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‘जिन्हें पेपर बनाना था, वही लीक कराने वालों से जा मिले’, NEET घोटाले पर शिक्षा मंत्री का तीखा हमला

  नई दिल्ली देशभर में 21 जून को परी-नीट परीक्षा कड़ी सुरक्षा के बीच आयोजित किया गया था जिसमें करीब 22 लाख से अधिक छात्रों ने पेपर दिया था. पेपर पूरा होने के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आजतक को इंटरव्यू देते हुए परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि सरकार परीक्षा प्रणाली में कमियों को दूर करने के लिए लगातार काम कर रही है. उन्होंने स्पष्ट किया कि पेपर माफिया और परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने आगे कहा कि केवल दोषियों को पकड़ना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरे नेक्सस को तोड़ना जरूरी है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हो सकें।  अभिभावकों समेत सबको आभार आजतक से बात करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने अभिभावकों, छात्रों समेत री-नीट को सही से आयोजित करने वाले लोगों का आभार व्यक्त किया है. उन्होंने कहा कि ये केवल एजेंसी या सरकार की जिम्मेदारी से नहीं बल्कि हर किसी के छोटे-छोटे योगदान से हुआ है। भविष्य में न उठे कोई सवाल   शिक्षा मंत्री ने आगे कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसी व्यवस्था विकसित करना है जिसमें परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर कोई सवाल न उठे. इसी दिशा में तकनीक आधारित व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है. उन्होंने संकेत दिया कि भविष्य में अधिक से अधिक परीक्षाओं को कंप्यूटर आधारित बनाया जा सकता है. उनका मानना है कि इससे प्रश्नपत्रों की सुरक्षा बेहतर होगी और परीक्षा प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।  नागपुर छात्र का भी किया जिक्र केंद्रीय मंत्री ने नागपुर छात्र का भी जिक्र किया जिसकी री-नीट परीक्षा केंद्र अबूधाबी हो गया था. इस दौरान उन्होंने ये भी बताया कि छात्र की ओर से ही एग्जाम सेंटर को अबूधाबी किया था लेकिन हमने खुद छात्र के पिता से संपर्क किया. इसे लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी पोस्ट कर सरकार पर निशाना साधा था जिसपर शिक्षा मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी को केवल राजनीति करनी है. उन्हें पूरे मामले की जानकारी नहीं थी फिर भी वह इस मुद्दे में घुस गए।   CBSE के मुद्दे पर भी बोले  जब उनसे CBSE परीक्षा को लेकर चल रहे विवाद के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था को सुधारना हमारा दायित्व है जिसपर हम काम कर रहे हैं. नीट को लेकर भी हमने गलती सुधारी है।  राहुल गांधी पर भी साधा निशाना  धर्मेंद्र प्रधान ने विपक्ष के आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी छात्रों के भविष्य से जुड़े संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं. उनका कहना था कि छात्रों की चिंताओं का समाधान करना सभी की जिम्मेदारी है, लेकिन इस विषय को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए. नेता प्रतिपक्ष होने के नाते सवाल उठाना उनका फर्ज है लेकिन मेरा उनको सुझाव है कि वह सही सवाल उठाए. शिक्षा मंत्री ने कहा कि वह बच्चों के मन में डर पैदा करने का काम कर रहे हैं।  प्रधानमंत्री की थी नजर  शिक्षा मंत्री ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए थे. उन्होंने कहा कि परीक्षा से जुड़े घटनाक्रमों और जांच प्रक्रिया की लगातार निगरानी की गई. सरकार का उद्देश्य केवल तत्काल समाधान निकालना नहीं बल्कि ऐसी व्यवस्था को तैयार करना है जिससे छात्रों का भरोसा परीक्षा प्रणाली पर बना रहे।  देर से पहुंचे छात्रों का भी किया जिक्र  इंटरव्यू के दौरान उन्होंने उन छात्रों का भी जिक्र किया जो परीक्षा केंद्रों पर देरी से पहुंचने के कारण परीक्षा में शामिल नहीं हो सके. धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार इस विषय को भी गंभीरता से देख रही है. उन्होंने माना कि ऐसे मामलों में छात्रों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है और भविष्य में यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा कि किसी भी कारणों से छात्र का नुकसान न हो. उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली को अधिक मजबूत, सुरक्षित और छात्र के हित बनाने के लिए कई स्तरों पर सुधार किए जा रहे हैं. सरकार का लक्ष्य है कि देश के करोड़ों छात्रों को निष्पक्ष और भरोसेमंद परीक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए, जिससे उनकी मेहनत और प्रतिभा का सही मूल्यांकन हो सकें।  रक्षक ही बन गए भक्षक  री-नीट के सफल आयोजन पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि मल्टीलेयर सुरक्षा के बीच आयोजित हुई परीक्षा. परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा रखी गई थी. लेकिन 3 मई को आयोजित हुई नीट परीक्षा में हुई पेपर लीक को लेकर उन्होंने कहा कि रक्षक ही भक्षक हो गया. जिन लोगों पर हमने भरोसा किया था कि पारदर्शी तरीके से प्रश्न पत्र बनाएंगे, उन लोगों ने बदमाशों के साथ मिलकर जो अपनी फायदे के लिए परीक्षा को तोड़ना चाहते हैं उनके वजह से 3 मई की घटना हुई है।   

21 जून को NEET री-एग्जाम, परीक्षा केंद्रों पर हाईटेक सुरक्षा; गेट पर लगेगी बड़ी घड़ी

