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3 सितंबर का राशिफल: इन राशियों के लिए शुभ रहेगा गुरुवार, किस्मत देगी पूरा साथ

मेष आज आत्मविश्वास के साथ आज सभी टास्क को पूरा करें। महत्वपूर्ण इन्वेस्टमेंट करने से पहले रिसर्च पर फोकस करें। आज खुशहाली भरा दिन रहने वाला है। समझदारी के साथ समृद्धि को संभालें। वृषभ आज रचनात्मकता को नए-नए तरीकों से दर्शाने की कोशिश करें। आज थोड़ा अलर्ट रहने की जरूरत है। रिस्क आपको डराते नहीं हैं। प्रेम संबंधी सभी प्रॉब्लम्स को सुलझाएं। मिथुन आज वित्तीय समृद्धि आपको हेल्प करेगी। हेल्थ रिलेटेड कोई बड़ी दिक्कत नहीं सताएगी। आज का दिन के लिए कई सरप्राइज लाएगा। महत्वपूर्ण परिवर्तनों के लिए तैयार हो जाएं क्योंकि कई अवसर आपका इंतजार कर रहे हैं। कर्क आज परिवर्तनों का अधिकतम लाभ उठाने के लिए पॉजिटिव रहें। कार्यस्थल पर सर्वोत्तम परिणाम देने के लिए नए कार्य हाथ में लें। आज अपनी पेशेवर उत्पादकता पर अधिक फोकस करें। सिंह बदलाव जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पर्सनल ग्रोथ पर फोकस रखें। पॉजिटिव विचार रखना और अपनी स्किल्स पर भरोसा करना आपके लिए महत्वपूर्ण होगा। आज बाधाएं आपको नहीं रोक नहीं सकती। कन्या आज प्यार और करियर में अप्रत्याशित अवसर मिल अकते हैं। आपकी रोमांटिक लाइफ अच्छी रहेगी। पेशेवर चुनौतियों का आप पर असर नहीं पड़ेगा। वित्तीय मुद्दे मौजूद हैं लेकिन यह गंभीर नहीं साबित होंगे। तुला आज अपनी मैरिड लाइफ को तहस- नहस से बचाने के लिए सोल्यूशन पर फोकस करें न की प्रॉब्लम पर। खर्च बढ़ सकते हैं। आप दिनभर स्वास्थ्य से जुड़ी छोटी-मोटी समस्याओं से भी परेशान हो सकते हैं। वृश्चिक आज का दिन आपके लिए उतार-चढ़ाव से भरपूर रहेगा। याद रखें, चुनौतियां आपको मजबूत बनाती हैं। आज आपका पर्सनल और प्रोफेशनल जीवन सुखी रहेगा। आर्थिक निवेश पर अभी विचार न करें। धनु आज हेल्थ के मामले में दिन बढ़ियां रहेगा। प्रेम जीवन को रोमांटिक बनाने और उत्पादक पेशेवर जीवन के लिए बैलेंस जरूरी है। आपका वित्त और स्वास्थ्य दोनों ही पॉजिटिव रहने वाले हैं। मकर आज प्रेम जीवन में मनमुटाव को दूर करें। साथ में ज्यादा से ज्यादा समय बिताएं। एक बेहद बिजी पेशेवर कार्यक्रम के लिए तैयार रहें। दिन यादगार रहेगा। स्वास्थ्य संबंधी कोई बड़ी समस्या भी दिन को बाधित नहीं कर सकेगी। कुंभ आज हर अवसर का इस्तेमाल करें। आपके रोमांटिक रिश्ते में थोड़ी बहुत हलचल मच सकती है। उत्पादक प्रोफेशनल लाइफ के लिए स्ट्रेस से बचें। आर्थिक रूप से आज आप भाग्यशाली रहेंगे। मीन आज का दिन आपके लिए शुभ रहने वाला है। आज आपका पर्सनल और व्यावसायिक जीवन दोनों अच्छा दिख रहा है। अच्छा रिटर्न प्राप्त करने के लिए धन का समझदारी से इस्तेमाल करें।

