चंडीगढ़.
सेक्टर-11 में श्री कुमार केमिस्ट के कैशियर जानकी दास की शनिवार को दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या की घटना से व्यापारी व उद्योगपति वर्ग में खासी दहशत हैं। गैंगस्टरों की ओर से रंगदारी के लिए आ रहे फोन काॅल ने चंडीगढ़ पुलिस और कारोबारियों के लिए नई चुनौती खड़ी कर दी है।
शहर के केमिस्ट संचालकों समेत अन्य कारोबारियों को फ्रांस, कनाडा और अन्य विदेशी नंबरों से काल कर लगातार रंगदारी मांगी जा रही है। रंगदारी व संगठित आपराधिक गतिविधियों पर नकेल कसने के चंडीगढ़ पुलिस ने मास्टर प्लान तैयार किया है। डीजीपी डाॅ. सागर प्रीत हुड्डा ने कहा शहर में गैंगस्टरों का नेटवर्क खत्म करने के लिए स्पेशल एंटी-गैंगस्टर स्क्वाड गठित किया जा रहा है। स्पेशल एंटी-गैंगस्टर स्क्वाड बनाने का उद्देश्य शहर में हाल के समय में बढ़ी गैंगस्टर गतिविधियों, रंगदारी काल, व्यापारियों को मिल रही धमकियों और सेक्टर-11 के केमिस्ट हत्याकांड जैसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण करना रहेगा। इसके साथ ही चंडीगढ़ पुलिस अब गैंगस्टर गतिविधियों, रंगदारी नेटवर्क और सुपारी किलिंग जैसे मामलों पर विशेष फोकस करेगी। स्पेशल स्क्वाड गैंगस्टरों की पहचान, निगरानी, गिरफ्तारी और उनके आर्थिक नेटवर्क को ध्वस्त करने का काम करेगी।
हत्या के अगले दिन ही फिर धमकी
जानकी दास हत्याकांड के एक दिन बाद ही सेक्टर-16 और सेक्टर-19 स्थित मेडिकल स्टोर संचालक को धमकी भरे संदेश मिलने का मामला सामने आया। संदेश में एक दिन के भीतर मांग पूरी करने की चेतावनी दी गई थी। संचालक के पास विदेशी नंबर से कॉल भी आई, लेकिन उसने फोन नहीं उठाया और तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है तथा कॉल और संदेश भेजने वालों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
व्यापारियों में दहशत
शनिवार को हुए गोलीकांड और उसके अगले ही दिन धमकियों के बाद केमिस्ट समुदाय समेत कारोबारी वर्ग में भय का माहौल। इसको लेकर चंडीगढ़ केमिस्ट एसोसिएशन (सीसीए) का प्रतिनिधिमंडल सोमवार को डीजीपी डाॅ. सागर प्रीत हुड्डा से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने हत्याकांड के मामले में आरोपितों की शीघ्र गिरफ्तारी, व्यापारियों की सुरक्षा मजबूत करने और रंगदारी व संगठित आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने की मांग की। इसके साथ कहा कि व्यापारियों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। बैठक के दौरान डीजीपी ने प्रतिनिधिमंडल की बात गंभीरता से सुनी और भरोसा दिलाया कि मामले में शामिल आरोपितों के खिलाफ सख्त और निर्णायक कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा व्यापारिक प्रतिष्ठानों और बाजारों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए भी कई कदम उठाए जा रहे हैं।
एंटी-गैंगस्टर स्क्वाड के प्रमुख काम
- गैंगस्टरों की पहचान और निगरानी करना।
- रंगदारी फिरौती, धमकी और वसूली के मामलों की जांच करना।
- शूटरों और गैंग सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाना।
- अपराधियों के नेटवर्क और फंडिंग का पता लगाना।
- गैंगस्टरों को हथियार, वाहन या अन्य संसाधन उपलब्ध कराने वालों पर कार्रवाई करना।
- इंटरनेट मीडिया और डिजिटल प्लेटफार्म पर गैंगस्टरों की गतिविधियों की निगरानी करना।
- अन्य राज्यों की पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करना।
- व्यापारियों, उद्योगपतियों और आम लोगों को मिलने वाली धमकियों की जांच करना।
- गैंगवार, सुपारी किलिंग और संगठित अपराध को रोकने के लिए खुफिया जानकारी जुटाना।





