samacharsecretary.com

4 सितंबर राशिफल: शुक्रवार का दिन इन राशियों के लिए रहेगा बेहद शुभ, मां लक्ष्मी करेंगी मेहरबानी

मेष राशि- हाइड्रेटेड रहें और सेल्फ-केयर पर फोकस करें। करियर और फाइनेंशियल लाइफ आज नॉर्मल रहेगी। आज आपको पॉजिटिव एटीट्यूड मेन्टेन करना चाहिए। फिटनेस पर ध्यान दें। वृषभ राशि- आपके दिन की शुरुआत अच्छी होगी लेकिन अंत मध्यम रहेगा। कुछ अप्रत्याशित घटनाएं आपके काम करने की स्पीड को धीमा कर सकती हैं। आप मनमुताबिक परिणाम प्राप्त नहीं कर सकेंगे। मिथुन राशि- खुद को और स्किन को हेल्दी रखने के लिए आपको डाइट में हरी सब्जियां शामिल करनी चाहिए। आज का दिन आपके लिए भाग्यशाली साबित हो सकता है। आपके काम की सराहना होगी। कर्क राशि- तनाव से दूर रहें। नौकरीपेशा लोगों को तरक्की और लाभ देखने को मिल सकता है। व्यवसायियों को अपने खर्चों के प्रति सावधानी बरतनी चाहिए। जीवनसाथी के साथ बहस करने से बचें। सिंह राशि- यह एक सपने के सच होने जैसा दिन होगा। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी और व्यवसायी अपने काम का विस्तार करेंगे और अच्छा मुनाफा हासिल करेंगे। ऑयली फूड से दूरी बनाएं। कन्या राशि- आपको अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए बहुत ज्यादा प्रयास करने पड़ सकते हैं। पार्टनरशिप में व्यवसाय करने वालों में मतभेद हो सकता है, जिससे दरार पड़ सकती है। मेंटल हेल्थ पर ध्यान दें। तुला राशि- करियर में कुछ उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ेगा। आपके खर्चे आसमान नाप सकते हैं। आपको अपनी फाइनेंशियल कंडीशन के प्रति सावधान रहने की जरूरत है। वृश्चिक राशि- व्यवसाय में आर्थिक कमजोरी का अनुभव हो सकता है और कुछ नुकसान होने की भी आशंका है। अपनी एक्सपर्टीज बढ़ाने और कुछ नई स्किल्स सीखने में निवेश करने के लिए यह अच्छा दिन होगा। धनु राशि- आपको खासतौर पर अपने स्वास्थ्य की देखभाल करनी चाहिए। अहंकारी न होने का प्रयास करें और सुझावों के प्रति खुले रहें, भले ही वे आपके जूनियर्स से ही क्यों न आए हों। मकर राशि- आर्थिक स्थिति उम्मीद के मुताबिक रहेगी। आज कुछ अप्रत्याशित खर्चे चीजें बिगाड़ सकते हैं और तनाव का कारण बन सकते हैं। इसलिए तनाव से बचने के लिए सेल्फ केयर पर फोकस करें। कुंभ राशि- परिवार के किसी सदस्य से कोई गुड न्यूज मिल सकती है। कारोबार फलेगा-फूलेगा। इसलिए अच्छे प्रॉफिट की उम्मीद कर सकते हैं। हो सकता है आप पॉलिटिक्स का शिकार हो जाएं। मीन राशि- दिन संतोषजनक रहेगा। आपकी कड़ी मेहनत आपको प्रमोशन दिला सकती है और नया कार्यभार मिलने की भी बड़ी संभावना है। आपको आज सीनियर्स के साथ सावधानी बरतने की जरूरत है।

बेटियों के सम्मानजनक विवाह का सहारा बनी योगी सरकार, सामूहिक विवाह योजना ने पकड़ी रफ्तार

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बेटियों के सम्मानजनक विवाह का मजबूत सहारा बन रही है। योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 17,758 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया जा चुका है। सरकार ने इस वित्तीय वर्ष में प्रदेश में 72,448 सामूहिक विवाह कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। योजना की बढ़ती रफ्तार से बड़ी संख्या में जरूरतमंद परिवारों को विवाह के खर्च की चिंता से राहत मिल रही है। योजना के तहत 72,787 आवेदन प्राप्त हुए हैं। आवेदनों की जांच के बाद 20,042 आवेदन स्वीकृत किए गए, जबकि 7,245 आवेदन अपात्र पाए गए। योगी सरकार का जोर पात्र लाभार्थियों तक योजना का लाभ पारदर्शी तरीके से पहुंचाने पर है। पीलीभीत बना प्रदेश में अव्वल, दूसरे स्थान पर शाहजहांपुर सामूहिक विवाह संपन्न कराने में पीलीभीत प्रदेश में सबसे आगे है। यहां अब तक 1,271 जोड़ों का विवाह कराया जा चुका है। वहीं 1,063 विवाह के साथ शाहजहांपुर दूसरे स्थान पर है। इसके अलावा सुल्तानपुर में 1,040 और रामपुर में 1,031 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया है। जिलों में लगातार आयोजित हो रहे सामूहिक विवाह समारोह योजना को जमीनी स्तर पर गति दे रहे हैं। आर्थिक अभाव किसी बेटी के सम्मानजनक विवाह में बाधा न बने समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का संकल्प है कि आर्थिक अभाव किसी बेटी के सम्मानजनक विवाह में बाधा न बने। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना इसी संकल्प को साकार कर रही है। हमारा प्रयास है कि योजना का लाभ पूरी पारदर्शिता के साथ वास्तविक और पात्र परिवारों तक पहुंचे, जिसके लिए तकनीक के माध्यम से सत्यापन व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। तकनीक से मजबूत हुई सत्यापन व्यवस्था, सीधे खाते में पहुंचेगी सहायता समाज कल्याण विभाग के निदेशक संजीव सिंह ने बताया कि योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए तकनीक का प्रभावी इस्तेमाल किया जा रहा है। आवेदकों के सत्यापन के लिए ई-केवाईसी की व्यवस्था की गई है। वहीं, ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से आय और जाति प्रमाण पत्रों का डिजिटल सत्यापन किया जा रहा है। शीघ्र ही आधार आधारित भुगतान व्यवस्था भी लागू की जाएगी, जिससे अनुदान राशि पात्र लाभार्थी के आधार से जुड़े बैंक खाते में सीधे पहुंच सकेगी। योजना के तहत प्रत्येक जोड़े को 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इसमें 64 हजार रुपये गृहस्थी बसाने, 21 हजार रुपये वैवाहिक उपहार सामग्री और 15 हजार रुपये विवाह समारोह की आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए निर्धारित हैं।