फर्रुखाबाद में बाढ़ पीड़ितों का दर्द जानेंगे मुख्यमंत्री

फर्रुखाबाद  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को फर्रुखाबाद पहुंचेंगे। वह बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण कर वास्तुस्थिति का जायजा लेंगे। इसके बाद बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात कर उनकी परेशानियों को भी जानेंगे। मुख्यमंत्री यहां राहत व आवश्यक सामग्री भी वितरित करेंगे।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को लखनऊ से फर्रुखाबाद पहुंचेंगे। इस दौरान वह बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के हाल से अवगत होंगे। सुबह 11:30 बजे उनका हेलीकॉप्टर फतेहगढ़ स्थित पुलिस लाइन परेड ग्राउंड उतरेगा। मुख्यमंत्री सुबह 11:40 बजे पुलिस लाइन में बने बाढ़ राहत शिविर पहुंचेंगे। वहां राहत सामग्री वितरित करेंगे। यहां जनपद के बाढ़ पीड़ित एक हजार परिवारों को आवश्यक सामग्री और राशन समेत राहत किट प्रदान करेंगे। साथ ही बाढ़ से बेघर हुए परिवारों को नए मकान बनाने के लिए भूमि आवंटन प्रमाण पत्र और आपदा मोचक निधि से आर्थिक सहायता के चेक भी सौंपेंगे।  यहां आमजन से संवाद के उपरांत मुख्यमंत्री मथुरा रवाना हो जाएंगे।

गोवा में मुख्य चुनाव आयुक्त ने बीएलओ के साथ किया संवाद

भोपाल  भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त  ज्ञानेश कुमार ने आज गोवा में बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) के साथ सीधा संवाद किया। कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से 1000 से अधिक बीएलओ ने सहभागिता की। अपने उद्घाटन संबोधन में मुख्य चुनाव आयुक्त  ज्ञानेश कुमार ने मतदाता सूची को विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र का आधार स्तंभ बताते हुए कहा कि भारत में मतदाता सूची तैयार करने और चुनाव कराने की प्रक्रिया संविधान, कानून तथा भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्देशों के अनुरूप संचालित की जाती है। उन्होंने बीएलओ की महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि वे भारत निर्वाचन आयोग और नागरिकों के बीच संपर्क के पहले बिंदु हैं। गोवा में मतदाता सूची तैयार करने एवं उसकी शुद्धता बनाए रखने में बीएलओ की महत्वपूर्ण भूमिका की उन्होंने सराहना की। मुख्य चुनाव आयुक्त  ज्ञानेश कुमार ने कहा कि मतदाता सूची की अखंडता सुनिश्चित करने के साथ-साथ पूरी चुनाव प्रक्रिया का समवर्ती ऑडिट मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) तथा उम्मीदवारों के मतदान एवं मतगणना एजेंटों द्वारा भी किया जाता है। कार्यक्रम के दौरान कोंकणी भाषा में बीएलओ तथा अंग्रेजी भाषा में बीएलए की भूमिकाओं को समझाने वाले लघु वीडियो जारी किए गए। इस अवसर पर गोवा की समृद्ध परंपरा एवं विरासत को प्रदर्शित करने वाला सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। बैठक में बीएलओ ने मुख्य चुनाव आयुक्त के साथ प्रश्नोत्तर सत्र में सहभागिता की। इस दौरान उन्हें सीधे संवाद के माध्यम से अपने प्रश्नों एवं शंकाओं का समाधान प्राप्त करने का अवसर मिला।  

केयर टेकर्स के हितों और सम्मान के प्रति सरकार संवेदनशील: ब्रजेश पाठक

लखनऊ विधानसभा स्थित अपने कार्यालय कक्ष में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बुधवार को प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में संचालित सामुदायिक शौचालयों की सफाई एवं बेहतर प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले केयर टेकर्स से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों को लेकर आयोजित बैठक को संबोधित किया। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार केयर टेकर्स के हितों, सम्मान एवं सुविधाओं के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। सरकार हर परिस्थिति में उनके साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने में केयर टेकर्स की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनके योगदान से स्वच्छ, स्वस्थ एवं सशक्त ग्रामीण उत्तर प्रदेश के संकल्प को निरंतर गति मिल रही है। उन्होंने कहा कि सामुदायिक शौचालयों के बेहतर संचालन और स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए केयर टेकर्स पूरी निष्ठा एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य कर रहे हैं। सरकार उनके कार्यों को सम्मान देते हुए उनकी समस्याओं के समाधान और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक में केयर टेकर्स से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई तथा उनके हितों से संबंधित आवश्यक पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार ओम प्रकाश राजभर, सदस्य, विधान परिषद डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल, जन कल्याण केयर टेकर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विनोद कुमार, प्रदेश अध्यक्ष (महिला प्रकोष्ठ) सविता सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे। इन मुद्दों पर हुई चर्चा बैठक में मुख्य रूप से केयर टेकर्स का मानदेय सीधे उनके बैंक खातों के माध्यम से भुगतान, रुके मानदेय का शीघ्र भुगतान एवं मानदेय में बढ़ोतरी को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा की गई। डिप्टी सीएम ने बताया कि इस संबंध में जल्द ही सरकार द्वारा आवश्यक निर्णय लिया जाएगा।

