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सिर्फ 3 स्टेप में मिलेगा PF का पैसा, EPFO ला रहा नई सुविधा

नई दिल्ली अगर आप नौकरी करते हैं और PF का पैसा निकालने के लिए लंबा इंतजार और झंझट से परेशान रहते हैं, तो जल्द आपके लिए बड़ी खुशखबरी है। EPFO मेंबर्स जल्द UPI के जरिए सीधे अपने बैंक खाते में PF का पैसा ट्रांसफर कर सकेंगे। जिससे PF का पैसा बैंक अकाउंट में आसानी से ट्रांसफर हो सकेगा। माना जा रहा है कि पूरा प्रोसेस सिर्फ 3 आसान स्टेप में पूरा हो जाएगा और यूजर्स को कई दिनों तक इंतजार भी नहीं करना पड़ेगा। अभी PF निकालने के लिए EPFO पोर्टल पर Claim डालना पड़ता है और पैसा आने में समय लगता है। लेकिन नए UPI आधारित सिस्टम के आने के बाद Google Pay, PhonePe और Paytm जैसे प्लेटफॉर्म्स की मदद से पैसा सीधे बैंक खाते में पहुंच सकता है। इससे खासकर उन लोगों को बड़ा फायदा होगा, जिन्हें इमरजेंसी में तुरंत पैसों की जरूरत पड़ती है। नई सुविधा के आने से यूजर्स को होंगे ये फायदे भी EPF सब्सक्राइबर्स अपने अकाउंट में उपलब्ध Withdrawal Balance देख सकेंगे, यानी कितना पैसा निकाल सकते हैं इसकी जानकारी सीधे मिल जाएगी। इसके बाद यूजर्स अपने बैंक अकाउंट से लिंक UPI ID और UPI PIN की मदद से ट्रांजैक्शन पूरा कर सकेंगे। इससे पैसा सुरक्षित तरीके से सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर होगा। UPI के जरिए PF का पैसा निकालने का 3 स्टेप प्रोसेस Step 1: सबसे पहले EPFO Portal या UMANG App में अपने UAN नंबर और पासवर्ड की मदद से Login करना होगा। इसके बाद KYC और बैंक डिटेल्स चेक करनी होंगी। यहां आपको UPI ID लिंक करने का ऑप्शन भी मिल सकता है। Step 2: अब PF Withdrawal या Claim सेक्शन में जाकर जितनी राशि निकालनी है, उसे चुनना होगा। इसके बाद अपनी UPI ID दर्ज करके OTP या वेरिफिकेशन प्रोसेस पूरा करना पड़ सकता है। Step 3: वेरिफिकेशन और अप्रूवल पूरा होने के बाद PF का पैसा सीधे आपके UPI से जुड़े बैंक खाते में ट्रांसफर हो सकता है। यानी Google Pay, PhonePe, Paytm या दूसरे UPI ऐप से जुड़े अकाउंट में पैसा जल्दी पहुंच सकता है। हालांकि अभी तक EPFO ने आधिकारिक तौर पर किसी खास ऐप का नाम नहीं बताया है। लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह सुविधा करोड़ों यूजर्स के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकती है। इन बातों का रखना होगा ध्यान 1. EPFO में Aadhaar, PAN और Bank Account KYC पूरी होनी चाहिए। 2. मोबाइल नंबर UAN से लिंक होना जरूरी है। 3. UPI ID उसी बैंक अकाउंट से जुड़ी होनी चाहिए, जो EPFO में दर्ज है। 4. गलत जानकारी होने पर Claim अटक सकता है।

