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iPhone 18 Pro में होगा शानदार कैमरा अपग्रेड, नए फीचर्स से आएगा बड़ा बदलाव

मुंबई  Apple हर साल की तरह इस साल भी अपनी न्यू सीरीज को अनवील करेगा, जिसका नाम iPhone 18 और iPhone 18 Pro सीरीज होगा. साथ ही कंपनी इस साल भी स्लिम हैंडसेट एयर को लॉन्च कर सकती है. कंपनी पहली बार कैमरा सेटअप में बड़ा बदलाव करने जा रही है, जिसकी मदद से यूजर्स को शानदार फोटो क्लिक करने में मदद मिलेगी।   कंपनी की तरफ से कैमरा अपग्रेड्स को कंफर्म नहीं किया है, लेकिन इंडियाटुडे ने अपनी रिपोर्ट में टिप्स्टर का हवाला देते हुए बताया है कि इस बार कंपनी iPhone 18 Pro सीरीज के कैमरा सेटअप में दो बड़े अपग्रेड्स करेगी।  स्मार्टफोन इंडस्ट्री में कई ब्रांड हैं, जो हाई एंड कैमरा दे रहे हैं. अब कंपनी भी कुछ नए फीचर्स पर काम कर रही है, जिसमें कंपनी मेगापिक्सल में इजाफा नहीं करेगी, बल्कि यूजर्स को बेहतर कंट्रोल और अपग्रेड्स देना चाहती है।  ऐपल की तरफ से अभी तक फिक्स्ड अपर्चर की सुविधा दी जाती है और अब कंपनी बड़ा बदलाव करने जा रही है, जिसे इस साल ही पेश किया जा सकता है. नए बदलाव के तहत यूजर्स को मेन कैमरा में वेरिएबल अपर्चर मिलेगा।  वेरिएबल अपर्चर से क्या फायदा होगा?  कैमरा लेंस में वेरिएबल अपर्चर की बदलौत एक स्मार्टफोन को बेहतरीन फोटोग्राफी करने का मौका मिलता है. फोन से ऑटोमेटिकली या मैनुअली लाइट को एडजेस्ट की जा सकेगी. ऐसे में यूजर्स चाहें तो डार्क एनवायरमेंट में लेंस को ज्यादा ओपन करके बेहतर फोटोग्राफी की जा सकती है।  यह अपग्रेड सिर्फ लाइटिंग को लेकर नहीं है बल्कि यह यूजर्स को डेप्थ और फील्ड को लेकर बेहतर कंट्रोल देगा. इसकी मदद से यूजर्स एडजेस्ट कर सकेंगे कि उनको फोटो के अंदर बैकग्राउंड को कितना ब्लर करना है।  क्रिएटिव फोटोग्राफी में होगा फायदा  iPhone 18 Pro सीरीज में होने वाले इन अपग्रेड्स से उन यूजर्स को बहुत फायदा होने वाला है, जो खासतौर से पोर्ट्रेट फोटोग्राफी या क्रिएटिव वीडियो बनाते हैं।  ऐपल बीते तीन-चार साल से सिंतबर में एक बड़ा इवेंट आयोजित कर रहा है. इसमें वह न्यू आईफोन फ्लैगशिप सीरीज को अनवील कर रहा है. कंपनी इस साल भी iPhone 18 Pro सीरीज को सितंबर में अनवील करेगी।   

