जींद.
जुलाना थाना पुलिस ने दो भाइयों के खिलाफ फर्जी प्रमाण-पत्र के आधार पर पुलिस में नौकरी पाने पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। दोनों भाइयों ने पुलिस में भर्ती होते समय अपने पिता के आर्मी कोटे का लाभ उठाया था। नियमों के अनुसार केवल एक ही आश्रित इसका लाभ उठा सकता है।
जुलाना थाना पुलिस ने गतौली गांव निवासी दो हवलदार भाइयों दलेल व भूपेंद्र के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जुलाना थाना पुलिस को दी शिकायत में सोनीपत निवासी 70 वर्षीय हेल्थ सुपरवाइजर से सेवानिवृत्त कमला दहिया ने बताया कि गतौली गांव निवासी गतौली निवासी हरिओम सेना से सेवानिवृत्त हुए थे। 2008 में उनके बड़े बेटे दलेल अपने पिता के कोटे का लाभ उठाते हुए पुलिस में भर्ती हो गए।
दलेल इस समय जींद में कार्यरत हैं। 2014 में हरिओम का दूसरा बेटा भूपेंद्र भी अपने पिता के कोटे का लाभ उठाते हुए पुलिस में भर्ती हो गया।
नियमों के अनुसार सेवानिवृत्त आर्मी कर्मचारी का केवल एक ही पुत्र इस कोटे का लाभ उठा सकता है। भूपेंद्र इस समय हांसी जिले में तैनात है। दोनों अब मुख्य सिपाही के पद पर पदोन्नत हो गए हैं। कमला दहिया ने कहा कि उनके एक रिश्तेदार ने भी आर्मी कोटे का लाभ लेते हुए पुलिस भर्ती के लिए आवेदन किया था। उसके रिश्तेदार को यह लाभ नहीं मिला। अब उसे पता चला कि गतौली गांव निवासी दो भाइयों ने इसी प्रकार ईएसएम कोटे का लाभ उठाया है और वह दोनों इस समय पुलिस में कार्यरत हैं।
कमला दहिया ने कहा कि जब दो भाइयों को लाभ मिल रहा है तो उसके रिश्तेदार को क्यों नहीं मिल सकता। जब पुलिस के पास यह शिकायत पहुंची तो उन्होंने इस मामले की जांच की और पाया कि एक कोटे का केवल एक ही आश्रित लाभ उठा सकता है। दोनों ने लाभ उठाकर धोखाधड़ी की है। इसलिए अब पुलिस ने भूपेंद्र व दलेल के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। जुलाना थाना प्रभारी कुलदीप सिंह ने कहा कि सोमवार को ही भूपेंद्र व दलेल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। अभी मामले की जांच की जाएगी।