EPFO की बड़ी तैयारी पूरी, अब UPI से मिनटों में मिल सकेगा PF का भुगतान

नई दिल्ली  अगर आप प्राइवेट नौकरी करते हैं और आपका पीएफ कटता है तो यह खबर आपके काम की हो सकती है। दरअसल, अब आपका पीएफ का पैसा सीधे UPI से निकल सकता है। यूपीआई के जरिए सीधे आपके खाते में पीएफ का पैसा आएगा। इसके लिए EPFO ने पूरी तैयारी कर ली है। जल्द ही इसे रोलआउट किया जा सकता है। UPI और ATM के जरिए PF का पैसा जल्द निकालने की सुविधा मिलना शुरू होगी। PF क्लेम फाइल करने और प्रोसेसिंग के लिए कई दिनों तक इंतजार करने की जरूरत नहीं होगी। EPFO सब्सक्राइबर अब जल्द ही UPI का इस्तेमाल करके अपने प्रोविडेंट फंड के पैसे सीधे अपने बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर पाएंगे। सरकार का कहना है कि इस नए फीचर की टेस्टिंग (epfo upi withdrawal testing) पूरी हो चुकी है, और अगर सब कुछ प्लान के मुताबिक रहा, तो लाखों कर्मचारी जल्द ही अपने फोन पर बस कुछ ही स्टेप फॉलो करके अपनी EPF बचत तक पहुंच पाएंगे। आइए जानते हैं कि अगर UPI के जरिए PF का पैसा निकलाने की सुविधा शुरू होती है तो इसका प्रोसेस क्या होगा। इस आर्टिकल में हम आपको स्टेप बॉय स्टेप बताएंगे कि ये प्रोसेस कैसे काम करेगा। अभी नहीं की गई आधिकारिक घोषणा सरकार ने अभी इसके आधिकारिक लॉन्च की घोषणा नहीं की है। टेस्टिंग सफल रही है। ऑपरेशनल मंजूरी और सॉफ्टवेयर इंटीग्रेशन का काम पूरा होते ही, आने वाले महीनों में इसे शुरू किया जा सकता है। EPFO अपने सात करोड़ से अधिक सब्सक्राइबर्स के लिए इस सिस्टम को शुरू करने से पहले, बैकएंड सॉफ्टवेयर से जुड़ी समस्याओं को सुलझाने पर काम कर रहा है। UPI के जरिए EPF से पैसे निकालना का प्रोसेस क्या होगा? प्रस्तावित व्यवस्था के तहत, EPF खाते का एक निश्चित हिस्सा फ्रीज रहने की उम्मीद है, जबकि शेष राशि का एक बड़ा हिस्सा UPI-लिंक्ड बैंक खातों के जरिए निकालने के लिए उपलब्ध कराया जा सकता है। अगर EPFO अपने सब्सक्राइर्स का पैसा UPI के जरिए निकालने की सुविधा को रोलआउट करता है तो उसका प्रोसेस नीचे दिए गए स्टेप्स की तरह हो सकता है।     क्लेम करने के लिए आपको UMANG APP या फिर EPFO की वेबसाइट पर जाना होगा।     इसके बाद मांगी गई जरूरी जनकारी फिल करनी होगी।     इसके बाद आपको वहां निकासी के लिए UPI का विक्लप दिखेगा।     UPI निकासी सिलेक्ट करने के बाद आपको आगे बढ़ना होगा।     ट्रांसफर पूरा करने के लिए, सदस्य बस अपने लिंक्ड UPI PIN का इस्तेमाल कर सकते हैं।     आपके पीएफ अमाउंट में जमा कुछ पैसा फ्रिज रहेगा। कुछ पैसा ही निकाला जा सकता है।     अकाउंट में पैसे आ जाने के बाद, सदस्य उनका इस्तेमाल अपनी मर्जी से कर सकते हैं – चाहे डिजिटल पेमेंट के लिए हो, ट्रांसफर के लिए, या फिर ATM से कैश निकालने के लिए। नोट- ध्यान रहे यह एक अनुमानित प्रोसेस है। क्योंक अभी यह सुविधा रोलआउट नहीं हुई है। WhatsApp पर भी आएगा EPFO सिर्फ UPI के जरिए निकासी ही नहीं बल्कि EPFO कई स्तर पर काम कर रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार आने वाले महीनों में EPFO WhatsApp के जरिए भी सेवाएं शुरू करने की योजना बना रहा है। अगर ईपीएफओ व्हाट्सएप सुविधा रोलआउट करता है तो सब्सक्राइबर्स अपने PF बैलेंस की जांच कर सकेंगे, पिछले पांच ट्रांज़ैक्शन देख सकेंगे, क्लेम का स्टेटस ट्रैक कर सकेंगे और आधार ऑथेंटिकेशन व बैंक अकाउंट लिंकिंग जैसे लंबित मामलों में सहायता प्राप्त कर सकेंगे।  

PF ट्रांसफर में 10 साल की देरी पड़ी भारी: सॉफ्टवेयर खराबी का बहाना बना EPFO, कोर्ट ने लगाया जुर्माना

चंडीगढ़ क्या कोई 10 तक सॉफ्टवेयर में खराबी का बहाना बनाकर पीएफ का पैसा लटकाए रह सकता है? मामला चंडीगढ़ का है। एक कर्मचारी ने सितंबर 2010 में कर्मचारी पुराने पीएफ खाते की रकम नए खाते में ट्रांसफर करने के लिए अप्लाई किया, लेकिन उसका फंड ट्रांसफर नहीं किया गया। थक हारकर कर्मचारी ने उपभोक्ता आयोग का सहारा लिया। आयोग ने ईपीएफओ पर 50,000 रुपये का हर्जाना लगाया और मुकदमे का खर्च भी देने का आदेश दिया।  खबर के मुताबिक चंडीगढ़ जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) लगभग एक दशक की देरी के लिए सॉफ्टवेयर में खराबी को बहाना नहीं बना सकता। क्या था मामला श्री गर्ग पुणे की कंपनी टेक महिंद्रा में काम करते थे। फरवरी 2009 में उन्होंने कंपनी छोड़ दी और जुलाई 2010 में इंफोसिस में जॉइन किया। सितंबर 2010 में उन्होंने टेक महिंद्रा वाले पुराने पीएफ खाते की रकम नए खाते में ट्रांसफर करने के लिए आवेदन किया। इसके बाद ईपीएफओ की तरफ से कोई जवाब नहीं आया। श्री गर्ग ने आरटीआई भी दायर की। इसके बाद अप्रैल 2020 में जाकर ईपीएफओ ने सिर्फ 6.21 लाख रुपये ट्रांसफर किए, जबकि गर्ग के अनुसार उन्हें 11.07 लाख रुपये मिलने चाहिए थे। ईपीएफओ ने ब्याज न देने की वजह खाते को इनऑपरेटिव हो जाने और सॉफ्टवेयर तकनीकी खामियों को बताया। ईपीएफओ को सॉफ्टवेयर की समस्या का बहाना नहीं चलेगा उपभोक्ता आयोग ने ईपीएफओ की इस दलील को खारिज कर दिया। आयोग ने कहा कि सिर्फ मौखिक दावे करने और बिना ठोस सबूत के सॉफ्टवेयर की समस्या को लगभग दस साल की देरी का वैध कारण नहीं माना जा सकता। देरी की इतनी लंबी अवधि अपने आप में सेवा में कमी और अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस है। सुनवाई के दौरान फंड ट्रांसफर, लेकिन… हालांकि मामले की सुनवाई के दौरान ईपीएफओ ने गर्ग के खाते में अतिरिक्त 3.67 लाख रुपये और 64,841 रुपये ट्रांसफर कर दिए, लेकिन आयोग ने ईपीएफओ पर 50,000 रुपये का हर्जाना और मुकदमे का खर्च भी लगाया। आयोग ने साफ किया कि तकनीकी अड़चनों को देरी का सही कारण बताने के लिए ईपीएफओ को पर्याप्त दस्तावेज पेश करने चाहिए थे, जो उसने नहीं किए। यह फैसला उन लाखों कर्मचारियों के लिए राहत की खबर है, जिन्हें नौकरी बदलने पर पीएफ ट्रांसफर में लंबी देरी का सामना करना पड़ता है। आयोग ने ईपीएफओ को यह राशि 60 दिनों के भीतर देने का आदेश दिया है, अन्यथा इस पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा।

