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छात्राओं की सुरक्षा पर बड़ा कदम, स्कूलों में चाइल्ड प्रोटेक्शन कमिटी अनिवार्य

नई दिल्ली
 राजधानी में बच्चों और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। एलजी वीके सक्सेना ने पॉक्सो (POCSO) कानून के लागू करने की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया है कि दिल्ली के सभी स्कूलों का व्यापक ऑडिट किया जाए। इसका मकसद सुनिश्चित करना है कि स्कूल बच्चों की सुरक्षा से जुड़े सभी नियमों और दिशानिर्देशों का पालन कर रहे हैं या नहीं।

    एलजी ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिया कि पॉक्सो कानून के प्रावधानों का सख्ती से पालन कराया जाए और जिन स्कूलों में कमियां पाई जाएं, उनके खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाए।
    साथ ही विभाग को यह भी बताना होगा कि नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ क्या कदम उठाए गए या उठाए जाएंगे।
    एलजी ने कहा कि हर स्कूल में अनिवार्य रूप से चाइल्ड प्रोटेक्शन कमिटी सक्रिय होनी चाहिए और उसकी नियमित बैठकें आयोजित की जाएं।
    इसके अलावा जुलाई को 'चाइल्ड प्रोटेक्शन मंथ' के रूप में मनाते हुए पूरे शहर में जागरूकता और प्रशिक्षण अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
    इस अभियान की प्रगति और परिणामों की रिपोर्ट भी एलजी को सौंपी जाएगी।

छुट्टी के समय पुलिस तैनाती बढ़ाने पर दिया गया जोर
स्कूलों और छात्रों की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए दिल्ली पुलिस को स्कूल परिसरों और प्रमुख केंद्रों के आसपास पर्याप्त जवानों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। खासतौर पर स्कूलों की छुट्टी के समय पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने पर जोर दिया गया है। महिलाओं और बच्चों के साथ छेड़छाड़, उत्पीड़न और यौन अपराधों के मामलों पर जीरो टॉलरेंस नीति दोहराते हुए एलजी ने कहा कि छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा।

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