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वैभव सूर्यवंशी की वर्ल्ड रिकॉर्ड की ओर कदम, ध्वस्त होगा ये कीर्तिमान

नई दिल्ली  क्रिकेट वर्ल्ड में भूचाल लाने वाले टीनऐज सेंसेशन वैभव सूर्यवंशी जब भी किसी मैच में उतरते हैं तो सबका ध्यान सिर्फ इस बात पर रहता है वो कौन सा नया कीर्तिमान बनाएंगे. इंडियन प्रीमियर लीग में धमाके पर धमाका कर रहे इस युवा के पास टी20 रिकॉर्ड बुक में अपना नाम दर्ज कराने का सुनहरा मौका है. राजस्थान रॉयल्स के विस्फोटक ओपनर वैभव सूर्यवंशी पहले ही कई रिकॉर्ड तोड़ चुके हैं. अब उनके पास सबसे तेज 1,000 टी20 रन (पारी के हिसाब से) बनाने का मौका भी है।  फिलहाल यह रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के पूर्व बल्लेबाज ब्रैड हॉज और शॉन मार्श के नाम है. हॉज ने 23 पारी में 1,000 टी20 रन पूरे किए थे. उन्होंने यह उपलब्धि जुलाई 2006 में हासिल की थी. जून 2008 में मार्श ने भी 23 पारी में यह कारनामा किया था. उस समय वे किंग्स इलेवन पंजाब (अब पंजाब किंग्स) के लिए खेल रहे थे. अब तक सूर्यवंशी ने 22 पारी में 901 रन बनाए हैं. उनका औसत 42.90 और स्ट्राइक रेट 215.55 है. इसमें तीन शतक और तीन अर्धशतक शामिल हैं. अगर वे 13 अप्रैल को सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के खिलाफ शतक लगाते हैं, तो वे सबसे तेज 1,000 टी20 रन बनाने वाले संयुक्त खिलाड़ी बन जाएंगे।  यहां चूके फिर भी होगा मौका अगर सूर्यवंशी अगली पारी में यह रिकॉर्ड नहीं बना पाते, तो भी उनके पास एक और ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी के रिकॉर्ड की बराबरी करने का मौका रहेगा. मैथ्यू हेडन ने 2009 में अपनी 24वीं टी20 पारी में 1,000 रन पूरे किए थे. SRH के खिलाफ मैच के बाद रॉयल्स की अगली भिड़ंत 19 अप्रैल को कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) से ईडन गार्डन्स में होगी।  पडिक्कल का रिकॉर्ड तोड़ने का मौका फुल मेंबर देशों के खिलाड़ियों में अगला नाम देवदत्त पडिक्कल का है. आरसीबी के इस ओपनर ने 25 पारी में 1,000 टी20 रन पूरे किए थे. उन्होंने यह उपलब्धि अपने टी20 डेब्यू के एक साल के अंदर ही हासिल कर ली थी. सूर्यवंशी के पास सबसे कम पारी में 1,000 टी20 रन बनाने वाले भारतीय बनने का भी मौका है। 

वैभव सूर्यवंशी की तूफानी बैटिंग पर थरूर बोले- “होश उड़ा देने वाला टैलेंट”

