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बिना कोचिंग की पढ़ाई से रचा इतिहास! श्रद्धा पांडेय ने किया BPSC 70वीं परीक्षा टॉप

पटना 

बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा का फाइनल रिजल्ट आ गया है. इसके बाद से उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में खुशी की लहर दौड़ गई है.  जिले के रानीगंज क्षेत्र के पचरास गांव की रहने वाली श्रद्धा पांडेय ने 593 अंक हासिल कर पूरे बिहार में पहला स्थान प्राप्त किया है. उनकी इस सफलता के बाद परिवार, रिश्तेदार और गांव के लोग मिठाइयां बांटकर जश्न मना रहे हैं. बताया जा रहा है कि इस उपलब्धि के बाद उन्हें SDM का पद मिल सकता है. खास बात यह है कि श्रद्धा पहले से ही उत्तर प्रदेश में असिस्टेंट कमिश्नर के पद पर लखनऊ में तैनात हैं और अब उन्होंने BPSC में टॉप कर एक और बड़ी उपलब्ध हासिल की है। 

शनिवार को जारी हुआ रिजल्ट 
बिहार लोक सेवा आयोग ने शनिवार को 70वीं CCE का फाइनल रिजल्ट जारी किया. इस परीक्षा में श्रद्धा पांडेय ने कुल 593 अंक हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया. उन्हें SDM पद मिल सकता है. श्रद्धा प्रतापगढ़ के रानीगंज क्षेत्र के पचरास गांव की रहने वाली हैं.उन्होंने UPPSC संयुक्त राज्य सेवा परीक्षा 2024 में EWS कैटेगरी से 153वीं रैंक हासिल की थी. पहले ही अटेम्प्ट में यूपी PCS क्वालीफाई करने वाली श्रद्धा ने अब BPSC में भी परचम लहरा दिया। 

दूसरे प्रयास में किया टॉप 
श्रद्धा पांडेय की सफलता इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि वह लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं. उन्होंने UPPSC संयुक्त राज्य सेवा परीक्षा 2024 में EWS श्रेणी से 153वीं रैंक हासिल कर पहले ही प्रयास में यूपी PCS परीक्षा पास की थी. इसके बाद वह असिस्टेंट कमिश्नर के पद पर नियुक्त हुईं. अब उन्होंने एक और कमाल कर दिखाया है. दूसरे प्रयास में BPSC 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में पहला स्थान हासिल कर उन्होंने अपनी मेहनत और तैयारी का एक और उदाहरण पेश किया है। 

क्या करते हैं श्रद्धा के पिता? 
श्रद्धा के पिता संतोष पांडेय वकील होने के साथ किसान भी हैं,जबकि मां सुनीता पांडेय हाउस वाइफ हैं.  श्रद्धा की शुरुआती पढ़ाई रानीगंज के मनीष मेमोरियल स्कूल से इंटर, संगम इंटरनेशनल स्कूल से और ग्रेजुएशन स्वामी करपात्री जी महाराज राजकीय महाविद्यालय से हुआ. खास बात यह कि श्रद्धा ने कही भी कोचिंग नहीं ली है और पहले ही कामयाबी में उन्होंने असिस्टेंट कमिश्नर निकला तो दूसरे प्रयास में बिहार पीसीएस टॉप कर दिया। 

परिवार में खुशी की लहर 
श्रद्धा की इस सफलता पर परिवार के लोग बेहद खुश हैं. घर पर मिठाइयां बांटी जा रही हैं और रिश्तेदार व शुभचिंतक लगातार बधाई देने पहुंच रहे हैं. बेटी की इस उपलब्धि पर पिता ने कहा कि बेटी ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर यह मुकाम हासिल किया है. उसने कभी कोचिंग की मदद नहीं ली है और हमेशा खुद पर भरोसा रखा. उसकी सफलता से पूरा परिवार गर्व महसूस कर रहा है. वहीं, गांव के लोगों का भी कहना है कि श्रद्धा की सफलता से पूरे क्षेत्र का नाम रोशन हुआ है। 

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