिकेट में कप्तानों की तुलना अक्सर उनके पूर्ववर्तियों से की जाती है, ऐसे में अय्यर ने साफ संकेत दिया है कि वह अपनी अलग पहचान बनाना चाहते हैं. श्रेयस अय्यर का सफर आसान नहीं रहा है. दिसंबर 2023 में आखिरी टी20 इंटरनेशनल मैच खेलने के बाद वह लंबे समय तक टीम से बाहर रहे, टी20 विश्व कप और एशिया कप जैसी बड़ी प्रतियोगिताओं में भी उन्हें मौका नहीं मिला. जब चयनकर्ता दूसरी दिशाओं में देख रहे थे, तब अय्यर ने मैदान पर जवाब दिया. घरेलू क्रिकेट में लगातार रन बनाए और आईपीएल में अपनी कप्तानी से सभी को प्रभावित किया।  कप्तानी में जलवा दिखा चुके श्रेयस श्रेयस अय्यर की वापसी की सबसे बड़ी वजह उनका शानदार आईपीएल रिकॉर्ड रहा. उन्होंने 2024 में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में चैम्पियन बनाया. इसके बाद 2025 में पंजाब किंग्स (PBKS) को फाइनल तक पहुंचाया और 2026 में भी अपने नेतृत्व कौशल का शानदार प्रदर्शन किया. एक कप्तान के रूप में उनकी सबसे बड़ी ताकत दबाव में शांत रहना और खिलाड़ियों से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन निकलवाना मानी जाती है. यही गुण उन्हें भारतीय टीम की कप्तानी तक लेकर आए।  दिलचस्प बात यह है कि गौतम गंभीर और श्रेयस अय्यर की जोड़ी एक बार फिर साथ काम करेगी. आईपीएल 2024 में दोनों ने कोलकाता नाइट राइडर्स को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी. हालांकि उस समय टीम की सफलता का बड़ा श्रेय गंभीर को मिला, जबकि अय्यर की कप्तानी को उतनी चर्चा नहीं मिली. अब दोनों भारतीय टीम में कोच और कप्तान की भूमिका में साथ होंगे. यही वजह है कि अय्यर का 'किसी की परछाई में नहीं रहना चाहता' वाला बयान काफी चर्चा में है. इसे उनकी स्वतंत्र सोच और अपनी पहचान बनाने की इच्छा के रूप में देखा जा रहा है।  भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) अब अगले टी20 विश्व कप और लॉस एंजेलिस ओलंपिक 2028 को ध्यान में रखकर नई टीम तैयार कर रहा है. सूर्यकुमार यादव के बाद कप्तानी की जिम्मेदारी श्रेयस अय्यर को सौंपना इसी बदलाव का हिस्सा माना जा रहा है. श्रेयस के सामने सिर्फ मैच जीतने की चुनौती नहीं होगी, बल्कि एक ऐसी टीम तैयार करने की जिम्मेदारी भी होगी जो आने वाले वर्षों में भारत को आईसीसी ट्रॉफियां दिला सके। 

एमएलसी चुनाव को लेकर पटना में हलचल तेज, NDA-RJD की रणनीति पर नजर

पटना बिहार की राजनीति में आज का दिन बेहद सरगर्मियों भरा रहने वाला है। बिहार विधान परिषद की 10 सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए आज यानी सोमवार को उम्मीदवार अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। विधानसभा सचिव के कमरे में सभी उम्मीदवार सुबह 11 बजे से दोपहर बाद 3 बजे के बीच अपना पर्चा भरेंगे, और आपको बता दें कि नामांकन दाखिल करने की यह आखिरी तारीख है। इस चुनाव को लेकर एनडीए ने अपने 9 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान पहले ही कर दिया है, लेकिन विपक्षी महागठबंधन यानी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की ओर से रविवार की देर रात तक अपने उम्मीदवारों के नाम की घोषणा नहीं की गई थी। इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम को देखते हुए कयास लगाए जा रहे हैं कि आज नामांकन के दौरान पटना विधानसभा परिसर में दिग्गजों का भारी जमावड़ा लगने वाला है। 9 सीटों पर मुख्य चुनाव और एक पर उपचुनाव विधान परिषद की कुल 10 सीटों में से 9 सीटों पर सामान्य चुनाव हो रहा है, जबकि 1 सीट पर उपचुनाव कराया जा रहा है। इस चुनाव के गणित को समझें तो प्रत्येक सीट पर जीत हासिल करने के लिए किसी भी उम्मीदवार को कम से कम 25 विधायकों के वोटों की जरूरत होगी। इस लिहाज से एनडीए के घटक दलों के खाते में 9 में से 8 सीटों पर सीधी और निश्चित जीत तय मानी जा रही है। वहीं, बची हुई 10वीं सीट भी संख्या बल के हिसाब से एनडीए के पाले में ही जाती दिख रही है। जानकारों का कहना है कि अगर इन सीटों के लिए कुल 10 से ज्यादा उम्मीदवार मैदान में उतरते हैं, तभी 18 जून को वोटिंग कराई जाएगी, वरना सभी का निर्विरोध चुना जाना तय है। दीपक प्रकाश के नामांकन पर सस्पेंस बरकरार इस पूरे चुनाव में इस वक्त सबसे बड़ी चर्चा रालोमो नेता और पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश के नामांकन को लेकर चल रही है। दरअसल, दीपक प्रकाश अभी किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं, इसलिए मंत्री पद पर बने रहने के लिए उनका चुना जाना जरूरी है। हालांकि, उनके नाम को लेकर रविवार देर रात तक एनडीए में स्थिति पूरी तरह साफ नहीं हो सकी थी, लेकिन माना जा रहा है कि वे आज एनडीए की तरफ से पर्चा भर सकते हैं। इस संबंध में जब रालोमो प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा से पूछा गया, तो उन्होंने सस्पेंस बनाए रखते हुए कहा, "अभी थोड़ा इंतजार कीजिए, सोमवार को इसकी जानकारी सभी को हो जाएगी। हमारी बातचीत अंतिम दौर में चल रही है और हम हर परिस्थिति के लिए पूरी तरह तैयार हैं।"