एमवीडी लॉ कॉलेज में गूंजा ‘रंग दे बसंती’, युवाओं ने दिखाई प्रतिभा

लखनऊ  मां वैष्णो देवी एजुकेशनल लॉ कॉलेज में आगामी शिक्षक दिवस के अवसर पर ‘रंग दे बसंती’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जेन-जी के साथ संवाद स्थापित करने के साथ ही उन्हें राजनीतिक जागरूकता, लोकतांत्रिक भागीदारी, नेतृत्व की समझ और आत्म-अभिव्यक्ति के लिए एक संवादात्मक मंच उपलब्ध कराना रहा। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने विभिन्न प्रतियोगिताओं और गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। आने वाले दिनों में प्रदेश के हर कैंपस में कंटेंट क्रिएटर्स के लिए ऐसे ही अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान छात्रों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर संवाद किया गया। राजनीतिक जागरूकता और लोकतांत्रिक भागीदारी को लेकर युवाओं की राय और धारणाओं को समझने का प्रयास किया गया। राजनीतिक क्विज और भाषण जैसी गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को स्वतंत्र रूप से अपनी बात रखने के लिए प्रोत्साहित किया गया। साथ ही उन्हें मतदान करने और जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाने का संदेश दिया गया। शिक्षा, युवा भागीदारी जैसे मुद्दों पर साझा किए विचार ‘रंग दे बसंती’ टीम की ओर से युवाओं के साथ संवाद करते हुए उनके विचारों, आकांक्षाओं और समकालीन मुद्दों पर चर्चा की गई। चंद्रभूषण ने कॉलेज के प्राचार्य का साक्षात्कार लिया और जेन-जी से जुड़े विभिन्न मुद्दों एवं उनकी चिंताओं पर बातचीत की। इस दौरान शिक्षा, नेतृत्व, युवाओं की भागीदारी और बदलते सामाजिक परिवेश जैसे विषयों पर विचार साझा किए गए। कार्यक्रम में छात्र कंटेंट क्रिएटर्स को भी विशेष रूप से प्रोत्साहित किया गया। टीम की सदस्य अविका सिंह ने कॉलेज के कंटेंट क्रिएटर्स से संवाद कर कंटेंट निर्माण के अवसरों, इसके लाभ और संभावित प्रोत्साहनों की जानकारी दी। आयोजन में विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मक क्षमता पहचानने और उसे सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया। इससे छात्रों को पढ़ाई के साथ अपनी रचनात्मक प्रतिभा को मंच देने का अवसर भी मिला। आगामी शिक्षक दिवस के संदर्भ में आयोजित इस कार्यक्रम में शैक्षिक गतिविधियों में शिक्षकों के योगदान को भी विभिन्न प्रतियोगिताओं और संवाद के माध्यम से रेखांकित किया गया। इस दौरान कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. विजय शंकर पांडे, अधिवक्ता प्रभात सिंह समेत अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे। कार्यक्रम में विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इससे विद्यार्थियों में उत्साह बढ़ा और उन्हें अपनी प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन मिला। कार्यक्रम के दौरान ‘रंग दे बसंती’ टीम ने छात्र-छात्राओं की प्रतिभा को पहचानते हुए उन्हें अभियान से जुड़ने के लिए आमंत्रित किया।  प्रदेश स्तर पर होगा विस्तार टीम के सदस्यों अविका सिंह, स्नेहा सिंह, चंद्रभूषण बारोड़ और विशाल तिवारी ने बताया कि ‘रंग दे बसंती’ के माध्यम से पहले भी प्रयागराज, लखनऊ, मुजफ्फरनगर, मेरठ और अयोध्या समेत विभिन्न जनपदों में कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के मंच उपलब्ध कराए गए हैं। आने वाले समय में टीम प्रदेश के सभी जनपदों तक पहुंचने और विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को संवाद, रचनात्मकता और आत्म-अभिव्यक्ति के अधिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम करेगी। रंग दे बसंती का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के युवाओं को अपनी प्रतिभा और विचारों को कलात्मक रूप से सामने लाने के लिए एक मजबूत मंच उपलब्ध कराना है। आने वाले समय में प्रदेश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों और कैंपस में ऐसे कार्यक्रमों का विस्तार किया जाएगा, ताकि हर कैंपस से युवा कंटेट क्रिएटर्स और प्रतिभाएं सामने आ सकें।

सहसपुर लोहारा के हिमांशु देवांगन ने मेडिकल कॉलेज के प्रथम सत्र में लिया प्रवेश, बना गौरव का अवसर

