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CG के सुकमा में रिश्वतखोरी पर कार्रवाई, 10 हजार लेते BEO गिरफ्तार

सुकमा.

सुकमा के कोंटा में शिक्षा विभाग से जुड़ी एक कार्रवाई ने भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर हलचल मचा दी। एंटी करप्शन ब्यूरो ने खंड शिक्षा अधिकारी चंद्र कुमार यारदा को कथित तौर पर 10 हजार रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया।

आरोप है कि एक शिक्षिका के करीब 16 लाख रुपए के लंबित एरियर्स का बिल आगे बढ़ाने के लिए रिश्वत मांगी गई थी। जानकारी के मुताबिक, शिक्षक मंगलराम की पत्नी वर्ष 1991 में शिक्षिका के पद पर नियुक्त हुई थी। लंबे समय से उनके एरियर्स का मामला लंबित था। शिक्षक के अनुसार पूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद एरियर्स की राशि करीब 16 लाख रुपए बनी। इसके बाद फाइल पर बीईओ के हस्ताक्षर जरूरी थे। शिक्षक जब साइन कराने के लिए बीईओ कार्यालय पहुंचे तो हस्ताक्षर नहीं किए गए।

मंगलराम का कहना है कि वे करीब एक महीने से साइन कराने कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे। इसी दौरान बीईओ द्वारा एरियर्स की राशि में 5 प्रतिशत कमीशन की मांग की गई। कमीशन की रकम करीब 80 हजार रुपए होने के कारण शिक्षक ने मामले की शिकायत ACB के जगदलपुर कार्यालय में की।

शिकायत के सत्यापन के बाद बनाई कार्रवाई की योजना
शिकायत मिलने के बाद ACB ने पहले मामले का सत्यापन कराया। शिकायत सही पाए जाने के बाद टीम ने कार्रवाई की योजना बनाई। बुधवार दोपहर करीब 12 बजे ACB की टीम तीन-चार वाहनों में कोंटा स्थित बीईओ कार्यालय पहुंची। टीम ने शिक्षक को 10 हजार रुपए देने के लिए भेजा। जैसे ही बीईओ चंद्र कुमार यारदा ने रकम ली, ACB की टीम ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान ACB की टीम ने बीईओ कार्यालय में मौजूद दस्तावेजों और रिकॉर्ड की भी जांच की।

टीम द्वारा मामले से जुड़े अन्य कागजात और फाइलों को खंगाला गया। देर शाम तक कार्यालय में कार्रवाई जारी रही। ACB के मुताबिक शिक्षक मंगलराम ने एरियर्स में साइन करने के एवज में अधिकारी द्वारा पैसे मांगने की शिकायत जगदलपुर कार्यालय में की थी। शिकायत के सत्यापन के बाद 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते बीईओ को रंगे हाथ पकड़ा गया है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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