माइनिंग से हाई-वैल्यू मैन्युफैक्चरिंग तक, छत्तीसगढ़ लगा रहा दांव

रायपुर  छत्तीसगढ़ की औद्योगिक पहचान लंबे समय से खनिज और प्राथमिक प्रसंस्करण पर आधारित रही है। अब राज्य इस पहचान को बदलते हुए कच्चे संसाधनों की बजाय वैल्यू एडेड और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंगका केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार की औद्योगिक रणनीति में इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग, ऑटो कंपोनेंट्स, रक्षा उपकरण, एआई और ग्रीन स्टील जैसे क्षेत्रों को प्रमुखता दी जा रही है। राज्य की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में इस बदलाव का आधार तैयार किया गया है। इस नीति में स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और उनके मूल्य संवर्धन के साथ इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी, एआई, रोबोटिक्स, बायोटेक्नोलॉजी, फार्मा, रक्षा और इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहन दिया गया है। इसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ को केवल खनिजों का आपूर्तिकर्ता नहीं, बल्कि तैयार उत्पादों और उन्नत तकनीक आधारित उद्योगों का केंद्र बनाना है। करीब 8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव औद्योगिक नीति लागू होने के बाद से राज्य में निवेशकों की रुचि तेजी से बढ़ी है। राज्य के निवेश प्रोत्साहन पोर्टल के अनुसार पिछले करीब 18 महीनों में लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावप्राप्त हुए हैं। इनसे 1.5 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। खास बात यह है कि इन प्रस्तावों का बड़ा हिस्सा पारंपरिक खनिज आधारित उद्योगों से आगे बढ़कर एआई, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, फार्मा, टेक्सटाइल और एग्रो-प्रोसेसिंग जैसे विशेष क्षेत्रों से जुड़ा है। नवा रायपुर में एआई और डेटा सेंटर से जुड़े निवेश तथा सेमीकंडक्टर क्षेत्र में 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव राज्य की बदलती औद्योगिक दिशा को दर्शाते हैं। इसी क्रम में राजनांदगांव मेंइलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (EMC 2.0)को मंजूरी मिली है। इससे 3,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश और करीब 9,000 प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार आने की उम्मीद है। स्टील से आगे ग्रीन स्टील की ओर स्टील उत्पादन में मजबूत आधार रखने वाला छत्तीसगढ़ अब इस क्षेत्र में भी अगली पीढ़ी के उत्पादन पर जोर दे रहा है। देश में कार्बन उत्सर्जन कम करने और हरित विनिर्माण को बढ़ावा देने के बीचग्रीन स्टीलराज्य के लिए बड़ा अवसर बनकर उभरा है। पिछले महीने आयोजित छत्तीसगढ़ ग्रीन स्टील डायलॉग के दौरान करीब 13,840 करोड़ रुपये के निवेश प्रतिबद्धताओंने इस क्षेत्र की संभावनाओं को मजबूत किया है। राष्ट्रीय स्तर पर भी विशेष स्टील के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए पीएलआई जैसी योजनाएं चल रही हैं। ऐसे में छत्तीसगढ़ अपने खनिज संसाधन, मौजूदा स्टील उद्योग और ऊर्जा आधार का इस्तेमाल उच्च मूल्य वाले स्टील उत्पादों के निर्माण में कर सकता है। फार्मा और इलेक्ट्रॉनिक्स में नई संभावनाएं फार्मास्यूटिकल्स भी राज्य की नई औद्योगिक तस्वीर का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रहा है। पिछले 18 महीनों में फार्मा क्षेत्र में करीब992.53 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावआए हैं, जबकि 216 करोड़ रुपये के चार प्रोजेक्ट कार्यान्वयन के चरण में हैं।इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में भी राष्ट्रीय स्तर पर तेजी से विस्तार हो रहा है। केंद्र की इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम के तहत देशभर में 69 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश वाली परियोजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है। छत्तीसगढ़ में EMC 2.0 जैसी पहल इस राष्ट्रीय सप्लाई चेन का हिस्सा बनने का अवसर देती है। संसाधन से उत्पाद तक बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में भी औद्योगिक विकास की रणनीति केवल बड़े उद्योगों तक सीमित नहीं है। वन उत्पाद, खाद्य प्रसंस्करण और स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योगों के जरिए क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और उद्यमिता के अवसर बढ़ सकते हैं। निवेश को जमीन पर उतारने के लिए सरकार ने सिंगल विंडो व्यवस्था, SIPB और ऑनलाइन स्वीकृति तंत्र को मजबूत किया है। 100 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश वाली परियोजनाओं के लिए प्राथमिकता आधारित सुविधाएं और त्वरित अनुमोदन की व्यवस्था भी की गई है। छत्तीसगढ़ के पास खनिज, ऊर्जा और औद्योगिक आधार की ताकत पहले से मौजूद है। अब लक्ष्य इन संसाधनों से आगे बढ़करउच्च मूल्य वाले उत्पादों का निर्माणकरना है। इलेक्ट्रॉनिक्स से ग्रीन स्टील और फार्मा से एआई तक नए क्षेत्रों में बढ़ता निवेश संकेत दे रहा है कि राज्य अपनी औद्योगिक अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने की तैयारी में है।                                    ———————-