रायपुर उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक  विजय शर्मा ने कवर्धा मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लेने वाले जिले के प्रथम छात्र सहसपुर लोहारा निवासी  हिमांशु देवांगन से महानदी भवन नवा रायपुर से फोन पर बातचीत कर उन्हें बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। कवर्धा मेडिकल कॉलेज में इसी शैक्षणिक सत्र से 50 एमबीबीएस सीटों के साथ चिकित्सा शिक्षा की शुरुआत हो रही है और संयोग से कॉलेज के प्रथम सत्र में प्रवेश लेने वाला छात्र कवर्धा जिले का ही निवासी है। जिले के लिए यह गौरव का विषय है कि कवर्धा में चिकित्सा शिक्षा के नए अध्याय की शुरुआत जिले के ही प्रतिभावान विद्यार्थी के प्रवेश के साथ हुई है। *हिमांशु देवांगन ने नीट की तैयारी के लिए भिलाई में कोचिंग ली*  उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने छात्र से बातचीत के दौरान उसकी स्कूली शिक्षा, नीट परीक्षा की तैयारी और मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के लिए हुई काउंसलिंग प्रक्रिया के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। हिमांशु ने बताया कि उसने कक्षा 12वीं में 83 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं तथा नीट परीक्षा में 512 अंक हासिल किए। नीट की तैयारी के लिए उसने भिलाई में कोचिंग भी ली। बातचीत के दौरान छात्र ने मेडिकल शिक्षा को लेकर अपनी रुचि और आगे की पढ़ाई के संबंध में भी जानकारी साझा की। *मेडिकल कॉलेज में प्रवेश एक महत्वपूर्ण उपलब्धि*  उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने हिमांशु का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज में प्रवेश एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। अब पूरी लगन, मेहनत और अनुशासन के साथ पढ़ाई करते हुए अपने उज्ज्वल भविष्य की दिशा में आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि अपनी मेहनत और उपलब्धियों से माता-पिता एवं परिवार के सपनों को पूरा करने के साथ जिले का नाम भी रोशन करें। उप मुख्यमंत्री ने हिमांशु को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि डॉक्टर के रूप में शिक्षा पूरी करने के बाद अच्छे संस्थानों और अस्पतालों में कार्य कर अनुभव प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के साथ अपने क्षेत्र और समाज के प्रति जिम्मेदारी का भाव भी बनाए रखें। अपनी शिक्षा और अनुभव का उपयोग जरूरतमंद लोगों की सेवा के लिए करने का प्रयास करें, ताकि आपकी सफलता का लाभ समाज और स्थानीय लोगों तक भी पहुंच सके। *उप मुख्यमंत्री की विशेष पहल से इसी सत्र में शुरू हो रहा मेडिकल कॉलेज* उल्लेखनीय है कि उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा की विशेष पहल से कवर्धा मेडिकल कॉलेज का संचालन इसी शैक्षणिक सत्र से 50 एमबीबीएस सीटों के साथ प्रारंभ हो रहा है। मेडिकल कॉलेज की शुरुआत से कवर्धा जिले और आसपास के क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का नया अवसर उपलब्ध हुआ है। अब विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा के लिए अन्य बड़े शहरों पर निर्भरता कम होगी और जिले में ही मेडिकल शिक्षा की सुविधा उपलब्ध होगी। मेडिकल कॉलेज के पहले सत्र में प्रवेश लेने वाला छात्र भी कवर्धा जिले के सहसपुर लोहारा का रहने वाला है। यह जिले के लिए गर्व की बात है कि कवर्धा में मेडिकल कॉलेज की शुरुआत जिले के ही विद्यार्थी के प्रवेश से हुई है।

‘योगी बाबा आयो हैं और 1051 करोड़ लायो हैं’, विधायक श्रीकांत शर्मा ने गिनाए ब्रज के विकास कार्य

मथुरा  गुरुवार को विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम में पूर्व मंत्री एवं भाजपा विधायक श्रीकांत शर्मा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्वागत और अभिनंदन करते हुए 2017 के बाद ब्रज में हुए विकास कार्यों को गिनाया। उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत ब्रज के अंदाज में करते हुए कहा कि योगी बाबा आयो हैं और 1051 करोड़ लायो हैं।  मथुरा-वृंदावन में पुल और सड़कों का जिक्र भाजपा विधायक श्रीकांत शर्मा कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में ब्रज ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में यमुना और गंगा की तरह विकास का प्रवाह लगातार तेज गति से जारी है। वर्ष 2017 से पहले ब्रज की हालत बहुत खराब थी। जहां घुटनों तक कीचड़ होता था, वहां अब खड़ंजा बन गया है। जहां गड्ढे होते थे, वहां इंटरलॉकिंग हो गई है और जहां सड़कों पर गड्ढे ही गड्ढे थे, वहां मजबूत सड़कें बन गई हैं। पहले यमुना पार जाने के लिए ब्रजवासियों के पास एक ही पुल था, लेकिन अब तीन पुल उपलब्ध हैं। मथुरा में लक्ष्मी नगर के पास पुल और वृंदावन में दो पुल बनाए गए हैं।   भाजपा विधायक ने कहा कि पहले मथुरा से वृंदावन जब शाम को आते थे तो 9 बजे के बाद दूधियों से दूध की कैन और साइकिल तक छीन ली जाती थी। अब मथुरा के भूतेश्वर से रंगजी मंदिर तक चौड़ी सड़क बन गई है और रात में दूधिया रोशनी से पूरा मार्ग जगमगाता है। उन्होंने भूतेश्वर से गोवर्धन चौराहा और गोवर्धन होते हुए डींग बॉर्डर तक सड़क निर्माण का भी जिक्र किया। कहा कि 2017 से पहले इन मार्गों पर जगह-जगह बड़े गड्ढे थे और मोटरसाइकिल-साइकिल सवार गिर जाते थे। आज बेहतर सड़कों के कारण आवागमन सुगम हुआ है। यमुना में गिर रहे 36 नालों में से 32 टैप किए जा चुके श्रीकांत शर्मा ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले मथुरा-वृंदावन के 36 नाले सीधे यमुना में गिरते थे, लेकिन अब इनमें से 32 नाले बंद किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में केवल चार नाले यमुना में गिर रहे हैं और ये चारों भी अक्टूबर तक पूरी तरह टैप कर दिए जाएंगे। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि 70 सालों में कुछ नहीं किया, जबकि 2017 से 2022 के बीच 36 में से 32 नालों को बंद किया गया। भाजपा विधायक ने जवाहर बाग का जिक्र करते हुए कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जवाहर बाग पर कब्जे को लेकर हुई घटना कलंक है, जिसे लोगों को समय-समय पर याद दिलाते रहना चाहिए। आज जवाहर बाग को देखकर लोग खुद इसकी बदली तस्वीर देख सकते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने पूरे ब्रज 84 कोस क्षेत्र में यात्रा के पड़ाव स्थलों को विकसित करने का काम भी किया है।

जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि का दर्शन करेंगे मुख्यमंत्री

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जन्माष्टमी पर शुक्रवार की सुबह मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि में दर्शन-पूजन करेंगे। मुख्यमंत्री शाम को लखनऊ पुलिस लाइन और देर रात्रि गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में होने वाले जन्माष्टमी आयोजनों में भी शामिल होंगे।  मुख्यमंत्री शुक्रवार सुबह श्रीकृष्ण जन्मभूमि जाएंगे। वह परिसर में गोपूजन करेंगे। इसके पश्चात दर्शन-पूजन कर लीलाधारी भगवान के चरणों में श्रद्धा निवेदित करेंगे। मुख्यमंत्री लखनऊ पुलिस लाइन में शाम को होने वाले श्रीकृष्ण जन्मोत्सव कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। पुलिस आयुक्त तरुण गाबा ने बताया कि मुख्यमंत्री यहां मंदिर में झांकी दर्शन करेंगे। यहां भक्ति से ओतप्रोत अनेक कार्यक्रम भी होंगे। मुख्यमंत्री आध्यात्मिक सांस्कृतिक कार्यक्रम के जरिये भक्ति सरिता का आनंद उठाएंगे।  इसके पश्चात देर रात्रि गोरखनाथ मंदिर गोरखपुर में होने वाले श्रीकृष्ण जन्मोत्सव समारोह में भी गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सम्मिलित होंगे। गोरखनाथ मंदिर में भजनों के बीच भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य के बाद गोरक्षपीठाधीश्वर उनके बालरूप को पालने में झुलाएंगे।  गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ ने बताया कि महंत दिग्विजय नाथ स्मृति भवन में भजनों की प्रस्तुति रात 11:30 बजे तक अनवरत होगी। भजन संध्या के दौरान ही गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्रीकृष्ण जन्मोत्सव समारोह में सम्मिलित होंगे। यहां भजन सुनने के साथ ही वह बच्चों को खिलौने और चॉकलेट भी भेंट करेंगे। इस अवसर पर श्रीकृष्ण बालरूप सज्जा प्रतियोगिता भी होगी।  रात 11.30 बजे गोरक्षपीठाधीश्वर गोरखनाथ मंदिर के गर्भगृह में पूजा-अर्चना करने पहुंचेंगे। रात 12 बजते ही वैदिक मंत्रोच्चार के बीच वह मंदिर के गर्भगृह में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाएंगे। इसके बाद वह श्रीकृष्ण के बालरूप को पालने में झुलाएंगे।

जल संसाधन विभाग द्वारा सिंचाई योजनाओं के 36 कार्यों के लिए 146.43 करोड़ रूपए स्वीकृत