नई दिल्ली  महज पंद्रह साल की उम्र में ही वैभव सूर्यवंशी ने मानो वो मुकाम हासिल कर लिया है, जो बड़े-बड़े क्रिकेटरों को भी नहीं मिल पाता। जी हां, वैभव ने अपनी तूफानी बल्लेबाजी के दम पर क्रिकेट फैंस को अपना मुरीद बना लिया है। जिस तरह से आईपीएल 2026 के इस सीजन में उनका बल्ला बोल रहा उसकी तारीफ खेल जगत की हस्तियां ही नहीं कर रही, बल्कि राजनीति के दिग्गज भी इस युवा खिलाड़ी के दमखम को जमकर सराह रहे हैं। हम बात कर रहे कांग्रेस सांसद शशि थरूर की जिन्होंने युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी की प्रशंसा में बेहद खास पोस्ट लिखी है। शशि थरूर ने वैभव सूर्यवंशी को सराहा केरल के तिरुवनंतपुरम से सांसद थरूर ने अपनी पोस्ट में वैभव की जबरदस्त बैटिंग को जमकर सराहा है। उन्होंने लिखा- जब भी वह स्ट्राइक लेते हैं, तो बाहर की दुनिया मानो थम सी जाती है: मैं सब कुछ छोड़कर बस उनकी हर गेंद को देखने लगता हूं। थरूर ने ये वैभव की तारीफ में ये पोस्ट गुरुवार देर रात उस समय लिखी जब आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ वैभव ने 26 गेंद में 78 रन बनाकर राजस्थान रॉयल्स को छह विकेट से जीत दिलाई। वैभव ने इस दौरान जिस तरह से गेंद बाउंड्री के पार पहुंचाई उसे देखकर शशि थरूर बेहद उत्साहित नजर आए। 'वह सचमुच होश उड़ा देने वाला है' कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने एक्स पर पोस्ट में लिखा 'अरे! वैभव सूर्यवंशी, अभी-अभी आउट हुए हैं। उन्हें विराट कोहली ने कैच किया। अब तो कुछ और काम शुरू कर ही देना चाहिए, जैसे कि ट्वीट करना!' इसके बाद कांग्रेस नेता ने आगे लिखा कि 'युवा सूर्यवंशी की जबरदस्त तरक्की को देखना सचमुच एक कमाल की बात है। 15 साल के इस अद्भुत खिलाड़ी को क्रीज पर खेलते देखना, खेल के विकास का एक बेहतरीन उदाहरण है। उनके बल्ले की जो जबरदस्त रफ्तार है, साथ ही टाइमिंग और ताकत का जो लगभग जादुई अंदाज़ है, वह सचमुच होश उड़ा देने वाला है।' थरूर बोले- सचमुच बेहद रोमांचक वैभव सूर्यवंशी की तारीफ करते हुए शशि थरूर ने आगे लिखा, 'वह सिर्फ क्रिकेट नहीं खेल रहे हैं; वह असल में नई पीढ़ी के लिए बैटिंग की कला को एक नया रूप दे रहे हैं। जब भी वह स्ट्राइक लेते हैं, तो बाहर की दुनिया मानो थम सी जाती है। मैं सब कुछ छोड़कर बस उनकी हर गेंद को देखने लगता हूं। हम अपनी आँखों के सामने एक दुर्लभ, अपनी पीढ़ी के सबसे बेहतरीन खिलाड़ी को उभरते हुए देख रहे हैं। सचमुच बहुत रोमांचक!#IPL2026' 15 गेंद में अर्धशतक, वैभव बने मैन ऑफ द मैच     आईपीएल 2026 के 16वें मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की भिड़ंत शुक्रवार को बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में राजस्थान रॉयल्स के साथ हुई।     इस मैच में 15 वर्षीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने तूफानी बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 15 गेंदों में अर्धशतक लगाया।     उन्होंने अपनी ताबड़तोड़ पारी में कई बड़े रिकॉर्ड्स अपने नाम किए।     वैभव ने मात्र 26 गेंदों पर 7 छक्कों और 8 चौकों की मदद से 78 रनों की पारी खेली।     अपनी टीम को 6 विकेट से जीत दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई।     वैभव को उनकी विस्फोटक पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।     वैभव अब ऑरेंज कैप होल्डर भी हैं। उन्होंने सीजन में अब तक खेले 4 मैचों में 200 रन बनाए हैं।  

वैभव सूर्यवंशी पर भिड़े दिग्गज, माइकल वॉन चाहते हैं जल्द डेब्यू, अश्विन ने दी धैर्य रखने की सलाह