इन्फ्लुएंजा-ए (एच1एन1) की जांच सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में निःशुल्क कराएं, निजी संस्थान निर्धारित शुल्क से अधिक न लें: मुख्यमंत्री योगी

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में इन्फ्लुएंजा-ए (एच1एन1) की जांच सभी जिला अस्पतालों, सीएचसी, पीएचसी, मेडिकल कॉलेजों सहित सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में निःशुल्क कराए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि अधिक मामलों वाले जिलों में निगरानी और उपचार व्यवस्था को और मजबूत किया जाए तथा अस्पतालों में दवा, जांच और आइसोलेशन की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित रहे। गंभीर मरीजों के लिए अलग आईसीयू वार्ड तैयार किए जाएं। मुख्यमंत्री ने एच1एन1 की रोकथाम और उपचार के संबंध में विस्तृत गाइडलाइन जारी करने तथा टेलिकन्सल्टेशन व्यवस्था को प्रभावी बनाने के भी निर्देश दिए। बुधवार को उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक एवं राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह की उपस्थिति में प्रदेश में इन्फ्लुएंजा-ए (एच1एन1) एवं सीजनल इन्फ्लुएंजा की स्थिति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मरीजों की समय से पहचान और उपचार सुनिश्चित किया जाए। जहां भी मामलों में बढ़ोतरी हो रही है, वहां निगरानी बढ़ाने के साथ तत्काल आवश्यक चिकित्सा व्यवस्थाएं की जाएं। निजी चिकित्सा संस्थानों द्वारा जांच के लिए पूर्व में निर्धारित शुल्क से अधिक शुल्क न लिया जाए, यह भी सुनिश्चित किया जाए। बैठक में विशेषज्ञों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि इन्फ्लुएंजा-ए (एच1एन1), इन्फ्लुएंजा-ए वायरस की एक प्रजाति है और यह सीजनल इन्फ्लुएंजा की श्रेणी में आता है। इसका संक्रमण मुख्य रूप से खांसी और छींक से निकलने वाली सूक्ष्म बूंदों के माध्यम से फैलता है। बुखार, नाक बहना, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, बदन दर्द, ठंड लगना और आंखों में लालिमा इसके प्रमुख लक्षण हैं। बताया गया कि 2 सितंबर तक प्रदेश में इन्फ्लुएंजा-ए (एच1एन1) के 685 प्रयोगशाला-पुष्ट मामले सामने आए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सामान्य लक्षण वाले मरीजों को चिकित्सकीय सलाह के अनुसार घर पर आराम और सेल्फ आइसोलेशन की सलाह दी जाए, जबकि गंभीर मरीजों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने बच्चों, गर्भवती महिलाओं, 65 वर्ष से अधिक आयु के लोगों और पहले से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। एएनएम, आशा एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के सहयोग से सघन जांच अभियान चलाकर संभावित मरीजों की पहचान करने तथा जरूरत के अनुसार होम क्वारंटीन, मास्क और संक्रमण से बचाव के अन्य उपायों की जानकारी एवं सहायता उपलब्ध कराने