भोपाल नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET-UG) 21 जून को है। परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए प्रदेश के सभी केंद्रों पर CCTV कैमरे और जैमर लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही स्टूडेंट्स को समय का सही अंदाजा रहे, इसके लिए हर सेंटर के बाहर एक बड़ी घड़ी लगाई जाएगी। भोपाल में कुल 13 हजार 774 स्टूडेंट्स परीक्षा देंगे। इसे लेकर जिला प्रशासन, पुलिस के साथ रेलवे भी तैयारी कर रहा है। 32 केंद्र प्रभारियों के साथ कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने गुरुवार को वन-टू-वन मीटिंग की। इसमें बताया गया कि कई बार दो से तीन सेंटरों के नाम एक जैसे होते हैं, जिससे परीक्षार्थी कन्फ्यूज हो जाते हैं। इसलिए उन्हें केंद्र का नाम और स्थान क्लियर रखें। हमीदिया रोड पर जो सेंटर हैं, उसके रास्ते में लोग गाड़ियां खड़ी कर देते हैं। इस वजह से स्टूडेंट्स को देरी हो सकती है। इसलिए पुलिस गाड़ियों को तुरंत हटा दें। पुराने शहर में मेट्रो का काम चल रहा है। बैरिकेडिंग में सेंटर का नाम छिप सकता है। इसलिए सेंटर की ओर रास्ता दिखाने वाले बोर्ड लगेंगे। भोपाल में 13 हजार 774 छात्र देंगे परीक्षा भोपाल में 13 हजार 774, छिंदवाड़ा 4303, गुना में 1839, विदिशा में 1709, नर्मदापुरम में 1283 और अशोकनगर में 865 परीक्षार्थियों के आने की संभावना है। देखिए ट्रेन का शेड्यूल रेलवे इंदौर, भोपाल और रतलाम के बीच एक ट्रिप स्पेशल ट्रेन चलाएगा। यह स्पेशल ट्रेन इंदौर एवं मध्य प्रदेश के विभिन्न शहरों से भोपाल आने वाले परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में सुविधा प्रदान करेगी। गाड़ी संख्या 09354 इंदौर-भोपाल स्पेशल ट्रेन का संचालन 20 जून को किया जाएगा। ट्रेन इंदौर स्टेशन से सुबह 11.25 बजे प्रस्थान कर फतेहाबाद में दोपहर 12 बजे, बड़नगर में दोपहर 12.42 बजे, रतलाम में 1.30 बजे, नागदा में दोपहर 2.23 बजे, उज्जैन में दोपहर 3.25 बजे, मक्सी में शाम 4.30 बजे, शुजालपुर में शाम 5.21 बजे, सीहोर में शाम 6 बजे, बैरागढ़ स्टेशन पर शाम 6.18 बजे और शाम 5 बजे भोपाल स्टेशन पर पहुंचेंगी। इसी प्रकार वापसी में गाड़ी संख्या 09353 भोपाल–रतलाम स्पेशल ट्रेन 20 जून 2026 को भोपाल स्टेशन से शाम 7.40 बजे प्रस्थान कर संत हिरदाराम नगर में रात 8.08 बजे, सीहोर में रात 8.34 बजे, शुजालपुर में रात 8.59 बजे, मक्सी में रात 9.59 बजे, उज्जैन में रात 11.05 बजे एवं अगले दिन नागदा रात 12.05 बजे आगमन कर गंतव्य स्टेशन रतलाम रात 12.55 बजे पहुंचेगी। ऐसा रहेगा कोच कम्पोजिशन  ट्रेन में 13 स्लीपर कोच, 2 सामान्य श्रेणी एवं 2 एसएलआर/डी सहित कुल 17 कोच रहेंगे। सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने बताया कि नीट परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की संभावित अतिरिक्त भीड़ को ध्यान में रखते हुए और उनके आवागमन को सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से ये स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं।

पंजाब सरकार की खास तैयारी, NEET री-एग्जाम के लिए फ्री ट्रांसपोर्ट; प्रश्नपत्रों की सुरक्षा में CAPF तैनात

