samacharsecretary.com

पंजाब में रियल एस्टेट सेक्टर पर सख्ती, डिफॉल्टर बिल्डरों की परियोजनाओं पर लगी रोक

मोहाली
 ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथाॅरिटी (गमाडा) ने बकाया सरकारी शुल्क जमा न करने वाले रियल एस्टेट प्रमोटरों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 20 परियोजनाओं और कंपनियों को डिफाॅल्टर घोषित किया है।

इन पर एक्सटर्नल डेवलपमेंट चार्ज (ईडीसी), लाइसेंस फीस, सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर फंड और अन्य मदों के तहत कुल 1,014.03 करोड़ रुपये से अधिक की राशि बकाया है।

गमाडा की लाइसेंसिंग शाखा की ओर से जारी पत्र के अनुसार 31 मई 2026 तक के रिकार्ड के आधार पर डिफाॅल्टरों की सूची तैयार की गई है। आदेश में स्पष्ट है कि बकाया जमा न करने वाले इन प्रमोटरों को किसी भी प्रकार की आगे की मंजूरी या भुगतान नहीं दिया जाएगा।

डिफाॅल्टर सूची जारी होने के बाद इन परियोजनाओं में निवेश कर चुके खरीदारों की चिंता भी बढ़ गई है। यदि कंपनियां समय पर बकाया राशि जमा नहीं करतीं तो परियोजनाओं के विकास कार्यों और भविष्य की मंजूरियों पर असर पड़ सकता है।

पापरा काॅलोनियों पर 312 करोड़ से ज्यादा बकाया
    चंडीगढ़ रायल सिटी प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड के 47.89 करोड़ रुपये
    शिवालिक साइट प्लानर्स प्राइवेट लिमिटेड के 20.55 करोड़ रुपये
    बाजवा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के 23.40 करोड़ रुपये
    मैजेस्टिक प्रापर्टीज प्राइवेट लिमिटेड के 7.13 करोड़ रुपये
    बाजवा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के ही 127.19 करोड़ रुपये
    बाजवा दामिनी डेवलपर्स के 10.65 करोड़ रुपये
    शिवालिक साइट प्लानर्स (कासा एस्पाना परियोजना) के 15.60 करोड़ रुपये
    गीतू कंस्ट्रक्शंस प्राइवेट लिमिटेड के 14.79 करोड़ रुपये
    राइजिंग स्टार इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के 0.99 करोड़ रुपये
    आरकेएम हाउसिंग प्राइवेट लिमिटेड, सेक्टर-111/112 के 31.07 करोड़ रुपये
    इंडियन कोआपरेटिव हाउसिंग बिल्डिंग सोसायटी के (संटेक सिटी) 11.47 करोड़ रुपये
    नार्थएज डेवलपर्स एलएलपी के 1.11 करोड़ रुपये
    गिल्को डेवलपर्स एंड बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड के भी 0.57 करोड़ रुपये 

मेगा प्रोजेक्ट्स पर 701 करोड़ से ज्यादा की देनदारी
मेगा प्रोजेक्ट्स की श्रेणी में सात परियोजनाओं पर 701 करोड़ रुपये से ज्यादा बकाया हैं। बाजवा डेवलपर्स लिमिटेड (मेगा प्रोजेक्ट-1) 209.30 करोड़ रुपये, बाजवा डेवलपर्स लिमिटेड (मेगा प्रोजेक्ट-2) 168.61 करोड़ रुपये, सुखम इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड, सेक्टर-66ए – 69.06 करोड़ रुपये देनदारी है।

इसके अलावा एचपी सिंह एवं अन्य, सेक्टर-122 – 45.78 करोड़ रुपये, जनता लैंड प्रमोटर्स, सेक्टर-82, 90 और 91 – 152.12 करोड़ रुपये, ग्लोबस प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, सेक्टर-66ए – 34.53 करोड़ रुपये, प्रीत लैंड प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड, सेक्टर-86 – 22.14 करोड़ रुपये देनदारी है।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here