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EPFO Alert: 31 लाख निष्क्रिय PF खातों में ₹9,000 करोड़ जमा, ऐसे करें अपना क्लेम

 नई दिल्ली केंद्र सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि योजना, 2026 (EPF Scheme 2026) की अधिसूचना जारी कर दी है और इसके साथ ही ईपीएफओ सदस्यों (EOFO Menbers) के लिए एक नए युग की शुरुआत की है. इस बीच इंडिया टुडे को मिली एक सूचना के अधिकार (RTI) से बपड़ा खुलासा हुआ है. दरअसल, इससे पता चला है कि देश में ईपीएफओ के तहत 30.91 लाख निष्क्रिय खाते हैं और इनमें 9,330 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम लावारिस पड़ी है. ये इतनी बड़ी रकम है कि इससे तीन IIT बन जाएंगे।  इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, ईपीएफ के निष्क्रिय खातों में जमा बिना दावे वाली जमा रकम को लेकर यह खुलासा ऐसे समय में हुआ है जब नई ईपीएफ योजना, 2026 लागू हो रही है, जबकि आधार से जुड़े और हाई वैल्यू वाले अकाउंट्स के बारे में अभी तक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।  29 जून से प्रभावी नई EPF स्कीम गौरतलब है कि नोटिफाई किए जाने के बाद नई EPF Scheme 2026 बीते 29 जून से प्रभावी है, जिसने ईपीएफ योजना, 1952 का स्थान लिया है. नई योजना का उद्देश्य भविष्य निधि नियमों (EPF Rules) को सरल बनाना और संगठन से जड़ी करीब 8 करोड़ सक्रिय ईपीएफओ सदस्यों के लिए सिस्टम को अधिक डिजिटल बनाना है।  RTI में क्या खुलासा हुआ?  आरटीआई में बताए गए आंकड़ों पर नजर डालें, तो इसमें ईपीएफओ ने बताया है कि बीते 31 मार्च 2026 तक 30,91,862 निष्क्रिय ईपीएफ खाते थे, जिनमें लगभग 9,330 करोड़ रुपये की लावारिस राशि जमा थी. बीते फाइनेंशियल ईयर की तुलना में इस आंकड़े में मामूली सुधार ही देखने को मिला है।  इससे पहले 31 मार्च 2025 को निष्क्रिय पीएफ खातों की संख्या 31.83 लाख थी और ये संख्या 31 मार्च 2026 तक लगभग 92,000 की कमी के साथ घटकर एक साल में 30.91 लाख हो गई है. इसके अलावा इन खातों में जमा बिना दावे वाली लावारिस रकम में 851 करोड़ रुपये की कमी आई है, जो 10,181 करोड़ रुपये से कम होकर 9,330 करोड़ रुपये रह गई।  EPF निष्क्रिय खातों में पड़े 9,330 करोड़ रुपये केंद्र सरकार द्वारा 2016 में शुरू की गई उड़ान क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना पर हुए खर्च करीब 10,169 करोड़ रुपये के बराबर हैं. इसके अलावा बिना दावे वाला ये पैसा केंद्र सरकार द्वारा आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) के लिए 2026-27 में आवंटित राशि के भी लगभग बराबर है।  तीन IIT खड़े हो जाएंगे इतनी रकम में  रिपोर्ट में साल 2014 के सरकारी अनुमानों का हवाला देते हुए कहा गया है कि उस समय देश में एक आईआईटी की स्थापना की लागत करीब 1,750 करोड़ रुपये थी. वहीं महंगाई को ध्यान में रखकर देखें, तो साल 2026 में ये लागत करीब 2,934 करोड़ रुपये हो जाती है. इस हिसाब से देखें, तो निष्क्रिय पीएफ खातों में जमा बिना दावे वाली रकम में भारत में 3 आईआईटी खड़े हो सकते हैं. इसके बाद भी करीब 500 करोड़ रुपये से ज्यादा बच जाएंगे।  RTI में मांगी गई थी ये डिटेल  EPFO के तहत निष्क्रिय खातों की बढ़ती संख्या को लेकर इंडिया टुडे ने पिछले पांच वित्तीय वर्षों के लिए ऐसे खातों और इनमें जमा रकम की सालाना डिटेल मांगी थी. ईपीएफओ की ओर से कहा गया कि वह सिर्फ 2025-2026 की जानकारी ही शेयर कर सकता है. इसके पीछे का कारण बताते हुए संगठन ने कहा कि निष्क्रिय लेखा प्रकोष्ठ (IAC) की स्थापना 2025-26 के दौरान की गई थी और इसके द्वारा पिछले वर्षों की जानकारी नहीं रखी जाती है।  RTI आवेदन में आधार से जुड़े निष्क्रिय खातों का विवरण और इनमें जमा राशि के अलावा ऑटो-सेटलमेंट की जानकारी भी मांगी गई थी. लेकिन ईपीएफओ ने आरटीआई अधिनियम की धारा 8(1)(ई) का हवाला देते हुए इससे इनकार कर दिया है. वहीं हाई वैल्यू (5 लाख रुपये से अधिक राशि) वाले निष्क्रिय खातों का भी कोई डेटा मुहैया नहीं कराया गया है। 

EPFO Portal Update: अब वेबसाइट से नहीं होगा UAN एक्टिवेशन, एक हफ्ते बाद पोर्टल खुला; जानें क्या बदला