चंडीगढ़  पंजाब और केंद्र सरकार ने नीट री-एग्जाम के लिए प्रशासनिक स्तर पर फुलप्रूफ तैयारियां कर दी हैं। सरकार ने परीक्षा संचालन के लिए सख्त एसओपी जारी की है और सभी जिलों के डिप्टी कमिश्नरों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। उधर, छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने पंजाब में बठिंडा से चंडीगढ़ तक नीट स्पेशल ट्रेन चलाने के साथ कुछ अन्य ट्रेनों में अतिरिक्त कोच लगाने का फैसला किया है। रेलवे ने इसके लिए बाकायदा शेड्यूल भी जारी कर दिया है। अधिकारियों को विशेष निर्देश जारी पंजाब में करीब 25 हजार छात्रों ने इस परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन किया है। पंजाब सरकार ने छात्रों और उनके एक अभिभावक के लिए पंजाब रोडवेज और पनबस की सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी है। छात्रों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए अधिकारियों को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। पंजाब पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों को सौंपी जिम्मेदारी नीट की परीक्षा सामग्री को कस्टोडियन बैंक से परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने और उसकी निगरानी की जिम्मेदारी पंजाब पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों को सौंपी गई है। केंद्र और राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राज्य सरकार ने सभी जिला अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि 19 जून को तैयारियों की समीक्षा के लिए सभी विभागों के साथ बैठक करें। परीक्षा में केंद्र सरकार की सभी गाइडलाइन का पालन किया जाए, ताकि छात्र बिना किसी तनाव के परीक्षा दे सकें। इन 5 बड़े पॉइंट्स में समझें प्रशासनिक तैयारी:     परीक्षा केंद्र: प्रदेशभर में नीट री एग्जाम के लिए 16 जिलों में परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक पिछली बार भी इतने ही परीक्षा केंद्र थे। पंजाब के कुछ जिलों में परीक्षा केंद्र नहीं बनाए गए हैं तो स्टूडेंट्स को उनकी च्वाइस के हिसाब से परीक्षा केंद्र एलॉट किए गए हैं।     नो-पावर कट: डिप्टी कमिश्नर लुधियाना हिमांशु जैन का कहना है कि परीक्षा के दौरान बिजली की सप्लाई बाधित न हो इसके लिए पीएसपीसीएल को पहले ही सख्त हिदायतें जारी कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा के दौरान पीएसपीसीएल नो पावर कट सुनिश्चित करेगा।     मेडिकल टीमें तैनात: परीक्षा केंद्रों के बाहर फर्स्ट-एड किट और जरूरी दवाओं के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीमें मुस्तैद रहेंगी। लुधियाना जिले में 15 परीक्षा केंद्रों के लिए मेडिकल टीम गठित कर दी गई हैं।     फायर ब्रिगेड अलर्ट: डीसी ने बताया कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड को अलर्ट पर रहने का आदेश दिया गया है ताकि किसी भी अनहोनी घटना में तुरंत बचाव कार्य किए जा सकें।     पुलिस कमिश्नर को जिम्मा: कस्टोडियन बैंक से प्रश्नपत्र व आंसरसीट परीक्षा केंद्रों तक ले जाने के लिए पुलिस को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रश्नपत्र व आंसरसीट ले जाने वाले व्हीकल को एस्कॉट करके ले जाया जाएगा। डीसी ने बताया कि लुधयाना जिले में शहरी क्षेत्र में पुलिस कमिश्नर और ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा की जिम्मेदारी एसएसपी की रहेगी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विशेष निगरानी परीक्षा से एक दिन पहले और परीक्षा के दिन यानी 20 और 21 जून को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। डिप्टी कमिश्नरों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए। सीएपीएफ के 2 सशस्त्र जवान तैनात रहेंगे डिप्टी कमिश्नर (DC) हिमांशु जैन ने बताया कि परीक्षा सामग्री की सुरक्षा के लिए इस बार विशेष रणनीति तैयार की गई है। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज (CAPF) के दो सशस्त्र जवान तैनात रहेंगे। ये जवान सबसे पहले कस्टोडियन बैंक पहुंचकर वहां से परीक्षा सामग्री वाले वाहनों को सुरक्षा घेरा (एस्कॉर्ट) के साथ सीधे परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाएंगे। पंजाब के लिए स्पेशल 'परीक्षा स्पेशल ट्रेन' नॉर्दर्न रेलवे ने पंजाब के छात्रों के लिए एक विशेष अनारक्षित परीक्षा स्पेशल ट्रेन चलाने का ऐलान किया है। ट्रेन नंबर 04556/04555 (बठिंडा–चंडीगढ़–बठिंडा स्पेशल) 21 जून (परीक्षा के दिन) सुबह 05:30 बजे बठिंडा कैंट से रवाना होगी और सुबह 11:00 बजे चंडीगढ़ पहुंचेगी। वापसी में यही ट्रेन चंडीगढ़ से शाम 07:10 बजे चलेगी। यह स्पेशल ट्रेन भुच्चू, रामपुरा फूल, तपा, बरनाला, धूरी, नाभा, पटियाला, राजपुरा, सरहिंद, फतेहगढ़ साहिब, न्यू मोरिंडा, खरड़ और मोहाली जैसे प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी। इसमें कुल 14 डिब्बे होंगे, जिनमें 12 जनरल कोच शामिल हैं, ताकि बिना रिजर्वेशन के भी छात्र और अभिभावक आसानी से यात्रा कर सकें। इसके अलावा पंजाब, हरियाणा और दिल्ली रूट पर चलने वाली कई इंटरसिटी और एक्सप्रेस ट्रेनों में भीड़ को देखते हुए अस्थायी रूप से अतिरिक्त जनरल और स्लीपर कोच जोड़े जा रहे हैं, ताकि लंबी दूरी तय करने वाले छात्रों को सीट या बर्थ उपलब्ध हो सके। सरकारी बसों में मुफ्त सफर पंजाब सरकार ने नीट परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए मुफ्त बस सेवा देने का फैसला किया है। परीक्षा के दिन परीक्षार्थी पंजाब रोडवेज और पनबस (PUNBUS) की सरकारी बसों में बिना किराया दिए यात्रा कर सकेंगे। बस में सफर के दौरान छात्रों को कंडक्टर को अपना NEET-UG एडमिट कार्ड और एक सरकारी पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड) दिखाना होगा। सरकार ने छात्रों के साथ एक अभिभावक को भी मुफ्त यात्रा की सुविधा दी है। NEET-UG परीक्षा NTA व केंद्र सरकार की तरफ से जारी SOP… 1. सुरक्षा और गोपनीयता: CAPF और स्थानीय पुलिस का पहरा: कस्टोडियन बैंक (जहां पेपर रखे जाते हैं) से लेकर परीक्षा केंद्रों तक गोपनीय परीक्षा सामग्री को लाने-ले जाने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के सशस्त्र जवान और स्थानीय पुलिस तैनात रहेगी। परीक्षा सामग्री को विशेष वाहनों में पूरी सुरक्षा के साथ सीधे परीक्षा केंद्रों तक एस्कॉर्ट किया जाएगा। सीसीटीवी और जैमर्स: परीक्षा के दौरान पेपर लीक या इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के इस्तेमाल को रोकने के लिए सभी केंद्रों पर लाइव सीसीटीवी सर्विलांस और हाई-पावर जैमर्स लगाए जाएंगे। 2. परीक्षा केंद्र पर एंट्री और चेकिंग बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन: डमी कैंडिडेट की पहचान के लिए एंट्री गेट पर और परीक्षा हॉल के अंदर उम्मीदवारों का बायोमेट्रिक वेरिफिकेशनअनिवार्य है। कड़ी तलाशी : उम्मीदवारों की मेटल डिटेक्टर के जरिए सघन तलाशी ली जाती है। स्टूडेंट्स अपने साथ एडमिट … Read more

21 जून की Re-NEET परीक्षा पर NTA का सख्त पहरा, एयरफोर्स से पेपर ट्रांसपोर्ट; सुरक्षा के खास इंतजाम