नूरानी मस्जिद पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, जयपुर में सुरक्षा बढ़ी, इंटरनेट पर भी रोक

 जयपुर जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) द्वारा शहर के नंदपुरी इलाके में सड़क चौड़ीकरण के रास्ते में आ रहे धार्मिक स्थल को हटाने की प्रस्तावित कार्रवाई को शुरू कर दिया है. बताया जा रहा है कि प्रशासन की टीम ने नूरानी मस्जिद को सील कर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।  प्रशासन ने एंटी-एंक्रोचमेंट ड्राइव से पहले जिले के ज्यादातर इलाकों में इंटरनेट बंद कर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. साथ ही पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से शहर के मुस्लिम बहुल इलाकों में फ्लैग मार्च भी निकाला और पूरे इलाके में भारी संख्या में सुरक्षाबल को भी तैनात कर दिया गया है।  बताया जा रहा है कि जयपुर में मालवीय नगर से जगतपुरा तक जाने वाली मुख्य सड़क को चौड़ा करने के लिए काफी वक्त से काम चल रहा था. पिछले कई दिनों से सड़क तो चौड़ी की जा रही थी, मगर इस मस्जिद को छोड़ दिया गया था. इसे लेकर लोग सोशल मीडिया पर लगातार सत्तारूढ़ बीजेपी के खिलाफ पोस्ट डाल रहे थे, जिसके बाद जेडीए ने इसे हटाने की पूरी तैयारी कर ली।  ध्वस्त किए जाएंगे 5 धार्मिक स्थल प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि जेडीए और जिला प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से मालवीय नगर से जगतपुरा तक जाने वाले मुख्य सड़क को चौड़ा करने के लिए लंबे वक्त से काम कर रहा था. इसी क्रम में क्षेत्र में नंदपुरी अंडरपास के पास रेलवे लाइन के समानांतर चलने वाली सड़क को मौजूदा 25-30 फीट से बढ़ाकर निर्धारित 80 फीट करने का अभियान चल रहा है. इस अभियान में सड़क के अधिकार क्षेत्र में आने वाली पांच धार्मिक संरचनाओं को हटाया जा रहा है, जिनमें एक मस्जिद, दो मंदिर, एक सत्संग हॉल और एक मजार शामिल है. ये धार्मिक स्थल सड़क के राइट ऑफ वे (सीमा) में आ रही है।  प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वो अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें. किसी भी भड़काऊ पोस्ट या वीडियो को शेयर करने से बचें, अन्यथा सख्त कार्रवाई की जाएगी।  राइट ऑफ-वे आने वाले धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई जयपुर पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल ने स्पष्ट चेतावनी जारी करते हुए बताया कि सड़क सीमा (राइट ऑफ वे) में आने वाले धार्मिक स्थलों को हटाने की इस कार्रवाई के दौरान सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी. भड़काऊ वीडियो बनाने या तथ्यहीन सामग्री प्रसारित करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।  'तीन हजार से ज्यादा जवान तैनात' अधिकारी ने बताया कि इस संवेदनशील अतिक्रमण विरोधी अभियान को शांतिपूर्ण ढंग से पूरा कराने के लिए जयपुर पुलिस और विकास प्राधिकरण ने चक्रव्यूह तैयार किया है. पूरे क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया है, जहां कानून-व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए 50 से अधिक प्रशासनिक अधिकारियों के साथ 3,000 से ज्यादा जवानों की मुस्तैद किया गया है।  कांग्रेस ने उठाया सवाल उधर, इस पूरे प्रशासनिक एक्शन पर राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है. कांग्रेस विधायक रफीक खान ने इस ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए दावा किया है कि जिस नूरानी मस्जिद को प्रशासन हटाने जा रहा है, वह पूरी तरह से बिल्डिंग बायलॉज और तय नियमों के अनुसार बनाई गई थी। 