 नई दिल्‍ली कई बार डेडलाइन बढ़ाने और 8 दिनों तक लगातार बंद रखने के बाद फाइनली कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन (EPFO) की वेबसाइट को फिर से बहाल कर दिया गया है, लेकिन अब भी कई सर्विसेज को यूज करने में थोड़ी दिक्‍कत आ सकती है।  EPFO ने अपने पोर्टल पर जानकारी शेयर करते हुए कहा है कि सर्विस डिस्‍ट्रीब्‍यूशन और मेंबर एक्‍सप्रीएंस को बेहतर बनाने के लिए महत्‍वपूर्ण डेटाबेस और सॉफ्टवेयर अपग्रेड को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है. सदस्‍य और नियोक्‍ता सर्विस सही तरीके से शुरू कर दी गई हैं और उपयोग के लिए उपलब्‍ध हैं।  EPFO ने आगे कहा कि क्‍लेम और सर्विस रिक्वेस्‍ट को चरणबद्ध और सुनियोजित तरीके से प्रॉसेस किया जाएगा. साथ ही शुरुआती 2 सप्ताह की अवधि के दौरान सटीकता तय करने के लिए अतिरिक्त वेरिफिकेशन और अथेंटिफिकेशन जांच भी की जाएगी।  EPFO ने स्पष्ट किया है कि अब UAN एक्टिवेशन और नया UAN जनरेट करने की सुविधा पूरी तरह UMANG App पर शिफ्ट कर दी गई है, यानी अगर किसी कर्मचारी को अपना UAN एक्टिवेट करना है या पहली बार UAN बनवाना है, तो उसे अब EPFO पोर्टल की बजाय UMANG ऐप का इस्तेमाल करना होगा। इस प्रक्रिया में आधार आधारित Face Authentication (FAT) का उपयोग किया जाएगा, जिससे पहचान की पुष्टि अधिक सुरक्षित और आसान होगी। अगर आपका UAN अभी तक एक्टिव नहीं है, तो सबसे पहले अपने मोबाइल में UMANG App डाउनलोड करें। इसके बाद ऐप खोलकर EPFO Services में जाएं। यहां “UAN Services Through Face Auth” के अंदर “UAN Activation” विकल्प चुनें। फिर स्क्रीन पर दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन पूरा करें। इसके बाद आपका UAN सफलतापूर्वक एक्टिवेट हो जाएगा। पहले EPFO पोर्टल के जरिए सीधे नया UAN बनाया जा सकता था, लेकिन अब यह सुविधा भी वेबसाइट से हटा दी गई है। अगर किसी कर्मचारी का PF अकाउंट है लेकिन अभी तक UAN नहीं बना है, तो वह UMANG App में “UAN Allotment and Activation” विकल्प चुनकर अपना नया UAN प्राप्त कर सकता है। इसके लिए मोबाइल नंबर सत्यापित करना होगा, आवश्यक सदस्य विवरण भरना होगा और आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन पूरा करना होगा। नए EPFO पोर्टल पर UAN Retrieval की प्रक्रिया पहले से कहीं आसान कर दी गई है। अगर आपको अपना UAN याद नहीं है, तो पोर्टल पर अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर दर्ज करें और मांगे गए पहचान या पते से जुड़े दस्तावेज अपलोड करें। इसके बाद मोबाइल पर आए OTP को दर्ज करके आप आसानी से अपना UAN दोबारा प्राप्त कर सकते हैं। EPFO ने यह भी स्पष्ट किया है किडेथ क्लेम यानी सदस्य की मृत्यु के बाद क्लेम करने की सुविधा अभी भी यूनिफाइड मेंबर पोर्टल (Unified Member Portal) पर उपलब्ध रहेगी। नामांकित व्यक्ति (Nominee) या लाभार्थी पेंशन और अन्य दावों के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए लाभार्थी का आधार से लिंक मोबाइल नंबर सक्रिय होना चाहिए और बैंक खाते की जानकारी तैयार रखनी होगी। आवेदन के दौरान मृत्यु प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक या कैंसिल चेक और जन्म तिथि का प्रमाण जैसे दस्तावेज PDF फॉर्मेट में अपलोड करने होंगे। हर फाइल का साइज 2 MB से कम होना चाहिए और फाइल के नाम में स्पेस नहीं होना चाहिए। UMANG (Unified Mobile Application for New-age Governance) भारत सरकार का आधिकारिक मोबाइल ऐप है, जिसके जरिए नागरिक एक ही प्लेटफॉर्म पर कई सरकारी सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। EPFO की अधिकांश ऑनलाइन सेवाएं भी अब इसी ऐप के माध्यम से उपलब्ध हैं। इससे कर्मचारियों को EPFO कार्यालय जाने की जरूरत कम होगी और अधिकांश काम घर बैठे मोबाइल से ही पूरे किए जा सकेंगे। EPFO के नए पोर्टल और UMANG ऐप के जरिए सेवाओं को अधिक डिजिटल, सुरक्षित और आसान बनाने की कोशिश की गई है। अगर आप EPF सदस्य हैं, तो अब UAN से जुड़ी सेवाओं के लिए UMANG ऐप का इस्तेमाल करना ही सबसे आसान और आधिकारिक तरीका होगा। ईपीएफओ ने दी ये सलाह सदस्यों और नियोक्ताओं से अनुरोध है कि वे धैर्य रखें, क्योंकि इस अवधि के दौरान क्‍लेम्‍स और कुछ सेवाओं के प्रॉसेस में सामान्य से थोड़ा अधिक समय लग सकता है. सदस्यों से यह भी अनुरोध है कि वे व्यस्त समय के दौरान ऑनलाइन सेवाओं का बार-बार उपयोग करने या बार-बार अनुरोध करने से बचें. EPFO अपने सभी सदस्‍यों के धैर्य और सहयोग की सराहना करता है और अपने सभी सदस्‍यों के लिए सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है।  क्‍या-क्‍या चीजें हुईं अपडेट?  ईपीएफओ ने सिर्फ इतनी जानकारी दी है कि सभी सॉफ्टवेयर को अपग्रेड कर दिया गया है. हालांकि, उसने इस चीज की जानकारी नहीं दी कि क्‍या-क्‍या नई चीजें शुरू हुई हैं या क्‍लेम या अन्‍य प्रॉसेस अब कितना आसान हो जाएगा? सिर्फ इतना बताया गया है कि मेंटेनेस काम और सॉफ्टवेयर को अपग्रेड किया गया है।  एक हफ्ते तक बंद थी साइट  ईपीएफओ की वेबसाइट पिछले 7 दिनों से बंद की गई थी. ईपीएफओ का कहना है कि यह सर्विस इसलिए बंद थी, क्‍योंकि वह जरूरी डेटा और सॉफ्टवेयर को अपग्रेड कर रहा था, ताकि सदस्‍यों को बेहतर सुविधाएं मिल सके।   गौरतलब है कि शुरुआत में, ईपीएफओ ने कहा था कि मेंटेनेस के लिए 28 जून को समाप्त हो जाएगा और सेवाएं 29 जून को फिर से शुरू हो जाएंगी. बाद में उसने समयसीमा में संशोधन किया और डेडलाइन को 1 जुलाई की रात 11:59 बजे तक बढ़ा दिया, और अंत में घोषणा की कि सेवाएं 3 जुलाई, 2026 को फिर से शुरू हो जाएंगी, लेकिन आज दोपहर बाद ये सेवाएं बहाल की गई हैं। 