रायपुर छत्तीसगढ़ शासन जल संसाधन विभाग द्वारा अपरीक्षित नवीन मद के अंतर्गत विभिन्न सिंचाई योजनाओं के 36 कार्यों के लिए 146 करोड 43 लाख 95 हजाऱ रूपए स्वीकृत किए गए है।  स्वीकृत कार्यों में मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के अंतर्गत खरला एनीकट योजना कार्य के लिए 4 करोड़ 69 लाख हजार 73 रूपए स्वीकृत किए है। प्रस्तावित कार्यों के होने पर क्षेत्र में 90 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा होगी। झिरियानाला स्टापडेम योजना के कार्य के लिए 3 करोड 87 लाख 17 हजार रूपए, योजना के कार्य पूर्ण होने पर 90 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। खटम्बर व्यपवर्तन योजना के नहर उन्नयन एवं सीसी चौनल निर्माण कार्य के लिए 4 करोड 93 लाख 08 हजार रूपए स्वीकृत किए है। योजना के कार्य होने पर 296 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। कोडांगी व्यपवर्तन योजना के नहरों का जीर्णाेद्धार कार्य के लिए 3 करोड 38 लाख 72 हजार रूपए स्वीकृत किए है। योजना के कार्य पूर्ण होने पर 92 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। कौड़िया एनीकट योजना कार्य के लिए 4 करोड 50 लाख 99 हजाररूपए स्वीकृत किए है। योजना के कार्य पूर्ण होने पर 70 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। गुडरू व्यपवर्तन योजना के शीर्ष एवं नहर उन्नयन कार्य के लिए 4 करोड 99 लाख 15 हजार रूपए स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना के कार्य पूर्ण होने पर 179 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। कोरिया जिले के सलबा जलाशय में बांध एवं नहर उन्नयन कार्य के लिए 2 करोड 19 लाख 97 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्य पूर्ण होने पर 59 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। चम्पाझर जलाशय में नहर उन्नयन कार्य के लिए 1 करोड़ 95 लाख 99 हजार रूपए स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना से 61 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। मुरमा जलाशय में बांध एवं नहर उन्नयन कार्य के लिए 4 करोड़ 42 लाख 12 हजार रूपए स्वीकृति प्रदान की गई है। सूरजपुर जिले के कल्याणपुर जलाशय योजना का नवीनीकरण कार्य के लिए 3 करोड़ 89 लाख 48 हजार रूपए स्वीकृति दी गई है। योजना के कार्य पूर्ण होने पर 86 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। बद्रिकाश्रम जलाशय योजना नवीनीकरण कार्य के लिए 4 करोड़ 43 लाख 38 हजार रूपए स्वीकृत किए है। योजना के कार्य पूर्ण होने पर 29 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। पसला जलाशय योजना का नवीनीकरण कार्य के लिए 4 करोड़ 06 लाख 22 हजार रूपए स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना के कार्य पूर्ण होने पर 76 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। जामडीह जलाशय योजना का नवीनीकरण कार्य के लिए 3 करोड़ 23 लाख 45 हजार रूपए  स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना के कार्य पूर्ण होने पर 61 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी।  सूरजपुर जिले के ही गंगोटी जलाशय योजना का नवीनीकरण कार्य के लिए 4 करोड़ 72 लाख 18 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्य पूर्ण होने पर 96 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। डांडकरवां एनीकट योजना कार्य के लिए 4 करोड़ 09 लाख 75 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्य पूर्ण होने पर 70 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। मायापुर-2 जलाशय योजना कार्य के लिए 4 करोड़ 70 लाख 88 हजार रूपए स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना के कार्य पूर्ण होने पर 100 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी।  बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के चरगढ़ नाला स्टापडेम निर्माण कार्य के लिए 2 करोड़ 67 लाख 53 हजार रूपए स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना के कार्य पूर्ण होने पर 45 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। कामेश्वरनगर जलाशय 02 योजना का जीर्णाेद्धार कार्य के लिए 3 करोड़ 91 लाख 32 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्य पूर्ण होने पर 215 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। बाहरचुरा बांध का जीर्णोंद्वार एवं नहर मरम्मत कार्य के लिए 3 करोड़ 96 लाख 12 हजार रूपए स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना के कार्य पूर्ण होने पर 70 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी।  जरहाडी नाला में एनीकट योजना कार्य के लिए 3 करोड़ 06 लाख 09 हजार रूपए स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना के कार्य पूर्ण होने पर 100 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। अलखडीहा जलाशय योजना का निर्माण कार्य के लिए 4 करोड़ 31 लाख 83 हजार रूपए स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना के कार्य पूर्ण होने पर 130 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। भुरसाटोली जलाशय योजना कार्य के लिए 2 करोड़ 98 लाख 67 हजार रूपए स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना के कार्य पूर्ण होने पर 50 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। सरगुजा जिले के बोदार नाला स्टापडेम कम काजवे निर्माण कार्य के लिए 3 करोड़ 81 लाख 85 हजार रूपए स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना के कार्य पूर्ण होने पर 80 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। बकमेर स्टापडेम कम काजवे निर्माण कार्य के लिए 4 करोड़ 81 लाख रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्य पूर्ण होने पर 125 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। चन्दनई व्यपवर्तन योजना का नवीनीकरण कार्य के लिए 4 करोड़ 98 लाख 05 हजार रूपए स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना के कार्य पूर्ण होने पर 200 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। कंचनपुर जलाशय योजना के नहर का जीर्णाेद्धार कार्य के लिए 4 करोड़ 62 लाख 03 हजार रूपए स्वीकृत किए है। योजना के कार्य पूर्ण होने पर 150 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। लेदराडांड करोवापारा में व्यपवर्तन योजना कार्य 4 करोड़ 43 लाख 56 हजार रूपए स्वीकृत किए है। योजना के कार्य पूर्ण होने पर 125 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। मांड नदी भण्डारडांड में एनीकट निर्माण कार्य के लिए 4 करोड़ 95 लाख 73 हजार रूपए स्वीकृत किए है। योजना के कार्य पूर्ण होने पर 100 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। सरमना में सिंचाई सुधार व विस्तार एनीकट निर्माण कार्य के लिए 4 करोड़ 94 लाख 29 हजार रूपए स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना के कार्य पूर्ण होने पर 125 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। जशपुर जिले के लुखी जलाशय योजना के निर्माण कार्य के लिए 4 करोड़ 99 लाख 63 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्य पूर्ण … Read more