पंजाबियों के लिए अलर्ट: अगले 3 दिन हीट वेव का खतरा, दोपहर में बाहर निकलना पड़ सकता है भारी

चंडीगढ़  पंजाब में भीषण गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है और लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। पिछले दिनों हुई बारिश से लोगों को कुछ राहत जरूर मिली थी, लेकिन अब एक बार फिर गर्म हवाओं और 'लू' ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में 11 जून तक 'लू' को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी तेज हवाएं मौसम विभाग के अनुसार, फिरोजपुर, फरीदकोट, मोगा, बरनाला और संगरूर जिलों में लू का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है। विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक बिना किसी जरूरी काम के घर से बाहर न निकलें और पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें। हालांकि, 11 से 13 जून के बीच पठानकोट, होशियारपुर, रूपनगर और मोहाली समेत कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। अगर तापमान की बात करें तो बठिंडा राज्य का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं चंडीगढ़ में तापमान 39.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 4 दिनों में तापमान 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक और बढ़ सकता है, जिससे गर्मी का असर और अधिक बढ़ने की संभावना है।   11 जून से बदलेगा मौसम पंजाब में अगले तीन दिन भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। मौसम विभाग ने प्रदेश में हीट वेव का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान अधिकतम तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि 11 जून से मौसम में बदलाव के आसार हैं। विभाग के अनुसार तेज आंधी चलने से तापमान में कुछ गिरावट आ सकती है। 12 और 13 जून को भी ऐसे ही मौसम बने रहने की संभावना है। रविवार को प्रदेश के औसत अधिकतम तापमान में 1.1 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई जो सामान्य से 1.6 डिग्री अधिक रहा। बठिंडा सबसे गर्म रहा जहां अधिकतम तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा फरीदकोट में 42.5 डिग्री, अबोहर में 42.2 डिग्री और लुधियाना में 42 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। न्यूनतम तापमान में भी एक डिग्री की बढ़ोतरी हुई जबकि गुरदासपुर में सबसे कम 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी भी हुई। 

कायस्थ समाज की अनूठी पहल: बच्चों ने संभाली आयोजन की कमान, मेधावी प्रतिभाओं को मिला सम्मान