 नई दिल्ली देश में नीट (NEET) परीक्षा को लेकर मचे देशव्यापी बवाल और पेपर लीक के कड़े अनुभवों से सबक लेते हुए केंद्र सरकार इस बार सुरक्षा के ऐसे पुख्ता इंतजाम कर रही है, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी. आगामी नीट री-एग्जा को पूरी तरह 'लीक-प्रूफ' और सुरक्षित बनाने के लिए अब देश की सबसे भरोसेमंद ताकत यानी भारतीय वायुसेना (IAF) को मैदान में उतार दिया गया है।  'इंडिया टुडे' को टॉप सोर्सेज (शीर्ष सूत्रों) से मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक, नीट री-टेस्ट के दौरान प्रश्नपत्रों को लीक होने से बचाने और उनकी सुरक्षित डिलीवरी के लिए भारतीय वायुसेना लॉजिस्टिक सपोर्ट (लॉजिस्टिक्स सहायता) प्रदान करेगी।  आसमान से होगी प्रश्नपत्रों की सुरक्षित लैंडिंग: 18 जगहों से उठेंगे पैकेट्स सूत्रों के मुताबिक, इस बार प्रश्नपत्रों के ट्रांसपोर्टेशन की जिम्मेदारी किसी प्राइवेट कूरियर या सामान्य सरकारी डाक के भरोसे नहीं छोड़ी जा रही है. सुरक्षा का घेरा इतना कड़ा है कि नीट री-टेस्ट के प्रश्नपत्रों (Question Papers) को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने का जिम्मा खुद भारतीय वायुसेना के जिम्मे होगा.सूत्रों ने बताया है कि वायुसेना देश के 18 चुनिंदा और महत्वपूर्ण स्थानों से प्रश्नपत्रों के पैकेट्स को अपनी कस्टडी में लेगी और उन्हें तय समय पर सुरक्षित केंद्रों तक पहुंचाएगी।  रिपोर्ट्स के अनुसार, यह सुरक्षा व्यवस्था केवल पेपर सेटिंग तक सीमित नहीं है। प्रश्नपत्रों के परिवहन और सुरक्षित भंडारण के लिए भी बहुस्तरीय रणनीति अपनाई गई है। सरकार भारतीय वायुसेना (Air Force) की मदद से प्रश्नपत्रों को विभिन्न केंद्रों तक पहुंचाने की योजना पर काम कर रही है, ताकि किसी भी स्तर पर लीक या छेड़छाड़ की आशंका को खत्म किया जा सके। इसके अलावा पारंपरिक बैंक स्ट्रॉन्ग रूम के बजाय अधिक सुरक्षित स्थानों की भी पहचान की जा रही है। NTA ने सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स पर भी कड़ी निगरानी शुरू कर दी है। हाल के दिनों में टेलीग्राम और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर री-एग्जाम का कथित पेपर बिकने के दावों के बाद एजेंसी सतर्क हो गई है। NTA ने ऐसे दावों को पूरी तरह फर्जी और भ्रामक बताते हुए चेतावनी दी है कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 21 जून को होने वाली यह पुनर्परीक्षा देश और विदेश के कुल 551 भारतीय शहरों तथा 14 विदेशी शहरों में आयोजित की जाएगी। परीक्षा पहले की तरह पेन-एंड-पेपर मोड में होगी। NTA ने उम्मीदवारों के लिए सिटी इंटिमेशन स्लिप भी जारी कर दी है, जबकि एडमिट कार्ड अलग से जारी किए जाएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परीक्षा केवल छात्रों के लिए ही नहीं, बल्कि NTA और पूरे परीक्षा तंत्र की विश्वसनीयता की भी परीक्षा है। इसलिए इस बार “जीरो-ट्रस्ट सिक्योरिटी मॉडल” पर जोर दिया जा रहा है, जिसमें किसी एक व्यक्ति को पूरी प्रक्रिया की जानकारी न हो और हर स्तर पर निगरानी बनी रहे। 'हर चुनौती से निपटने के लिए हैं तैयार' सुरक्षा एजेंसियों और रक्षा सूत्रों का कहना है कि नीट परीक्षा की शुचिता को बनाए रखने के लिए सरकार किसी भी स्तर का जोखिम नहीं लेना चाहती. वायुसेना के सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा को बिना किसी गड़बड़ी के संपन्न कराने के लिए जिस भी तरह के सहयोग या सपोर्ट की आवश्यकता होगी, उसके लिए सेना पूरी तरह मुस्तैद और तैयार है।  इस कदम का सीधा मकसद सॉल्वर गैंग और लीक माफियाओं के उस नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करना है, जो प्रिंटिंग प्रेस से लेकर परीक्षा केंद्र के बीच के रास्ते में पेपर लीक की वारदातों को अंजाम देते थे। 