वार्ड 59 की हजारों GenZ बहनों ने मंत्री सारंग को बांधे रक्षासूत्र

भोपाल  सहकारिता, खेल और युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग को गुरुवार को वार्ड क्रमांक 59 एवं 76 में आयोजित विश्व के सबसे बड़े नरेला रक्षाबंधन महोत्सव के तीसरे दिन 29 हज़ार 179 बहनों ने राखी बांधी। कार्यक्रम स्थल आगमन पर स्थानीय नागरिकों व कार्यकर्ताओं द्वारा मंत्री  सारंग का भव्य स्वागत किया। मंत्री  सारंग ने भी कार्यक्रम में पधारीं बहनों का पुष्पवर्षा कर आत्मीय स्वागत किया। वार्ड क्रमांक 59 की हजारों GenZ बहनों ने भी मंत्री  विश्वास सारंग को रक्षासूत्र बांधकर आशीर्वाद दिया। कार्यक्रम में पधारीं प्रत्येक बहन से मंत्री  सारंग ने राखी बंधवाई और उनका आशीर्वाद लिया। मंत्री  सारंग ने बहनों को संबोधित करते हुए कहा कि रक्षाबंधन केवल एक पर्व नहीं बल्कि भाई-बहन के अटूट स्नेह और विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि नरेला रक्षाबंधन महोत्सव इसी आत्मीय रिश्ते का जीवंत उत्सव है। आगे उन्होंने कहा कि भाई-बहन का यह रिश्ता जिंदगी भर कायम रहेगा। वार्ड 59 की GenZ बहनों ने बांधी राखी नरेला रक्षाबंधन महोत्सव के तीसरे दिन वार्ड क्रमांक 59 में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जेन ज़ी यानी युवा पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करने वाली बहनों ने मंत्री  विश्वास सारंग को राखी बांधकर आशीर्वाद दिया। भाई-बहन का यह रिश्ता जिंदगी भर कायम रहेगा मंत्री  सारंग ने कहा कि वर्ष 2009 से प्रारंभ हुआ रक्षाबंधन महोत्सव बहनों के अटूट स्नेह और विश्वास से अविराम जारी है। उन्होंने कहा कि नरेला विधानसभा नहीं बल्कि नरेला परिवार है। इस परिवार की बहनों ने जिस विश्वास और स्नेह से मुझे अपना भाई माना है, वह मेरे लिए सबसे बड़ी पूंजी है। भाई-बहन का यह रिश्ता जिंदगी भर कायम रहेगा। दूसरे दिन 36 हज़ार 854 बहनों ने बांधे रक्षासूत्र मंत्री  सारंग को नरेला रक्षाबंधन महोत्सव-2026 के दूसरे दिन 36 हज़ार 854 बहनों ने रक्षासूत्र बांधकर आशीर्वाद प्रदान किया। पिछले वर्ष 1 लाख 84 हजार 632 बहनों ने मंत्री  सारंग को रक्षासूत्र बांधा था। इस वर्ष भी बहनों के उत्साह और सहभागिता को देखते हुए पिछले वर्ष का रिकॉर्ड टूटने की संभावना है। 5 सितंबर को यहां होंगे कार्यक्रम दिनांक 5 सितंबर 2026 को वार्ड क्रमांक 71 (दोप 02:00 बजे) एवं वार्ड क्रमांक 79 (शाम 04:00 बजे) में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यहां भी हजारों की संख्या में बहनें मंत्री  विश्वास सारंग को रक्षासूत्र बांधेंगी।

बीमारू मानसिकता से बाहर निकला प्रदेश, अब देश की अर्थव्यवस्था को गति देने वाला राज्य: सीएम योगी