को कहा। अस्पतालों में इन्फ्लुएंजा जैसे लक्षण वाले मरीजों के लिए अलग काउंटर बनाने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पतालों पर अनावश्यक दबाव न बढ़े और गंभीर मरीजों को समय से उपचार मिल सके, इसके लिए मरीजों की स्थिति के अनुसार रेफरल की व्यवस्था की जाए। गंभीर लक्षण वाले मरीजों को ही अस्पताल भेजने के साथ ऐसे मरीजों के लिए समुचित उपचार और आईसीयू की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। विशेषज्ञों ने बताया कि सांस लेने में कठिनाई, सीने में दर्द, अत्यधिक सुस्ती, रक्तचाप कम होना, खून मिला बलगम अथवा नाखूनों का नीला पड़ना गंभीर स्थिति के संकेत हो सकते हैं। बच्चों में लगातार तेज बुखार, भोजन लेने में असमर्थता, झटके आना, तेज सांस चलना या सांस लेने में कठिनाई तथा पहले से मौजूद बीमारी की स्थिति बिगड़ना भी गंभीर संकेत हैं।  बैठक में बताया गया कि प्रदेश में ओसेल्टामिविर कैप्सूल और सिरप तथा एच1एन1 वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता है। जनपदीय चिकित्सालयों में हेल्प डेस्क, जांच के लिए नमूना संग्रह और पृथक फ्लू ओपीडी की व्यवस्था है। सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में भी फ्लू हेल्प डेस्क, आवश्यक जांच, दवाओं और आइसोलेशन बेड की व्यवस्था उपलब्ध है।   निदेशक एसजीपीजीआई डॉ. आरके धीमान, कुलपति केजीएमयू डॉ. सोनिया नित्यानंद और राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, लखनऊ के निदेशक डॉ. सीएम सिंह ने मुख्यमंत्री को अपने-अपने संस्थानों में उपलब्ध उपचार, टेस्टिंग और दवाओं की उपलब्धता के संबंध में अवगत कराया। बैठक में बताया गया कि चिकित्सा महाविद्यालयों में फ्लू ओपीडी और आइसोलेशन बेड की व्यवस्था है तथा जांच के लिए पर्याप्त आरटीपीसीआर किट उपलब्ध हैं।   मुख्यमंत्री ने कहा कि संक्रमण की रोकथाम के लिए जनजागरूकता अभियान को प्रभावी बनाया जाए। क्या करना है और क्या नहीं करना है, इसकी सरल, सही और तथ्यपरक जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाए, ताकि अनावश्यक पैनिक की स्थिति न बने। अस्पतालों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर हाथों की स्वच्छता, खांसी और छींक के दौरान सावधानी तथा संक्रमण से बचाव के उपायों के बारे में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि एच1एन1 की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए और किसी भी जिले में मामलों में बढ़ोतरी दिखाई देने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि बीमारी की समय पर पहचान, जरूरतमंद मरीज को त्वरित उपचार, पर्याप्त चिकित्सा संसाधनों की उपलब्धता और लोगों तक सही जानकारी पहुंचाना संक्रमण से निपटने की प्रभावी रणनीति है।

लोकवाद्यों की सुरमयी प्रस्तुतियों ने बिखेरा छत्तीसगढ़ी संस्कृति का रंग, लोक कलाकारों और बच्चों का हुआ उत्साहवर्धन