Apple में बदलाव: टिम कुक देंगे इस्तीफा, 15 साल बाद नया CEO नियुक्त

वाशिंगटन  टिम कुक ने ऐपल में 15 साल तक CEO पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद इस्तीफा देने का फैसला किया है. औपचारिक रूप से कुक के पद छोड़ने के बाद जॉन टर्नस Apple के नए सीईओ होंगे.  कुक कंपनी में एग्जीक्यूटिव चेयरमैन की भूमिका निभाएंगे।  जॉन टर्नस मौजूदा समय में ऐपल में हार्डवेयर इंजीनियरिंग के चीफ हैं. वे पिछले 25 वर्षों से Apple के साथ जुड़े हुए हैं. वे एक सितंबर से सीईओ की जिम्मेदारी संभालेंगे।  ऐपल में यह बदलाव बेहद अहम माना जा रहा है. पिछले कई सालों से ऐसी चर्चा थी कि टिम कुक सीईओ पद छोड़ सकते हैं. आखिरकार इस पर मोहर लग गई. कुक साल 2011 से कंपनी का नेतृत्व कर रहे थे, जब स्टीव जॉब्स ने स्वास्थ्य कारणों से पद छोड़ दिया था।  65 वर्षीय कुक एक सितंबर को सीईओ की जिम्मेदारी जॉन टर्नस को सौंपेंगे. इसके बाद Apple में बतौर एग्जीक्यूटिव चेयरमैन के रूप में जुड़े रहेंगे।  स्टीव जॉब्स की जगह कुक ने जब कंपनी की जिम्मेदारी संभाली थी, तब उनके सामने कई चुनौतियां थीं. उन्होंने Apple को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और उनकी अगुवाई में कंपनी ने कामयाबी की नई गाथा लिखी।  ऐपल के साथ Tim Cook का सफर टिम कुक ने साल 2011 में स्टीव जॉब्स के पद छोड़ने के बाद ऐपल की कमान संभाली थी. उन्होंने साल 1998 में Apple को जॉइन किया था. उस वक्त कंपनी कई तरह की मुश्किलों से गुजर रही थी. स्टीव जॉब्स ने टिम कुक को ऐपल की ऑपरेशन टीम को नई दिशा में ले जाने के लिए हायर किया था।  साल 2005 से 2011 तक उन्होंने कंपनी चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर की जिम्मेदारी निभाई. इस दौरान उन्होंने iPod, MacBook, iPhone और iPad जैसे प्रोडक्ट्स की सप्लाई चेन को ग्लोबल स्टेज पर मजबूत किया. माना जाता है कि टिम कुक की वजह से ही ऐपल बड़े पैमाने पर प्रोडक्ट्स को लॉन्च कर पाया।  2011 में बने थे CEO स्टीव जॉब्स की बीमारी के दौरान टिम कुक ने कंपनी के CEO के रूप में इंटेरिम भूमिका निभाई. 24 अगस्त 2011 को स्टीव जॉब्स ने टिम कुक.को Apple का CEO अपॉइंट किया. टिम कुक की लीडरशिप में ऐपल ने कई बड़े मुकाम हासिल किए।  कुक के CEO रहते हुए कंपनी ने Apple Watch, AirPods, M1, M2, M3 सिलिकॉन चिप्स, Apple Vision Pro जैसे नए प्रोडक्ट्स को लॉन्च किया. इसके साथ ही ऐपल पहली कंपनी बनी जिसकी वैल्यूएशन 3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंची. टिम की लीडरशिप में iCloud, Apple Music, Apple TV+, App Store जैसे सर्विस बिजनेसेस का विस्तार हुआ। 

पचमढ़ी में गर्म जलवायु में सेब के बागान, मध्य प्रदेश के सबसे ऊंचे स्थान पर पर्यटकों का आकर्षण