EPFO Rule Change: PF निकासी की 3 नई कैटेगरी, करोड़ों कर्मचारियों के लिए बदले नियम

 नई दिल्ली कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी (EPFO) ने अपने लगभग आठ करोड़ एक्टिव सदस्यों से संबंधित नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं. इनमें एक सबसे अहम ये है कि 12% पीएफ अंशदान सिर्फ 15,000 रुपये प्रति माह की वेतन सीमा तक ही अनिवार्य है. इससे अधिक अंशदान अब स्वैच्छिक माना जाएगा. इससे कर्मचारियों को यह तय करने के लिए अधिक आजादी मिलेगी कि वे अपनी सैलरी का कितना हिस्सा अपने पीएफ खाते में जमा करना चाहते हैं।  EPFO Rule 2026 में संगठन ने अनिवार्य पीएफ कंट्रीब्यूशन के रूप में 1,800 रुपये की लिमिट को बरकरार रखा है. इसलिए अब 1 लाख रुपये प्रति माह का मूल वेतन पाने वाले कर्मचारी को भी, ईपीएफ के तहत भविष्य निधि में सिर्फ 1,800 रुपये का योगदान देना होगा, जबकि ऐसे कर्मचारी जो रिटायरमेंट के लिए अधिक बचत (Saving) करना चाहते हैं, वे इस अनिवार्य राशि से अधिक योगदान कर सकते हैं, लेकिन इसको स्वैच्छिक माना जाएगा. ये अनिवार्य और अतिरिक्त पीएफ कंट्रीब्यूशन के बीच स्पष्ट अंतर दर्शाएगी।  कम या खत्म कर सकेंगे एक्स्ट्रा कंट्रीब्यूशन बीते कारोबारी दिन नोटिफाई EPF Scheme 2026 के प्रावधानों पर नजर डालें, तो एक कर्मचारी वैधानिक वेतन सीमा से अधिक वेतन पर स्वैच्छिक आधार पर एक्स्ट्रा पीएफ कंट्रीब्यूशन का ऑप्शन चुन सकता है. वहीं एंप्लॉयर चाहे तो स्वैच्छिक अंशदान के बराबर राशि दे सकते हैं, लेकिन ऐसा करना उनके लिए अनिवार्य बिल्कुल भी नहीं है. कर्मचारी और नियोक्ता किसी भी समय एक्स्ट्रा कंट्रीब्यूशन को कम या बंद कर सकते हैं।  पीएफ निकासी कैटेगरी में कटौती पीएफ में जमा पैसों की निकासी के लिए पहले से तय 13 कैटेगरी को अब तीन तक सीमित कर दिया गया है. नई ईपीएफ योजना में केंद्रीय न्यासी बोर्ड यानी CBT द्वारा अक्टूबर में अनुमोदित निकासी सुधारों को भी लागू किया गया है. इन बदलावों का उद्देश्य निकासी प्रक्रिया को और सरल बनाना और सालाना निकासी की संख्या को बढ़ाना है।      Essential Needs: बीमारी, शिक्षा और विवाह     Housing Needs: खरीद, निर्माण और आवास संबंधित अन्य खर्च     Special Circumstances: पहले की तमाम कैटेगरी में शामिल अन्य आपात स्थितियां खाते में रखनी होगी 25% राशि  EPFO सदस्यों को कर्मचारी और नियोक्ता दोनों के अंशदान सहित अपनी पात्र राशि का 100% तक निकालने की अनुमति होगी. हालांकि, उन्हें खातों में कुल योगदान का कम से कम 25% हिस्सा रखना होगा. इसका उद्देश्य रिटायरमेंट फंड का एक हिस्सा सुरक्षित रखना है. बता दें कि ईपीएफओ की सदस्यता से संबंधित नियमों में किसी भी तरह का कोई बदलाव नहीं किया गया है।  नियोक्ताओं के लिए क्या बदलेगा?  हर नियोक्ता को EPF Scheme 2026 के लागू होने के 15 दिनों के भीतर Form-V में कंसोलिडेटेड रिटर्न डिटेल पेश करनी होगी. रिटर्न में सभी कर्मचारियों का डेटा शामिल होना चाहिए, इनमें आधार कार्ड, पैन कार्ड, UAN नंबर, ग्रॉस वेजेस और ईपीएफ वेजेस शामिल होंगे। 