दिल्ली इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन का मानना है कि भारत को इस साल जुलाई में होने वाले इंग्लैंड दौरे के लिए युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को व्हाइट-बॉल टीम में शामिल करने पर विचार करना चाहिए. वॉन ने यह बयान तब दिया जब सूर्यवंशी ने गुवाहाटी में आईपीएल 2026 के मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ केवल 15 गेंदों में फिफ्टी जड़ दी. हालांकि, अश्विन ने वैभव सूर्यवंशी को लेकर एक अलग ही राय दी और कहा कि उसे अभी समय देना चाहिए. अगर वॉन के विचारों पर अमल किया जाता है और वैभव को टीम इंडिया में जगह मिलती है तो वह भारत के लिए पुरुष अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन सकते हैं. फिलहाल यह रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम है, जिन्होंने 1989 में कराची में पाकिस्तान के खिलाफ 16 साल और 205 दिन की उम्र में डेब्यू किया था.  क्या बोले माइकल वॉन वॉन ने कहा कि सूर्यवंशी को जल्द से जल्द भारतीय टीम के माहौल से परिचित कराया जाना चाहिए. उन्होंने कहा, मैं थोड़ा आगे की सोच रहा हूं और मुझे पता है कि शायद हम बहुत जल्दी निष्कर्ष निकाल रहे हैं क्योंकि यह आईपीएल की सिर्फ पहली पारी है. लेकिन कुछ महीनों में इंग्लैंड का व्हाइट-बॉल दौरा आने वाला है और अगर मैं भारतीय क्रिकेट के फैसले लेने वालों में होता, तो मैं उसे उस दौरे पर जरूर ले जाता. उन्होंने आगे कहा कि मैं यह नहीं कह रहा कि वह सीधे प्लेइंग इलेवन में आ जाए क्योंकि टीम में पहले से खिलाड़ी मौजूद हैं. लेकिन उसे भारतीय सेटअप में लाना और उस माहौल से परिचित कराना जरूरी है. अगर उसे एक-दो मैच खेलने का मौका मिल जाए तो शानदार होगा, लेकिन सबसे जरूरी है कि उसे उस दौरे पर ले जाया जाए. लेकिन अश्विन ने दी ये सलाह हालांकि, पूर्व भारतीय ऑलराउंडर रविचंद्रन अश्विन ने इस मामले में धैर्य बरतने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि सूर्यवंशी को अपने तरीके से विकसित होने देना चाहिए और उस पर जल्दबाजी में दबाव नहीं डालना चाहिए. अश्विन ने कहा, उसे ऐसा लक्ष्य मत दीजिए. वह अभी कोई बड़ा खिलाड़ी नहीं, बल्कि एक बच्चा है. अगर MS Dhoni 45 साल तक खेल सकते हैं और अगर सूर्यवंशी 40 साल तक भी खेलता है, तो उसके पास क्रिकेट में ढाई दशक बाकी हैं. उसे अकेला छोड़ दीजिए, सही समय आने पर वह खुद आगे आएगा. उन्होंने आगे कहा, “वह इतना अच्छा खिलाड़ी है कि भारत के लिए खेले बिना नहीं रह सकता. वह एक दिन जरूर खेलेगा. लेकिन कब खेलेगा, इसके लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है. हम हमेशा इतनी जल्दी में क्यों रहते हैं?” जहां एक तरफ सूर्यवंशी के भारत के लिए खेलने की चर्चा शुरू हो चुकी है, वहीं दूसरी तरफ वह फिलहाल अपनी फॉर्म को जारी रखने पर ध्यान देंगे. राजस्थान रॉयल्स का अगला मुकाबला 3 अप्रैल को Punjab Kings के खिलाफ होगा.

क्रिस गेल का 175 रन तोड़ना है…’, वैभव सूर्यवंशी ने बताया आईपीएल में अपने बड़े लक्ष्य के बारे में

मुंबई  भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) का वार्षिक नमन अवॉर्ड्स समारोह 15 मार्च (रविवार) को नई दिल्ली में हुआ. इस समारोह में युवा क्रिकेट सनसनी वैभव सूर्यवंशी भी शरीक हुए. वैभव को इस दौरान संजू सैमसन, हार्दिक पंड्या और अभिषेक शर्मा के साथ स्टेज पर आमंत्रित किया गया, जहां कमेंटेटर हर्षा भोगले ने इन खिलाड़ियों से खास बातचीत की. बातचीत के दौरान भोगले ने वैभव से एक ऐसा सवाल पूछा, जिसने क्रिकेट फैन्स का ध्यान खींच लिया।  हर्षा भोगले ने वैभव सूर्यवंशी से पूछा कि इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में कौन सा रिकॉर्ड वो तोड़ना चाहेंगे? बिहार से आने वाले इस युवा बल्लेबाज ने बेहद आत्मविश्वास के साथ अपना बड़ा सपना जाहिर किया और कहा कि वह आईपीएल में क्रिस गेल के 175 रनों के ऐतिहासिक रिकॉर्ड को धराशायी करना चाहते हैं।     बता दें कि कैरेबियाई दिग्गज क्रिस गेल ने आईपीएल 2013 के दौरान रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की ओर खेलते हुए पुणे वॉरियर्स इंडिया के खिलाफ एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में सिर्फ 66 गेंदों पर नाबाद 175 रन बना दिए थे, जो टी20 क्रिकेट के इतिहास का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है।  अंडर-19 विश्व कप में मचाया था धमाल वैभव सूर्यवंशी ने कम उम्र में ही अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत को चौंका दिया है. साल 2026 के आईसीसी अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ सिर्फ 80 गेंदों में 175 रन ठोककर इतिहास रच दिया था. उनकी इस पारी में 15 चौके और 15 छक्के शामिल रहे. सूर्यवंशी की इस धमाकेदार इनिंग्स ने भारत को उस मुकाबले में शानदार जीत दिलाई थी।  वैभव सूर्यवंशी का नाम पहले ही कई रिकॉर्ड्स से जुड़ चुका है. वह आईपीएल में सबसे कम उम्र में शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन चुके हैं. 2025 के आईपीएल सीजन में उन्होंने सिर्फ 35 गेंदों में सेंचुरी जड़कर सबको चौंका दिया था. उनकी बल्लेबाजी की सबसे बड़ी खासियत है निडर अंदाज, आक्रामक शॉट्स और लगातार बाउंड्री लगाने की क्षमता।  इसी वजह से क्रिकेट एक्सपर्ट्स उन्हें भविष्य का बड़ा स्टार मानते हैं. करियर की शुरुआत में ही इतने बड़े लक्ष्य तय करना वैभव सूर्यवंशी के आत्मविश्वास को दिखाता है. अगर उनका बल्ला इसी तरह चलता रहा तो आने वाले समय भारतीय टीम को एक और विस्फोटक मैच-विनर बल्लेबाज मिल सकता है।   