नर्मदापुरम  देश के चुनिंदा हिल स्टेशनों में शामिल पचमढ़ी विभिन्न वैरायटी के आमों के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन अब यहां शासकीय पोलो उद्यान ने नया प्रयोग करके सभी को हैरान कर दिया है. पचमढ़ी में जल्द ही सेब बागान आकर्षण का केंद्र होंगे. क्योंकि यहां हिमाचल प्रदेश के सेब के पौधे लगाकर उत्पादन करने का प्रयोग सफल हो गया है. दो साल पहले गर्म वातावरण में भी फल देने वाले सेब की तीन वैरायटियों के पौधे लगाए गए थे, जिनमें फल आने लगे हैं. जिसका स्वाद अगस्त-सितंबर महीने में पकने पर मिल पाएगा. इसी के साथ ही प्रदेश की दूसरी सरकारी नर्सरियों में भी सेब के पौधे लगाने की तैयारी होगी. वहीं किसानों को पचमढ़ी के उद्यान में पौधे तैयार करके लगाने का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा. जिससे गर्म वातावरण में पैदा होने वाले सेब किसानों की आय का जरिया बन सकें।  सभी वातावरण में मिलते हैं फल पचमढ़ी के शासकीय पोलो उद्यान में लगाए गए 500 पौधों में से 35% फलदार हो गए हैं. वहीं 40% पौधों में फूल लगे हैं, जो जल्द ही फल बनने की प्रक्रिया में पहुंच जाएंगे. दो साल पहले पोलो उद्यान की दो एकड़ जमीन पर हिमाचल प्रदेश की एचआर 99, अन्ना इजरायल और डोरसेट गोल्डन वैरायटी के पौधों का रोपण हुआ था. यह पौधे वहां की प्राइवेट नर्सरियों से लाए गए थे. जो अब चार से पांच फीट तक ऊंचाई के हो गए हैं. सेब की इन वैरियटयों का चुनाव गर्म और सर्द वातावरण में पौधों के पनपने और फल देने के कारण किया गया था. इन वैरायटी के सेब पौधों को ज्यादा ठंडे वातावरण की आवश्यकता नहीं होती है. सामान्य तापमान में भी सेबों की पैदावार होती है. पचमढ़ी के वातावरण में सेब के पौधों की उचित देखभाल और संरक्षण के कारण यह फल देने लगे हैं।  सेब से मिल सकता है लाखों का मुनाफा पोलो उद्यान के प्रभारी राजू गुर्जर बताया, "शुरुआत के 4 साल बाद एक सेब के पौधे से 25 से 30 किलो तक फल मिल सकते हैं. इसके बाद जैसे-जैसे पौधा बड़े पेड़ का रूप लेगा तब उत्पादन दोगुना हो जाएगा. एचआर 99 प्रजाति के 800 पौधे एक एकड़ में लगाए जा सकते हैं. यदि किसान 1 एकड़ में 500 पौधे लगाकर उत्पादन लेता है तो एक पौधे से 25 किलो के हिसाब से कुल 12500 किलो सेब प्राप्त कर सकता है. जिसका थोक मूल्य 4 से 5 लख रुपए तक जा सकता है।  सेब लगाने का प्रयोग हुआ सफल पोलो उद्यान के प्रभारी राजू गुर्जर ने बताया, "2 साल पहले पचमढ़ी में सेब के उत्पादन का प्रयोग किया गया था. जो सफल हुआ है. हिमाचल प्रदेश से जो पौधे ले गए थे आज इनमें फूल और फल दोनों लग रहे हैं. प्रदेश में पचमढ़ी का वातावरण हिमाचल के सेब पौधों के लिए उपयुक्त था, क्योंकि यहां गर्मी में भी अधिकतम तापमान 35 डिग्री तक रहता है. सर्दी में एक डिग्री तक तापमान पहुंचता है. मिश्रित वातावरण के कारण सेब का बागान लगाने का प्रयोग सफल हुआ है।  उन्होंने आगे बताया, "अगस्त में जो फल लगे हैं वह पकना शुरू होंगे. तब यह देखा जाएगा कि कितने पौधों से कितना उत्पादन हुआ. इसके बाद पौधों की संख्या बढ़ाई जाएगी और मैदानी क्षेत्र की नर्सरी और किसानों को भी पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे. किसानों को सेब के पौधे और उनका उत्पादन बढ़ाने का उन्नत प्रशिक्षण देने की भी हमारी तैयारी है. भविष्य में पचमढ़ी के साथ कई अन्य स्थानों पर भी सेब के बागान देखने को मिल सकते हैं। 

Apple की योजना: इस साल लॉन्च होंगे 11 प्रोडक्ट, iPhone 18 Pro सहित कई नामी डिवाइस

नई दिल्ली  अमेरिकी कंपनी ऐपल ने साल 2026 के लिए बड़ी तैयारी करके रखी है. कंपनी इस साल 11 डिवाइस को लॉन्च करने जा रही है, जिसकी जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स से मिली है. इसमें iPhone 18 Pro, iPad 12 समेत कई नाम शामिल हैं।  साल 2026 के खत्म होने से पहले कंपनी टोटल 11 प्रोडक्ट को अनवील करेगी, जिसमें न्यू आईफोन, आईपैड, मैक और ऐपल वॉच का नाम शामिल हैं. हालांकि ऐपल की तरफ से सभी प्रोडक्ट की लॉन्चिंग को लेकर कोई ऑफिशियल जानकारी नहीं दी गई है।   आ रहे हैं iPhone 18 Pro और 18 प्रो मैक्स Apple हर साल सितंबर में अपनी फ्लैगशिप सीरीज को अनवील करता है, जिसमें बीते साल iPhone 17 Pro को लॉन्च किया था. अब इस साल कंपनी iPhone 18 Pro सीरीज को लेकर आ रही है. पुराने ट्रेंड को फॉलो करते हुए कंपनी इस साल भी सितंबर में ही लॉन्च करेगी।   लीक्स और मीडिया रिपोर्ट्स में दावे किए जा चुके हैं कि इस साल लॉन्च होने वाले iPhone 18 Pro सीरीज में कई अपडेट दिखाई देंगे. साथ ही कुछ फीचर्स तो पहली बार देखने को मिलेंगे।   iPhone 18 Pro सीरीज में बेहतर कैमरा सेंसर नजर आएंगे. साथ ही न्यू चिपसेट और पुराने वर्जन की तुलना में छोटा डाइनैमिक आइलैंड अनवील किया जाएगा।  ऐपल वॉच, आईपैड और मैक आदि होंगे लॉन्च  ऐपल आईफोन 18 प्रो सीरीज के अलावा अन्य डिवाइसों को भी अनवील किया जाएगा. इसमें ऐपल वॉच, आईपैड और मैक के नाम शामिल हैं।  कंपनी इस साल iPad की न्यू लाइनअप को अनवील करेगी. iPad 12 के साथ फास्ट चिपसेट का यूज किया जाएगा, जिससे ऐपल इंटेलीजेंस का सपोर्ट मिलेगा. iPad Mini के अंदर OLED डिस्प्ले के साथ अपग्रेड किया जा सकेगा।  Mac को लेकर भी रिपोर्ट्स सामने आ चुकी हैं. इस साल के अंत तक मैंक स्टूडियो, मैक मिनी और आईमैक को लॉन्च किया जाएगा. इनमें नेक्स्ट जनरेशन M5 चिपसेट का यूज किया गया है. मैकबुक प्रो को एक OLED डिस्प्ले के साथ लॉन्च किया जाएगा। 