NEET विवाद पर SC का बड़ा एक्शन, NTA पर नाराजगी; पीएम मोदी ने संभाली मॉनिटरिंग

नई दिल्ली देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी एनटीए पर गंभीर सवाल उठाए और कहा कि बच्चों और उनके परिवारों के लिए यह पूरा मामला बेहद दर्दनाक और परेशान करने वाला है। कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि लाखों छात्र सालों तक मेहनत करते हैं, अपना समय, पैसा और भावनाएं इस परीक्षा में लगाते हैं। ऐसे में अगर हर साल परीक्षा की विश्वसनीयता पर सवाल उठेंगे तो यह पूरे सिस्टम पर बड़ा दाग है। वहीं इस मामले में केंद्र की तरफ से उचित कार्रवाई का भरोसा दियाला गया है। केंद्र की तरफ से अदालत में ये बताया गया कि पीएम मोदी खुद इस मामले में निगरानी रख रहे हैं। एनटीए को खत्म करने की उठी मांग गौरतलब है कि एनटीए को खत्म करने के लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई। यह याचिका फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन यानी फाइमा और यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट यानी यूडीएफ की तरफ से दाखिल की गई थी। याचिकाकर्ताओं ने मांग की कि एनटीए को या तो खत्म किया जाए या फिर उसका पूरा ढांचा बदला जाए। याचिका में यह भी कहा गया कि भविष्य में मेडिकल प्रवेश परीक्षाएं कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक स्वतंत्र संस्था बनाई जाए, ताकि छात्रों का भरोसा दोबारा कायम हो सके। पूरी तरह सुरक्षित व्यवस्था कहां है: सुप्रीम कोर्ट सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एनटीए और पूर्व इसरो प्रमुख डॉक्टर के. राधाकृष्णन से सीधे सवाल पूछा कि आखिर बार-बार पेपर लीक और परीक्षा गड़बड़ियां क्यों हो रही हैं। कोर्ट ने कहा, “आपने कहा था कि मजबूत और सुरक्षित व्यवस्था बनाई जाएगी। फिर हर बार ऐसी घटनाएं कैसे हो रही हैं?” अदालत ने यह भी कहा कि ऐसा लग रहा है जैसे समिति की सिफारिशें नाकाम साबित हो रही हैं या फिर उन्हें सही तरीके से लागू ही नहीं किया गया। राधाकृष्णन समिति ने क्या कहा? पूर्व इसरो प्रमुख डॉक्टर के. राधाकृष्णन भी अदालत में मौजूद थे। उन्होंने कोर्ट को बताया कि 2024 में बनी समिति ने लगभग 35 लंबी अवधि और 60 छोटी अवधि वाली सिफारिशें दी थीं। उनके मुताबिक इनमें से ज्यादातर सुझाव लागू भी कर दिए गए हैं। हालांकि कोर्ट इस जवाब से पूरी तरह संतुष्ट नहीं दिखा और पूछा कि अगर सुधार लागू हो चुके हैं तो फिर गड़बड़ियां कैसे जारी हैं। जवाबदेही तय करने की मांग सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सबसे ज्यादा जोर जवाबदेही तय करने पर दिया। अदालत ने कहा कि यह पता होना चाहिए कि आखिर इन गड़बड़ियों के लिए जिम्मेदार कौन है। कोर्ट ने कहा, “जिम्मेदारी किसी के कंधे पर तय होनी चाहिए। हमें बताइए कि आखिर जवाबदेह व्यक्ति कौन है।” यह टिप्पणी इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि अब तक पेपर लीक मामलों में अक्सर सिस्टम की खामी की बात होती रही है, लेकिन व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय करने की मांग कम ही उठी थी। जस्टिस नरसिम्हा ने उठाया निगरानी पर सवाल न्यायमूर्ति पी. एस. नरसिम्हा ने कहा कि केवल सिफारिशें बना देना काफी नहीं है। असली सवाल यह है कि उनकी निगरानी और लागू करने की प्रक्रिया कितनी मजबूत थी। उन्होंने कहा कि अगर एक उच्च स्तरीय समिति बनने के बाद भी ऐसी घटनाएं हो रही हैं, तो या तो सिफारिशों में कमी है या फिर उन्हें जमीन पर ठीक से लागू नहीं किया गया। नीट यूजी 2026 के लिए क्या नए सुरक्षा इंतजाम किए गए? एनटीए की तरफ से कोर्ट को बताया गया कि नीट यूजी 2026 के लिए कई नए सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं ताकि पेपर लीक और नकल जैसी घटनाओं को रोका जा सके। इन उपायों में आधार आधारित जैविक पहचान सत्यापन, चेहरे की पहचान जांच, सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित गड़बड़ी पकड़ने वाली तकनीक और मोबाइल संकेत अवरोधक शामिल हैं। इसके अलावा प्रश्न पत्रों के परिवहन और सुरक्षित भंडारण के लिए भी कड़े नियम बनाए गए हैं। कई केंद्रों पर पुलिस तैनाती भी बढ़ाई गई है। केंद्र सरकार ने क्या कहा? एनटीए की तरफ से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को भरोसा दिलाया कि दोबारा परीक्षा पूरी सुरक्षा और पारदर्शिता के साथ कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर उच्च स्तर पर बैठक हुई है और सरकार पूरी गंभीरता से काम कर रही है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सभी सुरक्षा उपाय सार्वजनिक नहीं किए जा सकते, क्योंकि ऐसा करने से उनका मकसद कमजोर पड़ सकता है। तुषार मेहता ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं और भविष्य में परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए व्यापक तंत्र तैयार किया जाएगा।

नीट यूजी में प्रवेश प्राप्त करने हेतु प्रदेश के संगठित क्षेत्र के बीमित श्रमिकों के बच्चों के लिए सुनहरा अवसर

बारनवापारा के देवपुर जंगल में दिखी दुर्लभ विशाल भारतीय गिलहरी वन मंत्री  केदार कश्यप ने दी बधाई जैव विविधता संरक्षण के प्रयासों को मिली बड़ी सफलता रायपुर छत्तीसगढ़ के बारनवापारा क्षेत्र ने एक बार फिर अपनी समृद्ध जैव विविधता से प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। बलौदाबाजार वनमंडल के अंतर्गत देवपुर जंगल में आयोजित देवपुर समर कैंप 2026 के दौरान दुर्लभ विशाल भारतीय गिलहरी (जायंट मालाबार स्क्विरल) दिखाई दी। इस दुर्लभ वन्यजीव के दिखने से वन विभाग, प्रकृति प्रेमियों और वैज्ञानिकों में उत्साह है।           वन मंत्री केदार कश्यप ने इस उपलब्धि पर वन विभाग की टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह छत्तीसगढ़ सरकार की वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन की योजनाओं का सकारात्मक परिणाम है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जंगलों और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है, जिससे दुर्लभ प्रजातियों के लिए सुरक्षित आवास विकसित हो रहे हैं। देवपुर समर कैंप में दिखी दुर्लभ प्रजाति          बलौदाबाजार वनमंडल द्वारा 16 मई से 22 मई 2026 तक देवपुर समर कैंप का आयोजन किया गया था। कैंप के पहले दिन 16 मई को आयोजित बर्डिंग ट्रेल के दौरान इस दुर्लभ गिलहरी को देखा गया। इसकी पहचान प्रकृति प्रेमी एवं साइबर रिस्क एक्सपर्ट हेमंत वर्मा ने की। विशाल भारतीय गिलहरी की खासियत          विशाल भारतीय गिलहरी, जिसका वैज्ञानिक नाम रेटूफा इंडिका  (Ratufa indica) है, भारत की सबसे बड़ी वृक्षवासी गिलहरियों में से एक है। इसकी पूंछ सहित लंबाई लगभग तीन फीट तक होती है। इसके शरीर पर गहरे लाल, भूरे, काले और क्रीम रंगों का सुंदर मिश्रण होता है। यह अपना अधिकांश जीवन पेड़ों पर ही बिताती है और एक पेड़ से दूसरे पेड़ तक लंबी छलांग लगाने में सक्षम होती है। कानूनी संरक्षण प्राप्त दुर्लभ प्रजाति          यह प्रजाति वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची-2 के तहत संरक्षित है। इसका शिकार या व्यापार करना कानूनन अपराध है। स्वस्थ वन पारिस्थितिकी तंत्र का संकेत है। वनमंडलाधिकारी धम्मशील गणवीर ने कहा कि बारनवापारा अभ्यारण्य और आसपास का वन क्षेत्र जैव विविधता से समृद्ध है। देवपुर जंगल में इस दुर्लभ गिलहरी का दिखना इस बात का प्रमाण है कि यहां का वन पारिस्थितिकी तंत्र स्वस्थ और सुरक्षित है। बच्चों में बढ़ी प्रकृति संरक्षण की जागरूकता         वनमंडलाधिकारी धम्मशील गणवीर ने बताया कि देवपुर समर कैंप का आयोजन किया गया जिसमें शामिल बच्चों और युवाओं के लिए यह अनुभव बेहद खास रहा। वन विभाग का मानना है कि ऐसे दुर्लभ वन्यजीवों के दर्शन से नई पीढ़ी में प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ती है। यह आयोजन राज्य सरकार की पर्यावरण संरक्षण और जन-जागरूकता आधारित योजनाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

