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डिग्री की देरी खत्म होगी, बिहार सरकार विश्वविद्यालय व्यवस्था में करेगी बड़ा बदलाव

पटना
बिहार में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए विश्वविद्यालयों के लिए नया कानून लाया जाएगा। नया अधिनियम दूसरे राज्यों एवं केंद्रीय विश्वविद्यालयों की श्रेष्ठ प्रणालियों पर आधारित होगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और राज्यपाल सय्यद अता हसनैन की अध्यक्षता में पटना स्थित लोक भवन में शुक्रवार को हुई बैठक में यह सहमति बनी। इस बैठक में उच्च शिक्षा के विकास को लेकर कई फैसले लिए गए। यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स की डिग्री की लेटलतीफी को भी जल्द खत्म किया जाएगा, इस पर मिशन मोड में काम चल रहा है।

राज्यपाल और मुख्यमंत्री की मौजूदगी में शुक्रवार को करीब 1 घंटे तक चली इस बैठक में यूनिवर्सिटी के पठन-पाठन, नामांकन, नियुक्ति, वित्तीय प्रबंधन और प्रशासनिक व्यवस्था समेत अन्य मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। लोक भवन के द्वारा प्रस्तुतीकरण के माध्यम से नई पहल की जानकारी दी गई। इस दौरान उच्च शिक्षा मंत्री संजय टाइगर भी मौजूद रहे।

नए डिग्री कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर की संविदा पर नियुक्ति
सीएम सम्राट ने कहा कि राज्य में ऐसी व्यवस्था हो कि उच्च शिक्षा के लिए बिहार के बच्चों को बाहर नहीं जाना पड़े। वहीं, राज्यपाल सय्यद अता हसनैन ने 31 दिसंबर तक विश्वविद्यालय समर्थ पोर्टल के 26 मॉड्युल्स पूरी तरह लागू करने के निर्देश दिए। बैठक में फैसला लिया गया कि राज्य में खुले 211 नए डिग्री कॉलेजों में केंद्रीयकृत तरीके से सहायक प्राध्यापकों (असिस्टेंट प्रोफेसर) की संविदा पर नियुक्ति की जाएगी।

डिग्री की लेटलतीफी बंद होगी
विद्यार्थियों की लंबित डिग्रियों के जल्द और समयबद्ध वितरण के लिए मिशन मोड में किए जा रहे कार्यों के बारे में जानकारी दी गई। बताया गया कि इस कार्य को 30 सितंबर तक पूरा कर लिया जाएगा।

साथ ही प्रशासनिक प्रक्रियाओं में अनुशासन एवं नियमितता सुनिश्चित करने के लिए शिक्षकों एवं कर्मचारियों के ट्रांसफर और पदोन्नति के लिए समय-सीमा निर्धारित करने संबंधी जानकारी भी दी गई। सामान्य स्थानान्तरण केवल जून माह में होंगे तथा इससे इतर ट्रांसफर केवल अति आवश्यक होने पर ही कुलाधिपति के पूर्वानुमोदन से हो सकेगा।

सरकार द्वारा जारी बयान में कहा गया कि राज्यपाल सह कुलाधिपति लेफ्टिनेंट सय्यद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) एवं मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बिहार लोक भवन में आज राज्य की उच्च शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक सुधार एवं प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण के उद्देश्य से एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

इस दौरान उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नई पहलों की समीक्षा की गई तथा शिक्षा की गुणवत्ता, सुशासन और संस्थागत मजबूती सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। बैठक में राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में पारदर्शिता, दक्षता, डिजिटल प्रशासन एवं शैक्षणिक उत्कृष्टता सुनिश्चित करने के लिए संचालित विभिन्न सुधारात्मक पहलों की विस्तृत समीक्षा की गई।

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