7 करोड़ PF खाताधारकों को राहत, जल्द ATM-UPI के जरिए होगा PF निकासी का विकल्प

 नई दिल्ली PF Withdrawal Via UPI-ATM:  कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी ईपीएफओ (EPFO) से जुड़ा बड़ा अपडेट आया है. पीएफ खाते (PF Account) में जमा पैसा अब एटीएम और UPI के जरिए निकालने का रास्ता साफ हो गया है, जून खत्म होने से पहले ही ईपीएफओ सदस्यों को ये सुविधा दी जा सकती है. श्रम मंत्रालय की ओर से गुरुवार को ये गुड न्यूज आई है. इसमें कहा गया है कि EPFO ATM card और UPI से पीएफ का पैसा निकालने की योजना इसी महीने से लागू करेगा।  EPFO पर लेबर मिनिस्ट्री से ये अपडेट  लेबर मिनिस्ट्री की ओर से आए बड़े अपडेट पर नजर डालें, तो कहा गया है कि एटीएम और यूपीआई से पीएफ का पैसा निकालने (ATM-UPI PF Withdrawal) की सुविधा आखिरी चरण में है और ये योजना चालू जून महीने के खत्म होने से पहले यानी इसी महीने से लागू होगी।  इसमें आगे कहा गया है कि 2.01 सर्वर शुरू होते ही नई योजना शुरू हो जाएगी. इसके बाद यूपीआई के जरिए सीधे पीएफ अकाउंट से पैसे बैंक खाते में ट्रांसफर किए जा सकेंगे और फिर इस पैसे को एटीएम कार्ड के जरिए निकाला जा सकता है. श्रम मंत्रालय की ओर से अगले कुछ दिनों में इसे शुरू करते की तैयारी पूरी है।  मंत्री ने पहले ही दिए थे संकेत  EPFO की ओर से आए इस बड़े अपडेट से पहले केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया (Mansukh Mandaviya) ने बीते मई महीने में इसके संकेत दिए थे. उन्होंने कहा था कि अगले महीने यानी जून से आप अपना PF अमाउंट UPI का इस्तेमाल कर ATM से निकाल पाएंगे. केंद्रीय मंत्री ने कहा था कि EPFO को पूरी तरह से डिजिटलाइज किया जा रहा है, जिससे PF निकालना और भी आसान हो जाएगा, सरकार का लक्ष्य है कि पीएफ खाताधारकों को अपना ही पैसा निकालने के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें और न ही लंबे-चौड़े फॉर्म भरने पड़ें।  कितनी होगी UPI लिमिट? इस संबंध में बीते कुछ दिनों में आईं रिपोर्ट्स को देखें, तो ATM या UPI के जरिए विड्रॉल की सीमा कस्‍टमर्स के कुल पीएफ बैलेंस के 50% तक सीमित हो सकती है. इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए सदस्यों को आधार, पैन कार्ड, बैंक अकाउंट डिटेल और IFSC कोड से जुड़ा एक एक्टिव यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) चाहिए होगा।  PF खाते को UPI से जोड़ने के लिए UAN (Universal Account Number) का एक्टिव होना सबसे जरूरी शर्त होगी. इसके साथ ही सदस्य का आधार, बैंक अकाउंट और PAN को UAN से लिंक होना अनिवार्य रहेगा. मोबाइल नंबर भी आधार और बैंक खाते से लिंक होना चाहिए, क्योंकि पूरी प्रक्रिया OTP आधारित वेरिफिकेशन पर होगी।  ये अनुमान भी लगाया जा रहा है कि EPFO पोर्टल या UMANG ऐप में लॉग-इन करने पर वहां एक नया ऑप्शन दिखाई देगा, उदाहरण के लिए 'Link PF with UPI' या फिर 'PF Withdrawal via UPI'. इस विकल्प पर क्लिक करने के बाद सदस्य को अपनी UPI ID दर्ज करनी होगी. इसके बाद संबंधित UPI ऐप जैसे कि Google Pay, PhonePe, Paytm या BHIM पर एक नोटिफिकेशन आएगा, जहां से PF अकाउंट को जोड़ने की अनुमति देनी होगी।  कब निकलेगा PF का पूरा पैसा? बता दें कि 55 साल की उम्र में रिटायर्ड होने पर पूरी पीएफ का अमाउंट निकाल सकते हैं. विकलांगता, छंटनी, सेल्‍फ रिटायरमेंट, विदेश में स्थायी ट्रांसफर, रिटायरमेंट फंड सेफ्टी जैसे मामलों में पूरा पीएफ निकाल सकते हैं। 

PF Interest 2026: 8.25% ब्याज कब होगा खाते में क्रेडिट, EPFO सदस्यों के लिए अहम खबर