14 साल के वैभव सूर्यवंशी को नीतिश कुमार करेंगे सम्मानित

पटना. बिहार के समस्तीपुर जिले के ताजपुर गांव से निकलकर क्रिकेट जगत में अपनी पहचान बनाने वाले युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी के लिए आज का दिन बेहद खास है. उनके शानदार और ऐतिहासिक प्रदर्शन को देखते हुए मुख्यमंत्री नीतिश कुमार ने उन्हें मुख्यमंत्री आवास, एक अणे मार्ग में आयोजित विशेष समारोह में सम्मानित करेंगे. अंडर-19 क्रिकेट विश्व कप के महानायक वैभव सूर्यवंशी आज पटना की धरती पर कदम रख चुके हैं. उनकी ऐतिहासिक 175 रनों की पारी ने न केवल भारत को छठी बार विश्व विजेता बनाया, बल्कि क्रिकेट के गलियारों में बिहार के नाम का डंका बजा दिया है. सीएम आवास पर होगा सम्मान समारोह बिहार के क्रिकेट प्रेमियों के लिए आज का दिन उत्सव जैसा है. वैभव सूर्यवंशी अपने माता-पिता के साथ पटना पहुंच चुके हैं और शाम 4 बजे मुख्यमंत्री आवास पर एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया है. इस खास मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ दोनों उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा भी मौजूद रहेंगे. खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने वैभव को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान केवल एक खिलाड़ी का नहीं, बल्कि बिहार के हर उस युवा के सपनों का सम्मान है जो अभावों के बीच भी कुछ बड़ा करने का जज्बा रखते हैं. अंडर-19 विश्व कप में बनाया रिकॉर्ड सिर्फ 14 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने अंडर-19 विश्व कप में 175 रन की विस्फोटक पारी खेलकर सुर्खियां बटोरीं. हरारे में खेली गई इस पारी में उन्होंने चौकों-छक्कों की झड़ी लगा दी और भारत को 411 रन के विशाल स्कोर तक पहुंचाया. जवाब में इंग्लैंड की टीम लक्ष्य से काफी दूर रह गई और भारत ने मुकाबला जीतकर खिताब अपने नाम किया. पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड भी वैभव के नाम रहा, जिससे वे युवा क्रिकेट जगत के नए सितारे बनकर उभरे. बिहार बनेगा खेलों का नया ग्लोबल हब वैभव की इस सफलता ने बिहार सरकार के इरादों को भी नई उड़ान दी है. खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने स्पष्ट किया कि बिहार अब केवल प्रतिभाएं पैदा नहीं करेगा, बल्कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच भी प्रदान करेगा. उन्होंने ऐलान किया कि पटना का मोइनुल हक स्टेडियम और राजगीर का अत्याधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जल्द ही अंतरराष्ट्रीय मैचों की मेजबानी के लिए तैयार हो जाएगा. सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में बिहार क्रिकेट के साथ-साथ ओलंपिक खेलों के लिए भी एक बड़े केंद्र के रूप में उभरे. पटना की सड़कों पर दिखा क्रिकेट का क्रेज आज सुबह जब वैभव पटना हवाई अड्डे पर उतरे, तो उनके स्वागत के लिए फैंस की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. युवाओं में अपने इस नए हीरो के साथ सेल्फी लेने की होड़ मची रही. वैभव की सादगी और उनकी इस बड़ी उपलब्धि ने उन्हें रातों-रात बिहार का यूथ आइकन बना दिया है.