सुप्रीम कोर्ट की NTA को फटकार, NEET पेपर लीक मामले में केंद्र सरकार से मांगा जवाब

नई दिल्ली  सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने पहले हुए नीट पेपर लीक (NEET Paper Leak) से कोई सबक नहीं सीखा है. साथ ही, मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम कराने के लिए टेस्टिंग एजेंसी की जगह एक मज़बूत और स्वायत्त निकाय (ऑटोनॉमस बॉडी) बनाने की अर्जी पर केंद्र, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी और सीबीआई से जवाब मांगा है।  यह मामला जस्टिस पीएस नरसिम्हा और आलोक अराधे की बेंच के सामने आया. बेंच ने निर्देश दिया कि अर्जी की कॉपी सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के अलावा दूसरी पार्टियों को भी दी जाए और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी, जो नीट एग्जाम कराने के लिए जिम्मेदार है, से कहा कि वह 2024 में कोर्ट द्वारा जारी निर्देशों के पालन पर गुरुवार तक एक हलफनामा (एफिडेविट) दाखिल करे।  सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने आगे कहा कि, यह दुख की बात है कि, उन्होंने (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) ने अपना सबक नहीं सीखा है. यह मामला पहले भी सुप्रीम कोर्ट के समझ आ चुका है. एक कमेटी, एक मॉनिटरिंग कमेटी थी जिसने कुछ सिफारिशें की थीं और उन्हें मान लिया गया था. हम चाहते हैं कि एनटीए कमेटी द्वारा सुझाई गई सिफारिशों के पालन के लिए उठाए गए कदमों पर एक हलफनामा दाखिल करे।  बेंच ने फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) की वकील तन्वी दुबे के जरिए फाइल की गई याचिका पर नोटिस जारी किया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह सभी एक जैसे मामलों को एक साथ जोड़ रहा है. मेडिकल बॉडी ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की कि वह नीट यूजी कराने के लिए एनटीए को पुनर्गठन करने या उसकी जगह एक मजबूत और स्वायत्त प्रणाली लाने का निर्देश दे. कोर्ट ने कहा कि बार-बार पेपर लीक होने से 22.7 लाख से ज़्यादा छात्रों के मौलिक अधिकारों पर सीधा हमला हो रहा है।  मेडिकल एजुकेशन प्रोग्राम्स में एडमिशन के लिए एनटीए ने 3 मई को जो अंडरग्रेजुएट स्तर का नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) लिया था, उसे 12 मई को पेपर लीक के आरोपों के बीच रद्द कर दिया गया था, जिसकी अब सीबीआई जांच कर रही है। 