Apple ने भारत में बढ़ाई रफ्तार, उत्पादन 53% उछला, ग्लोबल iPhone प्रोडक्शन में बड़ी हिस्सेदारी

नई दिल्ली  दिग्गज अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनी एप्पल ने 2025 में भारत में उत्पादन करीब 53 प्रतिशत बढ़ाया है और इस दौरान करीब 5.5 करोड़ यूनिट्स की असेंबली की है, यह आंकड़ा इससे पहले के वर्ष में 3.6 करोड़ यूनिट्स था। यह जानकारी रिपोर्ट्स में दी गई। ब्लूमबर्ग की ओर से जारी रिपोर्ट में कहा गया कि एप्पल अमेरिका में चीनी उत्पादों पर लगने वाले टैरिफ से बचने के लिए भारत में अपने करीब एक चौथाई फ्लैगशिप प्रोडक्ट्स का उत्पादन कर रहा है। रिपोर्ट में कहा गया कि एप्पल वैश्विक स्तर पर प्रतिवर्ष लगभग 22-23 करोड़ आईफोन का उत्पादन करता है, जिसमें भारत की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ रही है। इसकी वजह सरकार द्वारा प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) के तहत मिलने वाला प्रोत्साहन है। पीएलआई के तहत मिलने वाले प्रोत्साहन ने चीन की तुलना में कमजोर आपूर्ति श्रृंखलाओं और रसद संबंधी चुनौतियों जैसी संरचनात्मक लागत संबंधी कमियों को दूर करने में मदद की है। एप्पल अब भारत में फॉक्सकॉन टेक्नोलॉजी ग्रुप, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और पेगाट्रॉन कॉर्प जैसे आपूर्तिकर्ताओं के माध्यम से आईफोन 17 सीरीज के सभी मॉडल, जिनमें प्रो और प्रो मैक्स मॉडल भी शामिल हैं, का निर्माण करती है। आईफोन 15 और 16 जैसे पुराने मॉडल घरेलू बिक्री और निर्यात के लिए स्थानीय स्तर पर ही बनाए जा रहे हैं। भारत में बिक्री 9 अरब डॉलर से अधिक हो जाने के बाद, एप्पल अपने रिटेल नेटवर्क का विस्तार कर रहा है और अब इसके छह स्टोर हो चुके हैं। साथ ही, कंपनी इस साल के अंत में भारत में एप्पल पे लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। इंडस्ट्री के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में भारत से निर्यात होने वाली सबसे मूल्यवान वस्तु एप्पल का आईफोन बन गया है। इस दौरान देश में स्थित प्लांट्स से एप्पल ने लगभग 23 अरब डॉलर मूल्य के आईफोन निर्यात किए गए, जिनमें से अधिकतर अमेरिका भेजे गए। जनवरी-दिसंबर की अवधि में कुल 30.13 अरब डॉलर मूल्य के निर्यात के साथ, स्मार्टफोन पहली बार भारत की शीर्ष निर्यात श्रेणी बन गई है। कुल स्मार्टफोन निर्यात में एप्पल की हिस्सेदारी 76 प्रतिशत रही है। 