बाल कायस्थ प्रतिभाओं ने संभाली आयोजन की कमान, 33 मेधावी विद्यार्थियों का हुआ सम्मान समाज की नई पीढ़ी को नेतृत्व सौंपने की अभिनव पहल, राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त प्रतिभा सहित विशिष्ट सम्मान प्रदान भोपाल  अखिल भारतीय कायस्थ महासभा, मध्य भारत प्रदेश एवं जिला भोपाल इकाई के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित "कायस्थ प्रतिभा सम्मान समारोह एवं चित्रांश पारिवारिक मासिक बैठक" समाज की प्रतिभाओं, संस्कारों और संगठनात्मक शक्ति का अद्भुत संगम बनकर सामने आया। समारोह की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि कार्यक्रम की संपूर्ण रूपरेखा, संचालन एवं व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी समाज के युवा बच्चों ने संभाली। अधिकांश बच्चे विद्यालयी स्तर के विद्यार्थी थे, जिन्होंने अपने अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और संगठन कौशल से सभी को प्रभावित किया। यह पहल वरिष्ठ राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं मध्यप्रदेश शासन के मंत्री माननीय विश्वास कैलाश सारंग की उस दूरदर्शी सोच का परिणाम है, जिसमें बच्चों को केवल दर्शक नहीं बल्कि समाज के भविष्य के नेतृत्वकर्ता के रूप में तैयार करने पर बल दिया गया है। इसी भावना को मूर्त रूप देते हुए प्रदेश अध्यक्ष सुनील श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में संपूर्ण कार्यक्रम युवा प्रतिभाओं द्वारा संचालित कराया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय विश्वास कैलाश सारंग तथा विशिष्ट अतिथि मुख्यमंत्री के ओएसडी एवं सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अजातशत्रु श्रीवास्तव थे। भगवान चित्रगुप्त के पूजन एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। अपने संबोधन में विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि "जो समाज अपनी प्रतिभाओं का सम्मान करता है, वही समाज भविष्य में नेतृत्व करता है।" उन्होंने युवाओं और विद्यार्थियों को शिक्षा, संस्कार एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया तथा समाज को संगठित एवं प्रगतिशील बनाने का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि अजातशत्रु श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि परिश्रम, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण ही सफलता का मूल मंत्र है। उन्होंने बच्चों से उच्च प्रशासनिक, तकनीकी एवं राष्ट्रीय स्तर के पदों तक पहुंचने का संकल्प लेने का आग्रह किया। राष्ट्रीय महामंत्री अजय श्रीवास्तव ने वीडियो संदेश के माध्यम से प्रतिभाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रतिभा सम्मान कार्यक्रम समाज में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा एवं उत्कृष्टता की भावना विकसित करते हैं और ऐसे आयोजन निरंतर होते रहने चाहिए। प्रदेश अध्यक्ष सुनील श्रीवास्तव ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि अखिल भारतीय कायस्थ महासभा केवल एक संगठन नहीं बल्कि एक सशक्त सामाजिक परिवार है। उन्होंने मासिक चित्रांश पारिवारिक बैठकों की अवधारणा, सामाजिक एकता, युवा सहभागिता, महिला सशक्तिकरण, धार्मिक यात्राओं, गरबा महोत्सव, सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं विभिन्न सामाजिक गतिविधियों की जानकारी देते हुए कहा कि समाज का विकास केवल आर्थिक प्रगति से नहीं बल्कि संस्कार, संगठन और शिक्षा से होता है। उन्होंने सभी परिवारों से समाजहित में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया। कार्यक्रम में वर्ष 2025-26 की बोर्ड परीक्षाओं में 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले 33 मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान किया गया। समारोह में केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय एवं विशिष्ट उपलब्धियों को भी सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के अंतर्गत प्रतिष्ठित राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त करने वाली कुमारी पूजा सिंह को "विशिष्ट कायस्थ सम्मान" से सम्मानित किया गया। वहीं कुमारी पायल सक्सेना को राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धि एवं सुरक्षा अध्ययन के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए "विशिष्ट कायस्थ सम्मान" प्रदान किया गया। स्मृति पुरस्कारों ने समारोह को बनाया भावनात्मक और प्रेरणादायी समारोह में समाज के दिवंगत वरिष्ठजनों की स्मृति को जीवंत बनाए रखने के उद्देश्य से विभिन्न स्मृति पुरस्कार भी प्रदान किए गए। कक्षा 12वीं में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली कुमारी अदिति श्रीवास्तव को स्वर्गीय सोमेंद्र कुमार कुलश्रेष्ठ की पुण्य स्मृति में ₹3100 की सम्मान राशि सौरभ भावना कुलश्रेष्ठ द्वारा प्रदान की गई।कक्षा 12वीं में द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली कुमारी तान्या श्रीवास्तव तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शिवांश सक्सेना को स्वर्गीय श्रीमती फूलमती देवी प्रधान एवं श्यामाचरण प्रधान की स्मृति में दो बच्चों के समान अंक होने की वजह  से एक समान राशि ₹1100-₹1100 की सम्मान राशि अभय वंदना प्रधान द्वारा प्रदान की गई। कक्षा 12वीं में तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले कृतार्थ श्रीवास्तव को स्वर्गीय श्रीमती सरजू देवी सक्सेना की स्मृति में ₹1100 की सम्मान राशि एवं प्रशस्ति पत्र दिनेश सविता सक्सेना प्रदान किया गया। कक्षा 10वीं में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली कुमारी अनिका सक्सेना को स्वर्गीय श्रीमती शांति देवी श्रीवास्तव की पुण्य स्मृति में ₹3100 की सम्मान राशि सुनील अनुराधा ‌श्रीवास्तव द्वारा प्रदान की गई।कक्षा 10वीं में द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली कुमारी नम्रता सक्सेना को स्वर्गीय श्रीमती कमलेश प्रधान एवं प्रेमचरण प्रधान की स्मृति में ₹2100 की सम्मान राशि अभय वंदना प्रधान द्वारा प्रदान की गई।कक्षा 10वीं में तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली कुमारी लेविता सक्सेना को स्वर्गीय माधव प्रसाद सक्सेना स्मृति शैक्षणिक उत्कृष्टता सम्मान के अंतर्गत ₹1100 की सम्मान राशि एवं प्रशस्ति पत्र दिनेश सविता सक्सेना द्वारा प्रदान किया गया। जिला अध्यक्ष महेंद्र श्रीवास्तव ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में समाज सेवा एवं संगठनात्मक योगदान के लिए विभिन्न पदाधिकारियों का सम्मान भी किया गया। कार्यक्रम के सफल संचालन एवं आयोजन में सौरभ कुलश्रेष्ठ (संयोजक), अमोल सक्सेना, व्योम खरे, अभय प्रधान, दिवाकर श्रीवास्तव, राजकुमार श्रीवास्तव, दिनेश श्रीवास्तव, बृजेश श्रीवास्तव, चंद्रेश सक्सेना, मीना श्रीवास्तव, धर्मेश खरे, सहित समस्त युवा टीम एवं पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। समारोह का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि शिक्षा, संस्कार, सेवा और संगठन की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए समाज की नई पीढ़ी को नेतृत्व एवं राष्ट्र निर्माण के लिए तैयार किया जाएगा। "प्रतिभा का सम्मान ही समाज का सम्मान है, और संस्कारित युवा ही राष्ट्र का उज्ज्वल भविष्य हैं।" इस अवसर पर सारंग ने कहा कि मैं सभी प्रतिभाशाली बच्चों को बधाई देता हूं और यह कामना करता हूं कि आप सभी बच्चे अपने जीवन में स्वामी विवेकानंद जी व डा राजेन्द्र प्रसाद जी के आदर्शों को बेहतर शिक्षा के साथ उच्चतम संस्कारों के  साथ आत्मसात कर सदैव सफलता के कीर्तिमान स्थापित करें और सदैव सभी को यथासंभव सहयोग भी प्रदान करें। अजातशत्रु श्रीवास्तव ने कहा कि आज हर क्षेत्र में आगे बढ़ने की असीम संभावनाएं हैं, लेकिन प्राथमिकता आपको तय करना है। मैं आपके उज्जवल भविष्य की कामना करता हूं। कार्यक्रम में अजय श्रीवास्तव नीलू, सुनील श्रीवास्तव, बृजेश श्रीवास्तव,   आरती सारंग, अभय प्रधान, अवंतिका सीजेपी व्यौहार, दिनेश सक्सेना, चन्द्रेश सक्सेना, अनिल श्रीवास्तव, डीके श्रीवास्तव, के के भावना … Read more