बायोलॉजी पेपर लीक केस में बड़ी गिरफ्तारी, जांच में सामने आया चौंकाने वाला सच

 नई दिल्ली नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट-अंडरग्रेजुएट 2026 (NEET-UG 2026) पेपर लीक मामले में सीबीआई के हाथ एक और बड़ी सफलता लगी है. केंद्रीय जांच एजेंसी ने पुणे की सीनियर बॉटनी टीचर मनीषा गुरुनाथ मंडारे को दिल्ली से गिरफ्तार किया है. मनीषा को नीट-यूजी 2026 के बायोलॉजी पेपर लीक की कथित मास्टरमाइंड बताया जा रहा है. मनीषा मंडारे पुणे के शिवाजीनगर में स्थित मॉडर्न कॉलेज ऑफ आर्ट्स साइंस एंड कॉमर्स में बॉटनी की लेक्चरर हैं. कॉलेज सूत्रों के मुताबिक, मनीषा पिछले पांच से छह वर्षों से एनटीए के लिए नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया में योगदान दे रही थीं।  सीबीआई के मुताबिक, मनीषा को एनटीए ने नीट-यूजी 2026 परीक्षा प्रक्रिया में बतौर एक्सपर्ट नियुक्त किया था और बॉटनी व जूलॉजी के प्रश्नपत्रों तक उनकी पूरी पहुंच थी. जांच में सामने आया है कि अप्रैल 2026 के दौरान मनीषा मंडारे ने पुणे की मनीषा वाघमारे (जिसे 14 मई को गिरफ्तार किया जा चुका है) के जरिए कुछ नीट अभ्यर्थियों को अपने पुणे स्थित घर पर जुटाया और एक स्पेशल कोचिंग क्लास चलाई. इस क्लास में उन्होंने छात्रों को बॉटनी और जूलॉजी के कई सवाल समझाए, उन्हें नोटबुक में लिखवाया और किताबों में मार्क करवाया।  सीबीआई का दावा है कि इनमें से अधिकांश सवाल 3 मई 2026 को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा के वास्तविक प्रश्नपत्र से मेल खाते थे. सीबीआई ने पिछले 24 घंटों में देशभर में 6 ठिकानों पर छापेमारी भी की है. इस दौरान कई अहम दस्तावेज, लैपटॉप, बैंक स्टेटमेंट और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं. केंद्रीय जांच एजेंसी के मुताबिक छापेमारी के दौरान जब्त सामग्री की विस्तृत जांच जारी है. बता दें कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने (NTA) 3 मई, 2026 को देशभर में आयोजित नीट-यूजी परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दिया था।  NEET-UG पेपर लीक मामले में अब तक 9 गिरफ्तारियां सीबीआई ने पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की शिकायत के आधार पर 12 मई, 2026 को एफआईआर दर्ज किया था. इसके बाद केंद्रीय जांच एजेंसी ने स्पेशल टीमें बनाकर देशभर में अलग-अलग ठिकानों पर छापे डाले और कई संदिग्धों से पूछताछ की. अब तक इस मामले में दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिल्यानगर से कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इनमें से 5 आरोपियों को अदालत में पेश कर 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।  वहीं, कल गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों को पुणे कोर्ट में पेश करने के बाद ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया गया है, जहां उन्हें दिल्ली की अदालत में पेश किया जाएगा. सीबीआई का कहना है कि अब तक जांच में केमिस्ट्री और बायोलॉजी पेपर लीक के पीछे के मुख्य आरोपियों के साथ-साथ उन बिचौलियों की भी पहचान हुई है, जिन्होंने लाखों रुपये लेकर छात्रों को इन विशेष क्लासों तक पहुंचाया था. सीबीआई ने इस मामले में महाराष्ट्र के लातूर निवासी केमिस्ट्री टीचर पीवी कुलकर्णी (P.V. Kulkarni) को भी गिरफ्तार किया है।  पेपर लीक का मास्टरमाइंड केमिस्ट्री प्रोफेसर भी अरेस्ट पीवी कुलकर्णी को नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में कथित मास्टरमाइंड माना जा रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह कई वर्षों तक मेडिकल प्रवेश परीक्षा से जुड़े अकादमिक कार्यों में शामिल रहे और हाल के समय में एनटीए के साथ कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर केमिस्ट्री एक्सपर्ट के रूप में काम कर रहे थे. उन्हें एनटीए की परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े होने के कारण नीट-यूजी 2026 के केमिस्ट्री प्रश्नपत्रों तक पहुंच मिली थी. पीवी कुलकर्णी ने लातूर के दयानंद कॉलेज में करीब 28 वर्षों तक केमिस्ट्री प्रोफेसर के रूप में काम किया और इस कॉलेज के प्रिंसिपल भी रहे. रिटायरमेंट के बाद वह पुणे में कोचिंग और निजी अकादमिक गतिविधियों से जुड़े थे। 

धर्मेंद्र प्रधान का बड़ा ऐलान, NEET परीक्षा में मिलेगा एक्स्ट्रा टाइम; एडमिट कार्ड की तारीख भी तय

नई दिल्ली NEET के पेपर लीक कांड ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है और छात्रों के बीच गुस्सा देखने को मिल रहा है. इस बवाल के बीच आज पहली बार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान मीडिया ने सामने आए. प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने दो टूक कहा कि दोषियों को पाताल से भी ढूंढ निकालेंगे. हालांकि, प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले NTA ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर नई तारीखों की जानकारी पहले ही दे दी थी. 21 जून को छात्र दोबारा अपनी किस्मत आजमाएंगे. एडमिट कार्ड से लेकर परीक्षा केंद्रों तक की जानकारी NTA की ओर से दी जाएगी।  3 से 4 दिन के बाद लिया गया फैसला  केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि गेस पेपर लीक होने के 3 से 4 दिन का समय लिया जिसके बाद से परीक्षा रद्द की गई ताकि किसी छात्र को परेशानी का सामना न करना पड़े.उन्होंने कहा कि हम आज नई तारीख के साथ आए हैं. आज से एक महीने के बाद नई परीक्षा होगी. हमारी अप्रोच वही रहेगी. परीक्षा माफियाओं के साथ हमारी लड़ाई है. विभिन्न सोशल मीडिया हैंडल से भ्रमात्मक तथ्यों को रखा जाता है, गुमराह करने की कोशिश की जाती है जिससे बचना बेहद जरूरी है. ऐसे में सरकार ने तुरंत सीबीआई को जांच सौंपी. इस बार सीबीआई तह तक जाएगी और गड़बड़ी का पता लगाएगी. मंत्री ने कहा कि उसे एजेंसियां गंभीरता से ले रही हैं. जो भी दहशतगर्द घूम रहे हैं, आने वाले एग्जाम में वह इससे दूर रहें नहीं तो उन्हें दंड भुगतना पड़ेगा।  नई तारीख का हुआ ऐलान  हमने समय में NEET के लिए नई तारीख का ऐलान कर दिया है. जब से परीक्षा में पेपर लीक की बातें सामने आई हैं तब से हमने इसपर अपनी पैनी नजर बनाई है. इसके लिए CBI को जांच सौंपी गई थी।  हम आज नई तारीख के साथ आए हैं। आज से एक महीने के बाद नई परीक्षा होगी। हमारी अप्रोच वही रहेगी। परीक्षा माफियाओं के साथ हमारी लड़ाई है। विभिन्न सोशल मीडिया हैंडल से भ्रमात्मक तथ्यों को रखा जाता है, गुमराह करने की कोशिश की जाती है। ऐसे में सरकार ने तुरंत सीबीआई को जांच सौंपी। इस बार सीबीआई तह तक जाएगी। कहां चूक हुई है, उसे एजेंसियां गंभीरता से ले रही हैं। जो भी दहशतगर्द घूम रहे हैं, आने वाले एग्जाम में वह इससे दूर रहें नहीं तो उन्हें दंड भुगतना पड़ेगा। हम इस घटना से बहुत दुखी हैं, लेकिन एक बड़े उद्देश्य को देखते हुए हमें यह बड़ा निर्णय लेना पड़ा, ताकि अन्याय न हो सके। हमें अनेक सुझाव मिले हैं। एनटीए में जीरो-एरर हो यह हमारा दायित्व है और हम यह करके रहेंगे। एनटीए हर साल एक करोड़ बच्चों का एग्जाम कराती है। विद्यार्थियों पर कोई आर्थिक बोझ न पड़े उसका हम दायित्व लेते हैं। दोबारा एग्जाम की कोई फीस नहीं ली जाएगी। एनटीए ने तय किया है कि हम एक सप्ताह विद्यार्थियों को अपने पसंद का शहर में परीक्षा देने का अवसर देंगे।  परीक्षा में होने वाली फॉर्मेलिटीज के लिए अतिरिक्त समय दिया जाएगा। परीक्षा के लिए 2 से 5.15 तक का समय दिया जाएगा। सभी के पास 14 जून तक एडमिट कार्ड पहुंच जाएगा। भारत सरकार की ओर से हम बात करेंगे कि इस बार नीट की परीक्षा के समय विद्यार्थियों के आवागमन के बोझ को कम किया जा सके, इसकी बात करेंगे। मौसम खराब रहने पर क्या करेंगे इसकी भी हम व्यवस्था करेंगे। कोई भी अफवाह में न जाएं। राधाकृष्णन कमेटी का पूरा पालन करने के बाद भी इसमें चूक हुई है, इसमें सुधारने की हम जिम्मेदारी लेते हैं। अगले साल से नीट की परीक्षा कम्प्यूटर से होगी। दुख के साथ लिया गया फैसला  धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि हम इस घटना से बहुत दुखी हैं, लेकिन एक बड़े उद्देश्य को देखते हुए हमें ये फैसला लेना पड़ा ताकि अन्याय न हो सके. हमें अनेक सुझाव मिले हैं. एनटीए में जीरो एरर हो यह हमारा दायित्व है और हम यह करके रहेंगे. एनटीए हर साल एक करोड़ बच्चों का एग्जाम कराती है. विद्यार्थियों पर कोई आर्थिक बोझ न पड़े उसका हम दायित्व लेते हैं.  एनटीए ने तय किया है कि हम एक सप्ताह विद्यार्थियों को अपने पसंद का शहर में परीक्षा देने का मौका देंगे. उन्होंने आगे कहा कि जांच के दौरान 12 मई तक यह साफ हो गया कि गेस पेपर के नाम पर असली प्रश्नपत्र के सवाल बाहर पहुंचे थे. उन्होंने कहा कि सरकार नहीं चाहती थी कि शिक्षा माफिया की वजह से किसी ईमानदार और मेहनती छात्र का हक छीना जाए।  अगले साल से ऑनलाइन होगी एग्जाम  केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि अगले साल से नीट यूजी (NEET UG) की परीक्षा ऑनलाइन आयोजित की जाएगी जिससे पेपर लीक जैसी घटनाओं पर लगाम लगाया जा सके।  14 जून को आएगा एडमिट कार्ड  केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस दौरान बताया कि नीट यूजी 2026 के री-एग्जाम के एडमिट कार्ड 14 जून तक जारी कर दिए जाएंगे. इसके अलावा छात्रों को 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। 