वैभव सूर्यवंशी के 10वीं बोर्ड एग्जाम की तैयारी, एडमिट कार्ड जारी और विशेष व्यवस्था पर चर्चा

समस्तीपुर Under-19 वर्ल्ड कप में क्रिकेट के पिच पर चौके छक्के की बरसात करने वाले उभरते स्टार क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी असली परीक्षा देने वाले हैं. समस्तीपुर जिले में दसवीं सीबीएसई बोर्ड की यह परीक्षा 17 फरवरी से शुरू होगी. CBSE बोर्ड ने वैभव सूर्यवंशी का एडमिट कार्ड जारी कर दिया है. वैभव के लिए यह किसी अग्नि परीक्षा से काम नहीं होगा. क्रिकेट के व्यस्त शेड्यूल और इंटरनेशनल दौरों के बीच शिक्षा के साथ तालमेल बिठाना वैभव सूर्यवंशी के लिए एक बड़ी चुनौती होगी, क्योंकि 26 मार्च से IPL भी शुरू होने जा रहा है.  अब सबके जेहन में एक ही सवाल है कि क्या वैभव सूर्यवंशी को परीक्षा केंद्र पर वीआईपी ट्रीटमेंट मिलेगा? इस पर पोद्दार इंटरनेशनल स्कूल के प्रिंसिपल नील किशोर सिन्हा ने 'आजतक' से खास बातचीत की और कहा, ''जिस तरह से हमारे लिए सभी परीक्षार्थी एक समान हैं, उसी तरह वैभव सूर्यवंशी भी हैं, इसलिए वह अन्य परीक्षार्थियों के साथ ही परीक्षा देंगे. प्रिंसिपल ने कहा कि वैभव को किसी प्रकार का वीआईपी ट्रीटमेंट नहीं दिया जाएगा. हालांकि, सुरक्षा की दृष्टिकोण से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. सीसीटीवी कैमरे को पूरी तरह से जांच परख लिया गया है. परीक्षा केंद्र के अंदर हर क्लास रूम में सीसीटीवी लगाए गए हैं. वैभव सूर्यवंशी एक सेलिब्रिटी हैं तो उनके फैंस भी काफी अधिक हैं, इसलिए बाहरी सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन को प्रिंसिपल ने अलग से एक पत्र भेजा है. प्रिंसिपल ने कहा सीबीएसई बोर्ड के जो नॉर्म्स हैं, उनके तहत ही वैभव सूर्यवंशी परीक्षा देंगे. वैभव सूर्यवंशी का परीक्षा केंद्र पोद्दार इंटरनेशनल में होने पर वहां के शिक्षकों में काफी उत्साह है, वे चाहते हैं कि जिस तरह से वैभव सूर्यवंशी क्रिकेट की पिच पर धमाल मचाए हैं, इस तरह 'परीक्षा की पिच' पर भी धमाल मचाएं.

U19 वर्ल्ड कप: ‘टीम ऑफ द टूर्नामेंट’ में आयुष को झटका, वैभव सूर्यवंशी सहित 3 भारतीयों का चयन

नई दिल्ली इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल यानी ICC ने हाल ही में खत्म हुए अंडर-19 मेन्स क्रिकेट वर्ल्ड कप 2026 की टीम ऑफ द टूर्नामेंट का ऐलान कर दिया है। ICC ने भारत की U19 वर्ल्ड कप विजेता टीम के तीन खिलाड़ी – वैभव सूर्यवंशी, कनिष्क चौहान और हेनिल पटेल – को चुना गया है। वहीं कप्तान आयुष म्हात्रे आईसीसी की इस टीम में नहीं है। रनर-अप रही इंग्लैंड की टीम के तीन खिलाड़ी भी 12 सदस्यीय ICC U19 WC टीम ऑफ द टूर्नामेंट में शामिल हैं। आईसीसी ने कप्तान के रूप में इंग्लैंड के थॉमस रियू को चुना है।   वैभव सूर्यवंशी ने इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में 80 गेंदों पर शानदार 175 रन बनाए और टूर्नामेंट में 439 रनों के साथ दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। वैभव सूर्यवंशी फाइनल में प्लेयर ऑफ द मैच के साथ प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का अवॉर्ड भी ले गए। सूर्यवंशी ने फाइनल में 175 रन बनाते हुए कई रिकॉर्ड तोड़े, और वह अंडर-19 वर्ल्ड कप की एक ही पारी में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज भी बन गए। उन्होंने 15 छक्के लगाए, जिससे ऑस्ट्रेलिया के माइकल हिल का 12 छक्कों का पिछला रिकॉर्ड टूट गया। 218.75 के ज़बरदस्त स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए, उनकी पारी में 15 चौके और 15 छक्के शामिल थे। खास बात यह है कि उनके 150 रन सिर्फ बाउंड्री से ही आए। दूसरी ओर, कनिष्क चौहान ने बल्ले और गेंद दोनों से लगातार अहम योगदान दिया, जबकि हेनिल पटेल के 11 विकेट में USA के खिलाफ 5/16 का शानदार स्पेल शामिल था। रनर-अप इंग्लैंड की टीम में तीन खिलाड़ी हैं, जिसमें थॉमस रेव को कप्तान और विकेटकीपर बनाया गया है। रेव ने 66 की औसत से 330 रन बनाए, जिसमें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में मैच जिताने वाला शतक भी शामिल है। उनके साथ मैनी लम्सडेन हैं, जो टूर्नामेंट में 16 विकेट लेकर सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले खिलाड़ी हैं, और बेन मेयस हैं, जो 444 रन बनाकर प्रतियोगिता के सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं, जिसमें स्कॉटलैंड के खिलाफ 191 रन की पारी शामिल है। चामुदिथा ने जापान के खिलाफ 192 रनों की शानदार पारी खेली, जिसमें 26 चौके और एक छक्का शामिल था। अफगानिस्तान का प्रतिनिधित्व फैसल खान शिनोज़ादा और नूरिस्तानी उमरज़ई कर रहे हैं, दोनों ने अपनी टीम को सेमी-फ़ाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। ICC अंडर-19 वर्ल्ड कप टीम ऑफ द टूर्नामेंट- वैभव सूर्यवंशी (भारत), वीरन चामुदिथा (श्रीलंका), फैसल खान शिनोजादा (अफगानिस्तान), थॉमस रीव (विकेटकीपर, कप्तान) (इंग्लैंड), ओलिवर पीक (ऑस्ट्रेलिया), बेन मेयस (इंग्लैंड), कनिष्क चौहान (भारत), नूरिस्तानी उमरजई (अफगानिस्तान), विटेल लॉज़ (वेस्टइंडीज), अली रजा (पाकिस्तान), मैनी लम्सडेन (इंग्लैंड), हेनिल पटेल (भारत)  