नई दिल्ली कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO के सदस्य अपने पीए खाते में ब्याज का पैसा जमा होने का इंतजार कर रहे हैं. FY2025-26 के लिए पीएफ की ब्याज दर (PF Interest Rate) को यथावत रखा गया है, जो 8.25% है. इसे स्थिर रखने का फैसला लिए गए दो महीने का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक पैसा ईपीएफओ सदस्यों के खाते में जमा नहीं हुआ है. अब इसे लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है।  बीते मार्च 2026 में ईपीएफओ के केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ईपीएफ जमा पर 8.25% की वार्षिक ब्याज दर की सिफारिश की. श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा 2 मार्च को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सीबीटी ने सिफारिश की कि ब्याज को सदस्यों के ईपीएफ खाते में वित्तीय वर्ष के लिए जमा किया जाए।    कब तक PF खाते में जमा होगा पैसा?  EPFO Interest के खाते में जमा करने का इंतजार कर रहे सदस्यों के लिए बता दें कि अभी तक कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की ओर से इसे लेकर कोई आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है और न ही कोई संभावित तारीख घोषित की गई है. लेकिन अगर, पीएफ में ब्याज का पैसा आने के पिछले रुझानों पर नजर डालें, तो संकेत मिल रहा है कि ये जून और सितंबर के बीच किसी भी समय डाला जा सकता है।  ब्याज की राशि ईपीएफओ सदस्यों के खातों में तभी जमा की जाती है जब केंद्र सरकार से सिफारिश को औपचारिक मंजूरी मिल जाती है और इसे आधिकारिक रूप से अधिसूचित कर दिया जाता है. ऐसे में इस प्रक्रिया में कई चरण शामिल होते हैं, इसलिए राशि जमा करने की कोई निश्चित तिथि घोषित नहीं की गई है।  पिछले वर्ष, कई ग्राहकों को जून और जुलाई में खाते में ब्याज मिला था. हालांकि, इसे लेकर सटीक समय अलग-अलग हो सकता है. सदस्यों को इस बात पर भी ध्यान देना चाहिए कि पीएफ ब्याज की जानकारी सभी ईपीएफ पासबुक में एक साथ दिखाई नहीं देती है, मतलब कुछ सदस्यों को यह अपडेट दूसरों की तुलना में पहले दिखाई दे सकता है और कुछ को बाद में।  क्या देरी से ब्याज पर असर पड़ेगा? इस उत्तर है नहीं, पासबुक अपडेट में देरी होने पर भी, ग्राहकों को उनका पूरा ब्याज मिलता है. EPF Scheme 1952 के अनुच्छेद 60 के तहत पीएफ खाते पर ब्याज की गणना मासिक चालू शेष पर होती है, जिसपर सालाना चक्रवृद्धि ब्याज लगाया जाता है. इसलिए, पासबुक में ब्याज दर्शाने में किसी भी प्रशासनिक देरी से सदस्यों को मिलने वाली रकम पर कोई असर नहीं पड़ता है।  PF खाते में आया ब्याज, ऐके करें चेक EPFO द्वारा अपने सदस्यों को कई ऑप्शन दिए गए हैं, जिनके जरिए वे अपने पीएफ खाते में ब्याज की रकम आने पर इसे आसानी से चेक कर सकते हैं. इसके लिए उमंग ऐप (Umang App), ईपीएफओ सदस्य ई-सेवा पोर्टल (EPFO E-Service Portal), मिस्ड कॉल सेवा (Missed Call Service) या एसएमएस सुविधाएं (EPFO SMS Service) के जरिए स्टेटस जांच सकते हैं।   

EPF का ब्याज कब आएगा खाते में? लाखों कर्मचारियों के लिए अहम अपडेट

 नई दिल्‍ली देश के करोड़ों ईपीएफ सदस्‍य इन दिनों अपने अकाउंट में ब्‍याज आने का इंतजार कर रहे हैं. कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन (EPFO) ने मार्च 2026 में फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए 8.25 फीसदी ब्‍याज का ऐलान किया था, लेकिन नया फाइनेंशियल ईयर शुरू होने के 2 महीने से ज्‍यादा समय होने के बाद भी अभी तक सदस्‍यों के अकाउंट में ब्‍याज का पैसा ट्रांसफर नहीं हुआ है।  ऐसे में पीएफ अकाउंट होल्‍डर्स को इस बात की टेंशन हो रही है कि उनके पीएफ का पैसा कब खाते में भेजा जाएगा? हालांकि, ईपीएफओ ने कहा है कि घबराने की जरूरत नहीं है. जल्‍द ही पीएफ अकाउंट के तहत पैसा सदस्‍यों के खाते में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।  EPFO के केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए मार्च 2026 में EPF पर 8.25% सालाना ब्याज दर की सिफारिश की थी. इसके बाद से सरकार की मंजूरी और नोटिफिकेशन जारी होने का इंतजार किया जा रहा है. यह अपडेट आने के बाद कर्मचारियों के खाते में ब्‍याज का पैसा जमा कर दिया जाएगा. फिलहाल, सरकार की मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है। क्‍यों हो रही है देरी? फाइनेंशियल ईयर खत्म होते ही EPFO ब्याज कर्मचायों के पीएफ अकाउंट में ट्रांसफर नहीं कर देता है, बल्कि इसके पीछे कई प्रॉसेस होते हैं. पहले सरकार की मंजूरी ली जाती है, फिर करोड़ों अकाउंट के आंकड़ों को चेक किया जाता है और रिकॉर्ड अपडेट किया जाता है. इस पूरी प्रक्रिया में कुछ महीने लग जाते हैं. पिछले कुछ सालों में भी ब्याज जून और जुलाई के दौरान खातों में जमा किया गया था. इस कारण, इस बार भी ब्‍याज जमा होने में देरी हो रही है।  देरी से क्‍या होगा नुकसान?  ब्‍याज का पैसा लेट से आने का मतलब ये नहीं होता है कि सदस्‍यों को ब्‍याज में नुकसान होगा. EPFO के नियमों के अनुसार, अकाउंट होल्‍डर्स को किसी तरह का नुकसान नहीं होगा. ब्‍याज का कैलकुलेशन अकाउंट में मौजूदा बैलेंस के आधार पर की जाती है, यानी भले ही ब्‍याज की एंट्री बाद में दिखाई दे, लेकिन पूरे साल का ब्‍याज दर से जोड़ा जाएगा. EPFO कई बार यह कह चुका है कि ब्‍याज जमा होने में देरी का अस सदस्‍यों को मिलने वाले अमाउंट पर नहीं पड़ता है. पूरा ब्‍याज उनके अकाउंट में जमा किया जाता है।  कैसे करें चेक अकाउंट में ब्‍याज आया कि नहीं?      EPF मेंबर अपने अकाउंट की जानकारी कई तरह से देख सकते हैं.     UMANG ऐप पर लॉगिन कर View Passbook विकल्प चुन सकते हैं.      इसके साथ ही EPFO की Member Passbook सेवा के जरिए भी बैलेंस और ब्याज की जानकारी देखी जा सकती है.      सदस्य अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से 9966044425 पर मिस्ड कॉल देकर या 7738299899 पर SMS भेजकर भी PF बैलेंस की जानकारी ले सकते हैं.     अगर पासबुक में Int. Updated up to 31/03/2026 लिखा दिखाई देता है, तो समझिए कि ब्याज अपडेट किया जा चुका है.     