क्या आपको ऐपल का सबसे सस्ता मैकबुक लेना चाहिए? जानिए 4 फायदे और 3 नुकसान

नई दिल्ली होली की रात 4 मार्च को ऐपल ने भारतीय ग्राहकों के लिए बहुत बड़ी पेशकश कर दी। उसने अपना अबतक का सबसे सस्‍ता मैकबुक (MacBook Neo) लॉन्‍च कर दिया, जिसकी शुरुआती कीमत 69,900 रुपये है। आज के जमाने में इस कीमत में नॉर्मल विंडोज लैपटॉप आ रहे हैं। अगर कोई प्रीमियम एंड्रॉयड टैबलेट खरीदने जाए तो टैब+कीबोर्ड लेने में उसके भी 60 से 65 हजार रुपये चल जाएंगे। MacBook Neo इन सभी के लिए बहुत बड़ी चुनौती बन सकता है। ऐसे भारतीय ग्राहक जिन्‍हें मैकबुक खरीदने की चाहत है, लेकिन बजट टाइट है, उनके लिए MacBook Neo तोहफे जैसा होने वाला है। लेकिन क्‍या इसमें वो सब फीचर्स हैं जो मैकबुक एयर में मिलते हैं? MacBook Neo लेने की योजना बना रहे लोगों को इसे खरीदने के 4 कारण और ना खरीदने के 3 कारण जान लेने चाहिए। MacBook Neo मेटल बिल्‍ड MacBook Neo को ऐपल ने उसी तरह से डिजाइन और बिल्‍ड किया है जैसे वह मैकबुक एयर को करती है। यह देखने में ब‍िलकुल भी चीप या सस्‍ते नहीं लगेंगे। उसी प्रीमियनेस का एहसास होगा। एल्‍युमीनियम बिल्‍ड होने के कारण गिरने पर लैपटॉप में डेंट आ सकता है, लेकिन यह टूटेगा नहीं। इसके चारों तरफ से राउंडेड ऐज हैं तो मैकबुक निओ को पकड़ने में हैंडी बनाते हैं। इन्‍हें इस तरह से बनाया गया है कि सामने वालों को यह पता ही नहीं चलेगा कि आप कौन सा मैकबुक इस्‍तेमाल कर रहे हैं बशर्ते कि उसे कलर वेरिएंट की जानकारी ना हो। कलर ऑप्‍शंस बिलकुल अलग MacBook Neo के कलर ऑप्‍शंस एकदम अलग हैं। इसे सिल्‍वर, ब्‍लश, सिटरस और इंडिगो कलर्स में लाया गया है। वो यूजर्स जिन्‍हें चटख रंगों वाली डिवाइस पसंद हैं, उनके लिए MacBook Neo एक ट्रेंडी गैजेट बन सकता है। ऐसा लगता है क‍ि ऐपल ने यूथ और कॉलेज गोइंड स्‍टूडेंट्स को ध्‍यान में रखकर मैकबुक निओ के कलर ऑप्‍शंस का चुनाव किया है। आज तक नहीं चलाया मैकबुक तो बनेगा ग्रेट डील भारत में बहुत बड़ी आबादी अभी ऐपल के इकोसिस्‍टम से जुड़ी नहीं है। ऐसे यूजर्स जिन्‍होंने आज तक मैकबुक इस्‍तेमाल नहीं किया, लेकिन उसे चलाने की दिली ख्‍वाहिश है, उनके लिए लिए MacBook Neo ग्रेट डील बनेगा। फर्स्‍ट टाइम बायर्स मैकबुक निओ के साथ इसके यूजर इंटरफेस से परिच‍ित हो सकते हैं और भविष्‍य में एयर या प्रो मॉडल लेने के बारे में फैसला ले सकते हैं। लंबे समय तक अपडेट, परफॉर्मेंस भी बरकरार ऐपल अपने प्रोडक्‍ट्स को लंबे समय तक अपडेट देती है। मैकबुक निओ को लंबे समय तक अपडेट मिलने से यह नया बना रहेगा और खास बात है कि मैकबुक की परफॉर्मेंस जल्‍दी कमजोर नहीं पड़ती। वह कई साल तक भी पूरी क्षमता के साथ काम करते हैं। MacBook Neo में लगा A18 Pro चिपसेट सबसे पहले साल 2024 में आए आईफोन्‍स में देखा गया था। यह मैकबुक को चलाने के लिए भी पर्याप्‍त है। अगर आप बहुत हैवी यूजर नहीं हैं। बिजनेस जरूरतों के लिए मैकबुक चलाना चाहते हैं तो MacBook Neo निराश नहीं करेगा। इन 3 वजहों से कर सकते हैं रिजेक्‍ट     MacBook Neo में बैकलिट कीबोर्ड नहीं है। जिन्‍हें बैकलिट की आदत है यह जरूरी फीचर है, उन्‍हें इसे नहीं लेना चाहिए।     मैकबुक के लोकप्र‍िय फीचर्स में शामिल टच आईडी, MacBook Neo में सिर्फ 512 जीबी वेरिएंट में मिलती है। 256 जीबी वेरिएंट में यह नहीं मिलेगी।     MacBook Neo को लाइट वर्क के लिए लाया गया है। स्‍टूडेंट्स और बिजनेसेस के लिए यह बना है। बहुत ज्‍यादा हैवी टास्‍क करने हैं तो इसे खरीदने की योजना ना बनाएं। MacBook Neo Vs MacBook Air एक्‍सपर्ट के अनुसार, MacBook Neo और MacBook Air का डिस्‍प्‍ले लगभग एक जैसा है। प्रमुख फर्क चिपसेट का है। मैकबुक एयर में M सीरीज डेस्कटॉप-लेवल चिप इस्तेमाल की गई है। जबकि Neo में A18 Pro चिपसेट है, जिसे हमने आईफोन्‍स में देखा है। हालांकि दोनों ही Mac ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलते हैं। Neo में बैकलिट कीबोर्ड कीज नहीं हैं। 512GB ऑप्शन में फिंगरप्रिंट स्कैनर यानी टच आईडी मिलती है। इसमें कम स्पीकर्स और माइक्रोफोन्स हैं। निओ में 3.5mm हेडफोन जैक तो है, लेकिन चार्जिंग के लिए कोई खास MagSafe पोर्ट नहीं है।