इंतजार खत्म! 21 जून को आयोजित होगी NEET परीक्षा, छात्रों के लिए नया अपडेट जारी

नई दिल्ली  नीट परीक्षा की नई तारीखें जारी हो गई हैं। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने नीट-री एग्जाम की नई डेट घोषित कर दी हैं। मेडिकल कॉलेज में एडमिशन के लिए देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षा नीट कैंसिल होने के बाद लाखों स्टूडेंट्स निराश और नाराज आए। पेपर कैंसिल होने के बाद उनके दिमाग में एक ही सवाल बार-बार आ रहा था कि अब नीट की परीक्षा फिर से कब होगी? इसका जवाब आ गया है। एनटीए नीट का री-एग्जाम 21 जून को आयोजित करेगा। इसकी ऑफिशियल जानकारी आ गई है। एनटीए ने हाल ही में नीट परीक्षा को लेकर आधिकारिक जानकारी दी है। जिसमें बताया गया है कि भारत सरकार की स्वीकृति से NEET (UG) 2026 की पुन: परीक्षा, रविवार 21 जून 2026 को आयोजित करने का फैसला किया गया है। ऐसे में अब स्टूडेंट्स के पास फिर से परीक्षा की तैयारी करने का एक महीने से ज्यादा का समय है। परीक्षा के लिए छात्रों के एडमिट कार्ड फिर से जारी किए जाएंगे। इस बार पेपर को लेकर सुरक्षा के पूरे इंतजार किए जाएंगे। नई तारीख और समय  मेडिकल की पढ़ाई करने का सपना देख रहे लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए बड़ी खबर सामने आई है. NTA की ओर से जारी ऑफिशियल सोर्स के मुताबिक, पूरे देश में 21 जून को परीक्षा का आयोजन किया जाएगा. छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अब अपनी तैयारी को अंतिम रूम देना शुरू कर दें।  अफवाहों से सावधान रहने की सलाह  पोस्ट में NTA ने छात्रों और अभिभावकों के लिए एक विशेष अपील भी की है. ऐजेंसी ने कहा कि सोशल मीडिया पर परीक्षा को लेकर लगातार चल रही खबरों पर ध्यान न दें. केवल ऑफिशियल वेबसाइट या चैनलों पर दी गई जानकारी पर भरोसा करें. किसी भी अनाधिकारिक लिंक या मैसेज के जरिए साझा की गई सूचना को सच न मानें।  ले सकते हैं हेल्पलाइन नंबर की मदद  अगर किसी भी छात्र को अपनी परीक्षा, केंद्र या एडमिट कार्ड से जुड़ी किसी भी परेशानी है तो वे सीधे NTA से संपर्क कर सकते हैं. इसके लिए आधिकारिक ईमेल और फोन नंबर के जरिए मदद ले सकते हैं. इसके लिए ईमेल आईडी और हेल्पलाइन नंबर दिया गया है।  ईमेल- neet-ug@nta.ac.in हेल्पलाइन नंबर-   011-40759000 और 011-69227700