ICC के नियमों के चलते सूर्यवंशी को नहीं मिल सकता टीम इंडिया में मौका, BCCI ने दी सफाई

 नई दिल्ली हरारे स्पोर्ट्स क्लब में अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल खत्म हुए भले ही वक्त गुजर गया हो, लेकिन वैभव सूर्यवंशी की तूफानी पारी की गूंज अब भी पूरी क्रिकेट दुनिया में सुनाई दे रही है. इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में वैभव ने 80 गेंदों पर 175 रन बनाए.यह सिर्फ एक पारी नहीं थी, बल्कि रिकॉर्ड बुक पर सीधा कब्जा था. 15 छक्के, जबरदस्त स्ट्राइक रेट और ऐसा खेल जिसने फाइनल जैसे बड़े मुकाबले को भी एकतरफा बना दिया. बिहार के 14 साल के इस बल्लेबाज को देखकर हर फैन के मन में एक ही सवाल है अगर वैभव इंग्लैंड के बेस्ट युवा गेंदबाजों को तहस-नहस कर सकता है और IPL में भी शतक ठोक सकता है, तो वह सीनियर भारतीय टीम में क्यों नहीं है? इस सवाल का जवाब है- आईसीसी का नियम. क्यों नहीं खेल सकते सीनियर टीम में? वैभव सूर्यवंशी के सामने सबसे बड़ी रुकावट है ICC का न्यूनतम उम्र नियम. 2020 में लागू किए गए इस नियम के तहत किसी भी खिलाड़ी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के लिए कम से कम 15 साल का होना जरूरी है. यह नियम खिलाड़ियों की शारीरिक और मानसिक सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाया गया है. वैभव का जन्म 27 मार्च 2011 को हुआ था. फरवरी 2026 में अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतते समय वह अभी भी तकनीकी रूप से 14 साल के ही थे. इसका मतलब साफ है  कि चाहे वह बिहार के लिए 36 गेंदों में शतक लगाए, चाहे IPL में राजस्थान रॉयल्स के लिए गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दे, लेकिन सीनियर टीम में चयन 27 मार्च 2026 से पहले मुमकिन नहीं है. यहां एक दिलचस्प बात है. वैभव सीनियर टीम के लिए अभी छोटे हैं, लेकिन अंडर-19 टीम के लिए भी अब वह दोबारा नहीं खेल सकते. BCCI का एक सख्त नियम है कि एक खिलाड़ी सिर्फ एक बार अंडर-19 वर्ल्ड कप खेल सकता है. इस नियम का मकसद है कि हर टूर्नामेंट में नए खिलाड़ियों को मौका मिले और कोई भी खिलाड़ी उम्र-ग्रुप का “स्पेशलिस्ट” न बन जाए. 2026 अंडर-19 वर्ल्ड कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बनने के बाद, वैभव अब 2028 या 2030 का U19 वर्ल्ड कप नहीं खेल सकते जबकि उम्र के हिसाब से वह तब भी अंडर-19 ही होते. पिछले 12 महीनों में वैभव सूर्यवंशी ने जो रिकॉर्ड बनाए हैं, वही उनकी चर्चा की असली वजह हैं: * अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में 80 गेंदों पर 175 रन. * 2026 वर्ल्ड कप में 30 छक्के- टूर्नामेंट का नया रिकॉर्ड * 14 साल 272 दिन की उम्र में लिस्ट-A शतक- दुनिया के सबसे युवा खिलाड़ी * विजय हजारे ट्रॉफी में 59 गेंदों में 150 रन- एबी डिविलियर्स का रिकॉर्ड टूटा * IPL में 35 गेंदों का शतक- सबसे कम उम्र के IPL शतकवीर * भारत-A के लिए T20 शतक लगाने वाले पहले खिलाड़ी * इंग्लैंड U19 के खिलाफ 52 गेंदों में शतक- सबसे तेज यूथ ODI शतक * यूथ टेस्ट में 58 गेंदों में शतक- भारत के लिए सबसे तेज * सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में नाबाद 108- सबसे युवा शतक

