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भागलपुर के 384 गांवों के विकास को लेकर 20 वर्षीय महायोजना तैयार होगी।

पटना
 राज्य सरकार ने भागलपुर शहर और उसके आसपास के क्षेत्रों के सुनियोजित विकास की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए भागलपुर आयोजना क्षेत्र का विस्तार कर दिया है। विस्तारित क्षेत्र के लिए अगले 20 वर्षों की महायोजना (मास्टर प्लान) तैयार की जाएगी।

इसका उद्देश्य शहर के साथ आसपास के ग्रामीण और तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों का समेकित विकास सुनिश्चित करना है।

पहले आयोजना का क्षेत्रफल था 218.28 वर्ग किमी अब 359 वर्ग किमी
नगर विकास विभाग के अनुसार पहले अधिसूचित भागलपुर आयोजना क्षेत्र का क्षेत्रफल 218.28 वर्ग किलोमीटर था। विस्तार के बाद इसमें 140.72 वर्ग किलोमीटर नया क्षेत्र जोड़ दिया गया है। अब कुल आयोजना क्षेत्र 359 वर्ग किलोमीटर का हो गया है।

महायोजना के तहत आवास, सड़क, जल निकासी, पेयजल, परिवहन, सार्वजनिक सुविधाओं, हरित क्षेत्र और भविष्य की शहरी जरूरतों को ध्यान में रखकर विकास की रूपरेखा तैयार की जाएगी। इससे अनियोजित निर्माण पर नियंत्रण लगाने और शहर के संतुलित विस्तार में मदद मिलेगी।

सबसे अधिक गांव नाथनगर प्रखंड के, कुल 384 गांवों का होगा विकास
विस्तारित आयोजना क्षेत्र में भागलपुर नगर निगम के अलावा नगर पंचायत सबौर और नगर पंचायत हबीबपुर भी शामिल हैं। इसके साथ दो सेंसस टाउन तथा कुल 384 राजस्व गांव इस योजना का हिस्सा होंगे। इनमें सबसे अधिक 144 गांव नाथनगर प्रखंड के हैं।

इसके अलावा जगदीशपुर के 90, सबौर के 60, शाहकुंड के 42, सुल्तानगंज के 33, गोराडीह के 11 और नारायणपुर के चार राजस्व गांव शामिल किए गए हैं।

सरकार ने आयोजना क्षेत्र की नई सीमाएं भी निर्धारित कर दी हैं। साथ ही नक्शा, शामिल शहरी निकायों और राजस्व गांवों की सूची तथा आबादी का विवरण भी स्वीकृत कर दिया है।

एक नजर में
    कुल आयोजना क्षेत्र: 359 वर्ग किमी
    पहले का क्षेत्रफल: 218.28 वर्ग किमी
    नया जोड़ा गया क्षेत्र: 140.72 वर्ग किमी
    शहरी निकाय: 3 (भागलपुर नगर निगम, सबौर व हबीबपुर नगर पंचायत)
    सेंसस टाउन: 2
    राजस्व गांव: 384
    महायोजना की अवधि: अगले 20 वर्ष या विस्तारित अवधि
    उद्देश्य: भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों का समेकित एवं सुनियोजित शहरी विकास।

 

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