गिल-राहुल के शतकों के बाद भारतीय गेंदबाजों का जलवा, अफगानिस्तान के 9 विकेट गिरे

मुल्लांपुर मुल्लांपुर (न्यू चंडीगढ़) के महाराजा यादविंद्र सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में भारत और अफगानिस्तान के बीच टेस्ट मैच खेला जा रहा है. इस टेस्ट मैच का आज (8 जून) तीसरा दिन है. अफगानी टीम अपनी पहली पारी में बैटिंग कर रही है और उस पर फॉलोऑन का खतरा मंडरा रहा है. अफगानिस्तान के 9 विकेट गिर चुके हैं. भारतीय टीम ने इस मुकाबले में अपनी पहली पारी 8 विकेट पर 564 रन बनाकर घोषित की. मुकाबले में टॉस भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीता था और पहले बैटिंग करने का निर्णय लिया था. पहली पारी में अफगानी टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही. दूसरे दिन के ही खेल में अफगानिस्तान ने पांच विकेट गंवा दिए. अब्दुल मलिक (16 रन), रहमानुल्लाह गुरबाज (17 रन) और अफसर जजई (3 रन) के विकेट स्पिनर मानव सुथार ने झटके. सुथार का ये डेब्यू मुकाबला है. वहीं तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने सेदिकुल्लाह अटल (17 रन) और कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी (20 रन) को पवेलियन रवाना कर दिया. रहमत शाह ने शानदार बैटिंग कर अफगानी इनिंग्स को संभालने का प्रयास किया. तीसरे दिन के खेल में भारतीय टीम को प्रसिद्ध कृष्णा ने जल्द ही कामयाबी दिलाई और उन्होंने अजमतुल्लाह उमरजई को बोल्ड किया. रहमत शाह की शानदार बैटिंग जारी रही और वो भारत के खिलाफ टेस्ट मैच में 50 या उससे ज्यादा की इनिंग्स खेलने वाले पहले अफगानी बल्लेबाज बने. शराफुद्दीन अशरफ ने रहमत का साथ देने की कोशिश की, लेकिन मानव सुथार ने उनकी इनिंग्स पर ब्रेक लगा दिया. अफगानिस्तान की पहली पारी का स्कोरकार्ड: बल्लेबाज                                 विकेट                                                रन अब्दुल मलिक                      कॉट मोहम्मद सिराज, बोल्ड मानव सुथार         16 सेदिकुल्लाह अटल                 बोल्ड प्रसिद्ध कृष्णा                                      17 रहमानुल्लाह गुरबाज              कॉट साई सुदर्शन, बोल्ड मानव सुथार                 12 रहमत शाह                           बोल्ड मानव सुथार                                       60 हशमतुल्लाह शाहिदी               LBW प्रसिद्ध कृष्णा                                        20 अफसर जजई                        कॉट एंड बोल्ड मानव सुथार                              3 अजमतुल्लाह उमरजई              बोल्ड प्रसिद्ध कृष्णा                                         0 शराफुद्दीन अशरफ                    कॉट ऋषभ पंत, बोल्ड मानव सुथार                    11 नांगेयालिया खरोटी                     नाबाद      विकेट पतन: 28-1 (अब्दुल मलिक, 5.4 ओवर), 40-2 (सेदिकुल्लाह अटल, 8.4 ओवर), 62-3 (रहमानुल्लाह गुरबाज, 19.2 ओवर), 98-4 (हशमतुल्लाह शाहिदी, 32.2 ओवर), 113-5 (अफसर जजई, 39.5 ओवर), 118-6 (अजमतुल्लाह उमरजई, 44.2 ओवर), 142-7 (शराफुद्दीन अशरफ, 55.1 ओवर) भारत की पहली पारी में शुभमन-राहुल के शतक भारतीय टीम के लिए पहली पारी में कप्तन शुभमन गिल और सलामी बल्लेबाज केएल राहुल ने शतक जड़े. शुभमन ने 15 चौके और एक छक्के की सहायता से 177 गेंदों पर 126 रन बनाए. शुभमन के टेस्ट करियर की ये 11वीं सेंचुरी रही. वहीं केएल राहुल ने 11 चौके की मदद से 165 बॉल पर 100 रनों का योगदान दिया. राहुल के टेस्ट करियर का ये 12वां शतक रहा. साई सुदर्शन (81), ऋषभ पंत (81 रन) और वॉशिंगटन सुंदर (नाबाद 52 रन) भी अर्धशतक जड़ने में कामयाब रहे. अफगानिस्तान की ओर से तेज गेंदबाज मोहम्मद सलीम सफी ने सबसे ज्यादा 6 विकेट झटके. भारत की पहली पारी का स्कोरकार्ड: (564/8 d, 127 ओवर) बल्लेबाज                         विकेट                                                        रन यशस्वी जायसवाल     कॉट अफसर जजई, बोल्ड मोहम्मद सलीम सफी              24 केएल राहुल              कॉट रहमानुल्लाह गुरबाज, बोल्ड जियाउर रहमान           100 साई सुदर्शन             कॉट अफसर जजई, बोल्ड सलीम सफी                           81 शुभमन गिल            कॉट अफसर जजई, बोल्ड सलीम सफी                            126 ऋषभ पंत                कॉट अजमतुल्लाह उमरजई, बोल्ड हशमतुल्लाह शाहिदी        81 ध्रुव जुरेल                बोल्ड मोहम्मद सलीम सफी                                          19 वॉशिंगटन सुंदर           नाबाद                                                                    52* मानव सुथार            कॉट अफसर जजई, बोल्ड मोहम्मद सलीम सफी                    28 मोहम्मद सिराज       बोल्ड मोहम्मद सलीम सफी                                              22 कुलदीप यादव            नाबाद                                                                       9* विकेट पतन: 41-1 (यशस्वी जायसवाल, 11.6 ओवर), 180-2 (साई सुदर्शन, 42.4 ओवर), 247-3 (केएल राहुल, 60.2 ओवर), 416-4 (शुभमन गिल, 95.5 ओवर), 452-5 (ध्रुव जुरेल, 101.5 ओवर), 456-6 (ऋषभ पंत, 102.4 ओवर), 510-7 (मानव सुथार, 116.5 ओवर), 540-8 (मोहम्मद सिराज, 120.4 ओवर) मुकाबले में भारत की प्लेइंग इलेवन: यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, शुभमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत (विकेटकीपर), ध्रुव जुरेल, वॉशिंगटन सुंदर, मानव सुथार, मोहम्मद सिराज, कुलदीप यादव और प्रसिद्ध कृष्णा. मुकाबले में अफगानिस्तान की प्लेइंग … Read more