PF पैसा आसानी से निकालेगा EPFO, ATM और UPI सुविधा जल्द उपलब्ध

नई दिल्ली ईपीएफओ के करीब 8 करोड़ सब्सक्राइबर्स के लिए गुड न्यूज है। आप अपने प्रोविडेंट फंड (PF) का पैसा ATM और UPI के जरिए निकाल सकेंगे। यह सुविधा मई के अंत तक लाइव होने की उम्मीद है, जिससे पीएफ पैसे तक पहुंच और भी आसान और तेज हो जाएगी। ईटी नाउ के सूत्रों ने यह जानकारी दी है। ईपीएफओ डैशबोर्ड के मुताबिक ईपीएफओ में करीब 7,98,24,491 मेंबर हैं। इनमें 7.74 करोड़ से अधिक सदस्यों की आधार सत्यापित KYC हो चुकी है। इनमें से 82,11,182 पेंशनर हैं। क्या है EPFO 3.0 कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने पिछले साल EPFO 3.0 लॉन्च किया था, जिसका उद्देश्य डिजिटल ढांचे और प्रक्रियाओं को आधुनिक बनाना है। यह नया सिस्टम मिड-2026 तक पूरी तरह लागू हो जाएगी। इससे पीएफ से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं यूजर-फ्रेंडली हो जाएंगी। क्या होगा फायदा इस नए सिस्टम से ईपीएफओ के सदस्यों को पीएफ तक आसान पहुंच होगी। ऑटो-क्लेम सेटलमेंट और पसंद के बैंक खाते में फंड ट्रांसफर हो सकेगा। सबसे अहम अपग्रेड एटीएम और यूपीआई के जरिए पीएफ निकासी की सुविधा को लेकर होगा। कितना पैसा निकाल सकते हैं: EPFO निकासी की अधिकतम सीमा तय करेगा। इसके मुताबिक कुल पीएफ बैलेंस का 50% तक ही यूपीआई या एटीएम से निकाला जा सकेगा। कैसे काम करेगी यह सुविधा: EPFO सब्सक्राइबर्स को डेडिकेटेड एटीएम कार्ड जारी करेगा। यह कार्ड सीधे पीएफ अकाउंट से लिंक होगा। आप किसी भी एटीएम से जाकर अपना पीएफ पैसा निकाल सकेंगे। इसके अलावा, UPI के जरिए भी पीएफ बैलेंस ट्रांसफर किया जा सकेगा। कौन कर सकता है इस सुविधा का इस्तेमाल: ईपीएफओ सदस्यों को कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी। जैसे, एक्टिव UAN होना चाहिए। UAN से KYC डॉक्यूमेंट्स आधार, PAN, बैंक खाता नंबर और IFSC कोड लिंक होने चाहिए। रिकॉर्डतोड़ क्लेम श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने पिछले महीने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में EPFO ने 8.31 करोड़ क्लेम सेटल किए हैं, जो FY25 के 6.01 करोड़ से कहीं अधिक है। इनमें से 5.51 करोड़ क्लेम एडवांस या आंशिक निकासी के थे। यह पीएफ तक आसान पहुंच का बड़ा उदाहरण है। 71.11% एडवांस क्लेम ऑटो मोड में 3 दिनों के भीतर प्रोसेस हुए (पिछले साल 59.19%)। 6.68 करोड़ सदस्यों ने चेक लीफ अपलोड किए बिना ही क्लेम दायर किए। 1.59 करोड़ सदस्यों ने बिना एम्प्लॉयर की मंजूरी के अपने बैंक अकाउंट सीड किए। 70.55 लाख ट्रांसफर क्लेम ऑटोमेटिक प्रोसेस हुए। 24.84 लाख ट्रांसफर रिक्वेस्ट सदस्यों द्वारा बिना एम्प्लॉयर के हस्तक्षेप के की गईं।

