चंडीगढ़.
पंजाब में दशकों से लगातार गिर रहे भूजल लेवल को लेकर राज्य के लोगों को राहत मिली है। सेंट्रल भूजल बोर्ड के साल 2026 के ताजा आंकड़ों/मूल्यांकन के मुताबिक, दशकों में पहली बार पंजाब में भूजल लेवल में सुधार दर्ज किया गया है।
इस बारे में जानकारी पंजाब के जल संसाधन मंत्री ने शेयर की है। केंद्र की इस रिपोर्ट ने भूजल संकट से उभरने की नई उम्मीद जगाई है। उन्होंने कहा कि भूजल के इस्तेमाल की दर साल 2022 में 164 फीसदी से घटकर साल 2026 में 152.22 फीसदी हो गई है, जबकि ज्यादा इस्तेमाल वाले ब्लॉक की संख्या 117 से घटकर 110 हो गई है और सुरक्षित ब्लॉक की संख्या 17 से बढ़कर 20 हो गई है।
कुल 153 मूल्यांकन किए गए ब्लॉक में से 109 में सुधार दर्ज किया गया है। पंजाब भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जल संसाधन मंत्री ने कहा कि ये सुधार सरकार की नहर का पानी खेतों तक पहुंचाने और भूजल बचाने की कोशिशों का नतीजा हैं।
उन्होंने कहा कि भूजल का सालाना इस्तेमाल साल 2022 में 28.02 बिलियन क्यूबिक मीटर से घटकर 2026 में 26.32 बिलियन क्यूबिक मीटर हो गया है। साल 2025 के मुकाबले 14 ब्लॉक बेहतर कैटेगरी में आए हैं, जिनमें से 4 ब्लॉक सेफ कैटेगरी में पहुंच गए हैं। फाजिल्का का अरनीवाला शेख सुभानपुर, फिरोजपुर का मक्खू, होशियारपुर का हाजीपुर और पठानकोट का नरोट जैमल सिंह सेफ कैटेगरी में आ गए हैं।