आधुनिक खेती, उन्नत बीज और तकनीकी मार्गदर्शन से बढ़ी पैदावार, किसानों की आय में हो रहा इजाफा

रायपुर  प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (च्डक्क्ज्ञल्) जशपुर जिले में सकारात्मक बदलाव ला रही है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की कृषि-केंद्रित नीतियों और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से किसानों को उन्नत तकनीक, गुणवत्तापूर्ण बीज, सिंचाई सुविधाएं और कृषि विशेषज्ञों का निरंतर मार्गदर्शन मिल रहा है। इसका परिणाम यह है कि किसान अब कम लागत में अधिक उत्पादन हासिल कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं। जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड के किसान  सुधीर लकड़ा इस परिवर्तन की एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर उभरे हैं। लगभग 3.40 हेक्टेयर कृषि भूमि के स्वामी  लकड़ा को शासन की विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ मिला है, जिससे उनकी खेती अधिक वैज्ञानिक, लाभकारी और टिकाऊ बनी है। आत्मा योजना के अंतर्गत ग्रीष्मकालीन मक्का कार्यक्रम, कृषि यंत्रों एवं ट्रैक्टर की सुविधा तथा सौर सुजला योजना के तहत सोलर सिंचाई व्यवस्था ने उनकी खेती को नई दिशा दी है। कृषि विभाग द्वारा दिए गए प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन ने उन्हें आधुनिक खेती की विधियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया, जिससे उनकी उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत कृषि विभाग के अधिकारियों ने उन्हें पारंपरिक धान फसल के स्थान पर प्री-बीज ग्रेड मक्का उत्पादन की सलाह दी। विभाग से प्राप्त 8 किलोग्राम निःशुल्क उन्नत बीज का उपयोग कर उन्होंने 0.40 हेक्टेयर क्षेत्र में मक्का की खेती की। वैज्ञानिक पद्धति, संतुलित पोषण प्रबंधन और समय-समय पर तकनीकी सलाह के परिणामस्वरूप उन्हें लगभग 10 क्विंटल उत्पादन प्राप्त हुआ, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और आधुनिकता की नई पहल प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के माध्यम से जिले में फसल विविधीकरण, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, कृषि मशीनीकरण, भंडारण क्षमता विकास तथा आधुनिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। योजना का उद्देश्य अनाज, दलहन एवं तिलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के साथ-साथ किसानों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करना है। योजना के तहत गुणवत्तापूर्ण बीजों और आधुनिक तकनीकों के प्रयोग से कृषि उत्पादन में 20 से 30 प्रतिशत तक वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों को बढ़ावा देकर मानसून पर निर्भरता कम करने, कटाई के बाद होने वाले नुकसान को घटाने तथा जैविक खेती को प्रोत्साहित करने पर विशेष बल दिया जा रहा है। किसानों के जीवन में आया सकारात्मक बदलाव   सुधीर लकड़ा बताते हैं कि योजना से प्राप्त उन्नत बीज, प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग ने उनकी खेती की दिशा ही बदल दी है। बेहतर उत्पादन के साथ उनकी आय में भी वृद्धि हुई है। उन्होंने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि किसानों के हित में संचालित योजनाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना आज जशपुर सहित प्रदेश के किसानों के लिए समृद्धि का नया माध्यम बन रही है। आधुनिक कृषि तकनीकों और शासकीय सहयोग के माध्यम से यह योजना किसानों को आत्मनिर्भर बनाते हुए कृषि क्षेत्र में नए अवसरों का सृजन कर रही है।