टेक जगत में हलचल: एपल के खास इवेंट में हो सकते हैं बड़े लॉन्च

नई दिल्ली एपल एक खास और स्पेशल इवेंट का आयोजन करने वाला है, इस इवेंट में आप लोगों के लिए कई नए प्रोडक्ट्स लॉन्च किए जा सकते हैं. इवेंट के दौरान सस्ते iPhone 17e, नए कम कीमत वाले Macbook, iPad प्रोडक्ट्स की जानकारी मिल सकती है. ऐसा लगता है कि कंपनी स्पेशल Apple एक्सपीरियंस पर फोकस करते हुए एक स्पेशल गैदरिंग कर रही है, इसलिए हो सकता है कि ऑनलाइन इवेंट होस्ट करते या बड़ी घोषणा न की जाए. कंपनी इन डिवाइस को न्यूयॉर्क शहर और दुनिया के दूसरे हिस्सों में कुछ खास लोगों को दिखा सकती है. 9to5Mac और कुछ और सोर्स की रिपोर्ट में इस इवेंट के इनवाइट का जिक्र किया गया है. दावा किया गया है कि Apple iPhone 17e, बजट MacBook, M5 Pro MacBook Pro और कुछ iPad मॉडल्स के अपग्रेड की घोषणा हो सकती है. ये प्रोडक्ट खीचेंगा सबका ध्यान बजट MacBook हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींचेगा, उम्मीद है कि मैकबुक का सस्ता मॉडल iPhone 16e की तरह नहीं होगा और लाखों लोगों के लिए ये एक मजबूत ऑप्शन बनेगा. यहां आईफोन 16ई का जिक्र इसलिए किया गया है क्योंकि 16ई लोगों को कुछ खास पसंद नहीं आया है. Apple ने iPhone को कई लोगों के लिए आकर्षक बना दिया है. बजट MacBook की भारत में कीमत लगभग 60,000 हजार रुपए ($599) हो सकती है. अर्फोडेबल मैकबुक मॉडल को ए18 प्रो बायोनिक चिपसेट के साथ लॉन्च किया जा सकता है. इस डिवाइस में 12.9 इंच एलसीडी डिस्प्ले दी जा सकती है और इस मॉडल को ब्लू, येलो और पिंक कलर ऑप्शन्स में ग्राहकों के लिए उतारा जा सकता है. M5 MacBook Pro वर्जन में हार्डवेयर अपग्रेड होने की संभावना है लेकिन फिलहाल इस मॉडल के अगले महीने लॉन्च को लेकर किसी भी तरह का कोई संकेत नहीं मिला है.