EPFO का बड़ा बदलाव! अब UPI से होगा PF Withdrawal, 75% लिमिट ने सबको चौंकाया

नई दिल्ली  देश के करोड़ों नौकरीपेशा लोगों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO जल्द ही एक बड़ा बदलाव करने जा रहा है। EPFO 3.0 के तहत PF निकालने की प्रक्रिया पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज होने वाली है। अब तक PF का पैसा निकालने के लिए लंबी प्रक्रिया, दस्तावेजों की जांच और कई दिनों का इंतजार करना पड़ता था, लेकिन नई व्यवस्था लागू होने के बाद सदस्य सीधे UPI के जरिए अपने बैंक खाते में पैसा ट्रांसफर कर सकेंगे। इससे न केवल पेपरवर्क कम होगा, बल्कि PF निकालने में लगने वाला समय भी काफी घट जाएगा। आइए इसके बारे में जरा विस्तार से समझते हैं। सरकार और EPFO का उद्देश्य पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और पेपरलेस बनाना है, ताकि कर्मचारियों को अपने ही पैसे के लिए बार-बार ऑफिस के चक्कर न लगाने पड़ें। खास बात यह है कि इस सुविधा की टेस्टिंग पूरी हो चुकी है और इसे जल्द शुरू किया जा सकता है। हालांकि, अभी इसकी आधिकारिक लॉन्च डेट घोषित नहीं की गई है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर EPFO सदस्य अपने खाते से कितना पैसा निकाल पाएंगे? नई व्यवस्था के अनुसार सदस्य अपने कुल EPF बैलेंस का लगभग 50% से 75% तक हिस्सा निकाल सकेंगे। हालांकि, पूरा पैसा निकालने की अनुमति हर स्थिति में नहीं होगी। EPFO के नियमों के मुताबिक कम से कम 25% राशि खाते में बनी रहना जरूरी होगा, ताकि भविष्य के लिए एक सुरक्षा फंड बचा रहे, यानी अगर किसी सदस्य के खाते में 4 लाख रुपये हैं, तो वह अधिकतम करीब 3 लाख रुपये तक निकाल सकता है, जबकि कम से कम 1 लाख रुपये खाते में रहने होंगे। इसके अलावा EPFO ने ऑटो-सेटलमेंट की सीमा भी बढ़ा दी है। पहले जहां केवल 1 लाख रुपये तक का क्लेम जल्दी सेटल होता था, अब यह सीमा बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी गई है। इसका मतलब यह है कि मेडिकल इमरजेंसी, बच्चों की पढ़ाई, शादी या घर खरीदने और बनाने जैसी जरूरतों के लिए सदस्य अब ज्यादा रकम कम समय में निकाल पाएंगे। कई मामलों में पैसा सिर्फ 3 दिनों के भीतर खाते में पहुंच सकता है। केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने हाल ही में बताया कि UPI आधारित PF निकासी सिस्टम का परीक्षण पूरा हो चुका है। नई सुविधा के तहत सदस्य अपने खाते में उपलब्ध निकासी योग्य राशि को देख पाएंगे और UPI PIN की मदद से तुरंत ट्रांजैक्शन कर सकेंगे। पैसा सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर होगा, जिसके बाद सदस्य चाहे तो ऑनलाइन पेमेंट करें या ATM से कैश निकाल लें। EPFO 3.0 का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि कर्मचारियों को छोटे-छोटे खर्चों या आपातकालीन जरूरतों के लिए लंबे इंतजार का सामना नहीं करना पड़ेगा। वर्तमान में PF क्लेम प्रोसेस में कई बार हफ्तों का समय लग जाता है, लेकिन नई व्यवस्था इसे डिजिटल बैंकिंग जितना आसान बना सकती है। देश में EPFO के 7 करोड़ से ज्यादा सदस्य हैं और यह बदलाव करोड़ों कर्मचारियों के लिए राहत लेकर आ सकता है। खासकर युवाओं और डिजिटल पेमेंट इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए यह सुविधा बेहद उपयोगी साबित हो सकती है। आने वाले समय में PF निकालना उतना ही आसान हो सकता है, जितना आज UPI से किसी को पैसे भेजना है।

EPFO का बड़ा बदलाव! अब ATM से निकाल पाएंगे PF का पैसा, जानिए कब और कैसे मिलेगा फायदा