रायपुर  छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति, पारंपरिक लोकवाद्यों और लोक कलाओं की मनमोहक प्रस्तुतियों से तीन दिवसीय सांस्कृतिक आयोजन ‘रंग-तरंग’ का दूसरा दिन जीवंत हो उठा। लोकवाद्य गुदुम बाजा और मोहरी की पारंपरिक धुनों ने आयोजन स्थल पर छत्तीसगढ़ी संस्कृति की विशिष्ट छटा बिखेरी और उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में पूर्व संस्कृति आयुक्त  अनिल कुमार साहू विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने छत्तीसगढ़ के लोक कलाकारों और बच्चों से आत्मीय मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने लोक कला एवं संस्कृति को संरक्षित करने तथा नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए कलाकारों और आयोजकों के प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ी साहित्य से जुड़े  विजय मिश्रा, समाजसेवी  उदयभान, वरिष्ठ पत्रकार एवं छायाकार  दीपेंद्र दीवान सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। ‘रंग-तरंग’ के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं, साहित्य, संगीत और कला को एक साझा मंच प्रदान किया जा रहा है। आयोजन में पारंपरिक लोकवाद्यों की मधुर धुनों और कलाकारों की प्रस्तुतियों ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। लोक संस्कृति से जुड़े इस आयोजन को संस्कृति प्रेमियों और दर्शकों की सराहना मिल रही है।

बॉन्डेड डॉक्टर्स का लागू होगा समान वेतनमान: ब्रजेश पाठक

लखनऊ प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में कार्यरत बॉन्डेड डॉक्टर्स की वेतन संबंधी मांगों को लेकर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक बुधवार को हजरतगंज स्थित अटल चौक पहुंचे। बारिश के बीच धरना स्थल पर पहुंचे उप मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से भेंट कर उनकी समस्याओं और मांगों को आत्मीयता से सुना एवं समान वेतनमान लागू करने हेतु आश्वस्त किया।   बॉन्डेड डॉक्टर्स द्वारा वेतन में असमानता और वेतन विसंगति का मुद्दा उठाए जाने पर उप मुख्यमंत्री ने समान वेतनमान लागू करने की घोषणा की। उन्होंने चिकित्सकों को आश्वस्त किया कि उनकी मांग के संबंध में कल तक शासनादेश जारी कर दिया जाएगा। डिप्टी सीएम ने इस संबंध में मौके से ही संबंधित अधिकारियों को फोन कर आवश्यक निर्देश दिए।  डिप्टी सीएम के इस कथन से बॉन्डेड चिकित्सकों के चेहरे खिल गए। इस दौरान ब्रजेश पाठक ने कहा कि “आप सभी मेरे परिवार का हिस्सा हैं। आपका सम्मान, अधिकार और हित हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। हर परिस्थिति में प्रदेश सरकार और व्यक्तिगत रूप से मैं आपके साथ मजबूती से खड़ा हूं।” उप मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद बॉन्डेड डॉक्टर्स ने अपनी मांगों के समाधान की दिशा में उनकी पहल का स्वागत किया।

बाढ़ के बीच देवदूत बने पीएसी जवान, प्रशासन ने पहुंचाई भोजन-राहत के साथ चिकित्सा सहायता भी

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राहत एवं बचाव कार्य लगातार पूरी तत्परता के साथ संचालित किए जा रहे हैं। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी में अचानक आई बाढ़ के बीच योगी सरकार का मजबूत राहत तंत्र एक बार फिर लोगों के लिए सहारा बना। प्रशासन और पीएसी के जवानों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बाढ़ के पानी में फंसे करीब 150 लोगों को सुरक्षित निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। चित्रकूट के थाना पहाड़ी क्षेत्र के ग्राम चौरा में मंगलवार को मंदाकिनी नदी में अचानक बाढ़ आने से कई लोग बाढ़ के पानी में फंस गए थे। सूचना मिलते ही बाढ़ राहत दल ने बिना समय गंवाए मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान शुरू किया। 42वीं वाहिनी पीएसी नैनी प्रयागराज के बी दल की बाढ़ राहत ड्यूटी में तैनात प्लाटून ने स्थानीय प्रशासन के सहयोग से मोटरबोट के जरिए प्रभावित लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। साथ ही उपजिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी, संबंधित लेखपाल और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से बाढ़ प्रभावित लोगों को आवश्यक राहत सामग्री और भोजन उपलब्ध कराया गया। जरूरतमंद लोगों का मेडिकल परीक्षण कराने के साथ उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय सहायता भी उपलब्ध कराई गई। 1528 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया राहत आयुक्त कार्यालय की रिपोर्ट के मुताबिक मंगलवार को प्रदेश के 32 जिले अब तक बाढ़ से प्रभावित हुए, जबकि 22 जिलों में फिलहाल बाढ़ का प्रभाव दर्ज किया गया है। राहत एवं बचाव अभियान के तहत 1,528 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। वहीं सरकार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में व्यापक राहत नेटवर्क तैयार किया है। प्रदेश में मंलगवार को 742 बाढ़ चौकियां, 452 नाव एवं मोटरबोट व 225 मेडिकल टीमें सक्रिय रहीं। वहीं 105 शरणालय में 2,460 लोगों ने शरण ली है। 16 हजार से अधिक लंच पैकेट बांटे प्रभावित परिवारों तक भोजन और आवश्यक सामग्री पहुंचाने का अभियान भी लगातार जारी है। मंगलवार को 1,640 बाढ़ राहत खाद्यान्न पैकेट वितरित किए गए। साथ ही 16,190 लंच पैकेट भी बांटे गए। 18 हजार से अधिक क्लोरिन पैकेट, 7 हजार से अधिक ओआरएस पैकेट का भी वितरण किया गया। इसके अलावा 310 क्विंटल भूसा वितरित किया गया। बाढ़ प्रभावित जिले अयोध्या, आजमगढ़, बलिया, बाराबंकी, बदायूं, चंदौली, चित्रकूट, फर्रुखाबाद, गाजीपुर, गोरखपुर, हापुड़, हरदोई, कासगंज, लखीमपुर खीरी, मिर्जापुर, मुरादाबाद, प्रयागराज, संत कबीर नगर, शाहजहांपुर, सीतापुर, उन्नाव और वाराणसी।