EPFO में बदलाव: ATM से पेंशन विड्रॉल होगा संभव, पेंशन 7.5 गुना तक बढ़ सकती है

 नई दिल्‍ली कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन (EPFO) को लेकर बड़ा अपडेट सामने आ रहा है. सरकार पीएफ रजिर्स्‍टड कर्मचारियों को लाभ देने के लिए कई चीजों पर विचार कर रही है. खासकर पेंशन में योगदान देने वाले कर्मचारियों को बड़ा लाभ देने पर विचार कर रही है. EPS-95 पेंशन को बढ़ाने पर चर्चा कर रही है।  श्रमिक संगठन मांग कर रहे हैं कि सरकार ईपीएस के तहत पेंशन को 1 हजार रुपये से बढ़ाकर ₹7500 करे. अगर सरकार पेंशन को लेकर इस प्रस्‍ताव को मान लेती है तो पेंशन में 7.5 गुना इजाफा होगा. संसदीय समिति ने भी पेंशन बढ़ाने की सिफारिश की. इसके अलावा, सरकार पीएफ कर्मचारियों के ब्याज को जल्द अकाउंट में डिपॉजिट करने की बात कही है।  पीएम अकाउंट होल्‍डर्स के खाते में 8.25% ब्याज जल्‍द डिपॉजिट हो सकता है, जिसका कर्मचारी इंतजार कर रहे हैं. वित्त मंत्रालय की मंजूरी का इंतजार मंजूरी मिलते ही खातों में पैसा ट्रांसफर कर दिया जाएगा. ऐसा माना जा रहा है कि मई में पीएफ का ब्‍यजा अकाउंट में आ सकता है।  ATM से PF निकालने की सुविधा  ईपीएफओ पोर्टल के तहत कई तकनीकी बदलाव किए जा रहे हैं, जिसे जल्‍द लागू किया जा सकता है. खासकर एटीएम से PF की निकासी को लेकर सबसे बड़ा बदलाव लागू होने जा रहा है. जल्‍द इसके लागू होने की उम्‍मीद है. एटीएम से पीएफ की निकासी लागू होने के बाद पीएफ के पैसे तक सदस्‍यों की पहुंच आसान हो जाएगी. फिर सेविंग अकाउंट की तरह, पीएफ अकाउंट से भी ATM कार्ड के जरिए पैसा निकाल सकते हैं।  EPFO ने बना दिया नया रिकॉर्ड ईपीएफओ के तहत वित्त वर्ष 2025-26 में 8.31 करोड़ क्लेम सेटलमेंट किया गया. पिछले साल 6.01 करोड़ क्लेम से तुलना में यह एक बड़ा उछाल है. इसमें से 5.51 करोड़ क्लेम एडवांस या आंशिक विड्रॉल से जुड़े रहे. जानकारी के अनुसार, ईपीएफओ ने 71.11% एडवांस क्लेम 3 दिन में निपटाए, जो पिछले साल यह आंकड़ा 59.19% था।  डिजिटल सुविधा से प्रॉसेस आसान  6.68 करोड़ क्लेम बिना चेक इमेज अपलोड, 1.59 करोड़ खातों में बिना employer मंजूरी बैंक लिंक, 70.55 लाख ट्रांसफर क्लेम ऑटो-प्रोसेस और 29.34 लाख सदस्यों ने खुद प्रोफाइल अपडेट किया. अप्रैल 2026 के दौरान 61.03 लाख क्लेम सेटलमेंट किया गया. वहीं 98.70% क्लेम 20 दिन से कम में निपटाए गए।  नई पहल: E-PRAAPTI पोर्टल  ईपीएफओ की ओर से एक नई पहल की भी शुरुआत की है, जिसके तहत निष्क्रिय PF खातों को सक्रिय करने के लिए नया प्लेटफॉर्म आधार आधारित एक्सेस से पुराने खाते जोड़ना आसान हो जाएगा. इसका फायदा UAN से लिंक न होने वाले खातों को मिलेगा और भविष्‍य में बिना मेंबर ID वाले यूजर्स को भी सुविधा मिलेगी। 