175 रनों की ऐतिहासिक पारी खेलकर पवेलियन लौटे वैभव सूर्यवंशी, फाइनल में अंग्रेजों की धज्जियां उड़ाईं

 हरारे आईसीसी मेन्स अंडर-19 विश्व कप 2026 के फाइनल में आज (6 फरवरी) भारतीय टीम का सामना इंग्लैंड से है. दोनों टीमों के बीच यह खिताबी मुकाबला हरारे के हरारे स्पोर्ट्स क्लब में है. मुकाबले में टॉस भारतीय टीम ने जीता और पहले बैटिंग का फैसला किया. अभिज्ञान कुंडू और आरएस अम्बरीष क्रीज पर हैं. भारतीय टीम लगातार छठा और कुल 10वां फाइनल खेल रही है, जो एक रिकॉर्ड है. पांच बार खिताब जीत चुकी भारतीय टीम की निगाहें खिताबी जीत का सिक्सर लगाने पर हैं. भारतीय टीम 2000, 2008, 2012, 2018 और 2022 में खिताब जीता था. दूसरी ओर इंग्लैंड ने सिर्फ 1 बार अंडर-19 वर्ल्ड कप जीता है. साल 1998 के फाइनल में उसने न्यूजीलैंड को पराजित किया था. ताजा स्कोर 40 ओवर 320 रन 5 विकेट  हरारे में  ICC अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल मैच में इंग्लैंड के ख‍िलाफ आयुष म्हात्रे ने टॉस जीता और पहले पहले बल्लेबाजी चुनी.भारत की तरफ से ओपन‍िंग करने वैभव सूर्यवंशी और आरोन जॉर्ज आए. वैभव और जॉर्ज की जोड़ी ज्यादा कुछ नहीं कर पाई. 20 के स्कोर पर जॉर्ज का विकेट गिरा. वह 9 रन बनाकर लौटे. प्वाइंट पर उनका कैच लपका गया. इसके बाद आयुष म्हात्रे ने वैभव के साथ टिककर बल्लेबाजी शुरू की. भाररतीय टीम ने 8 ओवर में 50 रनों का आंकड़ा पार किया. इसके बाद नौवें ओवर में वैभव ने 18 रन बनाए, जिससे भारतीय टीम का स्कोर 9 ओवर में 71 रन हो गया.  इसी बीच भारतीय टीम के 100 रन 14वें ओवर में पूरे हुए. वैभव ने 17वें ओवर में ग्रेज गेंदबाज फरहान अहमद की जमकर खबर ली और उनके ओवर में 22 रन जड़ द‍िए. दूसरी ओर आयुष म्हात्रे 19वें ओवर में 50 गेंदों पर 53 रन बनाकर एलेक्स ग्रीन की गेंद पर आउट हुए.  आयुष के आउट होने के बाद वैभव ने 55 गेंदों पर 8 छक्के और 8 चौकों की मदद से अपना शतक पूरा किया. इसके बाद वैभव की आंधी जारी रही. 71 गेंदों में 150 (13 छक्के, 13 चौके) रन पूरे किए.  हालांकि इसके बाद वैभव की पारी का अंत 175 रनों पर हो गया.  वैभव ने अपनी पारी में 80 गेंदों का सामना किया और कुल 15 चौके और 15 छक्के जड़े, उनको थॉमस रेव ने मैनी लम्सडेन की गेंद पर कैच पकड़ा.  व‍िहान मल्होत्रा (30) के रूप में टीम का चौथा विकेट गिरा. उन्हें जेम्स मिंटो ने बेन डॉकिन्स के हाथों कैच कराया. 302 के स्कोर पर यह विकेट गिरा. इसके बाद ही 308 के स्कोर पर 5वां विकेट गिरा. वेदांत त्रिवेदी (32) को बेन मेस ने जेम्स मिंटो की गेंद पर कैच कर लिया. 