 नई दिल्ली PF अमाउंट अब ATM से निकलेगा, पिछले काफी समय से इसकी चर्चा हो रही है. अगर ATM से पीएफ के पैसे निकलेंगे लगेंगे, तो एक नौकरीपेशा लोगों की इससे जुड़ी सारी परेशानियां दूर हो जाएंगी। दरअसल, केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया (Mansukh Mandaviya) एक निजी चैनल से बातचीत के दौरान बड़ा ऐलान कर दिया है, उन्होंने कहा कि अगले महीने यानी जून से आप अपना PF अमाउंट UPI का इस्तेमाल कर ATM से निकाल पाएंगे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) को पूरी तरह से डिजिटाइज किया जा रहा है, जिससे PF निकालना और भी आसान हो जाएगा, सरकार का लक्ष्य है कि पीएफ खाताधारकों को अपना ही पैसा निकालने के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें और न ही लंबे-चौड़े फॉर्म भरने पड़ें। ATM और UPI से निकाल सकेंगे पैसे मनसुख मांडविया ने बताया कि एक नया सिस्टम सुनिश्चित किया गया है, जिसके तहत खाताधारक अपने कुल पीएफ फंड का 25% हिस्सा जमा रखकर बाकी 75% पैसा एटीएम (ATM) या यूपीआई (UPI) के जरिए जब चाहें तब निकाल सकेंगे. यह सुविधा अगले महीने से लागू करने की तैयारी है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि EPFO 2.0 और ऑटोमैटिक क्लेम प्रोजेक्ट पर काम तेजी से चल रहा है, जिससे क्लेम सेटलमेंट पूरी तरह से ऑटोमैटिक हो जाएगा, पहले जो 10-12 कॉलम के फॉर्म भरने पड़ते थे, उस पेचीदा सिस्टम को खत्म कर दिया गया है। WhatsApp चैटबॉट की सुविधा उन्होंने कहा कि पीएफ से जुड़ी जानकारियों को और आसान बनाने के लिए इसे WhatsApp चैटबॉट से जोड़ा जा रहा है. खाताधारक सिर्फ व्हाट्सऐप पर मैसेज करके अपने अकाउंट बैलेंस, ब्याज अमाउंट और बीमारी या शादी के लिए फंड विड्रॉल की पात्रता जैसी सारी जानकारियां तुरंत हासिल कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि मैसेज से लोग ये भी जान पाएंगे कि वो अभी कितना अमाउंट निकाल सकते हैं, पहले कब-कब निकाले थे, ये सारा व्हाट्सऐप पर मैसेज से कर्मचारियों को मिल जाएगा. पूरा सिस्टम डिजिटल में तब्दील हो जाएगा। कैसे निकलेगा ATM से पैसा? एटीएम और यूपीआई से पैसे निकालने की इस सुविधा को आधार से लिंक किया जाएगा, आपकी पहचान पूरी तरह डिजिटल तरीके से (आधार वेरिफिकेशन के जरिए) प्रमाणित होगी, जिससे बिना किसी कागजी कार्रवाई के तुरंत पैसा ट्रांसफर हो सकेगा। हालांकि अगर फटाफट यानी ATM से तुरंत पैसे निकलने लगेंगे तो फिर अधिकतर लोगों के PF अकाउंट खाली हो जाएंगे, क्योंकि उन्हें जब जरूरत होगी, तब पीएफ के पैसे निकाल लेंगे. इसपर एक्सपर्ट्स भी चिंता जता रहे हैं. जब पैसा निकालना इतना आसान हो जाएगा तो स्वाभाविक रूप से लोगों में इसे खर्च करने की प्रवृत्ति बढ़ेगी, जिससे रिटायरमेंट फंड समय से पहले खत्म होने का खतरा पैदा हो सकता है। हालांकि सरकार ने इस व्यवस्था को पूरी तरह खुली छूट नहीं बनाया है. केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया है कि आप चाहकर भी अपना पूरा PF अकाउंट खाली नहीं कर सकते हैं, कुल जमा राशि का 25% हिस्सा हमेशा पीएफ अकाउंट में लॉक रहेगा. आप केवल ऊपरी 75% हिस्से का ही इस्तेमाल कर पाएंगे। बता दें, पीएफ पर मिलने वाला चक्रवृद्धि ब्याज तब सबसे ज्यादा फायदा देता है जब पैसे को लंबे समय तक छुआ न जाए, बार-बार पैसा निकालने से रिटायरमेंट के वक्त मिलने वाला अंतिम फंड बहुत छोटा हो जाएगा।

सिर्फ 3 स्टेप में मिलेगा PF का पैसा, EPFO ला रहा नई सुविधा

नई दिल्ली अगर आप नौकरी करते हैं और PF का पैसा निकालने के लिए लंबा इंतजार और झंझट से परेशान रहते हैं, तो जल्द आपके लिए बड़ी खुशखबरी है। EPFO मेंबर्स जल्द UPI के जरिए सीधे अपने बैंक खाते में PF का पैसा ट्रांसफर कर सकेंगे। जिससे PF का पैसा बैंक अकाउंट में आसानी से ट्रांसफर हो सकेगा। माना जा रहा है कि पूरा प्रोसेस सिर्फ 3 आसान स्टेप में पूरा हो जाएगा और यूजर्स को कई दिनों तक इंतजार भी नहीं करना पड़ेगा। अभी PF निकालने के लिए EPFO पोर्टल पर Claim डालना पड़ता है और पैसा आने में समय लगता है। लेकिन नए UPI आधारित सिस्टम के आने के बाद Google Pay, PhonePe और Paytm जैसे प्लेटफॉर्म्स की मदद से पैसा सीधे बैंक खाते में पहुंच सकता है। इससे खासकर उन लोगों को बड़ा फायदा होगा, जिन्हें इमरजेंसी में तुरंत पैसों की जरूरत पड़ती है। नई सुविधा के आने से यूजर्स को होंगे ये फायदे भी EPF सब्सक्राइबर्स अपने अकाउंट में उपलब्ध Withdrawal Balance देख सकेंगे, यानी कितना पैसा निकाल सकते हैं इसकी जानकारी सीधे मिल जाएगी। इसके बाद यूजर्स अपने बैंक अकाउंट से लिंक UPI ID और UPI PIN की मदद से ट्रांजैक्शन पूरा कर सकेंगे। इससे पैसा सुरक्षित तरीके से सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर होगा। UPI के जरिए PF का पैसा निकालने का 3 स्टेप प्रोसेस Step 1: सबसे पहले EPFO Portal या UMANG App में अपने UAN नंबर और पासवर्ड की मदद से Login करना होगा। इसके बाद KYC और बैंक डिटेल्स चेक करनी होंगी। यहां आपको UPI ID लिंक करने का ऑप्शन भी मिल सकता है। Step 2: अब PF Withdrawal या Claim सेक्शन में जाकर जितनी राशि निकालनी है, उसे चुनना होगा। इसके बाद अपनी UPI ID दर्ज करके OTP या वेरिफिकेशन प्रोसेस पूरा करना पड़ सकता है। Step 3: वेरिफिकेशन और अप्रूवल पूरा होने के बाद PF का पैसा सीधे आपके UPI से जुड़े बैंक खाते में ट्रांसफर हो सकता है। यानी Google Pay, PhonePe, Paytm या दूसरे UPI ऐप से जुड़े अकाउंट में पैसा जल्दी पहुंच सकता है। हालांकि अभी तक EPFO ने आधिकारिक तौर पर किसी खास ऐप का नाम नहीं बताया है। लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह सुविधा करोड़ों यूजर्स के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकती है। इन बातों का रखना होगा ध्यान 1. EPFO में Aadhaar, PAN और Bank Account KYC पूरी होनी चाहिए। 2. मोबाइल नंबर UAN से लिंक होना जरूरी है। 3. UPI ID उसी बैंक अकाउंट से जुड़ी होनी चाहिए, जो EPFO में दर्ज है। 4. गलत जानकारी होने पर Claim अटक सकता है।