EPFO में बड़ा बदलाव, मई से UPI से PF का पैसा निकालने की सुविधा, लिमिट भी तय

नई दिल्ली कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने करोड़ों खाताधारकों के लिए बड़ी राहत देने जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मई 2026 के आखिर तक UPI के जरिए तुरंत PF निकालने की सुविधा शुरू हो सकती है। यह बदलाव EPFO के नए डिजिटल प्लेटफॉर्म CITES 2.0 के तहत किया जा रहा है, जिससे पूरी प्रक्रिया तेज और आसान होगी। बता दें ईपीएफओ में अभी 7.98 करोड़ मेंबर हैं। वहीं, 82 लाख से अधिक पेंशनर्स हैं। इनमें से 7.74 करोड़ सदस्यों की केवाईसी अपडेट हो चुकी है। ईपीएफओ पोर्टल पर दिए गए आंकड़ों के मुताबिक एक साल में 6.42 करोड़ क्लेम सेटल हो चुके हैं। अब नहीं करना होगा लंबा इंतजार अभी PF निकालने के लिए कर्मचारियों को कई दिनों तक इंतजार करना पड़ता है और कई बार क्लेम रिजेक्ट भी हो जाते हैं, लेकिन नए सिस्टम के लागू होने के बाद यूजर सीधे अपने UAN से लॉगिन कर सकेंगे, OTP वेरिफाई करेंगे और यूपीआई के जरिए पैसा तुरंत अपने बैंक खाते में ट्रांसफर कर पाएंगे। इससे कागजी प्रक्रिया और देरी दोनों खत्म हो जाएंगी। जल्द ही EPF स्कीम 2026, EPS 2026 और EDLI Scheme 2026 जैसे नए सुधार लागू किए जा सकते हैं, जिससे PF, पेंशन और बीमा से जुड़े नियम और मजबूत होंगे।   कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने करोड़ों खाताधारकों के लिए बड़ा बदलाव करने जा रहा है। अब PF निकालने का प्रोसेस पहले से कहीं आसान और तेज होने वाला है। मई 2026 के अंत तक UPI के जरिए तुरंत PF निकालने की सर्विस शुरू हो सकती है। यह बदलाव EPFO के नए डिजिटल सिस्टम CITES 2.0 के तहत किया जा रहा है। UPI से तुरंत मिलेगा पैसा अभी तक PF निकालने में कई दिन लग जाते हैं, लेकिन नए सिस्टम के आने के बाद यह प्रोसेस काफी तेज हो जाएगी। EPFO सदस्य अपने UAN से लॉगिन करके, OTP वेरिफिकेशन पूरा कर, सीधे UPI के जरिए पैसा अपने बैंक खाते में तुरंत ट्रांसफर कर सकेंगे। इससे लंबी प्रोसेस और कागजी झंझट से राहत मिलेगी। क्या है CITES 2.0 सिस्टम? CITES 2.0 EPFO का नया डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसका मकसद पूरे प्रोसेस को आसान, तेज और ट्रांसपेरेंट बनाना है। पुराने सिस्टम की जगह अब एक यूनिफाइड प्लेटफॉर्म आएगा, जिससे क्लेम प्रोसेसिंग में देरी कम होगी और यूजर्स को बेहतर सुविधा मिलेगी। कैसे काम करेगा नया सिस्टम? नई सुविधा शुरू होने के बाद यूजर EPFO पोर्टल या ऐप पर लॉगिन करेंगे। वहां उन्हें अपनी कुल बैलेंस और निकाल सकने वाली अमाउंट देख सकेंगे। इसके बाद वह जितना अमाउंट निकालना चाहते हैं, उसे डालेंगे और अपनी UPI ID डालेंगे। वेरिफिकेशन के बाद पैसा सीधे अकाउंट में ट्रांसफर हो जाएगा। 75% तक ही निकाल पाएंगे PF EPFO ने नए नियम में एक जरूरी बदलाव भी किया है। अब कर्मचारी अपना पूरा PF अमाउंट एक साथ नहीं निकाल पाएंगे। कुल बैलेंस का अधिकतम 75% ही निकाला जा सकेगा, जबकि कम से कम 25% रकम खाते में रखना जरूरी होगा। इसका मकसद यह तय करना है कि कर्मचारियों के पास रिटायरमेंट के लिए कुछ सेविंग जरूर रहे। नए नियम क्यों हैं जरूरी? सरकार चाहती है कि कर्मचारी अपनी पूरी जमा अमाउंट जल्दी खर्च न कर दें और भविष्य के लिए कुछ पैसा बचाकर रखें। इसलिए यह लिमिट तय की गई है। साथ ही UPI सुविधा से जरूरत के समय तुरंत पैसा मिल सकेगा। नई स्कीम भी होगी लागू इसके साथ ही EPFO नए कानूनों के तहत EPF Scheme 2026, EPS 2026 और EDLI Scheme 2026 भी लाने की तैयारी में है। इनका मकसद PF, पेंशन और बीमा से जुड़े नियमों को और मजबूत बनाना है। कैसे काम करेगा नया सिस्टम? नई सुविधा शुरू होने के बाद प्रक्रिया बेहद आसान होगी। यूजर EPFO पोर्टल या ऐप पर लॉगिन करेंगे, वहां उन्हें अपना कुल बैलेंस दिखेगा। इसके बाद वे जितनी राशि निकालना चाहते हैं, वह दर्ज करेंगे और अपनी UPI ID डालेंगे। वेरिफिकेशन पूरा होते ही पैसा सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर हो जाएगा। सरकार का इस बदलाव का मकसद क्या है? सरकार इस कदम के जरिए दो बड़े लक्ष्य हासिल करना चाहती है। पहला, इमरजेंसी में कर्मचारियों को तुरंत पैसा मिल सके। दूसरा, पूरी जमा राशि एक साथ निकालने से बचाकर रिटायरमेंट सुरक्षा को मजबूत किया जाए।सरकार EPFO सिस्टम को और आधुनिक बनाने की दिशा में भी काम कर रही है। EPFO के लेटेस्ट अपडेट्स, जो आपके लिए बेहद जरूरी UAN में नाम, जन्मतिथि, लिंग, माता-पिता का नाम, वैवाहिक स्थिति कैसे सुधारें? अगर आपके UAN खाते में कोई जानकारी गलत है, तो उसे सुधारना बहुत जरूरी है। नीचे तरीका बताया गया है… नाम, लिंग, डेट ऑफ बर्थ सही करना: अपने ईपीएफओ पोर्टल (https://www.epfindia.gov.in) पर जाएं, ‘Manage’ में जाकर ‘Modify Basic Details’ का विकल्प चुनें। फिर नए डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। आपके एम्प्लॉयर को इसे मंजूरी देनी होगी। माता-पिता का नाम, रिश्ता और वैवाहिक स्थिति बदलना: यह भी ऊपर दिए गए तरीके से ही करें। शादी या तलाक के बाद यह जानकारी अपडेट करना जरूरी है। भ्रष्टाचार की शिकायत कैसे करें अगर आपको EPFO के किसी कर्मचारी पर भ्रष्टाचार या अनियमितता का शक है, तो आप Vigilance Division में शिकायत कर सकते हैं। इसके लिए EPFO ने अलग से गाइडलाइन जारी किए हैं। वेबसाइट पर जाकर विजिलेंस सेक्शन में शिकायत दर्ज करें। प्रयास योजना (Prayas Yojna) क्या है? EPFO की प्रयास योजना कर्मचारियों को जागरूक करने और उनकी समस्याओं का जल्द समाधान करने के लिए चलाई जाती है। इस योजना के तहत विशेष शिविर और ऑनलाइन सुविधाएं दी जाती हैं।