वैभव सूर्यवंशी का बाउंसर टेस्ट फेल, U-19 वर्ल्ड कप में लगातार एक ही पैटर्न में 4 बार हुए आउट

मुंबई  14 साल के वैभव सूर्यवंशी ने अंडर 19 वर्ल्ड कप में अपने बल्ले से चमक बिखेरी है. उन्होंने 6 मैचों  की 6 पार‍ियों में 264 रन 44 के एवरेज से बनाए. इस दौरान  वैभव का स्ट्राइक रेट 147.48 का रहा. वैभव ने पूरे वर्ल्ड कप में 26 चौके और 15 छक्के लगाए.  वैभव ने बुधवार (4 जनवरी) को अफगानिस्तान की अंडर 19 टीम के ख‍िलाफ हुए सेमीफाइनल  मुकाबले में भी शानदार 68 रनों की पारी  महज 33 गेंदों पर खेली. इसमे 9 चौके और 4 छक्के शामिल रहे. एक समय तो ऐसा लग रहा था कि वैभव इस सेमीफाइनल मैच में शतक जड़ेंगे, लेकिन वो एक बार फ‍िर बाउंसर गेंद के सामने असहाय दिखे और आउट हो गए. उनको नूर‍िस्तानी उमरजई ने ओस्मान सादात के हाथों कैच आउट करवाया.  कुल म‍िलाकर वैभव ने इस पारी से यह तो दिखाया कि वह ताबडतोड़ अंदाज में ही खेलने में व‍िश्वास करते हैं, लेकिन उनकी कमजोर कड़ी भी सामने आ गई है. दरसअल, वैभव बाउसंर गेंदों को ठीक से नहीं खेल पा रहे हैं. आइए आपको बताते हैं कि इस अंडर 19 वर्ल्ड कप में वैभव कैसे कैसे आउट हुए हैं.  1– अमेरिका के खलाफ वैभव बोल्ड 2 रन बनाकर ऋत्विक अप्पिडी की गेंद पर बोल्ड हो गए थे.  2- बांग्लादेश के ख‍िलाफ वैभव ने 72 रन बनाए. गेंद बहुत ज्यादा छोटी (बाउंसर) नहीं थी, लेकिन सूर्यवंशी पीछे हटे, नीचे झुके और डीप मिडविकेट के ऊपर से बड़ा शॉट लगाने की कोशिश की. गेंद हवा में तो गई, लेकिन दूरी नहीं मिली. लेकिन वह कैच आउट हो गए. हालांकि गेंद नो-बॉल की लाइन के बहुत करीब थी, लेकिन अंपायर ने उसे सही गेंद माना.  3-न्यूजीलैंड के ख‍िलाफ वैभव ने 40 रन बनाए, लेकिन उनको जसकरन संधू ने ऑफ स्टंप के बाहर छोटी गेंद (बाउसंर) डाली. सूर्यवंशी ने पुल शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद ऊंची हवा में मिड-ऑफ की तरफ चली गई. मेसन क्लार्क ने पीछे की ओर काफी दौड़ लगाई, गेंद पर नजर बनाए रखी और दौड़ते हुए डाइव लगाकर शानदार कैच लपक लिया.  4-ज‍िम्बाव्बे के ख‍िलाफ 2 रन बनाकर वैभव सीधे मिड-ऑफ फील्डर को कैच थमा बैठे.  5- पाक‍िस्तान के ख‍िलाफ मुकाबले में वैभव की कमजोरी एक बार फ‍िर नजर आई, यहां भी वो बाउंसर गेंद पर 30 रन बनाकर आउट हुए. यह साफ इशारा था है कि आगे के करियर में सूर्यवंशी को छोटी गेंदों का खूब सामना करना पड़ेगा. पाकिस्तान के ख‍िलाफ सूर्यवंशी ने स्क्वायर के सामने पुल शॉट खेलने की कोशिश की. लेकिन बल्ले का निचला किनारा लगा और गेंद कीपर के पास चली गई. वैभव सूर्यवंशी बांग्लादेश, न्यूजीलैंड, पाक‍िस्तान और  अफगान‍िस्तान के ख‍िलाफ सेमीफाइनल में बाउंसर गेंदों पर आउट हुए. कुल म‍िलाकर 6 में 4 बार. यानी साफ है कि वैभव को अब बाउंसर पर खेलने के लिए कुछ सुधार करने हेांगे, क्योंकि व‍िपक्षी टीमों ने उनकी कमजोर कड़ी को भांप लिया है.