ग्लोबल तनाव से बाजार में हाहाकार! ईरान-इजरायल संघर्ष के बीच निवेशकों के करोड़ों स्वाहा

मुंबई  जिसका डर था वही हुआ… भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को एक बार फिर बड़ी गिरावट आई है. ईरान और इजरायल के बीच मिसाइलों से ताबड़तोड़ हमले औऱ क्रूड की कीमतों में अचानक तेज उछाल के बीच सेंसेक्स-निफ्टी भी सहमे हुए नजर आए. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला Sensex खुलने के साथ ही करीब 800 अंक फिसल गया, तो नहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का Nifty भी 250 अंक से ज्यादा की गिरावट लेकर खुला. इस गिरावट के बीच तमाम बड़ी कंपनियों के शेयर बिखरे हुए नजर आए और हर ओर लाल रंग में कारोबार शुरू हुआ।  खुलते ही बिखरे सेंसेक्स-निफ्टी  सोमवार को शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होते ही बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 74,243 की तुलना में 822 अंकों की तेज गिरावट लेकर 73,421 के लेवल पर ओपन हुआ और फिर अचानक फिसलते हुए 73,318 पर जा पहुंचा. एनएसई के निफ्टी की चाल भी सेंसेक्स के जैसी ही नजर आई और ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स भी अपने पिछले शुक्रवार के बंद 23,366 की तुलना में 286 अंक फिसलकर 23,080 पर खुला।  रिलायंस समेत इन शेयरों में तगड़ी गिरावट  शेयर मार्केट में आई इस बड़ी गिरावट के बीच कई बड़ी कंपनियों के शेयर खुलने के साथ ही बुरी तरह टूट गए. बीएसई लार्जकैप पर नजर डालें, तो Eternal Share (2.50%), TCS Share (2.10%), M&M Share (2.05%), HDFC Bank (1.50%) और Reliance Share (1.25%) फिसलकर ट्रेड कर रहे थे।   मिडकैप कैटेगरी में शामिल Ashok Leyland Share (3%), Muthoot Finance Share (2.63%), Godrej Properties Share (2.60%) और UPL Share (2%) की गिरावट में कारोबार कर रहे थे।  बाजार में गिरावट के ये कारण शेयर बाजार में गिरावट का सबसे बड़ा कारण ईरान-इजरायल के बीच फिर से शुरू हुई तेज जंग है. इसकी वजह से कच्चे तेल की कीमतों में आग लग गई है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत (Brent Crude Price) करीब 4 फीसदी की उछाल के साथ 96 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई है. तो वहीं WTI Crude Price भी करीब इतनी ही बढ़त के साथ 94 डॉलर के आसपास ट्रेड कर रहा है।  अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के चलते होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से पहले ही कच्चे तेल की कीमतें दुनिया को डरा रही थीं. अब ईरान और इजरायल में नए सिरे से भीषण जंग ने अचानक क्रूड की कीमतों में आग लगा दी है. ईरान ने होर्मुज की तरह ही खास बॉब अल मंदेब समुद्री रूट को बंद करने की धमकी भी दी है। 