EPFO 3.0 में होंगे ये अहम बदलाव: फटाफट विड्रॉल, UPI और पेंशन सुविधाएं

 नई दिल्‍ली अक्‍सर ईपीएफओ सर्विसेज को लेकर कर्मचारियों की शिकायत देखी गई है कि उन्‍हें क्‍लेम करने में देरी होती है, ज्‍यादा पेपरवर्क और कंपनी के ऊपर ज्‍यादा निर्भरता रहती है. इन्‍हीं सभी परेशानियों को दूर करने के लिए सरकार EPFO 3.0 लेकर आ रही है, जो जल्‍द ही लॉन्‍च हो सकता है, जिसके बाद PF का एक्‍सेस पूरी तरह से आसान हो जाएगा।  आपका क्‍लेम फटाफट सेटल होगा, पेपरवर्क बहुत कम हो जाएगा और नियोक्‍ता पर निर्भरता भी घट जाएगी. आप आसानी से ATM और UPI की मदद से पैसे की निकासी कर सकते हैं. EPFO 3.0 खासतौर पर कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन के सिस्‍टम का एक डिजिटल अपडेट है, जो मैन्‍युअल काम को कम करने और लाखों कस्‍टमर्स के लिए सर्विस डिस्‍ट्रीब्‍यूशन में सुधार करने के लिए डिजाइन किया गया है. आने वाले महीनों में इसको पूरी तरह से चालू किया जा सकता है, जिसमें से कई सुविधाएं पहले ही शुरू की जा चुकी हैं और अन्‍य पर काम चल रहा है।  फटाफट होगा क्‍लेम सेटलमेंट  सबसे बड़े बदलावों में से एक दावा क्‍लेम सेटलमेंट को लेकर है. ईपीएफओ ने दावों के ऑटो सेटलमेंट का विस्तार किया है और इसकी सीमा बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी है. विड्रॉल रिक्‍वेस्‍ट का एक बड़ा हिस्‍सा अब ऑटोमैटिक रूप से अप्रूव किया जा रहा है, जिससे समय की बचत हो रही है और मैन्‍युअल अप्रूवल की आवश्‍यकता कम हो रही है।  इस बदलाव से नियोक्‍ताओं पर निर्भरता भी कम हो रही है. पहले नौकरी बदलने पर PF अकाउंट में पैसा ट्रांसफर के लिए अक्‍सर कंपनी के अपूवल की आवश्‍यकता होती थी, जिससे देरी होती थी. नए सिस्‍टम के तहत KYC अनुपालन वाले अकाउंट्स के लिए ऐसे कई ट्रांसफर ऑटोमैटिक तरीके से किए जा रहे हैं, जिससे कर्मचारियों को अपने फंड को आसानी से ट्रांसफर करने की सुविधा मिल रही है।  UPI से विड्रॉल नए डेवलपमेंट के तहत एक अन्‍य महत्‍वपूर्ण सुविधा डिजिटल पेमेंट सिस्‍ट के माध्‍यम से पीएफ निकालने की क्षमता है. ईपीएफओ यूपीआई के माध्‍यम से विड्रॉल को सक्षम करने पर काम कर रहा है, जिससे मौजूदा प्रॉसेस की तुलना में पैसा सीधे बैंक अकाउंट में बहुत तेजी से जमा को सकेगी।  इसके साथ ही क्‍लेम फाइल करने, ट्रैक करने और निकासी जैसी सेवाओं को सुव्‍यवस्थित करने के लिए एक नया मोबाइल ऐप पेश किए जाने की उम्‍मीद है, जिससे फिजिकल पेपरवर्क या ऑफिस जाने की आवश्‍यकता और भी कम हो जाएगी।  यूनिफाइड पेंशन सिस्‍टम  ईपीएफओ 3.0 के तहत पेंशन सिस्‍टम को भी यूनिफाइड किया जा रहा है. लाभार्थियों के लिए पेंशन का तेजी से और ज्‍यादा समान वितरण सुनिश्चित करने के उद्देश्‍य से यूनिफाइड पेंशन पेमेंट सिस्टम पहले ही सभी कार्यालयों में लागू की जा चुकी है. पीएफ बचत तक पहुंच में देरी, तकनीकी गड़बड़ियों और प्रशासनिक अड़चनों को लेकर सालों से मिल रही शिकायतों के बाद सुधार की मांग उठाई गई है।  ऑटोमैटिक और डिजिटल वेरिफिकेशन की ओर बढ़ते हुए, सरकार इस सिस्‍टम को पारंपरिक नौकरशाही के बजाय बैंकिंग प्लेटफॉर्म की तरह कार्य करने का प्रयास कर रही है. हालांकि, अभी सभी सुविधाएं पूरी तरह से चालू नहीं हुई हैं. UPI बेस्‍ड विड्रॉल जैसी सर्विस और नए डिजिटल इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर के कुछ हिस्से अभी भी शुरू किए जा रहे हैं, और सिस्टम अभी भी बदलाव के दौर में है।  सैलरी कर्मचारियों के लिए, इन बदलावों का मतलब इमरजेंसी के दौरान पैसे तक तुरंत पहुंच, नौकरी बदलते समय खातों में पैसा ट्रांसफर की सुगमता और नियोक्ताओं या मध्यस्थों पर कम निर्भरता हो सकती है. साथ ही आसान पहुंच से पीएफ के यूज के तरीके में भी बदलाव आ सकता है, क्‍योंकि यह चिंता बनी हुई है कि बार-बार विड्रॉल से लॉन्गटर्म रिटायरमेंट सेविंग प्रभावित हो सकती है। 