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने पिछले वर्षों में अपनी चुनौतियों को अवसर में बदलते हुए विकास की नई दिशा तय की है। कभी बीमारू प्रदेश की छवि से देखा जाने वाला उत्तर प्रदेश आज कानून-व्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश, रोजगार, कृषि, शिक्षा और धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने आस्था को अर्थव्यवस्था, स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार, शिक्षा को रोजगार और बेहतर कनेक्टिविटी को निवेश से जोड़ने का काम किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को मथुरा में पंचायत आज तक कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कानून-व्यवस्था, रोजगार, भर्ती व्यवस्था, शिक्षा, कृषि, गन्ना भुगतान, ओडीओपी, एमएसएमई, महिला स्वयं सहायता समूह, धार्मिक पर्यटन, निवेश, निर्यात, इंफ्रास्ट्रक्चर, एक्सप्रेसवे, मेट्रो, एयरपोर्ट, कांवड़ यात्रा और युवाओं के कौशल विकास जैसे मुद्दों पर चर्चा की। 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी, निवेश से करीब 65 लाख रोजगार मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा आबादी, उपजाऊ भूमि, विशाल बाजार, धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत और उद्यमशीलता है। सरकार ने इन संसाधनों को एक साथ जोड़कर विकास का ऐसा मॉडल तैयार करने का प्रयास किया है, जिसका सीधा लाभ गांव, किसान, कारीगर, महिला स्वयं सहायता समूह, युवा और छोटे उद्यमियों तक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार सरकार की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल है इसलिए डबल इंजन सरकार ने यूपी में 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी। भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और आरक्षण व्यवस्था का पालन किया गया है। पेपर लीक और नकल के खिलाफ सख्त कानून का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था को प्रभावित करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है। कानून का राज बना विकास की पहली शर्त, कैराना का दिया उदाहरण मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार का दायरा केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं है। निवेश के माध्यम से करीब 65 लाख युवाओं को रोजगार मिलने का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि एमएसएमई और ओडीओपी से 3.25 करोड़ से अधिक लोग जुड़े हैं। प्रत्येक जिले में सरदार वल्लभभाई पटेल स्किलिंग एंड एम्प्लॉयमेंट जोन विकसित करने की योजना का भी उन्होंने उल्लेख किया। विकास और निवेश के लिए सबसे जरूरी शर्त कानून का राज है। कैराना का उदाहरण देते हुए सीएम ने कहा कि जिस क्षेत्र में कभी पलायन की चर्चा होती थी, वहां अब परिस्थितियां बदली हैं। सुरक्षा का वातावरण बनने से लोगों में भरोसा बढ़ा है और प्रदेश निवेश के लिए अधिक अनुकूल हुआ है।  आस्था बनी स्थानीय अर्थव्यवस्था की ताकत, ब्रज में करीब 11 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे मुख्यमंत्री ने धार्मिक पर्यटन को रोजगार और स्थानीय कारोबार से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु जब किसी धार्मिक स्थल पर पहुंचता है तो वह फूल-माला, प्रसाद और स्थानीय उत्पाद खरीदता है, रिक्शा-टैक्सी का इस्तेमाल करता है, होटल और रेस्टोरेंट में ठहरता है। इससे एक व्यक्ति का धार्मिक भ्रमण कई परिवारों की आजीविका का आधार बनता है। ब्रज क्षेत्र का उदाहरण देते हुए उन्होंने जन्माष्टमी, बरसाना की होली, ब्रज राज महोत्सव, गोवर्धन की पंचकोसी और 84 कोसी परिक्रमा का जिक्र किया। पिछले वर्ष करीब 11 करोड़ श्रद्धालु ब्रज क्षेत्र पहुंचे। उन्होंने अयोध्या, काशी, मथुरा-वृंदावन, बरसाना, गोकुल, गोवर्धन और शुक्रतीर्थ के साथ बौद्ध व जैन स्थलों को भी पर्यटन अर्थव्यवस्था से जोड़ने की बात कही। ओडीओपी ने गांव-कस्बों के हुनर को दिया बाजार, निर्यात बढ़ाने पर जोर सीएम ने एक जिला, एक उत्पाद को स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की अहम पहल बताया। उन्होंने कहा कि पहले बाजार और सुविधाओं के अभाव में बड़ी संख्या में कारीगर और छोटे उद्यमी पलायन कर रहे थे। ओडीओपी के माध्यम से जिलों के पारंपरिक उत्पादों की पहचान कर उन्हें बाजार, तकनीक, पैकेजिंग, डिजाइन और कनेक्टिविटी से जोड़ा गया। फिरोजाबाद का कांच, मुरादाबाद का पीतल, अलीगढ़ का हार्डवेयर, लखनऊ की चिकनकारी, मेरठ के खेल उत्पाद, सहारनपुर का लकड़ी का काम, भदोही की कालीन, वाराणसी की साड़ी, गोरखपुर की टेराकोटा और सिद्धार्थनगर के काला नमक चावल का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय उत्पाद अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच रहे हैं।  गन्ना किसानों के भुगतान में तेजी, 122 चीनी मिलों का संचालन कृषि क्षेत्र को प्रदेश की अर्थव्यवस्था का आधार बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की कृषि क्षमता देश के लिए महत्वपूर्ण है। प्रदेश की कृषि विकास दर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और करीब 11 प्रतिशत कृषि योग्य भूमि होने के बावजूद देश के खाद्यान्न उत्पादन में प्रदेश की हिस्सेदारी करीब 21 प्रतिशत है। सीएम ने गन्ना किसानों के भुगतान का उल्लेख करते हुए कहा करीब 3.26 लाख करोड़ रुपये के गन्ना मूल्य भुगतान किया। गन्ने का मूल्य 400 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचने की बात कहते हुए कहा कि वर्तमान में 122 चीनी मिलें संचालित हैं साढ़े नौ साल में कोई चीनी मिल बंद नहीं हुई। 110 चीनी मिलों द्वारा चौथे दिन तक भुगतान किया जाता है। ड्रॉपआउट दर 19-20 से घटकर अब तीन प्रतिशत से भी कम शिक्षा व्यवस्था में बदलाव को मुख्यमंत्री ने प्रदेश के भविष्य से जोड़ा। 2017 से पहले स्कूलों में शौचालय, पेयजल, भवन, फर्नीचर और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी थी। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत 1.46 लाख बेसिक शिक्षा स्कूलों में से 1.36 लाख स्कूलों में सुविधाओं को बेहतर किए जाने के बारे में बताया। करीब 1.60 करोड़ बच्चों को दो यूनिफॉर्म, बैग, किताबें, जूते, मोजे और स्वेटर उपलब्ध कराने का जिक्र करते हुए कहा कि स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से बच्चों के स्कूल छोड़ने की दर में कमी आई है। ड्रॉपआउट दर 19-20 प्रतिशत से घटकर तीन प्रतिशत से भी कम हुई। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को कक्षा आठ के बजाय कक्षा 12 तक विस्तार देने, मुख्यमंत्री कंपोजिट स्कूलों और अटल आवासीय विद्यालयों जैसे मॉडल विकसित करने की बात भी उन्होंने कही। एक्सप्रेसवे, मेट्रो, एयरपोर्ट और जलमार्ग से निवेश को गति मुख्यमंत्री ने इंफ्रास्ट्रक्चर को प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ है और देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क में प्रदेश की हिस्सेदारी करीब 16 प्रतिशत है। सात शहरों में मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था तथा आरआरटीएस का जिक्र करते हुए उन्होंने कनेक्टिविटी में सुधार को बड़ी उपलब्धि बताया। वाराणसी से हल्दिया तक … Read more