युद्ध की आंच UAE तक: Apple ने सुरक्षा कारणों से ऑफिस और रिटेल स्टोर्स बंद किए

संयुक्‍त अरब अमीरात ईरान-अमेरिका-इस्राइल की जंग में घ‍िरे मिड‍िल ईस्‍ट में हालात को देखते हुए दिग्‍गज कंपनी ऐपल ने UAE (संयुक्‍त अरब अमीरात) में अपने कॉरपोरेट ऑफ‍िस और सभी ऐपल स्‍टोर्स को अस्‍थायी तौर पर बंद कर दिया है। MacRumours की रिपोर्ट में बताया गया है क‍ि कंपनी ने अपने स्‍टोर्स को कम से कम मंगलवार 3 मार्च तक के लिए बंद किया है। आगे की स्‍थ‍ित‍ि को देखते हुए स्‍टोर्स खोलने पर फैसला लिया जाएगा। दिलचस्‍प यह है कि कंपनी इस हफ्ते अपने कई नए गैजेट लॉन्‍च करने वाली है, जिनमें iphone 17e को भी शामिल बताया जा रहा है। UAE में 3 मार्च तक बंद रहेंगे ऐपल स्‍टोर्स रिपोर्ट के अनुसार, UAE में ऐपल स्‍टोर्स को 3 मार्च तक बंद रखा जाएगा। यूएई में बड़ी संख्‍या में भारतीय रहते हैं और ऐपल स्‍टोर्स उनके लिए तब पसंदीदा जगह हाे जाती है, जब उन्‍हें नया ऐपल गैजेट खरीदना होता है। ऐपल इस सप्‍ताह अपने कई नए गैजेट लेकर आने वाली है। इनमें नया आईपैड, आईफोन 17e, मैक शामिल हो सकता है। अगर ऐपल स्‍टोर्स को अधिक दिनों तक बंद रखा गया तो कंपनी की बिक्री पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है। इन जगहों पर बंद रहेंगे ऐपल स्‍टोर्स     दुबई मॉल     मॉल ऑफ द ऐमिरेट्स     यास मॉल     अल जिमी मॉल     अल मरिया आईलैंड SIM स्‍कैम का खतरा बढ़ा मिडिल ईस्‍ट में बढ़ते तनाव के बीच यूएई में सिम स्‍कैम के मामलों का खतरा भी बढ़ गया है। दुबई पुलिस ने इसको लेकर अपने लोगों को चेतावनी दी है। बताया जा रहा है कि कुछ लोग क्राइसि‍स मैनेजमेंट अधिकारी बनकर लोगों से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं। इससे बचने के लिए लोगों से उनकी पर्सनल डिटेल्‍स ना बताने की हिदायत दी गई है। साथ ही किसी संदिग्‍ध कॉल या मैसेज पर ना रिप्‍लाई करने को कहा गया है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि मदद के नाम साइबर धोखेबाज लोगों की जरूरी जानकारी चुरा सकते हैं। भारत के संदर्भ में यह खबर इसलिए महत्‍वपूर्ण है क्‍योंकि दुबई में बड़ी संख्‍या में भारतीय रहते हैं। अगर आपका भी कोई जानकार, करीबी इन जगहों पर है तो उसे सिम स्‍कैम के बारे में सतर्क अवश्‍य करें।

Apple का नया आलीशान ऑफिस बेंगलुरु में, ₹2.84 करोड़ मासिक किराया

बेंगलुरु  Apple बेंगलुरु में 10 साल के लिए ऑफिस स्पेस लीज पर लेकर भारत में अपना विस्तार कर रहा है. रिपोर्ट के अनुसार, दिग्गज टेक कंपनी ने 'एम्बेसी जेनिथ' (Embassy Zenith) नाम की कमर्शियल ऑफिस टावर में 1.21 लाख वर्ग फुट का वर्कस्पेस हासिल किया है, जिसका मासिक किराया 2.84 करोड़ रुपये है. इस विस्तार के बाद, एप्पल अब इस पूरी इमारत में कुल 3.89 लाख वर्ग फुट क्षेत्र का उपयोग कर रहा है. रियल एस्टेट डेटा एनालिटिक्स फर्म 'प्रॉपस्टैक' (Propstack) द्वारा प्राप्त दस्तावेजों के मुताबिक, नया लीज समझौता सटीक रूप से 1,21,203 वर्ग फुट के चार्जेबल एरिया के लिए है. एप्पल ने पूरे 10 साल के लिए  ऑफिस लीज पर लिया है. इस जगह का कुल किराया लगभग 1,333 करोड़ रुपये होगा. यह ऑफिस स्पेस इमारत की ग्राउंड फ्लोर से लेकर चौथी मंजिल तक फैला हुआ है. 14.24 करोड़ की सिक्योरिटी जमा की यह प्रॉपर्टी मैक चार्ल्स (इंडिया) द्वारा लीज पर दी गई है और इस लीज की शुरुआत 25 सितंबर 2025 से हो चुकी है. आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, एप्पल पहले ही सिक्योरिटी डिपोजिट के रूप में 14.24 करोड़ रुपये का भुगतान कर चुका है.  यह भी रिपोर्ट किया गया है कि 3 अप्रैल 2026 से किराए में हर साल 4.5% की वृद्धि होगी. समझौते में यह भी उल्लेख किया गया है कि एप्पल 2 अप्रैल 2030 से पहले इस लीज को समाप्त नहीं कर सकता है. इसके अलावा, एप्पल 123 पार्किंग स्लॉट के लिए अलग से मासिक शुल्क का भुगतान करेगा, जिसकी कीमत 11.07 लाख रुपये तय की गई है. हालांकि रियल एस्टेट डेटा एनालिटिक्स ने विस्तार के इस विवरण का खुलासा किया है, लेकिन एप्पल ने इस नए जोड़े गए स्पेस के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. फिर भी, कंपनी धीरे-धीरे अपने ऑफिस और रिटेल स्टोर नेटवर्क को बढ़ाकर भारत में अपनी उपस्थिति का विस्तार कर रही है.