PF खाताधारकों के लिए अहम खबर: EPFO के नियमों में बदलाव पर सरकार का बड़ा अपडेट

नई दिल्ली लोकसभा में सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत चल रहे EPFO 3.0 रिफॉर्म्स पर विस्तृत जानकारी दी है। श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने बताया कि इस पहल का मकसद सिस्टम को ज्यादा तेज, पारदर्शी और यूजर-फ्रेंडली बनाना है। खासतौर पर क्लेम सेटलमेंट को फास्ट करना, प्रोसेस को आसान बनाना और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए सभी सेवाएं एक जगह उपलब्ध कराना इसमें शामिल है। क्या होगा बदलाव सबसे बड़ा बदलाव सेंट्रलाइज्ड पेंशन पेमेंट सिस्टम (CPPS) को लेकर आया है। मंत्री ने बताया कि 1 जनवरी 2025 से EPFO के सभी फील्ड ऑफिस इस सिस्टम को पूरी तरह अपना चुके हैं। इस नए सिस्टम की मदद से हर महीने 70 लाख से ज्यादा पेंशनर्स को समय पर और बिना गलती के पेंशन मिल रही है। यानी अब पेंशन के भुगतान में देरी या गड़बड़ी की शिकायतें काफी हद तक कम हो गई हैं। क्लेम सेटलमेंट के मामले में भी बड़ा सुधार देखने को मिला है। सरकार के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष में 25 फरवरी 2026 तक ₹5 लाख तक के कुल 3.52 करोड़ से ज्यादा क्लेम ऑटो मोड में सेटल किए गए हैं। यही नहीं, कुल एडवांस क्लेम्स में से करीब 71.37% ऑटोमैटिक तरीके से निपटाए गए, जिनके जरिए लगभग ₹51,620 करोड़ की राशि जारी की गई। इससे साफ है कि अब लोगों को अपने पैसे के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ रहा। EPF अकाउंट ट्रांसफर अब काफी आसान नौकरी बदलने पर EPF अकाउंट ट्रांसफर भी अब काफी आसान हो गया है। पहले जहां इस प्रक्रिया में नियोक्ता की मंजूरी और कई स्टेप्स लगते थे, अब KYC अपडेट होने पर यह काम खुद-ब-खुद हो रहा है। 25 फरवरी 2026 तक करीब 70.5 लाख ऑटो ट्रांसफर क्लेम्स बिना किसी दखल के प्रोसेस हो चुके हैं। वहीं 21 लाख से ज्यादा ट्रांसफर क्लेम ऐसे हैं, जो कर्मचारियों ने खुद बिना नियोक्ता की मदद के जमा किए। एक बड़ा डिजिटल अपग्रेड अगर EPFO 3.0 को आसान भाषा में समझें, तो यह एक बड़ा डिजिटल अपग्रेड है, जिसमें कागजी काम कम करके पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन और ऑटोमेटेड बनाया गया है। पहले जहां क्लेम सेटलमेंट में 20 दिन तक लग जाते थे, अब वही काम 3 दिन से भी कम समय में हो रहा है। इससे कर्मचारियों और पेंशनर्स दोनों को काफी राहत मिल रही है। हालांकि, सबसे बड़ा सवाल (EPS-95 के तहत न्यूनतम पेंशन बढ़ाने) पर फिलहाल कोई ठोस ऐलान नहीं हुआ है। सरकार ने इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि इस पर विचार चल रहा है, लेकिन अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। ऐसे में लाखों पेंशनर्स की नजर अब आने वाले फैसलों पर टिकी हुई है।

कर्मचारियों के लिए जरूरी अपडेट, EPFO FY26 की ब्याज दरों पर मार्च में अहम बैठक

नई दिल्ली होली से पहले कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) कर्मचारी भविष्य निधि जमा पर ब्याज दर को लेकर अहम फैसला ले सकता है। खबर है कि 2 मार्च 2026 को केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) की 239वीं बैठक होना है, जिसमें वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पीएफ (PF) जमा पर मिलने वाली ब्याज दर पर अहम निर्णय लिया जा सकता है। इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया करेंगे। वर्तमान में EPF पर 8.25% ब्याज मिलता है। चर्चा है कि आगामी महीनों में पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी में होने वाले चुनावों को देखते हुए ब्याज दर को 8.25% पर बरकरार रख सकता है। अगर ऐसा होता है, तो यह लगातार तीसरा साल होगा जब ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया गया है।  हालांकि यह सब अनुमान हैं, अंतिम फैसला वित्त और श्रम और रोज़गार मंत्रालय की मंजूरी के बाद ही माना जाएगा। फिलहाल सभी विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। इन मुद्दों पर भी हो सकती है चर्चा ईपीएफओ कवरेज के लिए अनिवार्य वेतन सीमा को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 करने के प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है। पीएफ से आंशिक निकासी की प्रक्रियाओं को और सरल बनाने के लिए नए पोर्टल और नियमों की घोषणा की जा सकती है। इनमें EPFO वेबसाइट को अपग्रेड करने के साथ विद्ड्रॉल और क्लेम सेटलमेंट में तेजी जैसे उपाय शामिल हो सकता हैं। हालांकि, अभी तक ईपीएफओ की ओर से अगली बैठक का एजेंडा जारी नहीं किया गया है। इससे पहले सीबीटी की आखिरी बैठक बीते साल 15 अक्तूबर 2025 को हुई थी। क्या है पूरी प्रक्रिया ? सबसे पहले निवेश और लेखा परीक्षा समिति (FIAC) वित्तीय वर्ष के लिए EPFO निवेश पर ब्याज दर तय करने के लिए बैठक करती है और फिर ​CBT बैठक में ब्याज दर की सिफारिश की जाती है। इसके बाद प्रस्ताव को वित्त मंत्रालय के पास भेजा जाता है। मंत्रालय की मंजूरी मिलते ही इसे आधिकारिक तौर पर अधिसूचित किया जाता है और वित्तीय वर्ष के अंत तक ब्याज की राशि सदस्यों के खातों में जमा होनी शुरू हो जाती है। EPFO : कब कितनी रही है ब्याज दर     वित्त मंत्रालय ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO ) द्वारा वित्त वर्ष 2024-25 के लिए ब्याज दर 8.25 फीसदी तय की थी। वित्त वर्ष 2023-24 के लिए ब्याज दर 8.25 प्रतिशत निर्धारित की गई थी, जो 2022-23 में 8.15 प्रतिशत से अधिक है।     इससे पहले 2021-22 में 8.10% 2020-21 EPF दर 8.5 फीसदी (PF Interest Rate), 2018-19 में 8.65 प्रतिशत और 2017-18 में 8.55 प्रतिशत थी।     EPFO ने साल 2023-24 के लिए 1,07,000 करोड़ की इनकम पर 8.25% ब्याज दिया, जो लगभग 13 लाख करोड़ की मूल राशि के आधार पर इसका हाईएस्ट रिटर्न है, जबकि साल 2022-23 में 91,151.66 करोड़ की इनकम पर दिए गए 8.15% से बढ़ोतरी थी।  

