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यूपीटीईटी-2026 के लिए व्यापक तैयारियां, 60 जनपदों के 955 परीक्षा केन्द्रों पर लगभग 20 लाख अभ्यर्थी होंगे शामिल

लखनऊ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी)-2026 प्रदेश के लाखों युवाओं की आकांक्षाओं से जुड़ी अत्यंत महत्वपूर्ण परीक्षा है। इसकी निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता किसी भी परिस्थिति में प्रभावित नहीं होनी चाहिए। परीक्षा का संचालन केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य के प्रति सरकार की जवाबदेही का विषय है। प्रत्येक अभ्यर्थी को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और तनावमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि परीक्षा में शामिल होने वाले किसी भी अभ्यर्थी को आवागमन, प्रवास, सुरक्षा अथवा अन्य मूलभूत सुविधाओं के अभाव में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।

मुख्यमंत्री मंगलवार को आगामी 02, 03 एवं 04 जुलाई, 2026 को आयोजित होने वाली उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा-2026 की तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा कर रहे थे। 

इस दौरान, मुख्यमंत्री ने सेवारत शिक्षकों के हितों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि शिक्षक पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता को देखते हुए कार्यरत शिक्षकों को अपनी पात्रता सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराए जाने चाहिए। इसी उद्देश्य से उन्होंने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को सेवारत शिक्षकों के लिए पृथक शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि उन्हें अधिक अवसर मिल सकें और केवल अवसर के अभाव में किसी शिक्षक को कठिनाई का सामना न करना पड़े।

मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा के दौरान बड़ी संख्या में अभ्यर्थी प्रदेश के विभिन्न जनपदों के साथ अन्य राज्यों से भी आएंगे। ऐसे में रेलवे स्टेशन, बस अड्डों तथा प्रमुख यातायात केन्द्रों पर पर्याप्त सहायता व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। अभ्यर्थियों को परीक्षा केन्द्रों तक पहुंचने में किसी प्रकार की असुविधा न हो। परिवहन निगम, रेलवे तथा आवश्यकतानुसार निजी स्थानीय परिवहन संचालकों के साथ समन्वय स्थापित कर अतिरिक्त परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। परीक्षा के पूर्व एवं पश्चात संभावित भीड़ को देखते हुए प्रभावी यातायात प्रबंधन किया जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर विशेष व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि बड़ी संख्या में युवाओं के आवागमन के दौरान खाद्य एवं पेय पदार्थों के मूल्य अनावश्यक रूप से न बढ़ाए जाएं।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी परीक्षा केन्द्रों पर पेयजल, स्वच्छ शौचालय, छायादार प्रतीक्षास्थल, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, अग्निशमन व्यवस्था तथा आकस्मिक चिकित्सा सुविधा अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहे। वर्तमान मौसम को देखते हुए स्वास्थ्य एवं आपदा प्रबंधन तंत्र पूरी तरह सक्रिय रखा जाए। प्रत्येक जनपद में स्थापित कंट्रोल रूम प्रभावी ढंग से कार्य करें तथा किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े सभी जिलाधिकारियों को मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि परीक्षा के सफल एवं त्रुटिरहित संचालन के लिए एक दिन पूर्व सभी व्यवस्थाओं का पूर्वाभ्यास अनिवार्य रूप से कर लिया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा की शुचिता सर्वोपरि है। परीक्षा ड्यूटी में केवल स्वच्छ छवि वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ही तैनाती की जाए। गोपनीय परीक्षा सामग्री के भंडारण, परिवहन तथा परीक्षा उपरांत आयोग तक उसके सुरक्षित प्रेषण की पूरी प्रक्रिया उच्चतम सुरक्षा मानकों के अनुरूप संपन्न कराई जाए। उन्होंने सोशल मीडिया तथा अन्य माध्यमों पर अफवाह, भ्रामक अथवा गलत सूचनाएं प्रसारित करने के प्रयासों पर कड़ी निगरानी रखने और ऐसे मामलों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में बताया गया कि उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा-2026 का आयोजन प्रदेश के 60 जनपदों में स्थापित 955 परीक्षा केन्द्रों पर किया जाएगा। परीक्षा 02 से 04 जुलाई तक कुल पांच पालियों में आयोजित होगी। 02 जुलाई को दोनों पालियों में उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा होगी। 03 जुलाई को प्रथम पाली में उच्च प्राथमिक तथा द्वितीय पाली में प्राथमिक स्तर की परीक्षा आयोजित की जाएगी। 04 जुलाई को प्रथम पाली में प्राथमिक स्तर की परीक्षा संपन्न होगी।

बैठक में बताया गया कि परीक्षा में कुल 19,94,661 अभ्यर्थी सम्मिलित होंगे। इनमें 17,67,180 अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश के हैं, जबकि 2,27,481 अभ्यर्थी अन्य राज्यों से परीक्षा देने आएंगे। परीक्षा में 1,85,791 सेवारत शिक्षक तथा 18,08,870 नए अभ्यर्थी सम्मिलित होंगे। प्राथमिक स्तर के लिए 3,88,179, उच्च प्राथमिक स्तर के लिए 8,16,436 तथा दोनों स्तरों के लिए 3,95,023 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है।

बैठक में यह भी बताया गया कि सर्वाधिक परीक्षा केन्द्र एवं अभ्यर्थियों वाले जनपदों में वाराणसी, प्रयागराज, लखनऊ, गोरखपुर, कानपुर नगर, मेरठ, मऊ, मुरादाबाद, आगरा तथा जौनपुर प्रमुख हैं। वाराणसी में 68 परीक्षा केन्द्रों पर 1,27,239 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। प्रयागराज में 53 परीक्षा केन्द्रों पर 76,634 तथा लखनऊ में 43 परीक्षा केन्द्रों पर 76,720 अभ्यर्थी परीक्षा में सम्मिलित होंगे। इन जनपदों में बाहरी जिलों एवं अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के आगमन को देखते हुए यातायात, सुरक्षा, चिकित्सीय सहायता तथा प्रवास संबंधी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

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