बिना टावर भी चलेगा फोन! ऐपल ला सकता है एंटीना वाला स्मार्ट कवर

एंटीना वाला फोन कवर, जी हां आपने सही सुना। लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, Apple एक नए स्मार्ट केस डेवलप करने पर विचार कर रहा है। इसमें एक बड़ा और ज्यादा एडवांस्ड एंटीना सिस्टम जोड़ जाएगा ताकि सैटेलाइट कम्युनिकेशन को काफी बेहतर बनाया जा सके। बता दें कि कंपनी ने अपने आईफोन में 2022 में सैटेलाइट के जरिए इमरजेंसी SOS फीचर लॉन्च किया था। इसके बाद अब ऐपल भविष्य में आने वाले फोन्स में कई बड़े अपग्रेड देने पर विचार कर रही है। लेटेस्ट पेटेंट से पता चलता है कि इमरजेंसी SOS फीचर में जल्द ही एक बड़ा अपग्रेड आ सकता है। इस फीचर को बेहतर बनाने के लिए नए स्मार्ट कवर का पेटेंट कराया गया है। फोन के एंटीना नहीं होते इतने पावरफुल Apple ने iPhone 14 के साथ सैटेलाइट के जरिए इमरजेंसी SOS की शुरुआत की थी। इस फीचर के साथ कंपनी ने लोगों को चौंका दिया था। यूजर्स अपने आईफोन को लो अर्थ ऑर्बिट सैटेलाइट की ओर पॉइंट करके इमरजेंसी सर्विस से संपर्क कर सकते हैं। लेकिन फोन के अंदर दिए गए एंटीना का सरफेस एरिया और पावर सीमित होती है, इसलिए डेटा ट्रांसमिशन भी सीमित हो जाता है। बिल्डिंग, पेड़ और जमीन के कारण सैटेलाइट के साथ कनेक्शन बनाए रखना में मुश्किल आती है। कवर बड़े ग्रुप के साथ बनाता है कनेक्शन इस समस्या को हल करने और अपनी सैटेलाइट SOS को और भी बेहतर बनाने के लिए Apple ने एक हटाने वाले कवर के लिए पेटेंट फाइल किया है। इसे फेज्ड ऐरे एंटीना के तौर पर काम करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह इलेक्ट्रॉनिक तरीके से सिग्नल बीम बनाने और उन्हें चलाने के लिए कई ट्रांसमीटर और रिसीवर का इस्तेमाल करता है। कवर किसी एक सैटेलाइट पर लॉक होने के बजाय बड़े ग्रुप के साथ कनेक्शन बनाए रखता है। यह आसमान में घूमते हुए सैटेलाइट के बीच आसानी से शिफ्ट हो सकता है। पेटेंट के इलस्ट्रेशन में एक फोल्ड-आउट कवर दिखाया गया है। यह आसमान की ओर पॉइंट करता है और डेडिकेटेड रेडियो फ्रीक्वेंसी (RF) लिंक या नियर-फील्ड कम्युनिकेशन (NFC) के जरिए iPhone के साथ सिंक होता है। ज्यादा डेटा भेजने में मिलेगी मदद केस में एक बड़ा एंटीना लगा है, जो iPhone को ज्यादा डेटा भेजने में मदद कर सकता है। इसके बाद, फोन शायद ज्यादा सैटेलाइट कनेक्टिविटी को सपोर्ट कर सकता है। यह होने वाली रुकावट को कम कर सकता है और ट्रांसमिशन की ताकत को भी बढ़ा सकता है। हालांकि, इसे कब मार्केट में लाया जाएगा या नहीं, इस बारे में अभी कोई जानकारी नहीं है। लेकिन ये साफ है कि आईफोन कवर के साथ अगर एनटीना लगा होगा तो SOS सर्विस काफी बेहतर हो जाएगी।