नई दिल्ली
इंस्टाग्राम को Meta के AI ने ही हैक कर डाला. ये सुनने में अटपटा सा लग सकता है, लेकिन ऐसा ही हुआ है. हाल ही में सामने आई रिपोर्ट्स के मुताबिक हजारों नहीं, बल्कि 20,000 से ज्यादा इंस्टाग्राम अकाउंट्स एक नए तरह के साइबर हमले का शिकार हुए हैं।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस बार हैकिंग का तरीका पुराना नहीं, बल्कि AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ा हुआ है. दरअसल हैकर्स ने Meta AI को मैनिपुलेट करके इंस्टाग्राम अकाइंट हैक कर लिया।
MetaAI यूज करके हैक हुए इंस्टाग्राम अकाउंट्स
Meta ने खुद इस बात को स्वीकार किया है कि उनके AI सिस्टम से जुड़ी एक कमजोरी का फायदा उठाकर हैकर्स ने यूजर्स के अकाउंट्स तक पहुंच बना ली. यह मामला इसलिए और बड़ा हो जाता है क्योंकि इंस्टाग्राम, जो कि Meta के तहत आता है, दुनिया के सबसे बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स में से एक है और करोड़ों लोग इस पर रोज एक्टिव रहते हैं।
यह साइबर अटैक किसी पासवर्ड चोरी या लिंक क्लिक करने जैसा नॉर्मल मामला नहीं था. रिपोर्ट्स के मुताबिक हैकर्स ने Meta AI चैटबॉट सिस्टम का इस्तेमाल करके सिक्योरिटी लेयर्स को बायपास किया।
आसान भाषा में कहें तो उन्होंने सिस्टम को इस तरह से ट्रिक किया कि AI खुद ही उन्हें जरूरी एक्सेस दे बैठा. यानी इंसान नहीं, बल्कि मशीन से ही गलती करवाई गई।
AI ने दे दिया अकाउंट का सेंसिटिव डेटा
इस घटना ने एक बहुत बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. जिस AI को कंपनियां फ्यूचर का सबसे सुरक्षित और स्मार्ट सिस्टम बता रही थीं, क्या वही अब सबसे बड़ा खतरा बन रहा है?
कुछ रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि हैकर्स ने सीधे एआई से ऐसे सवाल पूछे या ऐसे कमांड दिए, जिससे सिस्टम ने अनजाने में अकाउंट से जुड़ी सेंसिटिव जानकारी शेयर कर दी।
यह तरीका ट्रेडिशनल हैकिंग से बिल्कुल अलग है. यहां कोड तोड़ा नहीं गया, बल्कि सिस्टम को समझाकर या बहकाकर उससे काम निकलवाया गया।
यही वजह है कि इस तरह के हमले को AI मैनिपुलेशन या प्रॉम्प्ट इंजेक्शन जैसा नाम दिया जा रहा है. इसमें हैकर सिस्टम को सीधे हैक नहीं करता, बल्कि उसे ऐसे कमांड देता है जिससे वह खुद ही नियम तोड़ देता है।
इंस्टाग्राम भेज रहा है लोगों को सिक्योरिटी अलर्ट
इस घटना के बाद इंस्टाग्राम ने यूजर्स को अलर्ट जारी करना शुरू कर दिया है. कई यूजर्स को सिक्योरिटी नोटिफिकेशन भी मिले हैं, जिनमें उनसे पासवर्ड बदलने और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू करने को कहा गया है. लेकिन असली चिंता यह है कि अगर सिस्टम लेवल पर ही खामी है, तो सिर्फ पासवर्ड बदलने से कितना फर्क पड़ेगा?
टेक इंडस्ट्री के अंदर भी इसको लेकर हलचल तेज हो गई है. क्योंकि अब तक AI को लेकर जो चर्चा हो रही थी, वह ज्यादातर उसकी ताकत और संभावनाओं पर थी. लेकिन इस हैकिंग से लगता है कि मामला उल्टा पड़ा तो करोड़ों अकाउंट्स एक साथ ही हैक हो सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक AI के जरिए सैकड़ों हाई प्रोफाइल इंस्टाग्राम अकाइउंट को हैक करके उनका डेटा डार्क वेब पर बिक्री के लिए लगा दिया गया. मेटा ने कहा है कि इस प्रॉब्लम को अब फिक्स कर दिया गया है।
हालांकि भले ही इश्यू फिक्स हो गया हो, लेकिन AI चैटबॉट को मैनिपुलेट करके हैकिंग का ये जरिए लगातार बढ़ रहा है और आगे भी ऐसी समस्या आ सकती हैं।