“एक सप्ताह देश के नाम” अभियान की समीक्षा की

भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि चिकित्सा शिक्षा का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को बेहतर चिकित्सकीय ज्ञान और कौशल प्रदान करना नहीं है, बल्कि उनके भीतर सेवा, संवेदनशीलता, मानवीय मूल्यों और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी उतना ही आवश्यक है। युवा चिकित्सकों के व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाकर उन्हें मरीज और उसके परिवार की भावनाओं को समझने वाला संवेदनशील चिकित्सक बनाना समय की आवश्यकता है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि इसी उद्देश्य से मध्यप्रदेश शासन ने सेवांकुर भारत के साथ एमओयू किया है। सेवांकुर भारत मेडिकल विद्यार्थियों के बीच कार्य करने वाली संस्था है, जो वर्तमान में देश के 200 से अधिक मेडिकल कॉलेजों और 17 हजार से अधिक विद्यार्थियों से जुड़ी है। संस्था विद्यार्थियों में सेवा, नेतृत्व, संवेदनशीलता और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के लिए कार्य कर रही है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने मंत्रालय में “एक सप्ताह देश के नाम" अभियान की समीक्षा की। मरीज के लिए डॉक्टर का व्यवहार भी उपचार का हिस्सा उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि डॉक्टर की मुस्कान, उसका व्यवहार और मरीज के प्रति संवेदनशील संवाद कई बार उपचार की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जब कोई मरीज या उसका परिवार कठिन परिस्थिति में अस्पताल पहुंचता है, तो वह डॉक्टर की ओर आशा और विश्वास से देखता है। ऐसे समय में चिकित्सक का सहयोग, आत्मीय व्यवहार और भरोसा देने वाला संवाद मरीज के मन में सकारात्मक ऊर्जा और उपचार के प्रति विश्वास पैदा करता है।उन्होंने कहा कि चिकित्सक का अच्छा व्यवहार केवल शिष्टाचार नहीं, बल्कि चिकित्सा सेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए युवा चिकित्सकों के व्यक्तित्व में संवेदना और सेवा-भाव का विकास उनकी मेडिकल शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा होना चाहिए। ग्रामीण भारत को करीब से समझें युवा चिकित्सक उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि "एक सप्ताह देश के नाम" अभियान इस दिशा में महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है। इसके माध्यम से मेडिकल विद्यार्थियों और युवा चिकित्सकों को समाज के विभिन्न वर्गों, विशेषकर ग्रामीण एवं वंचित क्षेत्रों के लोगों के बीच जाकर उनके जीवन और परिस्थितियों को करीब से समझने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि जब विद्यार्थी ग्रामीण भारत को नजदीक से देखेंगे, वहां की सामाजिक एवं आर्थिक परिस्थितियों, स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों और लोगों की अपेक्षाओं को समझेंगे, तो उनके भीतर मरीजों के प्रति सहानुभूति के साथ-साथ वास्तविक संवेदनशीलता और सेवा की दृष्टि विकसित होगी। यह अनुभव उन्हें भविष्य में अधिक जिम्मेदारी और मानवीय दृष्टिकोण के साथ चिकित्सा सेवा करने के लिए प्रेरित करेगा। मेडिकल कॉलेजों की संख्या और सीटें बढ़ाने के साथ संस्कार भी जरूरी उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ाने के साथ मेडिकल सीटों में वृद्धि और चिकित्सकों की भर्ती पर भी निरंतर कार्य कर रही है। आने वाले समय में बड़ी संख्या में युवा चिकित्सा क्षेत्र में प्रवेश करेंगे। ऐसे में यह सुनिश्चित करना भी आवश्यक है कि चिकित्सा क्षेत्र में आने वाली नई पीढ़ी ज्ञान और तकनीकी दक्षता के साथ सेवा एवं मानवीय मूल्यों से भी समृद्ध हो। उन्होंने कहा कि आज के मेडिकल विद्यार्थी ही कल के चिकित्सक और स्वास्थ्य व्यवस्था के महत्वपूर्ण स्तंभ होंगे। इसलिए उनके प्रशिक्षण के दौरान समाज से उनका जुड़ाव बढ़ाना और उन्हें सेवा के विभिन्न अवसरों से परिचित कराना दीर्घकालीन रूप से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाएगा। प्रत्येक मेडिकल कॉलेज में अभियान को आगे बढ़ाने के निर्देश उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों के अधिष्ठाताओं से अपेक्षा की कि सेवांकुर भारत के साथ हुए एमओयू को प्रभावी और सतत पहल के रूप में आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक मेडिकल कॉलेज में एक कॉलेज प्रतिनिधि नामित किया जाए। सेवांकुर भारत का परिचयात्मक सत्र आयोजित कर विद्यार्थियों को संस्था के उद्देश्यों एवं गतिविधियों की जानकारी दी जाए। इच्छुक विद्यार्थियों को "एक सप्ताह देश के नाम" अभियान से स्वैच्छिक रूप से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जाए।चयनित विद्यार्थियों के ओरिएंटेशन एवं कार्यक्रम के समन्वय में मेडिकल कॉलेज आवश्यक सहयोग प्रदान करें। सेवांकुर भारत और मेडिकल कॉलेजों के बीच निरंतर एवं सार्थक सहयोग विकसित किया जाए। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वयं सेवांकुर भारत के साथ एमओयू की पहल की है। इसका उद्देश्य चिकित्सा क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाना तथा चिकित्सा शिक्षा को समाज और सेवा से अधिक मजबूती से जोड़ना है। इसलिए सभी मेडिकल कॉलेज इस पहल को सक्रियता से अपनाएं और इसके उद्देश्यों को सफल बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। सेवा के संस्कार से तैयार होगी संवेदनशील चिकित्सकों की नई पीढ़ी उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि मध्यप्रदेश में ऐसी चिकित्सक पीढ़ी तैयार हो, जिसकी पहचान केवल उसकी चिकित्सा विशेषज्ञता से नहीं, बल्कि उसकी सेवा भावना, संवेदनशील व्यवहार और सामाजिक जिम्मेदारी से भी हो। उन्होंने कहा कि मरीज के प्रति संवेदनशीलता, ग्रामीण और वंचित समाज की परिस्थितियों की समझ तथा सेवा का भाव युवा चिकित्सकों के व्यक्तित्व का स्वाभाविक हिस्सा बने—यही इस पहल की वास्तविक सफलता होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मेडिकल कॉलेजों और सेवांकुर भारत के निरंतर सहयोग से मध्यप्रदेश में चिकित्सा सेवा को और अधिक मानवीय एवं समाजोन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण सफलता मिलेगी। बैठक में प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  सुखवीर सिंह, आयुक्त  धनराजू एस, वनवासी कल्याण आश्रम के  गिरीश कुबेर, जनजातीय मंत्रणा परिषद, राजभवन के डॉ. रूपनारायण मांडवे, वीसी के माध्यम से डॉ. अश्विनी कुमार तुपकरी,  महादेव पड़वल,  गौरव शर्मा सहित प्रदेश के चिकित्सा संस्थानों के अधिष्ठाता उपस्थित रहे।