EPFO की बड़ी तैयारी पूरी, अब UPI से मिनटों में मिल सकेगा PF का भुगतान

नई दिल्ली  अगर आप प्राइवेट नौकरी करते हैं और आपका पीएफ कटता है तो यह खबर आपके काम की हो सकती है। दरअसल, अब आपका पीएफ का पैसा सीधे UPI से निकल सकता है। यूपीआई के जरिए सीधे आपके खाते में पीएफ का पैसा आएगा। इसके लिए EPFO ने पूरी तैयारी कर ली है। जल्द ही इसे रोलआउट किया जा सकता है। UPI और ATM के जरिए PF का पैसा जल्द निकालने की सुविधा मिलना शुरू होगी। PF क्लेम फाइल करने और प्रोसेसिंग के लिए कई दिनों तक इंतजार करने की जरूरत नहीं होगी। EPFO सब्सक्राइबर अब जल्द ही UPI का इस्तेमाल करके अपने प्रोविडेंट फंड के पैसे सीधे अपने बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर पाएंगे। सरकार का कहना है कि इस नए फीचर की टेस्टिंग (epfo upi withdrawal testing) पूरी हो चुकी है, और अगर सब कुछ प्लान के मुताबिक रहा, तो लाखों कर्मचारी जल्द ही अपने फोन पर बस कुछ ही स्टेप फॉलो करके अपनी EPF बचत तक पहुंच पाएंगे। आइए जानते हैं कि अगर UPI के जरिए PF का पैसा निकलाने की सुविधा शुरू होती है तो इसका प्रोसेस क्या होगा। इस आर्टिकल में हम आपको स्टेप बॉय स्टेप बताएंगे कि ये प्रोसेस कैसे काम करेगा। अभी नहीं की गई आधिकारिक घोषणा सरकार ने अभी इसके आधिकारिक लॉन्च की घोषणा नहीं की है। टेस्टिंग सफल रही है। ऑपरेशनल मंजूरी और सॉफ्टवेयर इंटीग्रेशन का काम पूरा होते ही, आने वाले महीनों में इसे शुरू किया जा सकता है। EPFO अपने सात करोड़ से अधिक सब्सक्राइबर्स के लिए इस सिस्टम को शुरू करने से पहले, बैकएंड सॉफ्टवेयर से जुड़ी समस्याओं को सुलझाने पर काम कर रहा है। UPI के जरिए EPF से पैसे निकालना का प्रोसेस क्या होगा? प्रस्तावित व्यवस्था के तहत, EPF खाते का एक निश्चित हिस्सा फ्रीज रहने की उम्मीद है, जबकि शेष राशि का एक बड़ा हिस्सा UPI-लिंक्ड बैंक खातों के जरिए निकालने के लिए उपलब्ध कराया जा सकता है। अगर EPFO अपने सब्सक्राइर्स का पैसा UPI के जरिए निकालने की सुविधा को रोलआउट करता है तो उसका प्रोसेस नीचे दिए गए स्टेप्स की तरह हो सकता है।     क्लेम करने के लिए आपको UMANG APP या फिर EPFO की वेबसाइट पर जाना होगा।     इसके बाद मांगी गई जरूरी जनकारी फिल करनी होगी।     इसके बाद आपको वहां निकासी के लिए UPI का विक्लप दिखेगा।     UPI निकासी सिलेक्ट करने के बाद आपको आगे बढ़ना होगा।     ट्रांसफर पूरा करने के लिए, सदस्य बस अपने लिंक्ड UPI PIN का इस्तेमाल कर सकते हैं।     आपके पीएफ अमाउंट में जमा कुछ पैसा फ्रिज रहेगा। कुछ पैसा ही निकाला जा सकता है।     अकाउंट में पैसे आ जाने के बाद, सदस्य उनका इस्तेमाल अपनी मर्जी से कर सकते हैं – चाहे डिजिटल पेमेंट के लिए हो, ट्रांसफर के लिए, या फिर ATM से कैश निकालने के लिए। नोट- ध्यान रहे यह एक अनुमानित प्रोसेस है। क्योंक अभी यह सुविधा रोलआउट नहीं हुई है। WhatsApp पर भी आएगा EPFO सिर्फ UPI के जरिए निकासी ही नहीं बल्कि EPFO कई स्तर पर काम कर रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार आने वाले महीनों में EPFO WhatsApp के जरिए भी सेवाएं शुरू करने की योजना बना रहा है। अगर ईपीएफओ व्हाट्सएप सुविधा रोलआउट करता है तो सब्सक्राइबर्स अपने PF बैलेंस की जांच कर सकेंगे, पिछले पांच ट्रांज़ैक्शन देख सकेंगे, क्लेम का स्टेटस ट्रैक कर सकेंगे और आधार ऑथेंटिकेशन व बैंक अकाउंट लिंकिंग जैसे लंबित मामलों में सहायता प्राप्त कर सकेंगे।