मितानिन बहनें छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य तंत्र की मजबूत और महत्वपूर्ण कड़ी: राजेश अग्रवाल

रायपुर  छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में मितानिन बहनों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। वे स्वास्थ्य तंत्र और ग्रामीण समुदाय के बीच मजबूत कड़ी के रूप में कार्य करते हुए लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। मितानिन बहनें हमारे छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य तंत्र की मजबूत और महत्वपूर्ण कड़ी हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में उनका योगदान बेहद महत्वपूर्ण है। यह बात पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कही। विधानसभा अंबिकापुर अंतर्गत विकासखंड उदयपुर के रामगढ़ में आज मंत्री  राजेश अग्रवाल ने मितानिन बहनों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने मितानिन बहनों से आत्मीय चर्चा कर उनके कार्यों, अनुभवों, समस्याओं और आवश्यकताओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने में उनके योगदान को सराहा। ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच में मितानिनों की अहम भूमिका मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ाने और लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने में मितानिन बहनें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। वे गांव-गांव में लोगों के साथ सीधे संपर्क में रहती हैं और स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर समुदाय के बीच जागरूकता का कार्य करती हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को मजबूत बनाने में जमीनी स्तर पर कार्य करने वाली मितानिन बहनों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उनकी सक्रियता और सेवाभाव के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और सेवाओं का लाभ अधिक लोगों तक पहुंच रहा है। आत्मीय संवाद में सुनी समस्याएं और आवश्यकताएं रामगढ़ में आयोजित संवाद के दौरान मंत्री  अग्रवाल ने मितानिन बहनों से सीधे बातचीत की और उनके कार्यों से जुड़े अनुभवों को जाना। उन्होंने उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं को गंभीरता से सुना तथा उनके कार्यों और सेवाओं के संबंध में विस्तार से चर्चा की। मंत्री ने कहा कि जमीनी स्तर पर सेवा देने वाली मितानिन बहनों के अनुभव और सुझाव महत्वपूर्ण हैं। उनके साथ संवाद के माध्यम से ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े वास्तविक अनुभवों और आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से समझने का अवसर मिलता है। सेवा, समर्पण और योगदान को किया नमन  राजेश अग्रवाल ने मितानिन बहनों की सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि वे कठिन परिस्थितियों में भी ग्रामीण समुदाय के साथ निरंतर जुड़ी रहती हैं। स्वास्थ्य के क्षेत्र में उनका सेवा भाव, समर्पण और जमीनी योगदान सराहनीय है। उन्होंने कहा कि मितानिन बहनों का कार्य केवल स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि वे ग्रामीण परिवारों के बीच विश्वास और जागरूकता का माध्यम भी बनती हैं। मंत्री ने उनके सेवा और समर्पण को नमन करते हुए कहा कि स्वस्थ और जागरूक छत्तीसगढ़ के निर्माण में मितानिन बहनों की भूमिका सदैव महत्वपूर्ण रहेगी।