ट्रंप की मनाही बेअसर! इजरायल ने ईरान पर बरसाए बम, जवाबी हमले से दहला येरूशलम

वॉशिंगटन/तेल अवीव हिज्बुल्लाह पर इजरायल के हमले के बाद ईरान ने 8 अप्रैल के बाद पहली बार इजरायल पर मिसाइल हमले किए। जिसके बाद आज सुबह इजरायल ने भी ईरान में जमीन से लॉन्च होने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों से हमले किए हैं। इसके बाद एक बार फिर से युद्ध छिड़ने की आशंका काफी तेज हो गई है। इजरायल डिफेंस फोर्स ने कहा है कि कुछ देर पहले इजरायली वायु सेना ने पश्चिमी और मध्य ईरान में ईरानी आतंकी शासन के सैन्य ठिकानों पर हमला किया है। खास बात ये है कि इजरायल ने तब हमला किया है जब डोनाल्ड ट्रंप ने बेंजामिन नेतन्याहू से हमला नहीं करने को कहा था इसीलिए सवाल ये हैं कि अगर ये जंग फिर शुरू होता है तो क्या अमेरिका, इजरायल के साथ खड़ा रहेगा? इसके अलावा मिसाइलों के आदान प्रदान के बाद अब अमेरिका और ईरान के बीच किसी भी संभावित शांति समझौते में मुश्किलें आ सकती हैं। ट्रंप उम्मीद कर रहे थे कि इस मामले को दबाकर रखा जाए। उन्हें उम्मीद होगी कि यह मामला अप्रैल 2024 जैसा ही रहेगा जब इजराइल और ईरान ने एक-दूसरे पर हमले किए थे लेकिन कुछ दिनों बाद मामला शांत हो गया और यह बड़े संघर्ष में नहीं बदला जिसकी उस समय चिंता थी। लेकिन इस बार मामला अलग तरीके का है। इजरायल-ईरान के बीच क्या टूट गया युद्धविराम? डोनाल्ड ट्रंप को अभी भी उम्मीद हो सकती है कि ईरान और इजरायल एक बार फिर से युद्ध में नहीं फंसेगे लेकिन ऐसा होना मुश्किल है। ट्रंप ने कुछ देर पहले ही फाइनेंशियल टाइम्स से कहा था कि वो ईरान युद्ध से जुड़े सारे फैसले वही लेते हैं। ट्रंप ने सोमवार को फाइनेंशियल टाइम्स से कहा कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के पास ईरान के साथ डील मानने के अलावा 'कोई चारा नहीं' होगा। ट्रंप ने कहा 'फैसले मैं ही लेता हूं, सारे फैसले मैं ही लेता हूं, वह फैसले नहीं लेते।' लेकिन इजरायल ने ईरान पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला कर साबित कर दिया है कि ट्रंप सारे फैसले नहीं लेते हैं। ईरान-अमेरिका जंग में पिस रही दुनिया, होर्मुज के बाद बाब अल मंडेब बंद करने की धमकी FT के मुताबिक ट्रंप ने यह भी कहा कि रविवार को इजरायल पर हुए ईरानी मिसाइल हमले का 'डील पर कोई असर नहीं' पड़ेगा। ट्रंप के साथ बातचीत के दौरान नेतन्याहू ने यह साफ कर दिया होगा कि भले ही ट्रंप इजरायल से शांति बनाए रखना चाह रहे हों लेकिन इजरायल अपनी मर्जी से काम करेगा। इसीलिए ट्रंप के लिए स्थिति काफी मुश्किल होने वाली है। ईरान और इजरायल को फिर से युद्धविराम के लिए मनाना आसान नहीं होगा। इजरायली पीएम नेतन्याहू पहले से ही युद्धविराम समझौतों से नाराज थे। उन्हें युद्धविराम की शर्तें भी पसंद नहीं हैं लेकिन असल सवाल ये है कि क्या ईरान अगर नये सिरे से हमले करता है तो क्या अमेरिका, इजरायल की मदद करेगा? ट्रंप अब क्या कर सकते हैं? ट्रंप के पास नाजुक युद्धविराम को बचाने का बहुत कम रास्ते बचे हैं। वो अब बेंजामिन नेतन्याहू पर भारी प्रेशर बना सकते हैं कि वो ईरान के अगले हमलों का जवाब ना दें। लेकिन ऐसा होना नामुमकिन की तरह है। इजरायल पर यमन की तरफ से भी हमले किए गये हैं और इजरायल हिज्बुल्लाह पर हमले जारी रखेगा। इसके अलावा ट्रंप अगर युद्ध में फिर से शामिल होता है तो ईरान के हमले मध्य पूर्व के देशों जैसे सऊदी अरब, कुवैत, बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात, कतर पर फिर से शुरू हो जाएंगे। 8 अप्रैल से चल रहे युद्धविराम के बीच ईरान ने अपनी मिसाइल क्षमता फिर से हासिल कर ली है। इसीलिए आगे का रास्ता बहुत मुश्किल नजर रहा है कि युद्धविराम जारी रह सके। अभिजात शेखर आजाद