पीएफ निवेशकों के लिए खबर: EPFO ब्याज दर पर 11 दिन में फैसला होने वाला

नई दिल्ली कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO वित्त वर्ष 2026 के लिए पीएफ अकाउंट होल्डर्स के लिए ब्याज में संशोधन करके इसे बढ़ाएगा या फिर PF Interest Rate यथावत रहेंगे, इस पर ऐलान महज 11 दिन बाद होने वाला है. इसे लेकर अगले महीने की शुरुआत में 2 मार्च को समिति की अगली बैठक होगी, जिसमें पीएफ ब्याज दर को लेकर अंतिम फैसला लिए जाने की उम्मीद है.  स्थिर रह सकता है ब्याज! बिजनेस टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, 2 मार्च को होने वाली बैठक में PF Interest Rates पर फैसला होने की उम्मीद है.फिलहाल, पीएफ खाते पर सरकार की ओर से 8.25% का ब्याज दिया जा रहा है और ऐसे उम्मीद जताई जा रही है कि EPFO इसे इसी स्तर पर बनाए रख सकता है. अगर ऐसा होता है, तो ये लगातार तीसरी बार होगा, जब मेंबर्स को उनके भविष्य निधि जमा पर 8.25% का ही ब्याज मिलेगा. रिपोर्ट की मानें, तो EPFO ब्याज को स्थिर रखने का उद्देश्य बाजार में उतार-चढ़ाव होने पर भी ग्राहकों को स्थिर और निरंतर ब्याज दर देते रहना है. ईपीएफओ के पास इस फाइनेंशियल ईयर में 8.25% ब्याज दर बनाए रखने के लिए अपने निवेश से पर्याप्त अधिशेष होगा.  मनसुख मंडाविया करेंगे बैठक का नेतृत्व  PF Interest Rate के प्रस्ताव पर ईपीएफओ के सर्वोच्च निर्णय लेने वाले केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) द्वारा चर्चा करते हुए निर्णय लिया जाएगा. इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया करेंगे. इससे पहले सीबीटी की आखिरी बैठक बीते साल 15 अक्तूबर को हुई थी. उसमें कई बड़े ऐलान किए गए थे, जिनमें पीएफ के पैसों की निकासी को आसान आसान बनाने के उद्देश्य से कई सुधारों की घोषणा की थी. सूत्रों के अनुसार, इस बार भी बोर्ड सदस्यों के लिए लेन-देन को सरल बनाने के लिए और अधिक सुधारों पर विचार किया जा सकता है. इनमें EPFO वेबसाइट को अपग्रेड करना, विद्ड्रॉल में तेजी और क्लेम सेटलमेंट में तेजी जैसे उपाय शामिल हो सकता हैं. हालांकि, अभी तक ईपीएफओ की ओर से अगली बैठक का एजेंडा जारी नहीं किया गया है. अगले वित्त वर्ष के लिए ये अनुमान एक्सपर्ट्स का कहना है कि आने वाले सालों में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन को निवेश के नए रास्तों की तलाश करनी पड़ सकती है. मतलब साफ है कि अगर इनकम पर दबाव पड़ता है तो इससे अगले वित्तीय वर्ष से कम रिटर्न पर विचार-विमर्श देखने को मिल सकता है.  ईपीएफओ कहां-कहां करता है निवेश?  गौरतलब है कि EPFO करीब 28 लाख करोड़ रुपये के कोष मैनेज करता है. संगठन नए निवेश का 45 से 65% हिस्सा सरकारी प्रतिभूतियों (Govt Securities) में निवेश करता है. इसके अलावा करीब 20 से 45% अन्य ऋण साधनों (Debt Instruments) में निवेश किया जाता है. वहीं 5 से 15% तक एक्सचेंज-ट्रेडेड फंडों के जरिए इक्विटी में लगाया जाता है, जबकि 5% तक शॉर्ट टर्म कर्ज साधनों में निवेश किया जाता है. निवेश का यह मैनेजमेंट ईपीएफओ बैलेंस को सुरक्षा और रिटर्न के बीच संतुलन बनाने में मदद करता है, क्योंकि अधिकांश रकम अपेक्षाकृत स्थिर ऋण साधनों में ही निवेश की जाती है. इस तरह से आरक्षित कोष उन वर्षों में रिटर्न को सुचारू रखने में मददगार साबित होता है, जबकि निवेश से होने वाली इनकम कम होती है.